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क्या सच में काका ने उजाड़ी संजीव कुमार की दुनिया? हेमा से रिश्ता टूटने का सच

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वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा। साहिल लुधियानवी के यह अल्फाज़ सिर्फ एक नज्म नहीं बल्कि कई अधूरी मोहब्बतों की तकदीर बन गए। और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की भी एक ऐसी ही मशहूर लव स्टोरी थी। एक तरफ थे अपनी बेमिसाल एक्टिंग से हर दिल जीतने वाले संजीव कुमार और दूसरी तरफ थी बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी। दोनों एक दूसरे के करीब आए, प्यार भी हुआ, लेकिन यह मोहब्बत कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकी। [संगीत] आखिर ऐसा क्या हुआ कि शादी की दहलीज तक पहुंचकर भी यह रिश्ता अधूरा रह गया। क्या सिर्फ किस्मत जिम्मेदार थी या फिर कुछ ऐसे फैसले जिन्होंने दो जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल दी। संजीव कुमार की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर राज रेट्रो में आज बात उसी कहानी की होगी। [संगीत] हनीफ जावेरी और सुमंत बत्रा की लिखी किताब एन एक्टर्स एक्टर द ऑथराइज बायोग्राफी ऑफ संजीव कुमार में एक्टर संजीव कुमार और हेमा मालिनी के रिश्ते की पूरी कहानी काफी डिटेल में बताई गई है। इस किताब में बताया गया है कि कैसे खूबसूरत शुरुआत करने वाला यह रिश्ता आखिरकार एक बेहद दर्दनाक मोड़ पर जाकर खत्म हुआ। बात है अर्ली 70ज की जब रमेश शिप्पी ने हेमा मालिनी को सीता और गीता फिल्म ऑफर किया तो हेमा मालिनी इस फिल्म को करने के लिए श्योर नहीं थी। उन्हें लग रहा था कि उनके काम को दिलीप कुमार के राम और श्याम से कंपेयर किया जाएगा। पर समऊ रमेश सिप्पी ने उन्हें कन्विंस कर लिया। फिर फिल्म के हीरोज़ की तलाश शुरू हुई। सिंस ये हीरोइन सेंट्रिक फिल्म थी इसलिए उस वक्त के मेल स्टार्स के लिए यह फिल्म एक्सेप्ट करना थोड़ा मुश्किल था। पर धर्मेंद्र एंड संजीव कुमार ने फिल्म एक्सेप्ट कर लिया। फिल्म में दोनों हीरोज़ के सींस कम थे। लेकिन जो सींस थे वह पावरफुल थे। इसी वजह से धर्मेंद्र और संजीव कुमार सीता और गीता में काम करने को तैयार भी हुए थे। जब महाबलेश्वर में फिल्म के गाने हवा के साथ-साथ की शूटिंग चल रही थी उस वक्त हेमा मालिनी और संजीव कुमार की जान पहचान हुई। उसी गाने में यह दोनों स्केटिंग करते दिखते हैं। पर सिंस दोनों को स्केटिंग नहीं आती थी, तो दोनों बार-बार गिर जाते थे। और इन्हें गिरता देख सेट पर सबका हंसहंस कर बुरा हाल हो जाता था। पर समऊ रमेश सिप्पी ने स्मार्टली ट्रॉली यूज करके स्केटिंग वाला गाना शूट किया।

हालांकि वो गाना शूट करते हुए एक एक्सीडेंट भी हो गया था। जिस ट्रॉली पर संजीव कुमार और हेमा मालिनी को बैठाया गया था वो पलट गई थी। वो एक्सीडेंट डेंजरस हो सकता था क्योंकि जिस जगह पर वो ट्रॉली पलटी थी, वहां बहुत ही गहरी खाई थी। लेकिन किस्मत से हेमा मालिनी और संजीव कुमार खाई में ना गिरकर साइड में मौजूद झाड़ियों पर गिरे और छोटे-छोटे कट्स और घावों के अलावा कोई बड़ी चोट इन्हें नहीं लगी। पर इस सॉन्ग और इस इंसिडेंट की वजह से संजीव कुमार और हेमा मालिनी की दोस्ती काफी गहरी हो गई। बहुतों का मानना था कि यही वो पल था जब इन दोनों के मन में एक दूसरे के लिए फीलिंग्स