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क्या अजीत डोवाल ने योगी आदित्यनाथ को हम!ला!वरों से बचाया?

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दोवल ने अपनी पोजीशन से देखा कि एक सस्िशियस शैडो गोदाउन की छत पर हिल रहा था। वो शूटर था। राइफल को एडजस्ट कर रहा था। प्लानिंग के हिसाब से दोवल ने तुरंत मूव किया। उन्होंने टीम को सिग्नल दिया और खुद धीरे-धीरे गोदाउन की तरफ बढ़े। ग्राउंड पर लोग इतने थे कि कोई नोटिस नहीं किया। दोवल के पास छोटा साइलेंस्ड पिस्टल था और एक नाइफ। उन्होंने गोदाउन के पीछे से एंट्री ली जो उन्होंने पहले ही चेक कर ली थी। स्टेरर्स चढ़कर छत पर पहुंचे बिना किसी आवाज के। शूटर पीठ पर था। एम लगा रहा था स्टेज की तरफ। दोपहर की धूप अभी भी चंदन नगर की गलियों से दूर नहीं हटी थी जब नया खतरा बंगाल के दूसरे हिस्से में खड़ा हो गया। योगी आदित्यनाथ अपने स्पेशल बंगाल कैंपेन के लिए मालदा डिस्ट्रिक्ट पहुंच चुके थे। वह वहां एक बड़े पब्लिक मीटिंग करने वाले थे। जहां हजारों लोग इकट्ठा होने वाले थे। कैंपेन का फोकस था बंगाल के यूथ को रोजगार देने वाली नई स्कीम्स और स्ट्रांग लॉ एंड ऑर्डर की बात। योगी जी अपने सिग्नेचर ऑरेंज रोब में स्टेज पर खड़े थे। माइक हाथ में लिए जोर-जोर से बोल रहे थे। बंगाल को बदलना है तो पहले उसके अंदरूनी शत्रुओं को खत्म करना पड़ेगा। क्राउड ने तालियां बजाई और योगी योगी के नारे लगाए। कोई नहीं जान रहा था कि इस बार भी ऑपरेशन मुरी का एक्सटेंशन चल रहा था। लेकिन इस बार टारगेट योगी जी थे और किलर्स क्रॉस बॉर्डर बांग्लादेश से आए हुए प्रोफेशनल शूटर्स थे।

दिल्ली इन माउंट ब्लॉक के ऑफिस में अजीत दोबल ने फोन उठाया था जब यह न्यूज़ आई। उनके टेबल पर अभी भी बापीदा वाला झलमरी मसाला का पैकेट पड़ा था। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में साफ लिखा था बांग्लादेश के बॉर्डर से तीन ट्रेंड शूटर्स को भेजा गया है। उनका नाम था करीम के नेटवर्क का हिस्सा जो पहले वाले प्लॉट में पकड़ा गया था। अब यह लोग योगी जी के मालदा रैली को टारगेट करने के लिए रेडी थे। उनके पास हाई रेंज स्नाइपर राइफल्स थे जो बॉर्डर के उस तरफ से स्मगल किए गए थे और प्लान था कि मीटिंग के बीच में स्टेज को हिट कर देना। दोवल ने रिपोर्ट पढ़ते ही चेयर से उठकर खिड़की के पास खड़े हो गए। उनकी आंखें टाइट हो गई। यह लोग नहीं रुक रहे। उन्होंने धीरे से बोला, पहले मोदी साहब, अब योगी बंगाल इलेक्शंस को हमेशा गर्म रखना चाहते हैं। उसी रात दोवल ने प्लानिंग शुरू की। पहले उन्होंने पूरी इंटेलिजेंस टीम को बुला लिया। यह शूटर्स क्रॉस बॉर्डर से हैं। ट्रेंड और डेस्परेट। उनको लगता है कि योगी जी को हिट करने से पूरा कैंपेन डिस्टर्ब हो जाएगा और बंगाल में केओस फेल जाएगा। दोवल ने कामली बताया। उन्होंने मैप खोला और मालदा रैली ग्राउंड को मार्क किया। रैली ग्राउंड एक खुले मैदान में था। आसपास कुछ पुराने गोडाउंस और एक छोटी नुल्ला जो बॉर्डर की तरफ जाती थी। दोवल ने हर पॉइंट को डिटेल में समझाया। नॉर्थ साइड गोडाउन से स्नाइपर अटैक हो सकता है क्योंकि वहां से स्टेज परफेक्ट एम में है। नुल्ला के पास से दो शूटर्स एंटर कर सकते हैं क्योंकि बॉर्डर सिर्फ 18 कि.मी. दूर है और रात के अंधेरे में कवर मिल जाता है। हम उनको वहीं पर पकड़ेंगे। प्लानिंग में दोवल ने डिसाइड किया कि इस बार कोई कमान वान नहीं। कोई रिमोट कंट्रोल नहीं। वो खुद ग्राउंड पर जाने वाले थे। टीम को बोलो सिर्फ चार लोग सब एक्सपीरियंस्ड बंगाल के लोकल ड्रेस में। मैं खुद लीड करूंगा। उन्होंने अपने क्लोजेस्ट ऑफिसर को आर्डर दिया। उन्होंने टीम को रोल्स असाइन किए। एक लड़का चाय का थैला लगाकर बैठा रहेगा

