Cli

डिंपल ने बताया क्यों बिना तलाक छोड़ना पड़ा राजेश खन्ना का घर? जानकर चौंक जाएंगे

Uncategorized

दोस्तों, यह राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की कहानी है। जो पहले हमने आपको सुनाया, यह उसका अगला भाग है। शादी के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि डिंपल कपाड़िया ने राजेश खन्ना का घर छोड़ दिया। कहते हैं शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं होती। बल्कि दो अलग-अलग सोच, दो अलग-अलग संस्कार और दो अलग-अलग सपनों का संगम होती है।

लेकिन जब इन दोनों ने एक तरीके से शादी की और दोनों में से एक इंसान पूरे देश का सबसे बड़ा सुपरस्टार हो और दूसरा अपनी जिंदगी की शुरुआत ही कर रहा हो तब रिश्ते सामान्य नहीं रहते। राजेश खन्ना और डिंपल कपाडिया की शादी भी कुछ ऐसी ही थी।

मार्च 1973 में जब राजेश खन्ना और डिंपल कपाडिया की शादी हुई तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह रिश्ता एक दिन बॉलीवुड की सबसे चर्चित अधूरी कहानियों में गिना जाएगा। अब भला राजेश खन्ना के अलावा भी क्या कोई किसी को चाह सकता है? राजेश खन्ना के अलावा भी क्या किसी की कोई ख्वाहिश हो सकती है? यह वह दौर था जब राजेश खन्ना के अलावा कोई कुछ सोच ही नहीं रहा था। डिंपल ने भी नहीं सोचा। शादी के बाद डिंपल ने अपना लगभग पूरा ध्यान परिवार पर लगा दिया और उसी साल बॉबी रिलीज हुई और ऐसी रिलीज हुई कि फिल्म ने इतिहास रच दिया।

देश भर में लोग डिंपल कपाड़िया के दीवाने हो गए। फिल्म समीक्षक कहने लगे कि हिंदी सिनेमा को एक नई सुपरस्टार एक्ट्रेस मिल गई है। लेकिन जिस समय फिल्म इंडस्ट्री पूरी फिल्म इंडस्ट्री डिंपल को अपनी फिल्मों में लेना चाहती थी, उसी समय वो फिल्मों से लगभग दूर हो गई। और बाद में दिए इंटरव्यू में डिंपल ने स्वीकार किया कि शादी के बाद उनका पूरा जीवन बदल गया था।

अब वह सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं थी। अब वह देश के सबसे बड़े सुपरस्टार के घर की बहू थी। राजेश खन्ना की पत्नी थी। सुपरस्टार राजेश खन्ना की पत्नी और उन पर परिवार की जिम्मेदारियां थी। समाज की अपेक्षाएं थी और सबसे बड़ी बात वो बहुत कम उम्र में अचानक एक बिल्कुल अलग दुनिया में पहुंच गई थी।

और इसी बीच उनके घर दो बेटियों का जन्म हुआ। पहले ट्विंकल और बाद में रिंकी परिवार पूरा हो चुका था। लेकिन बाहर से जितनी खुशहाल यह तस्वीर दिखाई देती है, अंदर की कहानी उतनी आसान नहीं थी। इसी दौर में हिंदी सिनेमा भी बदल रहा था। 70 का दशक खत्म होने की ओर था। रोमांटिक फिल्मों की जगह अब एक नई तरह का सिनेमा आ रहा था। और इसी दौरान एक नया सितारा तेजी से उभरा।

अमिताभ बच्चन, जंजीर, दीवार, शोले, त्रिशूल, डॉन इन फिल्मों ने दर्शकों की पसंद बदल कर रख दी। राजेश खन्ना अभी भी बड़े स्टार थे, लेकिन अब वह अकेले नंबर वन नहीं थे। यही बदलाव उनके करियर पर भी असर डाल रहा था। कई फिल्म पत्रकारों और उनके साथ काम करने वाले लोगों ने बाद के दिनों में कहा कि यह दौर राजेश खन्ना के लिए मानसिक रूप से बहुत कठिन था। वह अपने काम को लेकर पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गए थे। उन्हें अपने स्टारडम की चिंता सताने लगी थी।

यह कहना सही नहीं होगा कि उनका करियर अचानक खत्म हो गया था। ऐसा बिल्कुल नहीं था। उन्होंने इस दौर में कई सफल फिल्में दी। लेकिन यह वो दौर जरूर था कि अब उस दौर वाली बात नहीं थी। लेकिन 1969 से 1972 वाला जादू अब धीरे-धीरे कम होने लगा था। घर में भी बदलाव आने लगे। डिंपल अब पहले जैसी टीनएजर लड़की नहीं रही। वह पढ़ रही थी। दुनिया को समझ रही थी और उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी भी अपनी पहचान होनी चाहिए।

और यही ख्याल यहीं से दोनों की सोच बदलने लगी। अलग होने लगी। एक तरफ राजेश खन्ना चाहते थे कि परिवार सबसे पहले रहे। दूसरी तरफ डिंपल अपने अभिनय को दोबारा जीना चाहती थी और यहीं से मतभेद शुरू हुए। आज तक ना तो डिंपल ने विस्तार से अपने वैवाहिक जीवन की निजी बातें सार्वजनिक की और ना ही राजेश खन्ना ने। इसलिए यह कहना कि किसी एक घटना या किसी एक बात से किसी एक व्यक्ति की वजह से रिश्ता टूटा। यह इस पूरे इतिहास के साथ न्याय ना करने वाली बात होगी। रिश्ते अक्सर कई कारणों से बदलते हैं और इसमें भी यही हुआ।

