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क्यों बबिता ने बहन को दिया था मां ना बनने का श्राप? वजह जानकर होश उड़ जाएंगे।

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बहन के श्राप ने एक्ट्रेस से छीनी सबसे बड़ी खुशी। ता उम्र सूनी रही गोद मां बनने को तरसी। पति की के बाद नर्क बनी जिंदगी। भी नहीं मिटा पाई बहनों के बीच की दूरियां। एक्ट्रेस के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई रूढ़ी बहन।

किसी फिल्मी कहानी सा दिखता यह किस्सा बॉलीवुड की दो मशहूर एक्ट्रेसेस की जिंदगी का कड़वा सच है। इस किस्से का पहला किरदार हैं साधना शिवदासानी और दूसरा किरदार हैं बबीता शिवदासानी जिन्हें आज के दौर में हम सभी करिश्मा कपूर और करीना कपूर की मां बबीता कपूर के तौर पर जानते हैं।

आज बबीता कपूर लाइमलाइट से दूर बेहद प्राइवेट जिंदगी जी रही हैं। बेहद कम मौकों पर ही बबीता पब्लिकली स्पॉट होती हैं। लेकिन बबीता की जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है जो अक्सर चर्चाओं में छा जाता है। वो किस्सा उनकी बहन साधना शिवदासानी की जिंदगी से जुड़ा है। 60 और 70 के दशक में साधना अपनी खूबसूरती स्टाइल और दमदार अभिनय के दम पर इंडस्ट्री पर राज करती थी।

साधना के नाम पर उनका एक हेयर स्टाइल भी उस दौर में खूब चर्चा में रहा। वो अपने दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थी। लेकिन पर्दे की चमक दमक के पीछे उनकी निजी जिंदगी कई दर्द और अकेलेपन से भरी रही। बहुत कम लोग जानते हैं कि साधना और बबीता सगी चचेरी बहनें थी। दोनों के बीच खून का रिश्ता था लेकिन दूरियां ऐसी थी कि साधना की आखिरी सांस तक वह कम नहीं हो सकी।

कहा जाता है कि जब साधना ने लंबी बीमारी से जूझते हुए अकेलेपन में दम तोड़ा तब बबीता अपनी दिवंगत बहन के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ एक गलतफहमी के चलते बबीता ने साधना से सारे रिश्ते नाते तोड़ लिए थे। यही नहीं गुस्से में बबीता ने कुछ ऐसा कह दिया था जो आगे चलकर साधना की जिंदगी की कड़वी हकीकत बन गया था। और ता उम्र साधना ने उस दर्द के साथ तड़पते हुए जिंदगी बिताई। जानकारी के लिए बता दें कि साधना ने बबीता से पहले फिल्मों में कदम रखा था। फिल्म लव इन शिमला की शूटिंग के दौरान साधना की मुलाकात फिल्म डायरेक्टर आर के नयर से हुई थी। जिसके बाद दोनों ने साल 1966 में शादी कर ली थी।

शादी के बाद भी साधना ने फिल्मों में काम जारी रखा और एक के बाद एक हिट फिल्में देती रही। वहीं दूसरी तरफ बड़ी बहन साधना की देखादेखी बबीता ने भी हिंदी फिल्मों में कदम रखा और अपनी खूबसूरती के दम पर शोहरत हासिल की। लेकिन बबीता की जिंदगी में ट्विस्ट तब आया जब उनकी नजदीकियां राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर के साथ पड़ गई।

दोनों का प्यार तेजी से परवान चढ़ा और रणधीर ने बबीता से शादी की इच्छा जता दी। कहा जाता है कि राज कपूर एक एक्ट्रेस को अपने परिवार की बहू बनाने के लिए राजी नहीं थे। ऐसे में एक दिन उन्होंने साधना से बबीता को समझाने के लिए कहा। राज कपूर ने साफ तौर पर कह दिया था कि अगर बबीता रणधीर से शादी करना चाहती हैं तो शादी के बाद वह फिल्में नहीं कर पाएंगी।

जब यही बात साधना ने बबीता को समझा चाही तो दोनों बहनों के रिश्ते में खटास पड़ गई। उस दौर में छपी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि बबीता को लगा कि साधना ने उनके और रणधीर के खिलाफ राज कपूर को है क्योंकि असल में वो नहीं चाहती कि बबीता शादी के बाद काम करें। एक रिपोर्ट में तो यह भी कहा गया कि साधना ने बबीता को बच्चों की तरह समझाया लेकिन बबीता ने उल्टा साधना को डांट दिया और कहा कि बच्चे की तरह वो उन्हें समझाना बंद करें। कहीं ऐसा ना हो कि वो खुद कभी मां ना बन पाएं।

आगे चलकर गुस्से में कही बबीता की यही बात 100% सच साबित हुई। साधना को कभी कोई संतान नहीं हुई और वह ता उम्र बेऔलाद ही रही। वक्त का सितम यह कि पति आर के नयर की के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 20 साल अकेलेपन में गुजारे। कहा जाता है कि साधना ने बॉलीवुड इवेंट्स में जाना बिल्कुल छोड़ दिया था।

वहीं प्रॉपर्टी विवाद के चलते उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर भी काटने पड़े। इस मुश्किल भरे दौर में भी बबीता ने बहन साधना के साथ अपने रिश्ते नहीं सुधारे। साल 2013 में साधना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह बबीता के संपर्क में नहीं है और उन्हें एकनॉलेज तक नहीं करती। वहीं साल 2015 में साधना के निधन के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि बबीता उनके अंतिम संस्कार में भी मौजूद नहीं थी।

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