ताकि क्राउड में मिक्स हो सके और मूवमेंट ट्रैक कर सके। दूसरा साइकिल रिपेयर का नाटक करेगा नुल्ला के किनारे ताकि शूटर्स के एंट्री पॉइंट पर नजर रखे। तीसरा लोकल फार्मर बनके गोडाउन के पास बैठा रहेगा। दोवल खुद क्राउड के एक कॉर्नर में नॉर्मल आदमी बनकर खड़े रहेंगे। हाथ में छोटा बनोकुलर्स लिए हुए जो नॉर्मल फोन जैसे दिखता था हम उनको अलर्ट नहीं करेंगे। पहले गोडाउन वाले शूटर को साइलेंटली पकड़ेंगे फिर नल्ला वाले दोनों को। टाइमिंग रैली के बीच में होगा जब क्राउड का नॉइज़ मैक्सिमम होगा ताकि कोई आवाज ना सुनाई दे। उन्होंने बैकअप प्लान भी बनाया। अगर शूटर्स रेजिस्ट करें तो नॉन लीथल डार्ट्स और छोटे साइलेंस्ड पिस्टल्स यूज़ करने थे। बॉर्डर सिक्योरिटी को क्वाइटली अलर्ट कर दिया गया था। लेकिन उनको पूरा प्लान नहीं बताया ताकि लीक ना हो। डोवाल ने खुद सेटेलाइट इमेजेस चेक किए और लास्ट 48 आवर्स के ड्रोन फीट्स देखकर कंफर्म किया कि शूटर्स अभी नुल्ला के पास ही छुपे हुए हैं। यह लोग दो हफ्ते से प्लान कर रहे थे। दो ने टीम को बताया करीम के नेटवर्क से लिंक है जो पहले पकड़ा गया था। उनका एग्जैक्ट हिट टाइम रैली शुरू होने के 45 मिनट बाद है जब योगी जी स्टेज पर फुल होंगे। प्लानिंग कंप्लीट होने के बाद दोवल ने अपना बैग पैक किया और सुबह के 5:00 बजे प्राइवेट फ्लाइट से कोलकाता लैंड किए। वहां से उन्होंने एक नॉर्मल एसयूवी ली और सीधा मालदा की तरफ निकल पड़े। रास्ते में टीम के साथ फाइनल ब्रीफिंग हुई। यह शूटर्स प्रोफेशनल है। लेकिन उनकी एक वीकनेस है। वह सोचते हैं कि हम उनको एक्सपेक्ट नहीं कर रहे। इसलिए हम उनके प्लान को उनके अगेंस्ट यूज करेंगे। गोदाउन वाले को पहले न्यूट्रलाइज करेंगे क्योंकि वह हाई पोजीशन पर है। नुल्ला वाले को पानी के किनारे पकड़ेंगे जहां उनका एस्केप रूट लिमिटेड है। मालदा पहुंचते ही दोवल ने रैली ग्राउंड के आसपास के हर छोटे से छोटे पॉइंट को पर्सनली चेक किया। उन्होंने खुद नुल्ला के पास खड़े होकर देखा और टीम को पोजीशंस दिखाई। यहीं से आ सकते हैं। टीम टू, यहां साइकिल रिपेयर का ठेला लगा दो। मैं गोदाउन साइड से एंट्री लूंगा। रैली शुरू होने वाली सभी का हार्दिक स्वागत। योगी जी स्टेज पर थे। लोगों से बात कर रहे थे। क्राउड में एक्साइटमेंट था। दोवल और उनकी चार मेंबर टीम ग्राउंड पर मिक्स हो गए थे। दोवल ने अपने इयर पीस में बोला टीम पोजीशंस कंफर्म। शूटर वन को नॉर्थ साइड गोदाउन में स्पॉट किया है। बाकी दो अभी नल्ला के पास होंगे।

