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रेखा से शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि पति ने चुन ली मौत?

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हेलो एंड वेलकम टू स्टोरीज बाय शेखर और आज मैं एक कहानी सुनाऊंगा वो रेखा की एक किताब है रेखा द अनटोल्ड स्टोरी और इसे लिखा है यासिर उस्मान ने। यासिर उस्मान काफी पॉपुलर ऑथर हैं। रामनाथ गोयन का अवार्ड भी जीता है उन्होंने और इससे पहले उन्होंने राजेश खन्ना के ऊपर भी एक बायोग्राफी लिखी थी। तो इस किताब में रेखा के लाइफ से बहुत सारे इंटरेस्टिंग दिलचस्प पहलुओं को इस किताब में उन्होंने छुआ है और उसमें सबसे जो इंपॉर्टेंट है जो पहला ही चैप्टर है वो है रेखा के पति मुकेश अग्रवाल के सुसाइड की कहानी क्योंकि जो मुकेश अग्रवाल का जो सुसाइड था वो 1990 में बहुत ही बड़ा वो टॉप हेडलाइन बन गया था और उस वक्त रेखा को एक तरीके से वम की तरह से लोग देखना देखने लगे थे। इनफैक्ट मैं आपको दो कोट्स पढ़ के सुनाता हूं।

अनुपम खेर का और सुभाष ग का। जब मुकेश अग्रवाल ने सुसाइड किया था तो सुभाष ग ने क्या कहा था? रेखा हैज़ पुट सच अ ब्लॉट ऑन द फेस ऑफ द फिल्म इंडस्ट्री दैट इट विल बी डिफिकल्ट टू वाश इट अवे ईजीली। आई थिंक आफ्टर दिस एनी रेस्पेक्टेबल फैमिली विल थिंक ट्वाइस बिफोर एक्सेप्टिंग एनी एक्ट्रेस एस देयर बहू। यह सुभाष के कोर्ट्स हैं। अनुपम खेर ने क्या कहा? रेखा हैज़ बिकम द नेशनल बम प्रोफेशनली एंड पर्सनली। आई थिंक इट्स अ कर्टन फॉर हर। आई मीन आई डोंट नो हाउ विल आई रिएक्ट टू हर इफ आई कम फेस टू फेस विथ हर। मतलब मुझे नहीं पता कि मैं कैसे रिएक्ट करूंगा जब वो मेरे सामने आ जाएंगे। अ तो फिल्म फ्रेटरनिटी के लोग भी रेखा के बारे में इस तरह की बातें कर रहे थे। हुआ क्या था? अ रेखा के हस्बैंड मुकेश अग्रवाल 2 अक्टूबर 1990 को इनका एक फार्म हाउस है दिल्ली में छतरपुर एरिया में बसेरा नाम है उस फार्म हाउस का और उसके मालिक हैं

मुकेश अग्रवाल तो 2 अक्टूबर 1990 को करीब 1:30 बजे से 2:00 बजे के बीच ये बसेरा पहुंचे और नौकरों से कहा कि मैं अपने कमरे में सोने जा रहा हूं जब मेरा खाना बन जाए तो मुझे उठा देना और चेहरे पर स्माइल थी और किसी को ऐसा कुछ लगा नहीं कि मुकेश कुछ अलग करने वाले हैं और वो अपने कमरे में चले गए वो अपने कमरे में गए और वहां बिस्तर के बगल में एक दुपट्टा पड़ा हुआ था। कहा जाता है कि वह दुपट्टा रेखा का था। उन्होंने उस दुपट्टा को फांसी का फंदा बनाया और पंखे पे लगा के वो उन्होंने सुसाइड कर लिया। यह बहुत बड़ी न्यूज़ थी और इसके बाद जैसा मैंने कहा कि रेखा के ऊपर कई सारे लांछन लगे। उस वक्त जो फिल्में रिलीज हुई थी रेखा की उन रेखा के फिल्मों को बैन करने की बात होने लगी। फिल्म के पोस्टर्स पे काली पोत दिया जाता था। शेषनाग एक फिल्म आई थी उस वक्त उसमें जितेंद्र थी, जितेंद्र थे, रेखा थी और डेनी थे तो उस वक्त उनके पोस्टर्स को काले काला कर दिया जाता था। इस तरह की चीजें होती थी। तो सवाल है कि आखिर मुकेश अग्रवाल ने सुसाइड क्यों किया? और मुकेश अग्रवाल और रेखा की शादी कैसे हुई? क्योंकि दिल्ली का एक बिजनेसमैन और रेखा जो बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी स्टार थी।