कम उम्र में शादी, दो अलग व्यक्तित्व, करियर का दबाव, स्टारडम, पारिवारिक अपेक्षाएं और इन सब ने मिलकर धीरे-धीरे दूरी बढ़ाई। और फिर आया साल 1982 का दौर। यही वह साल था जब डिंपल कपाडिया ने दोनों बेटियों ट्विंकल खन्ना और रिंकी को साथ लिया और राजेश खन्ना का घर छोड़ दिया। यह फैसला आसान नहीं था। वह लगभग 9 साल तक शादी को निभा चुकी थी। लेकिन अब उन्हें लगा कि अपनी पहचान वापस बनाना जरूरी है। और ध्यान देने वाली बात यह भी है कि दोनों अलग जरूर हुए लेकिन कानूनी तौर पर दोनों ने कभी तलाक नहीं लिया। यह एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है क्योंकि आज भी कई जगह गलत जानकारी मिलती है कि उनका तलाक हो गया था। ऐसा कभी नहीं हुआ। वह जीवन भर कानूनी रूप से पतिपत्नी रहे।

अलग होने के बाद डिंपल ने अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया। लेकिन क्या फिल्म इंडस्ट्री उन्हें वापस स्वीकार करेगी? यह सबसे बड़ा सवाल था। करीब 10 साल तक फिल्मों से दूर रहने वाली एक्ट्रेस सिर्फ एक फिल्म करके जो 10 साल के लिए गायब हो गई। क्या दोबारा स्टार बन सकती थी? 1985 में इसका जवाब मिला। फिल्म थी सागर, ऋषि कपूर, कमल हसन और डिंपल कपाड़िया। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह डिंपल की दूसरी पारी की घोषणा थी।

उनके अभिनय की इतनी तारीफ हुई कि लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि डिंपल पहले से भी ज्यादा परिपक्व अभिनेत्री बनकर लौटी हैं। इसके बाद काश राम लखन लेकिन रोदाली जिसके लिए उन्हें नेशनल अवार्ड मिला क्रांतिवीर और फिर नई पीढ़ी में दिल चाहता है फाइंडिंग फेनी ट्रेनेट और पठान तक। डिंपल ने साबित कर दिया कि उनकी प्रतिभा कभी पुरानी नहीं थी। और उधर राजेश खन्ना लगातार काम करते रहे। लेकिन अब हिंदी सिनेमा बदल चुका था। उनकी लोकप्रियता बनी रही मगर वह दौर कभी वापस नहीं आया जब उनकी हर फिल्म रिकॉर्ड तोड़ देती थी।

इसी दौरान दोनों एक फिल्म में साथ आए। फिल्म का नाम था जय शिव शंकर। यह पहली और लगभग एकमात्र फिल्म थी जिसमें दोनों पतिप के रूप में पर्दे पर साथ में दिखाई देने वाले थे।

लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक घटना हुई जिसे डिंपल ने वर्षों बाद याद किया और उन्होंने बताया कि एक दिन राजेश खन्ना की तबीयत ठीक नहीं थी। उन्हें होटल की बालकनी से नीचे खड़ी प्रेस का अभिवादन करना था। प्रेस को संबोधित करना था। डिंपल ने उन्हें अपना शॉल दिया। धूप का चश्मा दिया और मुस्कुराते हुए कहा कि काका जी सीधे मत देखिए आपकी साइड प्रोफाइल ज्यादा अच्छी लगती है। यह एक पत्नी की सहज सलाह थी लेकिन शायद उस दिन राजेश खन्ना अलग मूड में थे और उन्होंने तुरंत कहा अब तुम मुझे सिखाओगी। डिंपल ने बाद में बताया कि वह इतनी घबरा गई कि तुरंत हाथ जोड़कर उन्होंने माफी मांग ली। यह घटना उनके रिश्ते का पूरा सच नहीं बताती। लेकिन शायद यह दिखाती है कि उस समय दोनों के बीच भावनात्मक दूरी कितनी बढ़ चुकी थी। फिर भी दिलचस्प बात यह रही कि अलग होने के बाद भी डिंपल ने कभी सार्वजनिक मंच से राजेश खन्ना का अपमान नहीं किया। और राजेश खन्ना ने कभी अपनी बेटियों और डिंपल के प्रति कटु सार्वजनिक बयान नहीं दिए। शायद रिश्ता पति-पत्नी का नहीं बचा था.

लेकिन सम्मान का रिश्ता आखिरी समय तक जिंदा रहा। लेकिन दोस्तों इस कहानी का सबसे भावुक चैप्टर अभी बाकी है। समय का पहिया घूमेगा, सुपरस्टार बूढ़ा होगा, बीमारी आएगी और फिर करीब 30 साल पहले अलग हो चुकी डिंपल कपाड़िया।

एक बार फिर उसी इंसान के सिरहाने खड़ी दिखाई देंगी। जिससे उन्होंने कभी जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था। क्या यह प्यार था, कर्तव्य था या रिश्तों की वह गहराई जिसे शब्दों में नहीं समझाया जा सकता। ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *