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जूही ने क्यों घर आये सलमान को बेइज्जत कर के भगा दिया? साथ कभी फिल्म नहीं की

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ऐ मेरे हमसफर एक जरा ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन एक दिन जिंदगी इतनी होगी हंसी झूमेगा आसमान तुझे प्यार करते करते तेरी नींद तक उड़ा दूं। 90 के दशक की वो एक्ट्रेस जिनके मुस्कान पर पूरा हिंदुस्तान फिदा था। जिनकी आंखों में मासूमियत थी। अदाओं में शरारत और पर्दे पर एक अलग ही कशिश। पीटर तुम लोग मुझे ढूंढ रहे हो और मैं तुम्हारा यहां इंतजार कर रही हूं। जूही चावला एक ऐसी स्टार जिन्हें लोग आज भी स्माइलिंग फेस ऑफ बॉलीवुड के नाम से याद करते हैं। मुझसे मोहब्बत का इजहार करता कोई लेकिन क्या जूही की कहानी सिर्फ खूबसूरत मुस्कान, हिट सॉन्ग्स और रोमांटिक फिल्मों तक ही सीमित थी? घूंघट की आड़ से दिल का। क्या आप जानते हैं कि बेहद कम उम्र में मिस इंडिया बनने के बावजूद जूही को अपने करियर में लगातार रिजेक्शन, फ्लॉप फिल्म्स और एक अजीब सी बनी इमेज से जूझना पड़ा। मैं दोस्त दिन बदसूरत हो गई थी जिस दिन तुम जैसे औरत पर हाथ उठाने वाले कार के साथ मेरी शादी हुई। क्या यह सच आपको पता है कि इन्हें क्यूट एक्ट्रेस का टैग इतना भारी पड़ गया कि इंडस्ट्री ने इनकी इमोशनल डेप्थ को देखना ही छोड़ दिया। हम जैसा कहीं आपको दिलबर ना मिलेगा। और क्या आप मानेंगे कि बी आर चोपड़ा जैसे दिग्गज ने महाभारत में द्रोपदी के लिए 15,000 ऑडिशंस के बाद जूही को चुना लेकिन इन्होंने खुद वो रोल छोड़ दिया। इतनी ही आग लगी है तुझ में तो कहीं और जाकर बुझा। आज के बाद मेरे पति की तरफ आंख उठाकर देखा ना तो तेरी आंखें और तेरा चश्मा दोनों फोड़ के रख दूंगी। क्या वजह थी कि सलमान खान जैसे सुपरस्टार इनके घर रिश्ता लेकर पहुंचे लेकिन फिर दोनों ने कभी साथ में काम नहीं किया। और मैं क्या करती पापा? उसने मेरा साथ लेना मुश्किल कर दिया था। मेरा जीना हराम कर दिया था। ऐसी घुटन में रहने से तो अच्छा था मैं उसे उसे खत्म कर देती। क्यों आमिर खान के साथ सबसे ज्यादा फिल्में करने वाली जूही से उनकी सालों तक बातचीत बंद रही। मैं लूंगी। मैं लूंगा। छोड़ दो। नहीं छोडूंगा। हाथ मेरा पहले पड़ा था। नजर पहले मेरी पड़ी थी। लेडीज बाथरूम की क्यों मैं? देखो तुम पंगा ले रहे हो। बचपन की आदत है। इसे मैं लेकर आउंगी। ठीक है ले लो। और क्यों अपने पीक करियर में इन्होंने एक अमीर बिजनेसमैन से शादी कर ली? लेकिन उसे 6 साल तक सबसे छुपा कर रखा और फिर उसे टाइम पास बता दिया।

ये देखो ना ऐसी तो मिसाले तो हमारे सामने ही है। जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए अपना दिल, अपना जमीर तो क्या अपनी आत्मा तक को बेच दिया। आज के वीडियो में हम जानेंगे जूही चावला की वो कहानी जो ग्लैमर और मुस्कान के पीछे छुपी है और जो शायद आपने पहले कभी पूरी तरह नहीं सुनी। तू मेरे सामने मैं तेरे सामने तुझको देखूं के। नमस्कार दोस्तों, मैं हूं श्वेता जया और आप देख रहे हैं फिल्मी बातें। तो चलिए शुरू करते हैं जूही चावला की जिंदगी का वो सफर जो सिर्फ फिल्मों का नहीं स्ट्रगल, समझदारी और गरिमा का भी है। दोस्तों उस दौर में जूही की तुलना कभी श्रीदेवी से की जाती थी तो कभी माधुरी दीक्षित या यंग एक्ट्रेसेस करिश्मा या काजोल से। लेकिन ऐसा क्या था जो जूही को इन सब से अलग बनाता था, और दशकों तक ऑडियंस पर इनका नशा सिर चढ़कर बोलता रहा। आज जूही कहां है और क्या कर रही हैं यह सब जानेंगे लेकिन शुरुआत करते हैं इनकी अर्ली लाइफ और फैमिली बैकग्राउंड से। अगर तुमने मुझे अपनी पत्नी नहीं माना तो बताओ जन्म के बाद जब ये मुझसे अपने बाप का नाम पूछेगा तो किसका नाम बताऊं? क्या तुम चाहते हो कि तुम्हारी मां की तरह इसको भी पैदा होते ही जूही चावला का जन्म 13th नवंबर 1967 को हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ था। इनके पापा का नाम डॉ. एस चावला और मां का नाम मोना चावला था। इनके पापा इनकम टैक्स ऑफिसर थे और मम्मी होटल ओबेरॉय के हाउस कीपिंग डिपार्टमेंट में काम करती थी। इनकी बहन का नाम सोनिया चावला और बड़े भाई का नाम संजीव चावला है जो बाद में शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ के सीईओ बने। जूही की शुरुआती स्टडी फोर्ट कॉन्वेंट स्कूल मुंबई से हुई और इसके बाद इन्होंने सिडनहम कॉलेज मुंबई से बैचलर की डिग्री ली। जूही बचपन से ही बेहद खूबसूरत थी तो कॉलेज से निकलते ही इन्होंने कुछ प्रोडक्ट की मॉडलिंग शुरू कर दी। मॉडलिंग के दौरान ही इन्होंने अपनी कुछ दोस्तों को मिस इंडिया कॉन्टेस्ट का फॉर्म भरते देखा तो खुद भी उनके साथ शामिल हो गई और हुआ यह कि इन्होंने अपनी खूबसूरती और टैलेंट के बल पर महज 17 साल की उम्र में ही 1984 का मिस इंडिया कॉन्टेस्ट जीत भी लिया। इसी साल भारत की तरफ से इन्होंने मिस यूनिवर्स कॉन्टेस्ट में भी पार्टिसिपेट किया। लेकिन यहां पर इन्हें बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर अवार्ड से ही संतोष करना पड़ा। लेकिन इंडिया आते ही इनके पास फिल्मों के कई ऑफर्स आने लगे और इन्होंने कई फिल्में साइन भी कर ली। साल 1986 में आई फिल्म सल्तनत इनकी डेब्यू फिल्म रही। और मेरी जिंदगी तुम्हारे शाकिर की वजह से तबाह बर्बाद हो जाती। अगर समीर ना होते तो जरीना लुट चुकी होती। इस फिल्म में इन्होंने धर्मेंद्र, सनी देओल और श्रीदेवी जैसे सितारों के साथ काम किया। जिसमें इनके अपोजिट हीरो थे शशि कपूर के बेटे करण कपूर। प्रभू क्या नजरें क्या कहा है मुझे। लेकिन अफसोस यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और इन्हें भी इससे कोई खास फायदा नहीं हुआ। पहली हिंदी फिल्म फ्लॉप होने के बाद फिल्में ना मिलता देख इन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया और वहां की दो फिल्मों में काम किया। यह फिल्में थी साल 1987 में आई प्रेम लोक और परवा राघव। इसी दौरान फेमस फिल्म और सीरियल निर्माता बी आर चोपड़ा साहब अपना ग्रैंड टीवी सीरियल महाभारत बना रहे थे।

और उन्हें तलाश थी महाभारत की सबसे स्ट्रांग कैरेक्टर द्रोपदी के लिए एक खूबसूरत फ्रेश चेहरे की। उन्होंने लगभग 15,000 लड़कियों के ऑडिशन लिए जिसमें जूही चावला भी शामिल रहीं और जूही ने सबको पछाड़ते हुए द्रोपदी के किरदार के लिए बाजी मार ली और फिर इसकी शूटिंग भी शुरू हो गई। इसका खुलासा इस सीरियल में अर्जुन का किरदार निभाने वाले एक्टर फिरोज खान ने एक इंटरव्यू में किया था कि उन्होंने अपनी लाइंस का रिहर्सल जूही के साथ किया था जो पांडवों की पत्नी बनने के लिए फाइनल थी। लेकिन इसी दौरान जूही को नासिर हुसैन की बड़ी फिल्म कयामत से कयामत तक का ऑफर मिला जो अपने भतीजे आमिर खान को इस फिल्म से लॉन्च करने जा रहे थे। ऐसे दो बड़े ऑफर्स किसी के भी सामने आ जाए तो कैसा कंफ्यूजन होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। फिल्म जानकार बताते हैं तो जूही ने यह बात महाभारत बना रहे बी आर चोपड़ा से कही तो उन्होंने खुद ही जूही को सलाह दी कि वह फिल्म का ही सिलेक्शन करें। जूही ने यह सलाह मानते हुए आमिर खान के साथ फिल्म कयामत से कयामत तक बतौर लीड एक्ट्रेस साइन कर ली। महाभारत में इन्होंने जो द्रौपदी का किरदार छोड़ा था उसे बाद में रूपा गांगुली ने निभाया और उन्हें भी उससे बड़ी पहचान मिली। खैर साल 1988 में आई जूही की फिल्म भी जबरदस्त हिट हुई और इस फिल्म से जूही और आमिर रातोंरात स्टार बन गए। अब है जुदाई का मौसम दो पलों में। इस फिल्म के लिए जूही चावला को उसी साल फिल्म फेयर की तरफ से शुरू हुए अवार्ड लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर भी दिया गया। लगता है आप फोटोग्राफी के बारे में बहुत जानते हैं। ऐसा कीजिए। एक ऐसी जगह हमारी फोटोग्राफ लीजिए। देखते हैं कैसी आती है। हां जरूर। कयामत से कयामत तक की जबरदस्त सफलता के बाद लोगों को लगा कि जूही चावला का रास्ता अब बेहद आसान हो गया है। लेकिन हकीकत इससे ठीक उल्टी रही। क्योंकि इसके बाद जूही ने कई फिल्में की जैसे आमिर खान के साथ लव लव लव कुमार गौरव के साथ गूंज सनी देओल के साथ काफिला और राजेश खन्ना और गोविंदा के साथ स्वर्ग कुछ ना किया पर इनमें से कोई भी फिल्म कयामत से कयामत तक वाली कामयाबी नहीं दोहरा पाई। है मेरे हमसफर एक ज़राई एक सुपरहिट फिल्म के बाद भी जूही लगातार ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनी जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। हर नई फिल्म के साथ उम्मीदें बढ़ती गई और हर असफलता के बाद दबाव भी। जूही की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन्हें एक स्माइलिंग बबली क्यूट एक्ट्रेस के तौर पर देखा जाने लगा था। इनकी खूबसूरती और मासूम मुस्कान इनके लिए वरदान भी थी और अभिशाप भी। इंडस्ट्री ने इन्हें गंभीर गहराई वाले किरदारों में देखने की जहमत ही नहीं उठाई। इन्हें ज्यादातर वही रोल ऑफर होते रहे। ग्लैमरस, लाइट हार्टेड सरफेस लेवल। उस दौर में जूही पर एक अनकहा टैग लग गया। क्यूट बट नॉट इंटेंस। और यही टैग इनके करियर की संभावनाओं को लिमिटेड कर रहा था। जहां एक तरफ जूही खुद को एक बेहतर अभिनेत्री के तौर पर साबित करना चाहती थी, वहीं इंडस्ट्री इन्हें एक तय फ्रेम में कैद करके देख रही थी। हालांकि साल 1990 में इनकी फिल्म प्रतिबंध साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार चिरंजीवी के साथ आई जो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और इस फिल्म के लिए जूही को फिल्म फेयर बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन भी मिला। प्यार मुझे तुम करते हो इतना। इतना? हम तो इतना? साल 1992 में इनकी फिल्म बोल राधा बोल रिलीज़ हुई और इस फिल्म में इन्होंने ऋषि कपूर के साथ काम किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो गई। तू तारा तोड़ो ना दिल हमारा। इस फिल्म में इन्होंने दिखा दिया कि जो जूही अभी तक रोमांटिक और इमोशनल किरदार कर रही थी वो अब शानदार कॉमेडी भी कर सकती हैं। देखिए हम तो सिर्फ यह कहने आए हैं कि जो कुछ भी हुआ ना उसे हम तो भूल चुके हैं और अच्छा यही होगा कि आप भी उसे भूल जाएं। इसी साल इनकी शाहरुख खान के साथ आई फिल्म राजू बन गया जेंटलमैन जिसमें इन्होंने एक मिडिल क्लास लड़की का दमदार किरदार अदा किया। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। मेरा जो है जेंटलमैन मेरा जो है जेंटलमैन मेरा जो है साल 1992 के बाद ऑडियंस और फिल्म मेकर्स को इनकी कॉमेडी देखकर लग गया कि इंडस्ट्री को अब एक वर्सटाइल एक्ट्रेस मिल गई है

और इनके पास कॉमेडी फिल्मों के भी खूब ऑफर आने लगे। इनमें से एक आमिर खान के साथ इनकी फिल्म रही हम है राही प्यार के। मुंबई से गई पूरी दिल्ली दिल्ली से गई पटना। इस फिल्म में इन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से अपने करियर का पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड जीत लिया। बाबूजी 6 साल की थी। बस सनी की उम्र की जब मेरी मां गुजर गई। इतनी छोटी उम्र में मां का जाया उठ जाने से क्या हो जाता है? इसी साल इनकी एक और कमाल की फिल्म डर रिलीज हुई जिसमें इन्होंने जबरदस्त परफॉर्मेंस दी। टूट गई टूट के मैं चूर हो गई। तेरी जिद से इस फिल्म के लिए भी इन्हें फिल्म फेयर की तरफ से बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला। वो आदमी जिसने जिसने शिमला में गाना गाया था वो भी अभी यहां था। मुझ पर टॉर्च मार रहा था। अरे नाइट क्रिकेट खेलना चाहता है क्या? इसके बाद इन्होंने एक से बढ़कर एक दर्जनों फिल्मों में काम किया। जैसे आईना, नाजायज, राम जाने, साजन का घर, लोफर, यस बॉस आदि। नहीं मिलना है मुझे। नहीं मिलना है। और तुमने भी मुझे धोखा दिया है राहुल। कितने पैसे दिए थे तुम्हारे सिद्धार्थ साहब ने तुम्हें चुप रहने के लिए? 90 के दशक की बॉलीवुड इंडस्ट्री में महिला कलाकारों के लिए जगह सीमित थी। कहानियां ज्यादातर मेल कैरेक्टर्स के इर्द-गिर्द घूमती थी और जो थोड़ी बहुत जगह थी उसमें मीडिया ने माधुरी को लेकर लगातार कंपैरिजन और कंपटीशन का माहौल बना दिया। जूही चावला और माधुरी दीक्षित के बीच दिखाई जाने वाली राइवलरी भी काफी हद तक इसी मानसिकता की उपज थी। असलियत यह थी कि दोनों एक्ट्रेसेस अपने-अपने ढंग से बेहतरीन थी। लेकिन उस दौर में इंडस्ट्री और मीडिया को हमेशा एक नंबर वन चाहिए था। नतीजा यह हुआ कि महिलाओं को आपस में खड़ा कर दिया गया। जैसे एक की सफलता दूसरी की हार हो। यह प्रेशर सिर्फ हेडलाइंस तक ही सीमित नहीं था बल्कि स्क्रिप्ट चॉइससेस और करियर ट्राजेक्टरी पर असर डालता था। जूही के लिए यह दौर इसलिए भी चैलेंजिंग था क्योंकि इनकी नेचुरल स्ट्रेंथ थोड़ी शांत और कूल थी। जबकि इंडस्ट्री उस समय लाउड, ग्लैमर और ड्रामेटिक प्रेजेंस को ज्यादा सेलिब्रेट कर रही थी। राइवलरी की यह बनाई हुई कहानी असल में उस सिस्टम को उजागर करती है जहां महिलाओं को एक दूसरे का विकल्प मान लिया जाता है ना कि पैरेलल प्रतिभाएं। क्या समझते हो तुम अपने आप को? बहुत बड़े मस्क हो तुम। बहुत बड़ा जोक मारा है तुमने। आइंदा मेरे साथ ऐसा मजाक किया ना तो मुंह तोड़ दूंगी तुम्हारा। हालांकि लगभग दो दशक बाद साल 2014 में दोनों एक साथ गुलाब गैंग फिल्म में जरूर दिखाई दी। सीएम तो तेरे सात साल में दुई दफा आके फोटो खिंचाए। पर बिजली पानी सही टाइम पे आए। तेरे बच्चों के खाने में कोई जहर ना घोल दे। यह मुकाबला जूही और माधुरी के बीच कम और उस व्यवस्था के बीच ज्यादा था जहां एक महिला की चमक को दूसरी की परछाई बनाकर ही देखा जाता था। वेल, बाद में उम्र बढ़ने के साथ जूही को जब लीड एक्ट्रेस के तौर पर अच्छी फिल्में मिलनी कम हो गई तो धीरे-धीरे इन्होंने फिल्में करना कम कर दिया। इनमें से कुछ मल्टीस्टारर फिल्में रही तो कुछ फिल्मों में जूही का रोल ज्यादा असरदार नहीं रहा। इनमें से कुछ फिल्मों की बात करें तो आमदनी ठन्नी खर्चा रुपैया बस एक पल, सलामे इश्क, चौक और डस्टर, भूतनाथ और झनकार बीट्स जैसी फिल्में शामिल रहीं। लगे सजना मेरा लगे सजना मेरा आज पगलाया है। लगे सजना जून 2003 में आई सुजॉय घोष की फिल्म झंकार बीट्स के दौरान इनका काम करने का जुनून देखने लायक था। इस फिल्म में इन्होंने एक प्रेग्नेंट हाउसवाइफ का किरदार निभाया था। लेकिन बड़ी बात यह कि इस फिल्म के दौरान जूही चावला खुद भी प्रेग्नेंट थी। फिल्म जून 2003 में रिलीज हुई। वहीं 21 जुलाई 2003 को इन्होंने अपने दूसरे बच्चे अर्जुन को जन्म दिया। बच्चे की बात चली है तो चलिए अब इनकी पर्सनल लाइफ की भी थोड़ी चर्चा कर लेते हैं। जूही चावला ने साल 1995 में एक करोड़पति बिजनेसमैन जय मेहता से चोरी छुपी शादी की। जिसकी जानकारी किसी को भी तब नहीं हुई। इसका खुलासा लगभग 6 साल बाद तब हुआ जब जूही प्रेग्नेंट हुई। यहां आपको यह बताते चलें कि जूही उनकी दूसरी पत्नी थी। उनकी पहली पत्नी सुजाता बिरला की एरोप्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। जूही ने अपने एक इंटरव्यू में इस पर सफाई देते हुए कहा था,