उनका मुकेश अग्रवाल से मीटिंग कैसे हुआ? कैसे दोनों प्यार में पड़े? और क्यों मुकेश अग्रवाल ने शादी के सिर्फ सात ही महीने बाद सुसाइड कर लिया। यह बहुत बड़ा सवाल था। तो मैं कोशिश करूंगा आपको डिटेल में बताने के लिए कि इन सात महीने में क्या-क्या हुआ था। पहले जानते हैं कि मुकेश अग्रवाल कौन थे? एक बनिया फैमिली थी दिल्ली की। उसी में जन्मे थे मुकेश अग्रवाल और 13 साल की उम्र में करीब उन्होंने पढ़ाईवढ़ाई छोड़ दी थी और उसके बाद 20 साल में उन्होंने अपना एक बिजनेस स्टार्ट किया और वो किचन किचन अप्लायंसेस में वो डील करते थे हॉटलाइन उनकी कंपनी का नाम था और बहुत सारे अप्लायंसेस बनाते थे और दिल्ली में उनका कारोबार जो था वो काफी बड़ा हो गया था बहुत जल्द ही और इस किताब में एक्चुअली बहुत रमर्स के बेसिस पे ये किताब नहीं लिखी गई ऑथेंटिक लोगों से बात करके बहुत सारे कोट्स लिए गए हैं और तब वो कहानी बताई गई है कि रेखा और मुकेश अग्रवाल के बीच में क्या-क्या हुआ था। आपको बता दें कि दिल्ली के एक पुलिस कमिश्नर थे नीरज कुमार वो मुकेश अग्रवाल के बड़े करीबी दोस्त थे और उन्होंने भी कई सारे इंसिडेंट्स बताए हैं इस किताब में। नीरज ने बताया कि मुकेश अग्रवाल जो थे वो उन्होंने काफी बड़ा अपना कारोबार कर लिया था और जिस वक्त ये स्टार्टअप कल्चर भी नहीं आया था

उस समय उन्होंने दिल्ली में इंडिपेंडेंटली बिना किसी सपोर्ट के अपने बिजनेस को बहुत बड़ा एक्सपेंड किया और उसके बाद एक्चुअली ये इलीट सर्कल में अपने आप को शुमार करना चाहते थे और हमेशा ये कोशिश करते थे कि इनका जो नाम हो ये काफी फेमस हो जाए। पेपर्स में इनके नाम आए और बड़े-बड़े लोग मिनिस्टर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज इन्हें जाने। ये कई पार्टीज थ्रो करते थे। अपनी सक्सेस पार्टीज थ्रो करते थे और उसमें बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज को बुलाते थे। फिरोज खान, संजय खान इस तरह के लोग इनके जो पार्टी ये देते थे अपने फार्म हाउस पे उसमें अक्सर ऐसे बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज आते थे। बहुत सारी सोशलाइट बीना रमानी। बीना रमानी को आप लोगों ने सुना होगा। बहुत बड़ी वो बिजनेसमैन भी है, होटलियर भी है और सोशलाइज भी है। जो जेसिका लाल केस जो था उसमें जिस होटल में वो इंसिडेंट हुआ था वो बीना रमानी का ही था और बहुत सारे बड़े-बड़े लोगों से बीना रमानी के ताल्लुकात हैं। तो मुकेश अग्रवाल ऐसे बिजनेसमैन थे और दिल्ली के एलट सर्कल में काफी नाम था इनका और उसी दौरान क्या हुआ कि बीना रमानी जो थी वो रेखा के भी करीबी दोस्त थी। तो उन्हीं दिनों 8990 में बीना रमानी से एक दिन रेखा ने कहा कि मैं लाइफ में अब सेटल हो जाना चाहती हूं और शादी करना चाहती हूं मैं एक्चुअली। अ वैसे तो अगर आप रेखा के करियर को आप देखोगे तो रेखा जैेमिनी गणेशन तमिल के जो सबसे बड़े सुपरस्टार थे उनकी बेटी थी। हालांकि आउट ऑफ बेडलॉक रेखा का जन्म हुआ था। इनकी मां को अ कभी पत्नी का दर्जा नहीं मिला था जमनी गणेशन की तरफ से तो एक तरह से नाजायज औलाद जैसा जो जो टर्म यूज किया जाता है तो रेखा आउट ऑफ एडलॉक पैदा हुई थी और इन्हें फैमिली का भी सपोर्ट नहीं मिला। फादर ने अपना नाम नहीं दिया और इनकी मदर भी एक एक्ट्रेस थी और बहुत कम उम्र में रेखा को भी फिल्मों में आना पड़ा था।

