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मैं 20 तारीख.…सोनम वांगचुक के बयान ने मचाया तहलका!

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मैं बनके आऊंगा। 17 जुलाई 2026 तक 20 दिन हो गए हैं। सोनम वांगचुक ने कुछ नहीं खाया। दिल्ली के जंतरमंतर पर सोनम वांगचुक की यह भूख हड़ताल जारी है। नजरें 20 जुलाई पर टिकी हैं। क्योंकि इसी दिन से शुरू हो रहा है संसद का मानसून सत्र। पहले ही दिन सोनम वांगचुक के नेतृत्व में जंतरमंतर से संसद तक मार्च होगा। वांगचुक ने देश भर के हर युवा वर्ग, हर फील्ड खासकर छात्रों को इस मार्च में शामिल होने के लिए न्योता दिया है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या 20 जुलाई को संसद तक मार्च के लिए वांगचुक खुद तैयार हैं? क्योंकि खाना नहीं खाने के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं। अभिजीत दीपके के मुताबिक उनका वजन लगभग 8 किलो कम हो गया है। लेकिन वांगचुक ने संसद मार्च को लेकर कहा, “मैं बाहर से भले ही कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। हमें यह मजबूती 20 जुलाई तक चाहिए। वांगचुक आगे कहते हैं, मैं बाहर से कमजोर हूं मगर अंदर से बहुत मजबूत हूं।और मुझे उम्मीद है आप लोग अंदर बाहर दोनों से बहुत मजबूत होंगे।

तो ये मजबूती हमें चाहिए 20 जुलाई को। जब हम बहुत ही शांति पूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे संकट तक और हम सब एक साथ चलेंगे और देश के लोकतंत्र के मंदिर में अपने फरियाद सुनाएंगे अपनी प्रार्थना सुनाएंगे आप सब चलेंगे हमारे साथ जय वादा तो फिर मैं किसी भी तरह 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा और नहीं आए और नहीं आए और 20 जुलाई कत्ल नहीं रहा तो मैं भूत बनके आऊंगा।

मैं किसी भी तरह 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर आप लोग आए और 20 जुलाई सफल नहीं रही तो मैं भूत बनकर बाहर वापस आऊंगा। सोनम के इस बयान में आप दो चीजें नोटिस कीजिए। पहली यह कि हमें 20 जुलाई तक मजबूती चाहिए और दूसरा यह कि सफल नहीं रहे तो 20 जुलाई के बाद बनकर वापस आऊंगा। 16 जुलाई को सपा सांसद डिंपल यादव जंतरमंतर पर सोनम वांगचुक से मिलने गई थी।

काफी देर तक उनकी बात हुई। बातचीत के बाद डिंपल यादव ने दावा किया वांगचुक ने मुझसे कहा है कि वह 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। सोनम वांगचुक के ऐसे बयानों के मायने क्या है? साफ गोई से इसका पता तो संसद मार्च के बाद ही चलेगा। देखना यह भी दिलचस्प होगा कि जब सोनम वांगचुक चलने फिरने में फिलहाल असमर्थ हैं तो कैसे वो संसद तक जाएंगे। सबसे बड़ी बात कि किसी भी प्रदर्शन या फिर सरकार के खिलाफ मार्च के लिए एक भीड़ की जरूरत होती है जो कॉकरोच जनता पार्टी के जंतरमंतर पर बैठने वाले शुरुआती दिनों में तो दिखी थी। लेकिन धीरे-धीरे यह भीड़ छट दी गई। और तो और जिस दिन सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की शुरुआत की थी उस दिन भी प्रोटेस्ट साइट पर कोई बहुत भीड़ नहीं थी।

ऐसे में सोनम के आह्वान पर कितनी संख्या में लोग जुटेंगे अभी अंदाजा लगाना जल्दबाजी होगी। हालांकि संकेत जरूर मिलने लगे हैं कि इस मार्च में वांगचुक के साथ बड़ी राजनीतिक पार्टियां भी हिस्सा ले सकती हैं। जिसका सीधा सा कारण यह है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे जो खुद एक आंदोलन और भूख हड़ताल से निकले नेता हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाओ। फिर सपा सांसद डिंपल यादव पहुंची ही थी।

भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मिलने पहुंचे थे। चंद्रशेखर ने सीजेपी के मंच से कहा था कि 20 जुलाई के दिन सोनम वांगचुक को जितनी भीड़ चाहिए वह उतनी भीड़ जुटा कर देंगे। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा भी पहुंचे। उन्होंने भी वांगचुक के साथ खड़े रहने की बात कही है। राजनीतिक हलकों के अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री और एक्टिविस्ट स्वरा भास्कर समेत रघुराम जैसे लोग भी सोनम वांगचुक से मिलने आ चुके हैं। यानी जिस तरह लोग वांगचुक से मिलने आ रहे हैं, अगर इन लोगों ने अपनी-अपनी पार्टियों से मार्च में शामिल होने का आह्वान कर दिया तो यह मार्च बड़ा हो सकता है। हा

लांकि लोगों की जुबान पर अब भी यह है कि सपा के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कब आएंगे। फिलहाल तो सोनम वांगचुक का बयान चर्चा में है कि अगर मार्च सक्सेस नहीं हुआ तो मैं भूत बनकर आऊंगा। meआपको क्या लगता है कि सोनम वांगचुक क्या कहना चाहते हैं? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। मेरा नाम है रवि शंकर। इस वीडियो को रिकॉर्ड किया है सर्वेश ने। शुक्रिया।

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