अभी कोई मूव मत करो। सिर्फ वॉच करो। टेंशन बढ़ रही थी। योगी जी अभी भी बोल रहे थे। उनकी आवाज ल्यूक स्पीकर्स पर गूंज रही थी। बंगाल के लोग जानते हैं कि हम क्या कर सकते हैं। अब टाइम है एक्शन लेने का। दोवल ने अपनी पोजीशन से देखा कि एक सस्िशियस शैडो गोदाउन की छत पर हिल रहा था। वो शूटर था। राइफल को एडजस्ट कर रहा था। प्लानिंग के हिसाब से दोवल ने तुरंत मूव किया। उन्होंने टीम को सिग्नल दिया और खुद धीरे-धीरे गोदाउन की तरफ बढ़े। ग्राउंड पर लोग इतने थे कि कोई नोटिस नहीं किया। दोवल के पास छोटा साइलेंस्ड पिस्तल था और एक नाइफ। उन्होंने गोदाउन के पीछे से एंट्री ली जो उन्होंने पहले ही चेक कर ली थी। स्टेरर्स चढ़कर छत पर पहुंचे बिना किसी आवाज के। शूटर पीठ पर था। एम लगा रहा था स्टेज की तरफ। दोवल ने एक सेकंड में उसके पीछे पहुंचकर उसकी गर्दन पर नाइफ रख दिया। हिल मत वरना सीधा बॉर्डर पर भेज दूंगा। दोवल ने बंगाली एक्शन में धीरे से बोला। शूटर शॉक से फ्रीज हो गया। उसने ट्राई किया रेजिस्ट करने का। लेकिन दोवल ने उसकी राइफल छीन ली और उसको ग्राउंड पर गिरा दिया। टीम वन फर्स्ट टारगेट डाउन। दोवल ने इयर पीस में कहा पूरा सीन सिर्फ 40 सेकंड्स में खत्म हुआ क्योंकि प्लानिंग में हर स्टेप ऑलरेडी डिसाइड था। लेकिन अभी बाकी दो शूटर्स थे। दोवल ने नल्ला की तरफ सिग्नल किया। उन्होंने खुद वहां की तरफ दौड़ लगाई जो प्लानिंग का दूसरा पार्ट था। नल्ला के किनारे घास में छुपे हुए दो लोग थे। दोनों बांग्लादेश से आए हुए। उनके चेहरे पर टेंशन और हटे दिखता था। उनमें से एक ने फोन पर बात की। अभी हिट करो। योगी स्टेज पर है। दोवल ने उनको पर्सनली कंफ्रंट किया। उनकी टीम के दो लड़के साथ थे। एक शूटर ने राइफल उठाया। लेकिन दोवल ने उसके हाथ पर किक मारी और राइफल गिरवा दी। दूसरा शूटर भागने लगा। लेकिन दोवल ने खुद उसके पीछे दौड़ा। नल्ला के पानी में टक्कर हुई। दोवल ने उसको पकड़ लिया और उसके मुंह पर हाथ रखकर बोला,

