क्या सिया और चेतन ने राजस्थान में शादी की थी? दरअसल अभी खुलासा हो रहा है क्योंकि एक चैट पकड़ी गई थी जिससे साफ हुआ था कि दोनों के बीच गहरे संबंध थे और दोनों ने शादी तक कर ली थी और घटना से करीब 4 महीने पहले दोनों ने शादी की थी। अब जो टीम है पुणे पुलिस की एक टीम पहुंची है .
राजस्थान वहां पर एक मंदिर को उन्होंने सर्च किया है जहां पता चला है कि इन्होंने शादी की थी। वहां जो अहम दस्तावेज है शादी से संबंधित।
इसके अलावा जो पंडित हैं उनके भी बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं ताकि इस मामले में साफ हो जाए कि दरअसल इनकी साजिश पहले से ही चली आ रही थी। इस मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं। आपको बता दूं इस मामले में एक और कारवाई हुई है। दरअसल जो सिया के पेरेंट्स की दुकान थी मार्केट यारार्ड में उसको भी बंद कर दिया गया है।
दरअसल ये कारवाई फूड डिपार्टमेंट के द्वारा की गई है और ऐसे में यह कारवाई अभी लेटेस्ट जो है वो डेवलपमेंट है जिसमें कारवाई हुई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो पुणे पुलिस के पास है वो यह कि इस मामले में जो अहम सबूत है उसकी उसको तलाशने के लिए आप सोचिए राजस्थान पहुंच गई पुलिस और वहां से उस मंदिर को तलाशा जहां पर यह पूरा साजिश रची गई थी। यानी शादी हुई थी। इसको साजिश कहेंगे क्योंकि चेतन से शादी कर ली और मार दिया केतन को। छोड़ भी सकती थी लेकिन ऐसा नहीं किया। बाद हमने देखा किस तरह से साजिश रची जा रही थी ये लड़की बेहद चालाक और बेहद शातिर है। पुलिस ने इसका रिमांड लिया शुरुआत में और पूछताछ की।
इसके बाद अब जुडिशियल कस्टडी में यानी जेल में है। ऐसे में कितने दिन जेल रहेगी अभी आने आने वाले दिनों में पता चलेगा। लेकिन जल्द ही पुलिस पुणे पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। क्योंकि इस मामले में जो अहम सबूत हैं वो ना सिर्फ डिजिटल एविडेंस है बल्कि इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के अलावा इसके अलावा परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी हैं।
लेकिन सवाल ये उठता है कि जब ये प्लानिंग उनकी पहले से चली आ रही थी तो फिर मना क्यों नहीं कर सकी वो? तमाम लोगों ने यही सवाल पूछा और उनके परिवार की तरफ से भी बार-बार यह कहा गया कि मना कर देती सिया अगर मना कर देती तो हम शादी को आगे प्रोसीड नहीं करते। क्या कोई दबाव में क्या केतन नहीं मान रहा था? क्या केतन को उसने बताया था? धक्का किसने दिया? सिया ने दिया या फिर चेतन ने दिया।
इसको लेकर भी तमाम जो खुलासे हैं वो अलग-अलग लेवल पर हुए। लेकिन अभी चार्जशीट में और स्थिति साफ होगी जिससे बहुत क्लियर होगा इस मामले में सच क्या है। दरअसल आखिरी बार जब इस मामले में हमारे संवाददाता ने पुलिस से बात की थी तो उनका क्या कहना था ये भी सुनिए।
कोर्ट ने पुलिस कस्टडी मांग करने के बावजूद कोर्ट ने ये एप्लीकेशन मंजूर नहीं किए और जुडिशियल कस्टडी में भेज दिए दोनों आरोपी को। जी क्या इससे आपकी इन्वेस्टिगेशन को एक कुछ प्रभाव पड़ेगा क्योंकि क्या इन्वेस्टिगेशन सफर करेगा? देखिए इन्वेस्टिगेशन के लिए किसी भी एक्यूज़ की उपस्थिति जो रहती है पुलिस कस्टडी में वह ज्यादा से ज्यादा मिलना उसके लिए हम अपना जो है प्रयास करते हैं क्योंकि इंफॉर्मेशन वहां से उनसे लेनी और घटनाक्रम के बाद बार-बार उस तरह के जो प्रश्न है उनके उत्तर लेने यह एक फाइन इंटेरोगेशन टेक्निक्स जो है वो हम यूज करते तो उसके लिए ज्यादा पीसीआर मिलना इज ऑलवेज गुड फॉर अस।
परंतु कोटा ने माननीय न्यायालयत ने ऑलरेडी हमें 7 दिन का पीसीआर फिर पांच दिन का पीसीआर दिया है। हमने दोबारा प्रयास किया था कुछ और माहती के लिए बट आवर इन्वेस्टिगेशन इज गोइंग वेल। सर को पुणे में लाया गया था। इन्वेस्टिगेशन में क्या सामने आया है? मोबाइल भी जब्त किया गया है, कपड़े भी जब्त किए गए हैं। बिल्कुल। अतः अभी क्या होता है कि घटना जब घटती है उस समय बहुत सारे बिलोंगिंग्स रहते हैं, एक्यूज़ के रहते हैं, विक्टिम के रहते हैं। तो वो सारी चीजें इन्वेस्टिगेशन में जब्त की जाती हैं। और उसके लिए जो लीगल प्रोसीजर है वो प्रोसीजर के द्वारा हम जाके उसको ज्त करते हैं। वही हमने यहां पे किया है। ये कल जो तब आने के लिए प्रैक्टिस की गई थी।
इतने महीनों से ये प्रैक्टिस की गई और ये कहां पे की गई है? देखिए मैंने अभी पहले मराठी में यह जो बाइट दिया है उसमें बोला है कि फाइनेंसेस ऑफ जो इन्वेस्टिगेशन है उसके बारे में हम नहीं बता पाएंगे। लेकिन जिस जगह पे जा जिस तरह से उन्होंने इस तरह की कोई प्रैक्टिस की थी उसको पंचनामा करके हमने माहती ली है। इतना बता सकते हैं। सर टू टू क्वेश्चन वन इज़ व्हाई वाज़ द एप्लीकेशन फॉर अ नारको एनालिसिस और अ पॉलीग्राफ टेस्ट विथड्रॉन? दैट्स व्हाट द डिफेंस लॉय हैज़ सेड। एंड सेकंडली इज़ देयर एनी थर्ड पर्सन दैट द पुलिस इज़ लुकिंग एट एज़ अ पर्सन हैव इंटरेस्टेड इन दिस इन्वेस्टिगेशन अपार्ट फ्रॉम चेतन एंड सिया।
सी यू हैव आस्क मी टू क्वेश्चंस। द वेरी फर्स्ट थिंग इज़ दैट वी हैव विथड्रॉन एनीथिंग। अह सी इन एनी केस देयर आर टू थिंग्स। वन इज़ व्हेन यू हैव सस्पेक्ट्स इन योर कस्टडी। एंड द सेकंड थिंग इज़ व्हेन यू आर कंविंस्ड दैट दे आर द एक्यूज़ हु एक्जेक्टली ब्रॉट दिस थिंग टू द रियलाइज़ेशन। सो व्हेन यू हैव रियलाइज दिस देन द एक्यूज़ आर नो मोर सस्पेक्ट्स एज़ दे आर प्रसीव्ड टू बिगिन विद। सो दैट प्रोसीजर वाज़ इनिशिएटेड अह विथ दैट पर्पस या सो नाउ दैट देयर आर सर्टेन कन्फर्मेशंस व्हिच हैव ट्रांसपायर्ड ड्यूरिंग द इन्वेस्टिगेशन। सो वी आर कैरिंग आउट द इन्वेस्टिगेशन विद द डायरेक्शन वी आर गेटिंग नाउ ऑन सर द प्रेजेंस थर्ड पर्सन इन द इन्वेस्टिगेशन एनी पर्सन ऑफ़ इंटरेस्ट इन्वेस्टिगेशन इज़ इनवॉल्व्स एन नंबर ऑफ़ पीपल एज़ वी रिकॉर्ड द स्टेटमेंट्स एज़ वी गेट इनफॉरशन अबाउट से टू पीपल एंड दे लीड अस टु अनदर थ्री पीपल दे लीड अस टु अनदर फ़ोर पीपल एव्री नेम ट्रांसपायरिंग इन द इन्वेस्टिगेशन इज़ इंक्वायर्ड अबाउट इफ वी फाइंड देयर कुड बी सम इन ऑफ इंटरेस्ट फॉर द सेक ऑफ इन्वेस्टिगेशन।
