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237 साल पहले मोदी के इतनी बार PM बनने की भविष्यवाणी किसने की थी? जानकर चौंक जाएंगे।

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इस देश में कुछ लोग ऐसे भी थे जो 2014 के पहले कहते थे कि नरेंद्र मोदी कभी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते यह उनकी भविष्यवाणी थी लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की भविष्यवाणी 237 साल पहले हो गई तब तो नरेंद्र मोदी पैदा भी नहीं हुए थे लेकिन यह भविष्यवाणी हुई और आज उसके बारे में आपको बताऊंगा क्योंकि आपको तो लग रहा होगा य कोई मजाक है बहुस य मजाक नहीं है हम खुद यह बात सुनकर चौक गए थे कि कोई कैसे 237 साल पहले यह भविष्यवाणी कर सकता है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन जब पाठशाला में हमने इस पर रिसर्च की और उस व्यक्ति के बारे में पढ़ा जिसने 237 साल पहले यह भविष्यवाणी कर दी थी तो हम भी हैरान रह गए यह कौन व्यक्ति थे जिन्होंने इतनी बड़ी भविष्यवाणी सैकड़ों साल पहले कर दी थी ।

यह आज आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले पीएम मोदी की यह जिसमें वह अपनी सियासी भविष्यवाणी के बारे में खुद देख रहे हैं यह देखिए वो लिखा हुआ देख रहे हैं उनके बारे में जो भविष्यवाणी है वो लिखित में है और 12 अप्रैल 2014 जब वो पीएम नहीं बने थे ।

तो उन्होंने वो भविष्यवाणी लिखी हुई देखी थी आमतौर पर आपने पीएम के 2014 में शपथ लेते हुए तस्वीरें देखी होंगी लेकिन यह तस्वीर नरेंद्र मोदी के पीएम बनने से पहले की तस्वीर है और इस तस्वीर में पीएम मोदी को लेकर सैकड़ों साल पहले हुई भविष्यवाणी का राज छिपा है और अपने बारे में इस भविष वाणी को नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने से पहले खुद जनता को बताया था।

यह तस्वीर राजस्थान की 12 अप्रैल 2014 की तस्वीर है यानी नरेंद्र मोदी के पीएम बनने से ठीक एक महीने पहले की तस्वीर इसमें नरेंद्र मोदी राजस्थान के एक संत की बात कर रहे हैं यह वही संत हैं जिन्होंने 237 साल पहले मोदी राज के आने की भविष्यवाणी कर दीी राजस्थान के इन प्रसिद्ध संत का नाम मावजी महाराज है जब उन्होंने भविष्यवाणी नहीं की थी कि अब अशोक गहलोत सरकार कभी नहीं लौटेगी ।

तो हमने आपको बताया था मावजी महाराज के बारे में भी थोड़ा बताया था और उन्होंने पीएम ने खुद कहा था कि हम भाई उस पावन धरती पर खड़े हैं जहां माप जीी महाराज ने भविष्यवाणियां की थी जब पीएम मोदी ने राजस्थान में एक चुनावी रैली में ये कहा था कि अशोक गहलोत की सरकार अब कभी नहीं बनेगी पीएम मोदी ने यह बात जिस जगह पर कही थी ।

वह जगह प्रसिद्ध संत मावजी महाराज की धरती और इस देश में बहुत लोग शायद नहीं जानते होंगे मा माव जी महाराज के बारे में लेकिन आज आप सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को लेकर क्या भविष्यवाणी की हमने पाठशाला में भी मावजी महाराज के बारे में थोड़ा आपको बताया मावजी महाराज वो संत है जिन्होंने आज से करीब 237 साल पहले ऐसी ऐसी भविष्यवाणियां की थी जो आज भी 100% सच साबित हो रही है नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की भवानी कैसे मावजी महाराज ने की थी 237 साल पहले की थी ।