“तुम लोग सोचते थे कि क्रॉस बॉर्डर आकर यहां खेल खत्म कर दोगे। गलत सोचा। शूटर ने ट्राई किया छुरी निकालने का। लेकिन दोवल ने उसकी कलाई पकड़ ली और ट्विस्ट कर दी। तीसरा शूटर भी टीम ने पकड़ लिया क्योंकि प्लानिंग में उनका एस्केप रूट ऑलरेडी ब्लॉक कर दिया गया था। पूरा ऑपरेशन ग्राउंड पर ही हुआ था। दोवल खुद हर मूव लीड कर रहे थे। कोई ड्रोन नहीं, कोई रिमोट कमांड नहीं। सिर्फ उनकी शार्प नजर और क्विक डिसीजंस जो प्लानिंग के हिसाब से एग्जीक्यूट हुए। रैली अभी भी चल रही थी। योगी जी ने कुछ नोटिस नहीं किया। वह अभी भी लोगों से बोल रहे थे और क्राउड उनके साथ तालियां बजा रहा था। दोवल ने अरेस्टेड शूटर्स को एक छोटे वन में बांधकर सेफ हाउस भेज दिया। उन्होंने खुद रैली ग्राउंड के पास ही रुक कर देखा कि सब नॉर्मल है। फिर उन्होंने अपने सीनियर ऑफिसर को कॉल किया। साहब प्रॉब्लम हैंडल हो गया। योगी जी सेफ हैं। यह लोग बांग्लादेश के ट्रेंड शूटर्स थे। करीम के पुराने नेटवर्क से। अब इनको इंटेरोगेट करेंगे तो और लिंक्स मिलेंगे।

शाम होने तक दोवल वहां से मूव कर चुके थे। उन्होंने पर्सनली बॉर्डर एरिया चेक किया और एक छोटे विलेज में पहुंचकर लोकल इनफेंट से बात की। यह लोग कब से प्लान कर रहे थे? दोवल ने पूछा। इनफॉर्फ ने बताया कि शूटर्स को दो हफ्ते पहले बॉर्डर क्रॉस कराया गया था और उनको मालदा के रैली का एग्जैक्ट टाइम दिया गया था। दोबवल ने नोट किया और वापस कोलकाता की तरफ निकल पड़े। रास्ते में उनकी टीम के साथ बात हुई। पहले मोदी साहब के टाइम पर हमने स्टॉल पर रोक लिया था। इस बार ग्राउंड पर खुद आना पड़ा क्योंकि यह शूटर्स सीरियस थे। दोवल ने कामली कहा। उनकी आंखें ठकी हुई नहीं थी बल्कि और शार्प लग रही थी। अगली सुबह योगी जी ने अपना कैंपेन आगे बढ़ाया। उन्होंने एक और मीटिंग की और लोगों से कहा, बंगाल अब बदल रहा है। कोई रोक नहीं सकता। किसी को पता नहीं था कि कल रात कितना क्लोज था। दोवल अभी भी बंगाल में ही थे ग्राउंड पर। उन्होंने एक छोटे गेस्ट हाउस में बैठकर नई रिपोर्ट्स चेक की। बांग्लादेश से और एक हैंडलर का नाम निकला था। दोवल ने खुद उसको ट्रैक करने का प्लान बनाया। अब यह गेम पूरा खत्म करना है। उन्होंने बोला उनकी टीम रेडी थी। दोवल ने फिर से सिंपल ड्रेस पहनी और फील्ड में निकल पड़े।

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