अ उसके बाद 13 साल में से ही इन्होंने एक्टिंग शुरू कर दिया था। पहले तमिल फिल्में की उसके बाद फिर इन्हें बॉम्बे बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री आई और जब यह बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री आई थी तो इन्हें बहुत क्रिटिसिज्म झेलना पड़ा था इनके लुक्स की वजह से इनकी खराब हिंदी की वजह से और इन्हें मोटा कहा जाता था। बहुत सारी चीजें कही जाती थी। लेकिन धीरे-धीरे इन्होंने अपने आप को ट्रांसफॉर्म किया। 70ज से लेकर के लेट 80 तक इनका काफी ज्यादा स्टारडम भी था। इनके कई रिलेशनशिप भी थे। एक्चुअली सबसे ज्यादा जो पॉपुलर जो सब लोग हमेशा जिसका जिक्र करते हैं वो अमिताभ बच्चन और रेखा की बात होती है कि रेखा अमिताभ बच्चन इनवॉल्व थे। लेकिन अमिताभ बच्चन से पहले भी इनके दो अफेयर्स के किस्से बड़े पॉपुलर थे। इनफैक्ट तीन जितेंद्र के साथ विनोद मेहरा के साथ ऐसा कहा जाता है कि विनोद मेहरा के साथ तो इन्होंने शादी भी की थी। लेकिन उस शादी को रेखा ने सिममी ग्रवाल के शो में डिनाई कर दिया था कि मैंने उनसे शादी नहीं की थी। इसके अलावा किरण कुमार तो ऐसे बहुत सारे अफेयर्स इनके थे। अमिताभ बच्चन के साथ भी इनका इन्वॉल्वमेंट हुआ। लेकिन इन सबके बीच इन्होंने अपने को एज एन एक्टर भी एस्टैब्लिश किया था और 80ज में तो इन्होंने बहुत सारी अच्छी फिल्में की थी। इनफैक्ट आर्ट हाउस फिल्म में भी ये काफी सारी फिल्मों में नजर आई थी। श्याम बंदिल की कलयुग गोविंद नहलादी की विजेता मुजफ्फर अली की उमरा जहान गुलजार की इजाजत। तो इस तरह की फिल्म फिल्में करके वो अपने को एज एन एक्टर भी इस्टैब्लिश कर चुकी लेकिन इन्हें तलाश थी एक फैमिली की क्योंकि ये चाहती थी कि मैं सेटल हो जाऊं और मेरे नाम के आगे भी एक नाम जुड़े। फादर ने तो इन्हें अपना नाम नहीं दिया था। वो सर नेम इन्हें नहीं मिला था। लेकिन ये सेटल होना चाहती थी और उन्हीं दिनों जब एक बार बीना रमानी से इनकी बातचीत हो रही थी तो इन्हें कहा कि मैं सेटल होना जाना चाहती हूं। शादी करना चाहती हूं। तो बीना रमानी ने उन्हें अगले दिन फोन किया सुबह और कहा कि एक बिजनेसमैन है और वह तुम्हारा बहुत बड़ा फैन है और मुझे लगता है तुम्हें उससे बात करनी चाहिए। मैं उसे तुम्हारा नंबर दे देती हूं। रेखा ने कहा कि नहीं उसे मेरा नंबर मत दो। उसका नंबर मुझे दे दो। तो बीना रमानी ने उन्हें मुकेश अग्रवाल का नंबर दे दिया और मुकेश अग्रवाल जो थे वो रेखा के बहुत बड़े फैन थे। तो कुछ दिन के बाद रेखा ने मुकेश अग्रवाल को कॉल किया। पहले बातें हुई और आवाज सुनकर मुकेश अग्रवाल जो है वो बहुत एक्साइटेड भी हो गए कि रेखा रेखा जैसे फिल्म स्टार उनसे बात कर रही हैं। बातें हुई बात से थोड़ा इंप्रेस भी हो गई रेखा। फिर दोनों मिले।