डेवलप होनी शुरू हुई थी। बहुत ही जल्द दोनों के लव अफेयर्स के किस्से फिल्मी मैगजीन में छपने लगे। संजीव हेमा को लेकर काफी सीरियस थे और उनसे शादी करना चाहते थे। हेमा मालिनी से पहले संजीव कुमार नूतन के काफी करीब थे। पर संजीव की मां उस रिश्ते के खिलाफ थी। और इस बार भी संजीव की मां उनके और हेमा मालिनी के रिलेशनशिप को लेकर खुश नहीं थी। दरअसल शांता बेन नहीं चाहती थी कि कोई हीरोइन उनके घर की बहू बने। यह बात जब हेमा जी को पता चली तो उन्हें बहुत दुख हुआ क्योंकि वह बिना दोनों फैमिलीज की रजामंदी के संजीव कुमार से शादी करने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी। उस वक्त संजीव कुमार ने हेमा को भरोसा दिलाया कि फिक्र करने की कोई बात नहीं है। उनकी मां आखिरकार मान ही जाएंगी और ऐसा हुआ भी। हेमा ने संजीव की मदद को इंप्रेस करके शादी के लिए राजी करवा लिया। हेमा भी इस समय तक एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस बन चुकी थी। लेकिन वह जब भी शांता बहन से मिलती थी, अपने सर को पल्लू से ढक लेती थी और बहुत रिस्पेक्ट से शांता बहन के पैर छूती थी। धीरे-धीरे हेमा मालिनी जरीवाला फैमिली का एक हिस्सा बन गई। हेमा मालिनी और संजीव कुमार के करीबी दोस्तों का मानना था कि यह दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हैं। संजीव कुमार जी की बहन गायत्री पटेल ने बायोग्राफी में बताया है कि हेमा मालिनी उनकी मां की बहुत रेस्पेक्ट करती थी। जब भी वह फॉरेन टूर पर जाती थी तो उनके लिए कोई ना कोई गिफ्ट जरूर लाती थी। और जब भी संजीव कुमार और शांताबेन मद्रास जाते थे तो हेमा उनका बहुत ख्याल रखती थी। तो फिर इन सबके बाद आखिर संजीव कुमार और हेमा मालिनी की शादी क्यों नहीं हुई? एस पर द बुक दोनों फैमिलीज का कल्चर भले ही अलग था पर फैमिलीज को इससे कभी कोई प्रॉब्लम नहीं थी। प्रॉब्लम हुई हेमा मालिनी के करियर को लेकर। सालों बाद पत्रकार भावना सौम्या को दिए एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने बताया था कि उनकी मां का सपना था कि वह बहुत बड़ी कलाकार बने। पर संजीव कुमार की फैमिली चाहती थी कि शादी के बाद हेमा मालिनी फिल्म में काम करना बंद कर दें।

पर हेमा की मां इसके खिलाफ थी। इसलिए जब संजीव कुमार जी की मां हेमा का हाथ मांगने उनके घर गई तब हेमा की मां जया चक्रवर्ती ने उनसे साफ कहा कि मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप मेरी बेटी को अपने घर की बहू बनाना चाहती हैं। लेकिन मेरी एक ही शर्त है। शादी के बाद भी हेमा फिल्मों में काम करती रहेगी। संजीव कुमार की फैमिली के लिए यह शर्त स्वीकार करना नामुमकिन था। शांता बैन ही नहीं खुद संजीव कुमार भी शुरू से यही चाहते थे कि शादी के बाद हेमा मालिनी फिल्मों में काम ना करें। संजीव कुमार की बहन गायत्री पटेल ने यह तक कहा कि खुद हेमा मालिनी ने संजीव कुमार से वादा किया था कि वह बस अपने इनकंप्लीट प्रोजेक्ट्स कंप्लीट करेंगी और फिर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ देंगी। लेकिन जब हेमा की मां ने अपना फैसला सुना दिया तो हेमा उसके खिलाफ नहीं जा सकी। हेमा तब हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थी इसलिए वह समझ रही थी कि क्यों उनकी मां नहीं चाहती कि वो फिल्मों में काम करना बंद कर दे। हेमा को उम्मीद थी कि आखिरकार संजीव कुमार एक दिन