उस समय मेरा फिल्मी करियर काफी शानदार चल रहा था और मैं नहीं चाहती थी कि मेरी शादी की बात से मेरे करियर पर किसी तरह का प्रभाव पड़े इसलिए मैंने 6 साल तक यह बात छुपाए रखी। इन दोनों के दो बच्चे हुए। साल 2001 में जन्मी बेटी जानवी और साल 2003 में बेटा अर्जुन। फिल्मों में अपना करियर ना चलता देख जूही चावला ने एक और जोखिम लिया फिल्म प्रोडक्शन का और साल 1999 में शाहरुख खान और फिल्म निर्देशक अजीज मिर्जा के साथ मिलकर ड्रीम्स अनलिमिटेड नाम से एक प्रोडक्शन कंपनी बनाई। इस कंपनी के अंदर इन्होंने फिर भी दिल है हिंदुस्तानी अशोका और चलते-चलते जैसी कई फिल्मों का निर्माण किया। तू यार तू ही दिलदार तू ही मेरा प्यार तेरा मेरे दिल में है दरबार। साल 208 में इसी कंपनी के अंतर्गत इन्होंने आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स को भी खरीदा। ड्रीम्स अनलिमिटेड इनके लिए सिर्फ एक बिजनेस वेंचर नहीं था बल्कि एक क्रिएटिव ड्रीम था। लेकिन इस सफर में इन्हें सफलता के साथ-साथ असफलताओं का भी सामना करना पड़ा। फिर भी दिल हिंदुस्तानी और अशोका जैसी फिल्मों ने भले ही अलग पहचान बनाई, लेकिन उस समय यह प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से भारी दबाव लेकर आए। बहुत से लोग ऐसे मोड़ पर पीछे हट जाते हैं, लेकिन जूही ने हार को अंत नहीं माना। इन्होंने इस एक्सपीरियंस को सीख में बदला कि एंटरटेनमेंट सिर्फ चमक नहीं बल्कि समझ और धैर्य का खेल है। बाद में रेड चिल्लीज़ एंटरटेनमेंट के साथ इनकी भागीदारी इसी सीख का नतीजा थी। जहां इन्होंने ज्यादा सोच समझकर फैसले लिए और एक मजबूत स्थाई क्रिएटिव स्पेस बनाने में योगदान दिया। जूही का यह सफर बताता है कि असफलता से डरना नहीं उसके आगे बढ़ना ही असली मजबूती है। जूही चावला उन गिनी चुनी अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने हमेशा पर्दे से बाहर भी अपनी राय रखने की हिम्मत दिखाई। चाहे पर्यावरण से जुड़े मुद्दे हो, शोर प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठानी हो या तकनीक और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल। जूही ने कभी भी सिर्फ एक सेलिब्रिटी की चुप्पी नहीं चुनी। भले ही इनकी बातों पर कभी हंसी उड़ाई गई या इन्हें ओवर एक्टिंग कहा गया हो लेकिन इन्होंने अपनी चिंता और जिम्मेदारी से पीछे हटना नहीं चुना। जूही का यह पक्ष बताता है कि यह सिर्फ एक मुस्कुराती अभिनेत्री नहीं बल्कि एक सोचने वाली सवाल पूछने वाली महिला भी हैं। अब बात करते हैं इनसे जुड़े कुछ विवादों की। जूही चावला ने आमिर खान के साथ अपने फिल्मी करियर में सबसे ज्यादा सात बार काम किया। लेकिन साल 1997 में आई फिल्म इश्क इस सुपरहिट जोड़ी की आखिरी फिल्म रही।

