राजेश खन्ना और मुमताज़ की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने ‘दो रास्ते’, ‘बंधन’, ‘सच्चा झूठा’, ‘दुश्मन’, ‘अपना देश’, ‘रोटी’ और ‘प्रेम कहानी’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया।
पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री जितनी शानदार थी, वास्तविक जीवन में भी दोनों अच्छे दोस्त थे।वर्षों बाद जब मुमताज़, से जीतने के बाद मुंबई आईं, तो उन्होंने राजेश खन्ना से मुलाकात की।
कई मीडिया रिपोर्टों और मुमताज़ के इंटरव्यू के अनुसार, मुलाकात के दौरान राजेश खन्ना ने उनका हाथ थाम लिया और भावुक हो गए। बताया जाता है कि उन्होंने मुमताज़ का हाथ काफी देर तक नहीं छोड़ा। दोनों ने पुराने दिनों, फिल्मों और साथ बिताए यादगार पलों को याद किया। यह मुलाकात दोनों के गहरे दोस्ताना रिश्ते की झलक थी।
हालांकि, इस घटना के बारे में अलग-अलग विवरण मिलते हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि राजेश खन्ना कितनी देर तक रोए थे। लेकिन यह बात कई साक्षात्कारों में सामने आई है कि वे मुमताज़ से बेहद स्नेह रखते थे और उनकी बीमारी से उबरने की खबर ने उन्हें भावुक कर दिया था।
यह किस्सा बताता है कि फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से परे भी कुछ रिश्ते सच्ची दोस्ती और सम्मान पर टिके होते हैं।