यह हैरान करने वाली कहानी आपको आगे बताऊंगा लेकिन पहले आप मावजी महाराज के बारे में विस्तार से सुनिए क्योंकि भविष्यवाणी की दुनिया में अब तक आपने नास्त्र दमस और कीरो के बारे में बहुत सुना या पढ़ा होगा ऐसा माना जाता है कि नास्त्रे दमस की भविष्यवाणियां कभी गलत नहीं हुई लेकिन राजस्थान के संत मावजी महाराज की भविष्यवाणियों के बारे में आप सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे।

मावजी महाराज करीब 237 साल पहले 1786 में 72 96000 छंदों से पांच बड़े ग्रंथों की रचना की इन ग्रंथों को राजस्थानी भाषा में चौपड़ कहते हैं इन्हें माप जीी महाराज ने अपने हाथों से लिखा था और उनकी तस्वीरें दिखाऊंगा एक तरफ आप लगी ई भी देख रहे हैं तस्वीर इन्हीं ग्रंथों में 72 66000 से ज्यादा भविष्यवाणियां लिखी गई इन भविष्यवाणियों को स्थानीय बागड़ी भाषा में बांस की कलम और लाख की स्याही से लिखा गया जो आज भी सुरक्षित है उनकी भविष्यवाणियों में 237 साल पहले लिख दिया गया था कि हवा से लोगों की बात होगी आज मोबाइल के जरिए बातचीत हो रही है।

बिजली के तारों से रोशनी के बारे में उन्होंने भविष्यवाणी की थी ग्लेशियर के पिघलने की भविष्यवाणी की थी धरती के गर्म होने की भविष्यवाणी कर दी थी उन्होंने 350 साल पहले ही कपड़े पर उपग्रह और हवाई जहाज के चित्र बनाए थे जो आज बन जाएं आज बनाए जा रहे उपग्रह हवाई जहाज से हुबहू मेल खाते आगे बढ़ने से पहले आपको मावजी महाराज की कुछ भविष्यवाणियों के बारे में विस्तार से बताता हूं जो उन्होंने बागड़ी भाषा में लिखा जैसे उन्होंने लिखा कि पूर पश्चिम वायरा बाज स सर्वे वाणी फरसी य यहां डालिए य दिखाता हूं इस पर डालिए आपको यह तस्वीर दिखाता हूं जो उन्होंने भविष्यवाणियां की यह देखिए पूर्व पश्चिम वायरा बाज स सर्वे वाणी फारसी रे जिसका मतलब यह है कि पूर्व पश्चिम की संस्कृति में मेलजोल होगा यह उन्होंने कहा आज भारत और पश्चिम के देश यूरोप और अमेरिका के बीच बहुत राजनीतिक व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध आप उसको उस जमाने से कंपेयर कीजिए उस जमाने इस तरह के संबंध नहीं थे और उन्होंने ये भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में ऐसा होगा ।

कि पश्चिम और पूर्व के बीच मेल हो फिर एक भविष्यवाणी की कि बदनी सिर थकी भार उतर यसी यानी कि बैलों के सिर से बोझ हल्का होगा आज के दौर में खेतों की जुताई हलो के बजाय ट्रैक्टर से होती और लोग कहते हैं कि यही वह भविष्यवाणी थी कि बैलों के सिर से बोझ कम होगा यानी ऐसा कोई यंत्र आएगा जिस जो बैलों का बोझ कम करेगा तीसरी भविष्यवाणी जो उन्होंने लिखी थी कि बहू बेटी काम भारे सासू पिछड़ पीसेगांव सास आटा घर का सास घर का काम करें आजकल बहु बेटियां पढ़ रही हैं और बाहर निकलकर काम कर रही है चार जुगना बंधन तोड़ी जुगना भगत तारिया यह देखिए चार जुगना बंधन तोड़ी जुगना भगत तारिया यानी चार युगों से चले आ रहे जाति धर्म के बंधन टूटेंगे उस जमाने में इन्होंने कह दिया कि जाति के और धर्म के बंधन टूटेंगे और भक्ति के माध्यम से हल निकलेगा और आज शहरों में लोग धर्म और जाति से ऊपर उठकर मिलकर काम भी कर रहे हैं ।