जानकार बताते हैं कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान इन दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े शुरू हुए जो बाद में इतने बढ़ गए कि दोनों ने एक दूसरे से सेट पर बात तो छोड़ो साथ बैठना भी बंद कर दिया। इसी कारण जूही ने राजा हिंदुस्तानी फिल्म को भी आमिर के साथ करने से मना कर दिया। जिसका इन्हें बाद में मलाल भी रहा। इस फिल्म के बाद दोनों ने करीब 6 साल तक बात नहीं की। जब साल 2002 में आमिर खान का तलाक हुआ तब जूही ने उन्हें फोन किया और उनसे मिलने भी गई। जूही चावला ने अपने करियर में धर्मेंद्र, अनिल कपूर, ऋषि कपूर, सनी देओल, शाहरुख खान, आमिर खान और गोविंदा जैसे उस दौर के लगभग सभी बड़े स्टार्स के साथ काम किया, लेकिन कभी सलमान खान के साथ काम नहीं किया। अब इसके पीछे क्या वजह रही? चलिए वो भी बताते हैं। इंडस्ट्री में सिर्फ मैं ही एक हीरोइन हूं जो सलमान को एक्चुअली सलमान भाई बोल सकती है क्योंकि इन्होंने कभी भी मेरे साथ स्क्रीन पर रोमांस नहीं किया। भाई बुलाएंगे तो रोमांस कैसा करेगा आदमी। बेशर्म हो जाएगा वो आदमी। फिल्म जानकारों की मानें तो एक समय पर सलमान जूही को बहुत पसंद करते थे और इनसे शादी तक करना चाहते थे। इसलिए एक बार वह इनका रिश्ता मांगने के लिए इनके घर तक जा पहुंचे। लेकिन इनके पापा ने सलमान को रिजेक्ट कर दिया। जिस बात का सलमान को बहुत बुरा लगा। मैंने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था। टडंग टडंग। फिर उसके बाद सलमान जी जो बड़े स्टार बन गए फिर उन्होंने कहा जूही के साथ नहीं काम करूंगा। जानकार यह भी बताते हैं कि जब जूही अपने करियर की बुलंदियों पर थी उस समय सलमान खान का करियर भी कुछ खास अच्छा नहीं चल रहा था। तब एक फिल्म निर्माता ने जूही को एक फिल्म के लिए अप्रोच किया जिसमें इनके अपोजिट वह सलमान खान को लेना चाहते थे। तो पहले तो जूही ने उन्हें कई दिनों तक लटका कर रखा। फिर लास्ट में कहा कि अगर तुम इस फिल्म में सलमान की जगह आमिर खान को मेरे अपोजिट कास्ट करोगे तब मैं यह फिल्म करूंगी। जब यह बात सलमान खान को पता चली तो वह गुस्से में आ गए और उन्होंने भी इनके साथ कभी काम ना करने की जैसे कसम खा ली। हां, फिल्म दीवाना माना में सिर्फ फिल्म निर्देशक डेविड धवन के रिक्वेस्ट पर सलमान ने जूही के साथ एक कैमियो रोल जरूर किया था। मैं जानती थी एक बार डैडी मेरा साथ ना दें। मगर ये दोनों हमारा साथ जरूर देंगे। नेहा देखो तो सही। शादी हमारी हो रही है और धुले यह लग रहे हैं। अगर बात करें छोटे पर्दे की तो इन्होंने साल 1995 में आदित्य पांचोली के साथ महाशक्ति नाम का एक टीवी सीरियल किया जो उन दिनों दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था। इसी तरह इन्होंने साल 2009 में ब्रॉडकास्ट झलक दिखलाजा रियलिटी शो में भी जज के तौर पर काम किया। जो ऑडियंस का रिएक्शन है जितना जबरदस्त है उतना ही मेरा रिएक्शन आपके इस परफॉर्मेंस के लिए।

जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का दौर आया तो जूही चावला ने उसमें भी अपना अपीयरेंस दिया और साल 2017 में आई द टेस्ट केस वेब सीरीज में एक स्ट्रांग कैमियो किया। यू हैव अ पॉइंट पर देशभक्ति जेंडर देखकर तो नहीं आती और जो एक मर्द सह सकता है वो एक औरत भी सहेगी। व्हाट इज दैट हावर्ड स्टडी? वहीं 2 सितंबर 2022 को Amazon प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई डिजिटल डेब्यू वेब सीरीज हश-हश में भी इन्होंने मुख्य भूमिकाओं में अभिनय किया। 2022 में ही ऋषि कपूर के साथ इनकी एक फिल्म आई शर्मा जी नमकीन जिसमें इनके काम की अगेन तारीफ हुई। जो भी है बात है कुछ आपके हाथों में? और खाना बनाना इज अनार। खाने वाले की नब्ज़ पकड़ लेते आप। 1 सितंबर 2023 को जूही चावला ने Netflix फिल्म फ्राइडे नाइट प्लान में एक्ट किया जो एक कमिंग ऑफ एज कॉमेडी ड्रामा थी। इन प्रोजेक्ट्स ने दिखाया कि जूही मॉडर्न ओटीटी स्पेस में भी सेलेक्टिव कैरेक्टर ड्रिवन रोल्स चुनती हैं। साथ ही यह अभी भी शाहरुख खान के साथ अपनी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिल्लीज़ एंटरटेनमेंट चलाती हैं। जिसका अच्छा खासा मार्केट वैल्यू है। इस तरह जूही एक बिजी और लग्जरियस लाइफ लीड करती हैं। जूही चावला की लेगसी सिर्फ हिट फिल्म्स या खूबसूरत मुस्कान तक सीमित नहीं है। यह उस दौर की एक्ट्रेस हैं जिन्होंने बिना शोर मचाए, बिना कंट्रोवर्सीज में उलझे अपने लिए एक रिस्पेक्टेबल स्पेस बनाई। इन्होंने ना तो खुद को बदलने की जल्दी दिखाई ना ही टाइम के साथ अपनी डिग्निटी खोई। एक्टिंग, बिजनेस और पर्सनल लाइफ हर जगह इन्होंने बैलेंस और मैच्योरिटी को प्रायोरिटी दी। जो ही उन रेयर एक्ट्रेसेस में से हैं जो दो जनरेशंस के बीच एक ब्रिज बनती हैं। श्रीदेवी के दौर की सीरियसनेस और काजोल के दौर की स्पॉनटेटिटी के बीच। आज जब इंडस्ट्री में सर्वाइव करना अक्सर लाउड प्रेजेंस और कास्टेंट विजिबिलिटी पर डिपेंड करता है। जूही चावला की स्टोरी हमें याद दिलाती है कि कामनेस, पेशेंस और सेल्फ रिस्पेक्ट भी सक्सेस का रास्ता हो सकते हैं। शायद यही वजह है कि जूही आज भी सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं बल्कि एक क्लासी लिगसी के तौर पर याद की जाती हैं। तो दोस्तों, आपको जूही चावला की कौन सी फिल्म सबसे ज्यादा पसंद है? कमेंट बॉक्स में जरूर लिखकर बताएं। तो आज के वीडियो में फिलहाल के लिए बस इतना ही। कुछ और किस्से कहानियों के साथ अगले एपिसोड में आपसे फिर होगी मुलाकात। तब तक के लिए नमस्कार।

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