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भारत के दुश्मन को किसने मारा, रूस-इजराइल ने हिला दी दुनिया !

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अमेरिका में हुई इस ताकतवर व्यक्ति की मौत ने कई देशों में बवाल मचा दिया है। यह व्यक्ति भारत को अमेरिका का आर्थिक गुलाम बनाना चाहता था। भारत को बर्बाद करना चाहता था। भारत पर 500% टैरिफ लगाने का आइडिया इसी व्यक्ति ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया था। लेकिन यह व्यक्ति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात करने के कुछ घंटों बाद मर गया।

इनका नाम लिंडसे ग्राहम था। यह रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर थे और डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी दोस्त। की मौत के बाद अमेरिकी लोगों का कहना है कि इन्हें रूस या ईरान ने जहर देकर मरवाया है। रूस का कहना है कि इन्हें इजरायल ने मरवाया है।

इजरायल के कुछ एक्सपर्ट्स बोल रहे हैं कि लिंडसे ग्राहम की मौत के पीछे रूस, ईरान या फिर कोई अमेरिकी भी शामिल हो सकता है। इससे पेचीदा मौत दुनिया में किसी की नहीं हुई। इस वीडियो में हम आपको बताने की कोशिश करेंगे कि लिंडसे ग्राहम की मौत कैसे हुई। कौन सा देश क्या आरोप लगा रहा है और भारत पर इस बड़े घटनाक्रम का क्या असर पड़ने वाला है।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि लिंडसे ग्राहम भारत पर क्या बयानबाजी करते थे। लिंडसे ग्राहम कश्मीर को आजाद देखना चाहते थे। उन्हें पसंद नहीं था कि भारत ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटा दिया। लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप से कहा था कि हमें भारत पर 500% टैरिफ लगाने चाहिए क्योंकि भारत रूस का दोस्त है। रूस के साथ व्यापार कर रहा है। को सजा देनी चाहिए। भारत की अर्थव्यवस्था को कुचल देना चाहिए।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि अमेरिकी संसद में भारत के सबसे बड़े विरोधी लिंडसे ग्राहम अचानक मर कैसे गए। अब आपको कुछ होश उड़ा देने वाली चीजें बताते हैं। आप सिर्फ क्रोनोलॉजी को देखिए।

10 जुलाई को लिंडसे ग्राहम यूक्रेन में जेलेंस्की से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कीव स्थित एक गुप्त कारखाने का दौरा किया। यूक्रेन से ही लिंडसे ग्राहम ने ऐलान किया कि वह रूस पर अब तक के सबसे भयानक सैंक्शंस लगाने का प्रस्ताव रखने जा रहे हैं। इसके अलावा जो देश रूस के दोस्त हैं, उन्हें भी छोड़ा नहीं जाएगा। लेकिन उसके बाद यूक्रेन में एक धमाका हुआ। लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के जिस ड्रोन कारखाने में गए थे, उस पर अटैक कर दिया। पूरा कारखाना तबाह हो गया।

इसके बाद खबर आई कि रूस के एक सटीक मिसाइल हमले से कीव के एक प्रतिष्ठित होटल को ध्वस्त कर दिया गया। इस होटल में नाटो के शीर्ष कमांडर आए हुए थे। यहीं पर लिंडसे ग्राहम भी मौजूद थे। हालांकि इस होटल अटैक में लिंडसे ग्राहम को कुछ नहीं हुआ, लेकिन जब लिंडसे ग्राहम अमेरिका पहुंचे तो अचानक उनकी मौत हो गई। कुछ एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि रूस ने लिंडसे ग्राहम को कोई जहर देकर मारा है।

दिया गया है, वह किसी को नहीं पता। इतना सुनकर आपको लग रहा होगा कि रूस ने ही लिंडसे ग्राहम को मरवाया है। लेकिन इस कहानी में अब दूसरा ट्विस्ट देखिए। लिंडसे ग्राहम की मौत से कुछ दिन पहले ईरान में ट्रंप की तस्वीरों के साथ उनकी तस्वीर भी लहराई गई थी। कहा गया था कि लिंडसे ग्राहम हमारे टारगेट पर है। लिंडसे ग्राहम के मरते ही ईरान के सरकारी न्यूज़ चैनल पर लिंडसे ग्राहम की मौत की बधाई दी गई।

अब कई लोगों का कहना है कि ईरान ने लिंडसे ग्राहम को मरवाया है। का फाइनल ट्विस्ट अब देखिए। फाइनल ट्विस्ट में सवाल खड़ा हुआ कि क्या अमेरिका में कोई ऐसा था जो लिंडसे ग्राहम को मरवाना चाहता था। यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि लिंडसे ग्राहम चाहते थे कि ईरान का खात्मा होना चाहिए। ईरान के साथ कोई पीस डील नहीं होनी चाहिए। मगर अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वांस ईरान के साथ शांति समझौता करने पर अड़ गए। लिंडसे ग्राहम चाहते थे कि ईरान में तख्ता पलट होना चाहिए।

लेकिन जेडी वांस पाकिस्तान के साथ मिलकर पीस डील पर जोर डाल रहे थे। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि लिंडसे ग्राहम जेडी वांस की योजना के रास्ते में एक बड़ी रुकावट बन गए थे। ऐसी खबरें हैं कि जेडी वांस खेमे की ओर से लिंडसे ग्राहम पर ईरान समझौते के मामले में चुप रहने और पीछे हटने के लिए कहा गया था। ईरान पर चुप रहने के लिए लिंडसे ग्राहम पर जेडी वांस के खेमे ने दबाव भी डाला था।

ऐसे में कई लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या अमेरिका में किसी ने लिंडसे ग्राहम को मरवा दिया? हमारा मानना है कि यह सभी कंस्पिरेसी थ्योरी हो सकती हैं। यह भी सच हो सकता है कि लिंडसे ग्राहम नेचुरल ही मरे हो। लेकिन एक बात साफ है कि भारत के खिलाफ बात करने वाली एक आवाज कम हो गई है। लिंडसे ग्राहम की पर

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