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‘बच्चे सो गए क्या…’ शिवानंद की वो आखिरी कॉलहोर्मुज हमले ने उजाड़ दिया परिवार!

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हम करे दादा हम के पापा हम बाबू [गाना गाने की आवाज़] हम [संगीत] शिवंद की पत्नी सुशीला जिसके आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे वो बार-बार एक ही बात दोहरा रही है कि उन्होंने कहा था जल्दी घर आऊंगा [संगीत] सोमवार की रात जब पति का फोन आया तो वह बच्चों को सुला रही थी। फोन पर शिव आनंद ने हमेशा की [संगीत] तरह पूछा कैसी हो तुम? घर में सब ठीक है? बच्चे सो गए क्या? लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण [संगीत] कुछ ही सेकंड में कॉल कट गई। मंगलवार को 9:00 बजे सा [रोने की आवाज़] शाम को 9:00 बजे बात हुआ था। क्या कह रहे थे? हालचाल पूछे समाचार तब्यत सब कुछ ठीक था उसके बाद से कहे अभी ठीक है अभी हम बाबू को सुला दिया अभी हम फिर फ़ कर रहे हैं

उसे इतनी बत हम से हाल है चलो कुछ और नहीं भए का पूछ कुछ नहीं बहुत रानी हो दादा कुछ नहीं बहुत पहले 8 दिन पहले पूछ दुबई पहुंचतानी हम कहत दुबई से एक महीना लगी सिंपुर आई तब देखो अभी अठवा नौवा महीना में भेज सब दादा हमरे राजा को चाहिए हम कहीं से खोज के दी लोग आप लोग हम राजा के चाऊ के भेज दिए लोग [हंसी] अरे बाप बाप सुशीला को क्या पता था कि यह बातचीत उसकी जिंदगी की आखिरी बातचीत होगी। अब वही कुछ शब्द उसके लिए कीमती [संगीत] यादें बन गए हैं। घर के एक कोने में बैठी मां कलावती देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। जिस बेटे को उन्होंने अपनी गोद में खिलाया [संगीत] था, उसे अंतिम बार देखने की उम्मीद भी अब धुंधली पड़ती दिख रही है। कभी वह बेटे की तस्वीर को सीने [संगीत] से लगाकर बिलखती हैं, तो कभी दरवाजे की ओर टकटकी लगाती [संगीत] हैं। अभी उनका बेटा मुस्कुराते हुए घर में आ जाएगा। [संगीत] इस उम्मीद के साथ मां की आंखों में सिर्फ एक सवाल है कि मेरा [संगीत] बेटा इतनी दूर क्यों चला गया? [

संगीत] माताजी कब हमसे बात कब तक नहीं मोबाइल नहीं लेकिन [संगीत] हमसे एक [संगीत] हम का कोई का सुनी हम तीन [संगीत] बाबू बना लो और बम के घरवा के मना नहीं के पिछवा सबके उलत रो [हंसी] पिता रामजी चौरसिया [संगीत] जो खुद को संभालने की कोशिश करते हैं। लेकिन बेटे का जिक्र आते ही उनकी आवाज भर आती है। उनका गला रुंध जाता है। आंसुओं को गमछे से पोछते हुए वो कहते हैं कि वह रोज फोन करता था। 8 जून [संगीत] को करीब 20 मिनट तक उससे बात हुई थी। कह रहा था कि जहाज ओमान के तट के पास खड़ा है और जल्दी वो घर आ [संगीत] जाएगा। हम सब उसके आने का इंतजार कर रहे थे।

किसे पता था कि यह इंतजार अब कभी खत्म नहीं होगा। हमारे का लाश चले घर गरीब परिवार खर्चा [नाक से की जाने वाली आवाज़] और आगे का कारोबार चल बात हमसे 9 तारीख के कि बाऊजी ठीकठाक दवाई खात हमे बाद का फ़ काट के से फ़ नहीं दो [संगीत] कब से अरे उनके तो घर से दो साल खाली लखनऊ ना पढ़त खाली पुणे [संगीत] जात नावा कितना [संगीत] दिन से नौकरी छ महीना छ कर्जा पराई देकर लेके भराई खेत बेच दो चार का [संगीत] हो उनका दो जन एक लड़की एक लड़का हां बू पढ़ ना छका [संगीत] तेरा 13 14 महीना के बट सरकार से प्रार्थना में कम से कम एक करोड़ मिल धर्म का स्कूल चली एक परिवार की नौकरी मिल एक परिवार की नौकरी मिल जा पतोही की मिल जाओ चाहे की मिल जा देवरिया के सुरौली गांव [संगीत] में सन्नाटा पसरा है।

जिस घर में कुछ दिनों पहले बेटे के लौटने की उम्मीद थी वहां मातम है। होरमूद स्टेट [संगीत] के पास जहाज पर हुए हमले में 38 साल के शिवंद चौरसिया की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। 5 साल का बेटा राजवीर [संगीत] अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है कि उसके पिता वापस नहीं आएंगे। [संगीत] 2 साल की मासूम बेटी वानिका बार-बार रोती है और पापा के लिए पूछती है। घर के [संगीत] बड़े उसकी बात सुनकर खुद ही फकफक पड़ते हैं। जिन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिव आनंद हजारों किलोमीटर दूर समंदर में कठिन परिस्थितियों [संगीत] में काम कर रहे थे। आज वही बच्चे पिता के साए से वंचित हो गए हैं। परिजनों के मुताबिक शिवंद परिवार की खुशियों के लिए ही विदेश गए थे। उनकी [संगीत] कमाई से ही घर का खर्च चलता था

और बच्चों के सपने को पंख मिलने वाले थे। परिवार उनके लौटने की तैयारी कर रहा था। मां बेटे की [संगीत] पसंद का खाना बनाने की बात कर रही थी। पत्नी उसके आने के बाद कई सारी प्लानिंग कर रही थी। [संगीत] बच्चे पिता के साथ खेलने के सपने देख रहे थे। लेकिन यह सारा कुछ चखनाचूर [संगीत] हो गया। गांव में हर आंख नम है। लोगों का कहना है कि शिव आनंद बहुत मेहनती थे। आज उनका घर सिर्फ एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे [संगीत] गांव के दर्द का केंद्र बन गया है। एक मां ने अपना बेटा खो [संगीत] दिया। एक पत्नी ने अपना जीवन साथी और दो मासूम बच्चों ने अपने पिता को खो दिया। एक बूढ़े [संगीत] पिता का दर्द भला क्या ही कोई समझेगा। शिवंद की यादें अब उनके परिवार के पास हैं और उन यादों में हमेशा गूंजते रहेंगे वो आखिरी शब्द [संगीत] कैसी हो तुम घर में सब ठीक है बच्चे सो गए क्या वीडियो [संगीत] डेस्क अमर उजाला.com [संगीत] अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक

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