उनके पास आएंगे और कहेंगे कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। वो चाहे तो शादी के बाद भी फिल्मों में काम करना जारी रख सकती हैं। जबकि संजीव कुमार सोच रहे थे कि हेमा अपनी मां को मना लेंगी और शादी के बाद फिल्मों में काम नहीं करेंगी। दोनों के बीच बातचीत आगे भी होती रही। लेकिन संजीव कुमार के लिए हेमा को समझाना मुश्किल होता जा रहा था। दूसरी तरफ हेमा की सिचुएशन भी बहुत परेशान करने वाली हो रही थी। वो अपनी मां और संजीव कुमार दोनों के बीच पिस रही थी। आखिरकार हेमा ने संजीव कुमार से कहा कि फिलहाल वो उन्हें फिल्मों में काम करने दें। जब शादी हो जाएगी तो यह खबर फिल्म इंडस्ट्री में भी फैल जाएगी और फिर प्रोड्यूसर उन्हें साइन करना खुद ही बंद कर देंगे। तब वो आराम से संजीव कुमार का घर और परिवार संभाल लेंगी। लेकिन संजीव कुमार इसके लिए भी तैयार नहीं थे। इसी बीच किसी तरह राजेश खन्ना को संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच प्रॉब्लम्स की जानकारी मिल गई और उन दिनों राजेश खन्ना और संजीव कुमार बहुत बड़े राइवल्स थे। दोनों एक दूसरे को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते थे। राजेश खन्ना को एक खुराफात सूझी। उन दिनों इंडियन नेशनल थिएटर यानी आईएटी के जनरल सेक्रेटरी हुआ करते थे दामू जावेरी। दामू जावेरी ने उसी दौरान मुंबई के स्टर्लिंग सिनेमा में एक हॉलीवुड फिल्म का प्रीमियर रखा था। जिस दौरान हेमा मालिनी और संजीव कुमार का रिश्ता बहुत बुरे दौर से गुजर रहा था। दामू जावेरी ने वो प्रीमियर फंड रेजर के तौर पर रखा था और दामू जावेरी ने राजेश खन्ना और संजीव कुमार दोनों को प्रीमियर में इनवाइट किया था। उन दिनों राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर के साथ किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। तो ऑर्गेनाइजर ने राजेश खन्ना से शर्मिला टैगोर को साथ लाने को कहा और संजीव कुमार से हेमा मालिनी को साथ लाने की गुजारिश की। राजेश खन्ना जानते थे कि संजीव कुमार को भी इनवाइट किया गया है। लेकिन संजीव कुमार नहीं जानते थे कि राजेश खन्ना को भी उस प्रीमियर में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रीमियर वाले दिन संजीव कुमार जल्दी ही पहुंच गए।

सभी खास लोगों के लिए स्टेज पर कुर्सियां लगवाई गई। प्रोग्राम के ऑर्गेनाइजर्स ने संजीव कुमार से उनकी सीट पर आकर बैठने को कहा। संजीव कुमार बैठ भी गए। दर्शक भी आने लगे थे। लेकिन तभी लोगों ने दबी आवाज में कुछ बोलना शुरू कर दिया और सब लोग ऑडिटोरियम की तरफ देखने लगे। संजीव कुमार ने भी यह जानने की कोशिश की कि आखिर यह लोग बुदबुदा क्यों रहे हैं? इसलिए उन्होंने ऑडिटोरियम की तरफ देखा। संजीव कुमार ने जो देखा उसे देख के उन्हें बड़ा शॉक लगा। राजेश खन्ना हेमा मालिनी का हाथ अपने हाथों में लिए चले आ रहे थे। दोनों चलते हुए आए और सिनेमा हॉल की पहली रो में ऑडियंस की तरह आके बैठ गए। हेमा मालिनी को राजेश के साथ देखकर संजीव कुमार ने बहुत इंसल्टेड फील किया। आखिर उनकी गर्लफ्रेंड उनके राइवल के साथ क्यों आई है? हेमा को तो राजेश खन्ना और संजीव कुमार के रिफ्ट के बारे में तब तक पता नहीं था। वो बस राजेश खन्ना के रिक्वेस्ट करने पर उस प्रीमियर में शामिल होने उनके साथ चली आई थी। पर बाद में हेमा मालिनी को राजेश खन्ना का गेम समझ आ गया। हेमा को एहसास