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मोदी के सामने फ्रांस की महिलाओं के नृत्य पर अचानक बवाल, देश हैरान !

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आपने फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इन तस्वीरों को देखा होगा। फ्रांस की कुछ महिला कलाकारों ने पीएम मोदी के सामने भारतीय क्लासिकल नृत्य किया। यह केवल एक डांस नहीं था बल्कि भारत की सांस्कृतिक ताकत और पहचान थी जिसे देखकर भारत के एक-एक व्यक्ति को खुश होना चाहिए था।

लेकिन इस नृत्य के बाद बवाल हो गया। यह खबर देखकर आपको बहुत गुस्सा आ सकता है। दरअसल भारत में बैठे कई तथाकथित बुद्धिजीवियों ने इस नृत्य को देखने के बाद पीएम मोदी और भारत की छवि को खराब करने की कोशिश शुरू कर दी।

इन मुट्ठी भर लोगों की टूलकिट एक्टिवेट हो गई। जिस चीज पर भारत के लोगों को गर्व होना चाहिए, उसी सांस्कृतिक पहचान पर भारत के कुछ चुनिंदा लोग शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। दरअसल पीएम मोदी के सामने जब फ्रांस के इन कलाकारों ने इंडियन क्लासिकल डांस किया तो कुछ वामपंथी विचारधारा के लोगों ने क्या कहा वो अब देखिए।

मोदी विरोध में एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और अब फ्रांस वही डांस परफॉर्मेंस। पीएम मोदी बिना डांस देखे नहीं जाते। इस छोटे से दिमाग वाली महिला ने इस नृत्य को मुजरा तक बोल दिया। दूसरी भारत विरोधी महिला ने लिखा कि अमेरिका भारतीय नाविकों को मार रहा है और यहां पर यह चल रहा है। वैसे जब ईरान ने मिडिल ईस्ट पर हमला किया था तो उस हमले में भी पांच भारतीय मारे गए थे। लेकिन शायद तब यह महिला खुशियां मना रही होगी क्योंकि ईरान के लिए तो चंदा जमा किया जा रहा था।

एक ने तो मोदी विरोध के चलते इस नृत्य को भारत के चुनावों से जोड़ दिया। बोल रहा है कि यह डांस पीएम मोदी का ओरा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इनके जैसे कई और लोग हैं जिनका कामकाज पीएम मोदी को गाली देकर चल रहा है। वैसे जब डॉनल्ड ट्रंप चीन पहुंचे थे तो चीन के बच्चों ने भी नाच गाने के साथ ट्रंप का स्वागत किया था। हर देश किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान में अपनी सांस्कृतिक पहचान दिखाता है।

पीएम मोदी जब स्लोवाकिया पहुंचे तो स्लोवाकिया के लोगों ने अपनी परंपरा के हिसाब से पीएम मोदी का स्वागत ब्रेड और नमक के साथ किया। ऐसा करते हुए स्लोवाकिया के लोगों को शर्मिंदगीगी महसूस नहीं हुई होगी। स्लोवाकिया के लोगों ने तो ऐसा नहीं कहा होगा कि पीएम मोदी का स्वागत सिर्फ ब्रेड और नमक से क्यों किया जा रहा है। यह स्लोवाकिया की परंपरा है और स्लोवाकिया के लोगों को इस पर गर्व है।

लेकिन आपको भारत में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो अपने देश को गाली देना फैशन समझते हैं। पता नहीं यह लोग किस देश के पेरोल पर काम कर रहे हैं। जिस वक्त विदेशी नागरिक गर्व से भारतीय संस्कृति को अपनाते हैं। हमारी परंपराओं को मानते हैं, हमारे कपड़े पहनते हैं। हमारी भाषाएं बोलते हैं। हमारे त्योहारों तक में शामिल होते हैं तो ज्यादातर भारत के लोग खुश होते हैं। लेकिन कुछ खून के आंसू भी रोते हैं।

दशकों तक भारत को यह बताया गया है कि अपनी संस्कृति का प्रसार करना एक सॉफ्ट पावर है। लेकिन आज जब अलग-अलग महाद्वीपों में भारत की सांस्कृतिक छाप दिख रही है तो शायद कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आ रही। यह लोग शायद भारत की ताकत से डर रहे हैं। ऐसी बातें तो शायद भारत के दुश्मन बोलते होंगे।

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