बॉम्बे में इनकी मुलाकात हुई और धीरे-धीरे करके दोनों करीब आ गए और फिर एक दिन क्या हुआ कि बॉम्बे में ही मुकेश के बिजनेस उन उनका जो सक्सेस स्टोरी था उससे काफी इंप्रेस हुई थी रेखा उन्हीं दिनों मार्च 4 1990 को बॉम्बे में मुकेश और रेखा दोनों थे और ऐसे ही बातचीत हो रही थी और अचानक मुकेश अग्रवाल ने कहा कि चलो शादी कर लेते हैं। रेखा को समझ नहीं आया कि ऐसे कैसे आ रही इतनी जल्दी कैसे शादी हो सकती है लेकिन उन्होंने कहा कि नहीं करनी चाहिए हमें शादी अब नहीं तो कभी नहीं होगी और बहुत एक्साइटमेंट था रेखा भी ये सुन के थोड़ी एक्साइट हो गई उसी समय क्या हुआ कि रात में करीब 9:30 बजे के करीब ये लोग बॉम्बे में एक मंदिर है मुक्तेश्वर देवल्या टेंपल वहां पहुंच गए दोनों और वहां पे जो प्रीस्ट थे उन प्रीस्ट का नाम था संजय बोदास संजय बोदास वहां पुजारी थे और वो सोने जा रहे थे तभी तभी दोनों पहुंचे और मुकेश अग्रवाल ने कहा कि हमें शादी करनी है। हमें शादी करवा दीजिए। तो उन्होंने जो प्रीस्ट थे उन्होंने मना कर दिया कि नहीं नहीं अभी ऐसे शादी नहीं होती है। फिर जब उन्होंने देखा कि रेखा खड़ी है तो वो भी थोड़े शॉक हो गए कि अरे रेखा जैसी एक्ट्रेस मंदिर में तो और शाम के बाद अंदर पूजा-वजा होती नहीं थी लेकिन सारे रूल्स तोड़े गए और फिर इन दोनों की शादी हो गई। शादी हो गई और उसके बाद फिर इन दोनों ने अपनेप फैमिली को खबर भी कर दिया कि हमने शादी कर ली है और जो थोड़ा सा जो इनका छोटा सा सर्कल था उसमें ये बात फैल गई। फिर इसके बाद शादी हुई और बहुत जल्द ये दोनों हनीमून मनाने लंदन भी चले गए। सब कुछ काफी ठीक चल रहा था। रेखा अह इनफैक्ट शादी के बाद अह मीडिया से भी जब भी बात करती थी रेखा तो मुकेश अग्रवाल की बहुत तारीफ करती थी कि मुझे ऐसे ही बंदे की तलाश थी और बहुत सारी चीजें अ लेकिन जब ये लोग हनीमून गए तो हनीमून पे जाकर के इन्हें रेखा को पहली बार कुछ गड़बड़ लगा मुकेश अग्रवाल में मुकेश अग्रवाल डिप्रेशन की गोलियां लेते थे और उन्हीं दिनों लंदन में जब हनीमून ये लोग मना बना रहे थे। तो एक दिन मुकेश बड़े सैड दिखे और उन्होंने रेखा से कहा कि मेरी जिंदगी में भी एक एबी है। आई आल्सो हैव एन एबी इन माय लाइफ। एबी का मतलब आप समझ रहे होंगे अमिताभ बच्चन। तो रेखा के लाइफ में एबी कौन है? वो तो पता है सबको अमिताभ बच्चन। तो मुकेश कहना चाह रहे थे कि मेरे भी लाइफ में कोई और है।

अब तो रेखा थोड़ी शॉक हो गई कि यह मतलब क्या है? तो फिर बाद में पता चला कि मुकेश अग्रवाल जो हैं उनकी लाइफ में एक आकाश बजाज नाम की एक डिवोर्सी है और उनके साथ इनके ताल्लुकात बड़े गहरे थे। दरअसल वो एक साइकेट्रिस्ट थी आकाश बजाज और वो मुकेश अग्रवाल का इलाज भी कर रही थी और इलाज के दौरान ही मुकेश और आकाश जो है वो दोनों काफी करीब आ गए थे। मुकेश को अ इलाज की जरूरत क्यों पड़ी थी? दरअसल मुकेश को फिल्मी हीरोइंस हमेशा से इंप्रेस करती रही हैं और वो हमेशा चाहते थे कि किसी फिल्म हीरोइन के साथ ही मेरा जो है वो रिलेशन हो। तो उन दिनों एक वनाबी स्टारलेट थी। उनका नाम था किटी मालकन 80 की बात है ये। तो उनसे मुकेश जो है वो प्यार करते थे। लेकिन बहुत जल्द किटी मालकन ने मुकेश को छोड़ दिया और वो अपना करियर देखने करियर आगे बढ़ाने के लिए वो मुकेश को छोड़ के चली गई। जब किटी मालकन चली गई तो मुकेश को