टीचर के ₹1200 खोए और उन ₹1200 को ढूंढने के चक्कर में टीचर ने सभी लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए। मामला राजस्थान से सामने आया है जिसने तूल पकड़ लिया है और इसकी चर्चा सिर्फ राजस्थान में नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है। [संगीत] नमस्कार स्वागत है आप सभी का। आप देख रहे हैं एनएमएफ न्यूज़। आपके साथ मैं हूं नमता चौधरी और आज इस वीडियो में इसी मुद्दे पर विस्तार से बात करेंगे। मामला राजस्थान के माधोपुर से सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक स्कूल की एक अध्यापिका के 100 या ₹200 खो गए थे। और उन ₹1200ों को ढूंढने के लिए टीचर ने पहले तो यहां वहां ताका झांकी की।
एक-एक बच्चे से पूछताछ करनी शुरू की और उसके बाद जानते हैं मानवता की सारी सीमाओं को लांघ दिया इस टीचर ने। बताया यह जा रहा है कि इस टीचर ने नाइंथ से लेकर 11th तक की जितनी भी फीमेल स्टूडेंट्स थी, जो लड़कियां थी, उन सबके कपड़े उतरवा कर चेकिंग की [संगीत] कि कहीं किसी बच्ची ने पैसे चुरा तो नहीं लिए हैं। जाहिर सी बात है नाइंथ के बच्चे, 10थ के बच्चे, 11th के बच्चे जिस-जिस के साथ टीचर ने अभद्रता की, जिस-जिस बच्ची के कपड़े उतरवाए, उन सब ने अपने घर जाकर आपबीती सुनाई। और उसके बाद क्या हुआ? पेरेंट्स भारी तादाद में स्कूल में पहुंचे। हंगामा हुआ जिसका वीडियो इस वक्त आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं
और साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पेरेंट्स का आरोप है कि आखिर ₹1200 के लिए बच्चों के कपड़े कैसे उतरवा दिए गए। बताया तो यह भी जा रहा है कि इस पूरे मामले में संयुक्त निदेशक ने उस टीचर को निलंबित कर दिया है। जबकि एक और टीचर को बोल दिया कि घर जाकर बैठ जाओ क्योंकि इसमें दो टीचर इनवॉल्व बताई जा रही हैं। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक स्कूल के अंदर छात्राओं के कपड़े उतारने का मामला सामने आया। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं शिक्षा विभाग पर, इस स्कूल प्रशासन पर और सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि जिन टीचर्स को हम गुरु कहते हैं उनको उसी के तरीके से आदर देते हैं वो टीचर्स क्या कर रही हैं? महज चंद रुपयों के लिए उन बच्चियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ कर दिया इस टीचर ने। आपको बताते हैं कि यह जो छात्राएं हैं, यह इतनी ज्यादा डर गई कि इनको कुछ समझ ही नहीं आया। और पहले तो जैसा टीचर ने कहा वैसा करती चली गई और उसके बाद घर जाकर आपबीती पेरेंट्स को बताई।
फिलहाल इस पूरे मामले में सीबीईओ की रिपोर्ट पर स्कूल शिक्षा भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने जो वो टीचर है जिसका नाम सरस्वती मी बताया जा रहा है उसको निलंबित कर दिया है। सवाल निलंबन से जुड़ा हुआ नहीं है। सवाल कारवाई से जुड़ा हुआ नहीं है। सवाल इस टीचर जिसका नाम सरस्वती मीना है। जिसके नाम में सरस्वती है। आप सोचिए उसने कितनी अभद्र हरकत की है इन बच्चियों के साथ। कल तक रो रही थी ₹1 ₹200 के लिए और आज अपनी नौकरी [संगीत] गवानी पड़ गई है।
आप जितने भी लोग इस वीडियो को देख रहे हैं, मेरी आपसे यही अपील है कि आप सभी अपने-अपने बच्चों से बात करना शुरू करें। कम्युनिकेशन गैप ना रखें। उनके साथ स्कूल में क्या हो रहा है? उनके टीचर्स का बिहेव क्या है? और बच्चों के साथ कैसा है? उनके साथ कैसा है? किस तरीके से उनको टच किया जाता है? गुड टच, बैड टच सब कुछ अपने बच्चे को बताइए। बहरहाल राजस्थान के माधोपुर से सामने आए इस पूरे प्रकरण पर अब हर कोई अपनी-अपनी राय रख रहा है। आपकी प्रतिक्रिया क्या है? ऐसे टीचर्स के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना चाहिए? कमेंट सेक्शन में आप अपनी राय हमें जरूर दें और बाकी खबरों के लिए एनएमएफ न्यूज़ देखते रहिए।