हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के जीवन में एक दौर ऐसा भी आया, जब लगातार फ्लॉप फिल्मों और बदलते दौर की वजह से उनका स्टारडम फीका पड़ने लगा। इसी मुश्किल समय में सदाबहार अभिनेता देवानंद ने उन्हें एक ऐसी सलाह दी, जिसे आज भी याद किया जाता है।
कहा जाता है कि देवानंद ने राजेश खन्ना से कहा, “ज़िंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। सफलता को सिर पर और असफलता को दिल पर मत लेना।
काम करते रहो, क्योंकि कलाकार की असली पहचान उसका जुनून होता है।” यह बात उन्होंने राजेश खन्ना का हौसला बढ़ाने के लिए कही थी।देवानंद स्वयं भी अपने पूरे करियर में कभी रुके नहीं। कई फिल्मों के असफल होने के बावजूद उन्होंने निर्देशन, निर्माण और अभिनय जारी रखा। यही वजह थी कि उन्होंने राजेश खन्ना को भी निराश होने के बजाय आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
हालाँकि इस बातचीत के शब्द अलग-अलग स्रोतों में अलग रूप में बताए जाते हैं और इसका आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, लेकिन फिल्म जगत में यह किस्सा लंबे समय से सुनाया जाता है।
यह कहानी इस बात की याद दिलाती है कि सफलता और असफलता दोनों ही अस्थायी होती हैं, जबकि मेहनत और आत्मविश्वास हमेशा कलाकार की सबसे बड़ी ताकत बने रहते हैं।