था कि संजीव कुमार को बहुत बुरा लगा है। लेकिन वह फिर भी राजेश खन्ना से यह सवाल करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी कि उन्होंने ऐसा आखिर क्यों किया। संजीव कुमार स्टेज से उतरे और एक दूसरी लाइन में हेमा मालिनी और राजेश खन्ना से काफी दूर जाकर बैठ गए। उस पूरे शो के दौरान इन तीनों में से किसी ने भी आपस में बात नहीं की। संजीव कुमार के दोस्तों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि राजेश खन्ना ने जानबूझकर तुम्हें इंसल्ट करने के लिए यह सब किया है और हेमा का इसमें कोई दोष नहीं है। लेकिन वो इंसल्ट संजीव कुमार भूल नहीं पा रहे थे। संजीव कुमार रात भर बेचैन रहे। जरा भी नहीं सो पाए। अगले दिन वो अनामिका फिल्म के गीत बाहों में चले आओ कि शूटिंग करने एसडी वर्मन के बंगलों पर पहुंचे। शूटिंग वहीं हो रही थी और हीरोइन थी जया भादुरी। संजीव कुमार ने हर शॉट परफेक्टली शूट किया लेकिन हर शॉट के बाद उनके चेहरे पर एक डार्कनेस सी छा जाती थी। जया भादुरी ने यह बात नोटिस कर ली कि संजीव कुमार काफी अपसेट है। उस दिन को याद करते हुए जया भादुरी ने एक दफा एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने उस दिन संजीव कुमार को हंसाने की बहुत कोशिश की।

मगर वह हंसे नहीं। आखिरकार लंच ब्रेक के दौरान संजीव कुमार ने जया बादरी को पूरी बात बताई। जया बादरी को भी बड़ी हैरत हुई। उनकी हैरत की वजह यह थी कि इमोशनली इतना टूटा हुआ इंसान आखिर काम कैसे कर पा रहा है। लंच खत्म होने के बाद जब फिर से शूटिंग शुरू हुई तो संजीव कुमार की बातें सुनकर शॉक्ड हुई जया भी एक्टिंग नहीं कर पा रही थी। लेकिन संजीव कुमार ने जया को समझाया कि हमें अपने काम पर ध्यान लगाना चाहिए। हमारी पर्सनल लाइफ से ऑडियंस का कोई लेना देना नहीं है। जया ने कहा था कि अपने काम को लेकर संजीव कुमार कितने डेडिकेटेड रहते थे। उस दिन इसकी पहली झलक उन्होंने देखी। उस प्रीमियर वाले इंसिडेंट के बाद से हेमा मालिनी ने संजीव कुमार को कई बार फोन किया लेकिन संजीव कुमार उन्हें इग्नोर कर रहे थे। उनसे बात ही नहीं कर रहे थे। आखिरकार हेमा मालिनी संजीव कुमार से बात करने सीधे उनके घर पहुंच गई। उस दिन संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच राजेश खन्ना करियर और शादी को लेकर काफी बात हुई। काफी देर तक बात करने के बाद आखिरकार संजीव कुमार ने हेमा मालिनी से सीधे-सीधे पूछा क्या तुम शादी के बाद फिल्मों में काम करना बंद नहीं करोगी? हेमा ने कहा कि वो अपना करियर नहीं छोड़ सकती। तब संजीव कुमार ने हेमा से कहा कि ठीक है फिर तुम मुझे हमेशा के लिए छोड़ दो। और यह बोलकर संजीव कुमार उस कमरे को छोड़कर चले गए। हेमा को यकीन नहीं हो रहा था कि संजीव कुमार के साथ उनका रिश्ता खत्म हो गया और सबसे बड़ी बात इस तरह से खत्म हुआ। वो कुछ देर और वहीं बैठी रही। फिर जब उन्हें एहसास हुआ कि अब इससे ज्यादा कुछ और नहीं हो सकता तब वह भी संजीव कुमार के घर से चली गई। और इस तरह संजीव कुमार और हेमा मालिनी की लव स्टोरी एक सैड नोट पर खत्म हो गई। आज के लिए बस इतना ही। आपको यह कहानी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में बताइएगा। नेक्स्ट वीक फिर आएंगे एक नई स्टोरी के साथ। तब तक के लिए गुड बाय एंड टेक वेरी गुड केयर ऑफ योरसेल्फ। [संगीत]

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