सो वी अप्रोच दोज़ पीपल और वी रिक्वेस्ट देम टू कम टू द पुलिस स्टेशन टू कोऑपरेट इन द इन्वेस्टिगेशन। सो अ फ्यू पीपल हैव बीन रिक्वेस्टेड फॉर द सेम एंड दे आर कोऑपरेटिंग विद द इन्वेस्टिगेशन। देयर अ फ्यू पीपल वी आर डूइंग इन्वेस्टिगेशन। लैंग्वेज का यूज़ किया था। ऐसा सामने आ रहा है। लैंग्वेज देखिए डिजिटल जो डाटा रहता है किसी के पास भी उसमें बहुत बार इनफॉर्मल लैंग्वेज का यूज किया जाता है। और अलग-अलग जो निक नेम या और चीजों से एड्रेस किया जाता है। उसके बिना बहुत सारे विदाउट कॉन्टेस्ट जिसका कॉन्टेक्स्ट आपको क्लियर नहीं होता है, वह कुछ अह फ़्रेज़ आपको मिलते हैं। तो, इस यहां पे जो आप कोर्ट बोल रहे हैं, इसका मीनिंग वो है और उस दिशा से हम तपास करते हैं क्योंकि डॉट्स कनेक्ट करना इन्वेस्टिगेशन में जरूरी रहता है। रिक्रिएशन किया गया है। मोटिव तो आई थिंक इट्स ऑल क्लियर विद अस ऑल बट विदाउट फाइलिंग द चार्जशीट आई कैन नॉट कमेंट अपॉन इट प्रत्यक्षदर्शी का प्रत्यक्ष घटना यात काही साक्षीदार ठिकानी उपस्थित होते ते हम समोर आले आत जा जवाब क्या बात कमेंट करने योग्य नहीं है रिक्रिएशन किया गया था .
चेतन और सिया को वहां पर ले जाके केतन का वजन जितना जो स्टचू है नीचे फेंक दिया था लेकिन अभी तक जो स्टचू है वो दोनों भी नीचे है पुलिस वहां तक गई थी इसका मतलब क्या होता है वो हमने रिमूव करवा दिया है सर चेतन का मित्र होता देखिए क्या अपन दोदा में उत्तर देला है कि ऑल द विटनेसेस और ऑल द पर्संस ऑफ इंटरेस्ट फॉर द सेक ऑफ इन्वेस्टिगेशन है। उन सबकी हम इंक्वायरी चौकशी करते हैं।
एंड व्हाटएवर डॉट्स आर कनेक्टेड कोई पिक्चर उभर के सामने आती है। उसके बाद ही किसी चीज पे कमेंट किया जा सकता है। अभी जो एक्यूज़्ड और विक्टिम से रिलेटेड जो भी उनका फ्रेंड सर्कल था, रिलेटिव थे उनके पास इंक्वायरी की जा रही है। दैट्स व्हाट आई वुड से फॉर नाउ। आपने सुना पुलिस ने इसमें क्या कहा? अब आपको सुनाता हूं जो इस मामले में कारवाई हुई। दरअसल इस मामले में जो फ़ूड डिपार्टमेंट है उसने कारवाई की है क्योंकि इनकी मसाले की दुकान है। ऐसा कहा जा रहा है मिलावटी खाना ये लोग बेच रहे थे। मिलावटी मसाले बेच रहे थे और इसको लेकर जब शिकायत की गई जब सैंपल की टेस्टिंग हुई तो उसमें सैंपल नेगेटिव पाए गए। इ
सी वजह से कारवाई हुई है। इसको लेकर जाहिर तौर पर अब एक और बवाल खड़ा हो गया। उनके परिवार को ऐसा लग रहा है कि हमारे व्यापार पर चोट की गई है। गलती सिया की थी। भुगत हम रहे हैं। देखिए होता भी यही है कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो मां-बाप ही भुगतते हैं क्योंकि बच्चे तो सोचते नहीं कोई भी काम करने से पहले उनको लगता है कि कानून हमारा कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। उनको यह लगता है कि अगर पकड़े भी गए तो क्या हो जाएगा? थोड़े दिन जेल रहेंगे। लेकिन आप सोचिए अब इस मामले में किस तरह से पीड़ा झेल रहा है सिया का परिवार। सिया तो कुछ झेल ही रही है। चेतन भी झेल रहा है। उसका परिवार भी झेल रहा है। और सबसे ज्यादा दुख और दर्द झेल रहे हैं।
इस पूरे मामले में केतन के परिवार वाले। आप सोचिए उनका तो कोई दोष ही नहीं था। उनकी मां ने प्रधानमंत्री मोदी से भी अपील की। उनका एक इमोशनल वीडियो सामने आया था। यह देखिए। तो आपने देखा उनका इमोशनल वीडियो जिसमें वो यह साफ-साफ कह रही हैं कि इस मामले में न्याय मिलना चाहिए।
