और राजेश खन्ना को एक जमाने में चुनौती देने वाले विजय अरोड़ा का किस्सा है। वो विजय अरोड़ा जिन्हें शायद आप नाम से ना जानते हो। लेकिन अगर रामायण में जो रामानंद सागर ने बाद के दिनों में बनाई रामायण में अगर मेघनाथ का चेहरा आपको याद हो तो आप विजय अरोड़ा से खुद को जोड़ पाएंगे।
जी विजय अरोड़ा जिन्होंने बाद के दिनों में मेघनाथ का किरदार निभाकर घर-घर तक अपनी पहुंच बनाई। लेकिन एक दौर था जब राजेश खन्ना भी उनसे रश खाने लगे थे, जलने लगे थे।
डरने लगे थे और यूं लगने लगा था कि राजेश खन्ना को शायद विजय अरोड़ा वह चुनौती दे सकते हैं जो चुनौती उन्हें कोई नहीं दे सकता। 70 के दशक के हीरो रहे विजय अरोड़ा ने अपने काम, लुक और टैलेंट से काफी नाम कमाया। फागगुन इंसाफ 36 घंटे कादंबरी नाटक रोटी सरगम बड़े दिलवाला जीना तेरे नाम इंडियन बाबू जैसी तमाम फिल्मों से अपने अभिनय की छाप छोड़ी थी और करीब 110 से ज्यादा फिल्मों के साथ उन्होंने कई टीवी सीरियल्स और रामानंद सागर की रामायण में मेघनाथ बनकर तो उन्होंने घर-घर अपनी पहचान बनाई। एक दौर था जब विजय अरोड़ा ने राजेश खन्ना की हालत खराब कर दी थी।
काका इतने डर गए थे कि उन्होंने विजय को उत्तराधिकारी तक बता दिया था एक इंटरव्यू में कि अगर मुझे कोई रिप्लेस कर सकता है या मेरे बाद कोई सुपरस्टारम को छू सकता है तो वह विजय अरोड़ा है। खुद राजेश खन्ना ने स्वीकार किया था कि उनके स्टारडम को कोई चुनौती दे सकता है तो वह विजय अरोड़ा ही हैं। विजय अरोड़ा की शुरुआती फिल्में भले ही नहीं चली लेकिन उनके गुड लुक्स की काफी तारीफ होती थी। एक दौर में इतने मशहूर हो गए थे कि राजेश खन्ना भी उनसे खौफ खाने लगे थे।
यादों की बारात फिल्म आपको याद होगी और जीनत अमान के साथ उनके गाने और वो फिल्म फिल्म तो खैर सुपरडुपर हिट थी ही और यह वो फिल्म थी जिसने राजेश खन्ना के सामने विजय अरोड़ा नाम की एक चुनौती खड़ी की और काका जो उस दौर में सुपरस्टार थे उन्हें लगने लगा था कि कहीं विजय अरोड़ा उनकी जगह ना ले ले और यही वजह थी कि काका ने विजय को अपना उत्तराधिकारी तक बता दिया और कहते हैं ना कि किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ मिलता नहीं है और ऐसा ही कुछ विजय के साथ भी हुआ। कई बड़े निर्माता निर्देशकों के साथ काम किया।
कई नामी एक्ट्रेसेस मसलन जीनत अमान, जया भादुड़ी, शबाना आजमी, आशा पारिक, वही रहमान के साथ स्क्रीन शेयर के बाद भी उनके फिल्मी करियर को वो मुकाम नहीं मिल पाया जिसके वो हकदार थे। और कई फिल्मों में काम करने के बाद 1987 में रामानंद सागर की नजर विजय अरोड़ा पर पड़ी। उन्होंने विजय को अपने टीवी शो रामायण में मेघनाथ का रोल ऑफर किया। जो मुकाम 110 फिल्में करने के बाद हासिल नहीं हुआ वो मुकाम मेघनाथ के रोल से विजय अरोड़ा को मिल गया। उन्हें आज भी सिर्फ और सिर्फ मेघनाथ के रोल के लिए याद किया जाता है।
विजय अरोड़ा ने मॉडल नहीं दिलबर से प्यार हुआ। उन्होंने कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। मिस इंडिया का खिताब भी अपने नाम उनकी दोनों की जो बेटी हैं वो उन्होंने किया जिनका नाम फरहाद है। फराहाद फिल्म प्रोड्यूसर और म्यूजिक वीडियो डायरेक्टर भी हैं। और दिलबर से उन्हें इश्क हुआ था जो मिस इंडिया का खिताब जिन्होंने अपने नाम किया था। कहानी उस कलाकार की है जिसने राजेश खन्ना को चुनौती दी। अब आप सोच रहे होंगे कि राजेश खन्ना को विजय अरोड़ा चुनौती कैसे दे सकते हैं।
आप याद करिए यादों की बारात और यादों की बारात में ज़ीनत अमान के साथ उनका वह गाना जिस गाने के बाद लगने लगा था कि अब फिल्म इंडस्ट्री में कोई है जो राजेश खन्ना को चुनौती दे सकता है। फिल्म सुपरडुपर हिट रही थी और इस फिल्म के साथ ही राजेश खन्ना के सामने विजय अरोड़ा एक चुनौती बनकर आ गए थे। हालांकि ढेरों फिल्में की विजय अरोड़ा ने। रोटी अगर आपको याद हो जिसमें उनका एक किरदार था। हालांकि रोटी के हीरो राजेश खन्ना थे।
लेकिन फिर भी जो उन्होंने अंधे मां-बाप के बेटे का जो किरदार निभाया था उस किरदार में भी उन्होंने अपनी एक जगह बनाई और इसके अलावा कई फिल्में वो करते रहे। लेकिन अगर विजय अरोड़ा को किसी फिल्म के लिए याद किया जाता है तो वह फिल्म यादों की बारात है और उसके बाद मेघनाथ।
लेकिन जिन विजय अरोड़ा को राजेश खन्ना अपना उत्तराधिकारी बताने लगे थे या यूं कहिए कि उन्हें लगने लगा था कि सिंहासन डगमगा सकता है।
क्या आपको भी लगता है कि विजय अरोड़ा उस मुकाम को छू सकते थे अगर उन्हें उन्हीं डायरेक्टर्स का निर्देशकों का अह सहारा मिला होता जिनका सहारा राजेश खन्ना को मिला।