काफी झटका लगा, सेटबैक लगा। इमोशनल ट्रॉमा बहुत उन्हें हुआ और वो डिप्रेशन में चले गए। हालांकि मुकेश की फैमिली में ये डिप्रेशन का प्रॉब्लम पहले से भी रहा है। इनके इनके फैमिली में भी और भी लोगों को डिप्रेशन की बीमारियां रही थी। तो मुकेश को इस पॉइंट पे इस पॉइंट पे इनकी मुलाकात हुई आकाश बजाज से जो एक डिवोर्सी थी और डॉक्टर थी साइकेट्रिस्ट थी और मुकेश का उन्होंने इलाज किया और इस दौरान दोनों काफी करीब आ गए थे। मुकेश इनफ इन्हें आकाश को फाइनशियली भी सपोर्ट करते थे। आकाश की दो बेटियां भी थी और उन्हें भी काफी प्यार करते थे। मुकेश पहले आकाश बजाज से भी उन्होंने कहा कि मैं शादी करना चाहता हूं आपसे लेकिन आकाश ने मना कर दिया था कि नहीं मैं शादी आपसे नहीं कर पाऊंगी। इसके बाद तुरंत ये रेखा का एपिसोड हो गया और क्योंकि ऐसा लगता था कि मुकेश को भी किसी की जरूरत थी क्योंकि जो किटी मालकन थी वो उन्हें छोड़ के चली गई थी। आकाश इनसे शादी नहीं करना चाहती थी। तो बस इन्हें लगता था कि मैं अब जल्दी से सेटल हो जाऊं और इसीलिए इसी जल्दबाजी में उन्होंने रेखा को प्रपोज किया और रेखा के साथ इनकी शादी हो गई। आकाश बजाज का एपिसोड पूरा रेखा को शादी के बाद पता चला और हालांकि रेखा ने सोचा कि नहीं हमें इस शादी को मुकम्मल करना है क्योंकि शादी रेखा हमेशा चाहती हमेशा से चाहती थी और उन्हें उन्हें था कि उनका एक परिवार हो। तो जब ये डिप्रेशन की स्टोरी मुकेश अग्रवाल ने उन्हें बताई तो रेखा ने अपने आप से प्रॉमिस किया कि मैं इसे इस रिश्ते को तोडूंगी नहीं कंटिन्यू करूंगी और लेकिन फिर क्या हुआ कि अ इन दोनों में रेखा को बहुत जल्दी रियलाइज होने लगा कि मुकेश जैसा उन्होंने अपने आप को प्रोजेक्ट किया था उससे ये काफी अलग थे। अ डिप्रेशन की तो बीमारी जो थी सो थी ही। इसके अलावा क्या हुआ कि मुकेश रेखा को कई बार ऐसा रेखा ने और बहुत सारे लोगों ने मीडिया इंटरव्यूज में बताया कि मुकेश रेखा को एज अ ट्रॉफी वाइफ यूज़ करने लगे थे और बॉम्बे में जब ये जाती थी फिल्में करने और रेखा को हमेशा तलाश थी सुकून की तो वो जब बॉम्बे जाती थी भीड़भाड़ की जगह और फिल्म इंडस्ट्री आपको पता ही है फिल्म मेकिंग कैसा होता है और कितने सारे लोगों से मिलना मुहूर्त की पार्टी फिर लॉन्च की पार्टी ये सब की पार्टी तो हमेशा रेखा चाहती थी कि जब मैं बॉम्बे से वापस दिल्ली आऊं तो मैं सुकून में रहूं, शांति में रहूं, अकेलेपन में रहूं, अपने अपने पति के साथ रहूं। कोई डिस्टर्ब ना करे मुझे।

इतना अच्छा फार्म हाउस था उनका वो ग्रीनरी जो कि जो चीजें जो बॉम्बे में मिसिंग थी वो रेखा मुकेश के साथ खोजती थी दिल्ली में आकर के। लेकिन जब भी बॉम्बे से रेखा दिल्ली आती थी तो मुकेश अपने ही घर पे बड़ी पार्टी थ्रो कर देते हर बार जब भी आए हर बार पार्टी और हर रोज पार्टी और बहुत सारे दिल्ली के बड़े-बड़े लोग उस पार्टी में आते थे और मुकेश खाली बस रेखा को इंट्रोड्यूस कराते रहते थे सबसे एक तरीके का इनफैक्ट नीरज कुमार ने भी ये इस को किताब में जो इंटरव्यू दिया उसमें बताया है कि वो दिखाना चाहते थे कि मैं कितना बड़ा सक्सेसफुल इंसान हूं और रेखा जैसी एक्ट्रेस मेरी वाइफ है। तो ये