हिंदी फिल्मों में लता मंगेशकर को टक्कर देने वाली फीमेल सिंगर्स की लिस्ट में एक नाम हेमलता का भी था। 1954 को हैदराबाद में एक ब्राह्मण परिवार के घर पैदा हुई हेमलता ने बचपन से ही गायिकी करने लगी थीं। बचपन कलकाता में बीता। पिता पंडित जयचंद भट्ट से संगीत की शिक्षा ली और फिर फिल्मों में पहचान बनाने निकल पड़ी। इस दौरान उन्होंने रोशन, नौशाद जैसे कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। लेकिन उन्हें असली पहचान रविंद्र जैन के गानों से मिली। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि सिंगर ने अपने इस म्यूजिक डायरेक्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए।
हेमलता का सफरपहले सिंगर हेमलता के जीवन को समझते हैं। सिंगर ने छोटी उम्र से ही अपनी आवाज और सुर से सजे हुए गानों के लिए तारीफे पाती थीं। कलकाता में करियर को उड़ान मिलना मुश्किल था इसलिए छोटी उम्र में ही उन्होंने मुंबई जाने का मन बना लिया था। शुरुआत में पिता ने मना किया लेकिन अंत में वो समझ गए कि हेमलता की किस्मत में कुछ और लिखा है। जब वो सिर्फ 12 साल की हुईं तो उन्हें छोटी लता मंगेशकर कहा जाने लगा। और जब बढ़ी हुई तो दूसरी लता। ऐसे में पिता नहीं चाहते थे कि लोग उन्हें भी लता मंगेशकर की कॉपी समझे। इसलिए पिता ने बेटी को सुझाव दिया कि वो कभी लता मंगेशकर का गाना नहीं गाएंगी। वहीं लता मंगेशकर तो हेमलता के जन्म से पहले ही इंडस्ट्री में स्थापित हो चुकी थीं।
हेमलता का फिल्मी सफर आसान नहीं था। बड़ी मुश्किल के बाद उन्हें नौशाद जैसे संगीतकार के साथ काम करने का मौका मिला। इस मौके को एक कॉन्ट्रैक्ट के रूप में हेमलता के सामने रखा गया। यानी हेमलता से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया गया था जिसकी वजह से उनके साथ से कई बड़े गानों के मौके निकलते जा रहे थे। हालांकि, ये कॉन्ट्रैक्ट उन्होंने एक साल के अंदर ही तोड़ दिया और फिर ऋतिक रोशन के दादा दी रोशन के था कई गाने रिकॉर्ड किए। इस तरह हेमलता ने इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत की।
इसी दौरान 70 के दशक में संगीतकार रविंद्र जैन इंडस्ट्री में कदम रख चुके थे। आंखों से देख नहीं सकते थे लेकिन संगीत को लेकर वो बहुत बड़े ज्ञानी मानें जाते थे। संगीत और इसके कई गुण उन्होंने हेमलता के पिता से ही सीखे थे। उनके पिता पंडित जयचंद भट्ट, रविंद्र जैन के गुरु थे। तो रविंद्र जैन मुंबई आए और राम तेरी गंगा मैली हो गई समेत कई फिल्मों के गीतों से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई। रविंद्र जैन के साथ गाने वाले सिंगर्स में हेमलता टॉप पर थीं। उन्होंने उनकी अधिकतर फिल्मों के लिए गाने गाए।
हेमलता ने 1997 में पत्रकार दयानंद पांडे को एक इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में सिंगर ने रविंद्र जैन के साथ अपने प्रोफेशनल और इमोशनल टॉर्चर की बात की थी। उन्होंने कहा था कि रविंद्र जैन उनके पिता के शिष्य रहे और मेरे गुरु। दोनों की साझेदारी के कुछ समय बाद ही उनका रवैया बदल गया था। हेमलता ने बताया कि रविंद्र जैन अकेले ही उनकी मेहनत का क्रेडिट लेने लगे थे। उन्होंने भी अपनी गलती मानते हुए कहा कि उन्हें प्रोफेशनल और पर्सनल रिश्ते को अलग रखना चाहिए था। उन्होंने बताया था कि रविंद्र जैन के साथ जुड़ने की वजह से उन्हें नुकसान ज्यादा हुआ। उन्हें एक ही ग्रुप की सिंगर बना दिया गया। सालों बाद जब साझेदारी तोड़ने का फैसला किया तो उन्हें दूसरे म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ काम करने से रोका गया।