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राजेश खन्ना आखरी वक़्त में किसका इंतज़ार करते रहे थे?

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हुआ है कि नमस्कार आप सुन रहे हैं बॉलीवुड रेडियो और मैं हूं आपके साथ आकाश दोस्तों किस्सा राजेश खन्ना का है और राजेश खन्ना के परिवार का किस्सा है राजेश खन्ना की बचपन की कहानी किसी उल्टी हुई स्क्रिप्ट जैसी है जिसमें कई परतें हैं कि हो सकता है कि बचपन की घटनाओं ने उनके अहम पर इतना गहरा असर डाला हो उनका जो व्यक्तित्व दुनिया के सामने आया क्या उन घटनाओं से प्रभावित था

शायद उन्हें अपने करीयर और अपनी निजी जिंदगी में भी यह महसूस होता रहा कि उनके साथ हमेशा गलत होता आया है के पिंजरों से जूझते हुए जतिन बैंक राजेश खन्ना कोई अंदाजा नहीं था कि मुंबई में उनकी जिंदगी कितना बड़ा मोड़ लेगी जिंदगी जहां उन्हें लेकर यहां पर आई थी मीणा वहीं कुछ सुनहरे सपने उनका इंतजार कर रहे थे उन सपनों को हकीकत में बदलने की जमीन भी यही थी

वह सपने हकीकत में बदलने और राजेश खन्ना ने नई ऊंचाइयां छुई है लेकिन सिनेमा का इतिहास गवाह है कि उंचाइयों से गिरने की शुरुआत हुई तो वह पतन रुक नहीं सका दिनेश वजह बताते हैं कि मुझे लगता है कि राजेश खन्ना बहुत अच्छे थे जब तक जिंदगी उनके साथ अच्छा सलूक कर रही थी जिंदगी में कड़वाहट आई तो उनका बर्ताव की पहल किया क्या ऐसा हो सकता है कि कड़वाहट उनके अंदर पहले से छुट्टी हो और नाकामी के दौरान और मुखर होकर उभर आई हो यह कहानी पुराने जज्बातों की उथल-पुथल की थी जो किसी न किसी रूप में बाहर आते रहे वह जज्बात जिनसे वह शायद कभी पीछा नहीं छुड़ा सकते हैं

कि उनकी करीबी रही दो महिलाओं यानि कि अंजू महेंद्रू और डिंपल कपाड़िया ने अपने अपने इंटरव्यू में यह इशारा किया कि राजेश खन्ना बेहद असुरक्षित महसूस करने वाले शख्स थे वह मशहूर राजेश खन्ना के व्यक्तित्व के इस पहलू के बारे में लिखा शायद उनके व्यक्तित्व में ही कुछ ऐसा है जो उनकी जिंदगी में आई महिलाओं को असुरक्षित बना देता है है और शायद उनकी सुरक्षा में राजेश खन्ना अपनी सरक्षण होते हैं और अंजू और डिंपल में इस बात का जिक्र किया है कि राजेश खन्ना हर वक्त उनकी पूरी तवज्जो चाहते थे बात सिर्फ उनकी जिंदगी में आई महिलाओं की ही नहीं थी अपने करीबी दोस्तों साथ काम करने वालों यहां तक कि फैंस से भी वह कंप्लीट लॉयलटी चाहते थे कि आगे चलकर इन्हीं जज़्बात पजेसिवनेस और असुरक्षा की वजह से लोगों से दूर होने लगे और वह अकेलेपन के शिकार हो गए कि उनके

अंदर हमेशा जतिन खन्ना नाम का वह बच्चा छिपा रहा इन सब सवालों के जवाब शायद अब कभी सामने नहीं आ पाएंगे अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में राजेश खन्ना ने शायद खुद से सुलह कर ली थी अपने परिवार और जिंदगी के हम लोग भी उनके पास लौट आए थे लेकिन शायद जिंदगी के आखिरी दिनों तक पर राजेश खन्ना को अपने कमबैक की ख्वाहिश यही चाहत रही कि उनके फैंस भी वापस लौट आई कि वह फैंस जिन्होंने उन्हें सबसे अमूल्य दीवानगी की हद और बिना शर्त प्यार दिया था अपने फैंस के बारे में जितेंद्र खन्ना किस का प्यार तलाश रहे थे तो कि एक बच्चे के लिए किस का प्यार सबसे ज्यादा अमूल्य और बिना शर्त वाला होता है है कि सवाल आपके लिए आप सब सुनने वालों के लिए मैं जवाब का इंतजार है ये सुनते रहिए बॉलीवुड रेडियो सुनता है सहारा इंडिया हुआ है

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