सारी चीजें धीरे-धीरे रेखा को परेशान करने लगी और कई बार क्या हुआ कि रेखा को इन्होंने बोला कि आप फिल्म करना छोड़ दो और जिस चीज का रेखा ने विरोध भी किया। कई बार उन्होंने कहा कि आपके फिल्म सर्कल आपके फिल्म में काम करने आपकि इतनी बड़ी स्टार हैं और आपके इतने सारे कांटेक्ट हैं तो उन कांटेक्ट से हमें भी इंट्रोड्यूस कराइए। हमारे बिजनेस में उसका फायदा होगा। जिस जो चीज रेखा को पसंद नहीं आती थी। और एक बार की बात है कि दिल्ली में राजीव गांधी के फार्म हाउस के बगल से इनकी गाड़ी जा रही थी। रेखा और मुकेश साथ में थे गाड़ी में। तो मुकेश ने रेखा से कहा कि चलिए राजीव गांधी से मिलने चलते हैं। वो तो आपको जानते ही हैं। मैं भी मिल लूंगा और मेरे लिए बिजनेस के लिए थोड़ा सा फायदेमंद भी हो जाएगा। तो रेखा ने कहा कि मैं जानती हूं इसका मतलब ये नहीं है कि राजीव गांधी मेरे दोस्त है और मैं आपको मिला नहीं सकती। वैसे ही एक बार उन्होंने माधव और सिंधिया के लिए कहा कि माधव सिंधिया से मुझे मिलवा दो। मेरे बिजनेस में काफी हेल्प होगा। तो रेखा ने उसके लिए ही मना कर दिया। धीरे-धीरे रेखा को रियलाइज होने लगा कि मुकेश जो है वो एक है तो 38 इयर्स के शख्स लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा उनके अंदर बचपना भरा हुआ और वह एक फैन बॉय की तरह बिहेव करते थे हमेशा। तो ये चीजें धीरे-धीरे रेखा को परेशान करने लगी और उसके बाद रेखा ने अपना ज्यादा फोकस अपने काम पे लगाना शुरू कर दिया और वापस वो बॉम्बे में ज्यादा रहने लगी। दिल्ली कम आने लगी और धीरे-धीरे क्या हुआ कि दिल्ली आना उन्होंने बंद ही कर दिया। अब रेखा क्योंकि मुकेश को अवॉइड करने लगी थी तो इनका यह जो डिप्रेशन का जो प्रॉब्लम था वो उन्हें बहुत अफेक्ट करता था और रेखा मुकेश की मुकेश का कई बार कॉल भी नहीं उठाती थी और उन्हें अवॉइड करती थी। एक बार की बात है एक इंसिडेंट इसमें मेंशन है कि मुकेश अग्रवाल जो है वो अपनी भाभी के साथ बॉम्बे पहुंच गए रेखा से मिलने के लिए और रेखा की एक सेक्रेटरी थी फरजाना आज भी उनकी सेक्रेटरी है और रेखा के घर पे गए और वो दोनों ने कहा कि हमें रेखा से मिलना है तो फरजाना ने कहा कि वो अभी है नहीं

और आप क्यों अपने आप को इस तरह से जलील कर रहे हो वो आपसे नहीं मिलना चाहती हैं और ये जब इन दोनों की बात हो ही रही थी तब तक बाहर से गार्ड आया और उसने कहा कि मैडम आ गई है और मैडम आ गई यह सुनकर मुकेश जल्दी से गेट की तरफ भागे और गेट की तरफ भागे और रेखा ने उन्हें देख लिया तो वो वापस अपनी गाड़ी में बैठ के चली गई और उस रात को गाड़ी के पीछे पीछे मुकेश अग्रवाल दौड़ रहे थे और वो बारिश हो रही थी और रो रहे थे वो तो बड़ा वो बहुत इमोशनल सा वो सीन था। इस बात का जिक्र इस किताब में है और मुकेश अग्रवाल को बाद में लगने लगा कि रेखा ने मुझे छोड़ दिया और रेखा एक्चुअली वो समझ गई थी कि ये शादी जो है वो चलने वाली नहीं है क्योंकि मुकेश जिस तरीके से जिस तरीके से इन्होंने अपने को प्रेजेंट किया था स्टार्टिंग में वो इंसान ये है नहीं और ये सिर्फ मुझे एज अ ट्रॉफी वाइफ यूज़ करना चाह रहे हैं और इस रिश्ते में बहुत कुछ है नहीं। फिर यह जो एपिसोड हुआ उसके बाद वापस मुकेश दिल्ली आए और फिर साइकेट्रिस्ट से मिला गया। फिर धीरे-धीरे फिर एक बार रेखा से इनकी फोन पर बात भी हुई और रेखा ने कहा कि देखो हमें डिवोर्स ले लेना चाहिए क्योंकि ये चीजें कहीं आगे जा नहीं रही है और डिवोर्स के पेपर भी बन चुके थे। इन्हीं दौरान क्या हुआ कि क्योंकि मुकेश जो है यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे कि रेखा इन्हें छोड़ के चली गई है तो फिर वही वो 1990 2 अक्टूबर को जो वो दिन था इन्होंने उस दुपट्टे से अपने आप को फांसी लगा के अपनी जान दे दी। अब जब जान इन्होंने दे दी थी उसके बाद उस दौरान हुआ यह था कि रेखा जो है वह अमेरिका में थी स्टेज शो को करने गई हुई थी और यह बात जब हुई तो उन्हें पता चला वहां पे तो उन्होंने फिर यहां कॉल किया रेखा ने और मुकेश के भाई जो थे उनकी वाइफ से उनकी बात हुई और पूछा कि ये क्या हो गया अचानक तो उन्होंने कहा कि आप अपना ध्यान रखिए लेकिन उस इंसिडेंट ने उस इस उस इंसिडेंट के बाद जो फैमिली ने जिस तरह का स्टेटमेंट दिया मुकेश अग्रवाल की मां ने मीडिया के सामने कह दिया कि वो डायन मेरे बच्चे को खा गई और ये ये इस तरह के स्टेटमेंट मीडिया में हेडलाइंस बन गए और एक इमेज क्रिएट हो गया रेखा का कि ये जो है ये तो मैन किलर है और ये चीजें छप गई और उसके बाद रेखा को बहुत मलायन किया गया। उनके बारे में बहुत बुरी-पूरी बातें बोली गई और पूरी फैमिली सब रेखा के पीछे पड़ गए कि रेखा की वजह से ही मुकेश अग्रवाल का यह हाल हुआ। जबकि सच्चाई यह है कि वो डिप्रेशन में तो थे ही इलाज चल रहा था और वो अपनी इमोशन को कंट्रोल नहीं कर पाए। इस वजह से मुकेश अग्रवाल ने सुसाइड कर लिया। बहुत दिनों के बाद जब रेखा से इंटरव्यू में पूछा भी गया कि मुकेश आपसे इतना प्यार करते थे कि आपका ही दुपट्टा वो उन्होंने उसे फांसी का फंदा बनाया और गले फांसी लगा के मर गए। तो रेखा ने कहा भी कहा कि आपको कैसे पता है कि वो दुपट्टा मेरा था। ये किस ये उस दुपट्टे पे मेरा नाम लिखा हुआ था?

ये तो बस बस एक स्टोरी बन गई और लोग क्यों कह रहे हैं मुझे नहीं पता क्योंकि मेरे तो कपड़े भी वहां पर नहीं इस तरह की बातें रेखा ने अपने सफाई में दी थी और रेखा ने यह भी कहा था कि वो जो था इन दोनों के बीच वो कहीं से भी प्यार तो नहीं था जो लेकिन एक्चुअली हुआ ये कि रेखा का पोजीशन थोड़ा खराब हो गया क्योंकि जब शादी जैसे हुई उसके बाद इन लोगों ने जो प्रेस से बातें की थी और रेखा मुकेश के बारे में बहुत तारीफ करती थी कि ही इज द वन और रेखा कहती थी कि मुकेश अग्रवाल इज द नेम फॉर मी और वही सब कुछ है मेरे लिए इस तरह की चीजें होती थी तो एक तरीके से रेखा के लिए यह ए्बरेसिंग भी हो गया था क्योंकि जिस शख्स के बारे में आपने मीडिया से इतना इतनी उसकी तारीफ की कि यही मेरे हस्बैंड है और मुझे इनहीं की तलाश थी इस तरह की बातें आप कर रहे थे और आज आप कह रहे हो कि वो प्यार नहीं था वो कुछ और ही था वो एक तरीके से ऑब्सेशन था मुकेश का ये सारी बातें इस तरीके की बातें आपने की तो इस वजह से वो रेखा को सब कहने लगे कि डबल स्टैंडर्ड है इनका और बहुत सारी बातें उन्हें एक तरीके का विलेन बना ही दिया और फिल्म