लेकिन सवाल ये उठता है कि न्याय कब तक मिलेगा और न्याय जब मिलेगा तो ठोस सबूतों के आधार पर मिलेगा। ऐसा ना हो कि पुलिस को ये लैक छोड़ दे। हम उम्मीद करते हैं। वैसे पुलिस जिस तरह से इस मामले में जांच की है। काबिले तारीफ जांच की है। इस पर मैं पूरे पुलिस की बहुत तारीफ करना चाहूंगा। एक-एक सबूत इकट्ठा किया। अब इसमें जो सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि जब मामला कोर्ट की दहलीज पर जाएगा तब देखना होगा क्या होगा। चलिए जाते-जाते इस मामले में हमने आपको दिखाया किस तरह से पुलिस ने आखिरी बार यानी जो एसपी थे उनका क्या कहना था। गिल साहब का इसके अलावा हमने ये बताया उनकी जो मदर है उनका क्या कहना है केतन लोग सब लोग जानते होंगे केतन को आज पूरा देश हिल चुका है.
केतन के नाम से केतन की मम्मी हां देखो इसकी हंसी देखो देखो इसकी आंखें देखो ऐसे लग रहा है वो आपके पास देख रहा है कितने हंस के देख रहा है वो मुझे ऐसे लग रहा है मेरे मेरे पास ही है। हां वो उसकी हंसी देखो। उसकी बातें सुनो। उसका देखो एक बार। ऐसा लग रहा था उसकी कोई गलती थी। मेरी कोई गलती थी जो इसको मार दिया। हां। क्यों मारा? ये भी आज भी यही बोलता है। मेरी क्या गलती है? मेरे बेटे की क्या गलती है? हां। क्यों मारा मेरे बच्चे को?
क्यों मारा मेरे बच्चों को? अगले महीने रक्षाबंधन है। बहन राखी बांध लेगी। क्या करेगी मेरी बेटी? क्या बोलूंगी मैं उसको? मेरा पूरा परिवार बिखर गया है। इसके घर में इसके दादाजी भी गुजर गए। इसकी शादी करनी थी मेरे को। अभी ये इतना खुश था। बहुत खुश था।
हर चीज की इसने रखी थी तैयारी। मम्मी आज ही मुझे ऐसे लगा कि मुझे बुला रहा है। मम्मी मम्मी बुला रहा है। हम लोग एक साथ रहते थे। एक साथ उस दिन मेरे साथ अच्छे से बात करके गया। हम लोग ने एक साथ डिनर भी किया उस दिन। अभी भी ऐसा लगा मेरे दरवाजे पे खड़ा है। एक महीना हो गया। अभी मैं उसका वेट कर रही हूं। मेरे को अब मेरी आंखें भी पत्थर के जैसे हो गई है। हम इतना रो चुके हैं अभी घर में। कितना गम हुआ है इसके बाबा जी को भी। प्लीज जस्टिस फॉर केतन। दो और अपडेट्स इस मामले में हमने दिए कि एक जो उनकी मार्केट यारार्ड में दुकान है.
उसको सील कर दिया गया है। वहीं दूसरा अब गुपचुप तरीके की शादी के जो सबूत है वो सामने आ रहे हैं। और इससे साफ हो गया है कि वाकई इन दोनों ने शादी की थी। और यह बात बाकायदा एविडेंस से साफ हो रही है। यह भी बात साफ है कि इन दोनों ने हत्या की भी प्लानिंग की थी और यह बात अपने एक दोस्त को बताई थी। इस मामले में जब उज्जवल निगम से बात की गई जो सरकारी वकील है राज्यसभा सांसद है.
उनका कहना है कि अभी उन्होंने फाइल नहीं पढ़ी है। फाइल आएगी तो कई बार पुलिस ऐसे मामलों में आई विटनेस को छुपा के रखती है। क्या पता कोई चश्मतीद भी हो इस मामले का। तो देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई कुछ चश्मतीद है या नहीं है और अगर होगा तो और पुख्ता तरीके से इस मामले को जो अभियोजन पक्ष है वो आगे बढ़ाएगा।