इंडस्ट्री ने भी उनका साथ नहीं दिया। जैसा मैंने आपको सुनाया सुभाष खेला, अनुपम खेर ने क्या बोला। लेकिन इन सबके बावजूद रेखा ने इन इस इस पूरे एपिसोड को पीछे छोड़ के उन्होंने अपने करियर पे ध्यान दिया और आगे चलके फिर उन्होंने अपने करियर को एक तरह से एस्टैब्लिश भी किया। ठीक से फिर से पटरी पर लेकर के आई। इस इंसिडेंट के बाद फूल बने अंगारे रिलीज हुई थी और वो सुपरहिट हुई। उसके बाद जहां इनके दौर की जो हीरोइंस थी वो मां वगैरह का रोल करने लगी थी। मां का, भाभी का, सिस्टर का। ये उसके बाद भी हीरोइन के ही रोल में ज्यादा नजर आती थी और बहुत मेहनत की इन्होंने खतरों खिलाड़ियों का खिलाड़ी के लिए इनको बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवार्ड मिला। फिर कोई मिल गया जैसे फिल्में आई, क्रिश आई। तो इन्होंने अपने इन्होंने सारा फोकस जो है वो अपने काम पे ही लगा दिया। इनफ मुकेश अग्रवाल की ही फ्रेंड थी दीप्ति नवल भी और दीप्ति नवल ने भी रेखा को इनफैक्ट विलीफाई ही किया था।

दीप्ति नवल ने क्या कहा था कि शी डस नॉट इवन रियलाइज दैट इन मुकेश शी लॉस्ट द ओनली वन पर्सन इन द वर्ल्ड हु हैड एक्सेप्टेड हर फॉर व्हाटएवर हर पास्ट एंड व्हाटएवर शी वाज़। बेसिकली वो एक तरीके से इशारा दे रही थी कि जो क्योंकि रेखा एक इलस्टेट चाइल्ड थी आउट ऑफ बेडलॉक उनका जन्म हुआ था और इसके बावजूद मुकेश ने उन्हें एक्सेप्ट किया था यह बात रेखा को रियलाइज करना चाहिए था और आई हैड सीन हिम प्लीडिंग ओवर फोन वि फरजाना टू कॉल रेखा ऑन द लाइन ही वास सोबिंग लाइक अ बेबी प्लीज प्लीज लेट मी टॉक टू हर क्योंकि दीप्ति नवल ने बोला कि मैंने देखा था किस तरह से मुकेश रेखा को कॉल करते थे उनकी सेक्रेटरी से बोलते थे प्लीज मुझे रेखा से बात करा दो वो फोन पर रोते थे तो तो इस तरह की चीजें थी तो वो दीप्ति का कहना था कि रेखा को ये पूरा सिचुएशन थोड़ा मैच्योरली हैंडल करना चाहिए था। हो सकता था कि अगर वो मुकेश से बात करती और चीजों को सुलझाने की कोशिश करती और मैच्योरली उसे अगर इस रिश्ते को खत्म भी करना था तो वो उसका एक सही तरीका हो सकता था जो कि रेखा ने नहीं किया। हालांकि रेखा के अपने पॉइंट ऑफ व्यू है। तो ये सारी चीजें थी। इनफ जो इनकी फैमिली थी रेखा की मुकेश अग्रवाल की फैमिली उन्होंने तो यहां तक भी कह दिया था कि जो फरजाना जो उनकी सेक्रेटरी है और रेखा इन दोनों के ही संबंध थे और वो दोनों हस्बैंड वाइफ की तरह बिहेव करते थे और मे बी ये भी एक रीजन था जो कि मुकेश को पता चला और इस वजह से उन्होंने सुसाइड कर ली। तो बहुत सारी कास्परेसी थ्योरीज भी है। लेकिन सच्चाई क्या है ये या तो मुकेश जानते थे या फिर रेखा जानती हैं और अब वो एपिसोड जो है वो खत्म हो गया। लेकिन ये फिल्म इंडस्ट्री के हिस्ट्री में एक बहुत ही काला एपिसोड है और इस वजह से एक एक्ट्रेस को एक फीमेल एक्ट्रेस को बहुत ज्यादा बदनामी झेल झेलनी पड़ी। तो ये थी कहानी मुकेश अग्रवाल के सुसाइड की। आपको यह कहानी कैसी लगी और आप भी अगर इससे जुड़ी कुछ बातें अगर आपको भी पता है तो प्लीज कमेंट बॉक्स में हमें बताइए। अह थैंक्स फॉर वाचिंग।

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