इंटरकास्ट मैरिजस भी हो रही है जबकि उस दौर में तो ऐसा सोचा नहीं जा सकता था इसलिए यह भविष्यवाणियां सुनकर आज लोग हैरान रह जाते हैं कि तब उन्होंने न जाने क्या देखा और ऐसा लिखा धरती तो तांबा वर्णी होसी यानी धरती तबक तपक तांबे की रंग की हो जाएगी यानी धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग एक तरह से एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग के संकेत थे उस जमाने में तो इतना तापमान नहीं बढ तो धरती तपक तांबे के रंग की हो जाएगी यह कैसे उनको पता था इन्हीं भविष्यवाणियों को लेकर लोग हैरान रह जाते और यह तो कुछ उदाहरण दिया।

आपको लेकिन उसमें भी एक बड़ी कमाल की बात मावजी महाराज ने देश और दुनिया को लेकर जो भविष्यवाणियां की थी वह आज तो बिल्कुल सही साबित हो ही रही है इसके अलावा मावजी महाराज ने भारत की राजनीति को लेकर भी भविष्यवाणी की जो नरेंद्र मोदी पर बिल्कुल फिट बैठती है पीएम मोदी की मावजी महाराज पर बहुत आस्था है वो पिछले कई वर्षों से से मावजी महाराज के बेणेश्वर धाम जा रहे हैं यह नरेंद्र मोदी की अप्रैल 2014 की तस्वीरें हैं वीडियो है जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान बेणेश्वर धाम गए यहां नरेंद्र मोदी ने मावजी महाराज की 237 साल पुरानी पुराने इस ग्रंथ को देखा था और बहुत ध्यान से देखा था।

तब नरेंद्र मोदी को यह जानकर बहुत हैरानी हुई थी कि उनके बारे में भी इस ग्रंथ में एक भविष्यवाणी की हुई 237 साल पहले यह देखिए उस भविष्यवाणी को व पढ़ रहे हैं नरेंद्र मोदी ने यह बात तुरंत नोट कर ली और चुनावी सभा में जाकर लोगों को सुनाई भी इस भविष्यवाणी में क्या लिखा गया था पहले नरेंद्र मोदी जो कह रहे हैं वो सुनिए फिर मैं आपको उस भविष्यवाणी का एक एक शब्द बताऊंगा और उसका मतलब समझाऊ भाइयों बहनों आज मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे माऊ जीी महाराज की तपो भूमि के दर्शन करने का सौभाग्य मिला बनेश्वर जी के दर्शन करके मैं आया हूं इतने प्रेरक शब्द है लिखा है मुझे भी मालूम नहीं है इतनी बढ़िया बात 400 साल पहले लिखी गई है ।

मावजी महाराज ने लिखा है जमू खंड जुमलो आगे है महाराज धोरा घरनी धूल की गुजरात न डंको वागे महाराज मावजी वाणी बुले है महाराज जातू धर्म पास आवेगा धर्म नी बात साले का महाराज श्व बड़ को रसाय मराज दिल्ली में दिल्ली मावो लागे महाराज इन्होंने गुजरात को और दिल्ली को जोड़ दिया है मावरी जी महाराज अद्भुत बात है जी उस जमाने में गुजरात से दिल्ली जाकर के दिया लेगा यह बात माजी महाराज ने कही है भाइयों आज की तारीख में कोई भी यह सुनेगा तो हैरान रह जाएगा कि ऐसी भविष्यवाणी कोई कैसे कर सकता यह नरेंद्र मोदी को लेकर 237 साल पहले की गई वह भविष्यवाणी है जिसके बारे में देश की जनता को अप्रैल 2014 में पता चला।

अब आपको इस भविष्यवाणी के शब्दों के बारे में एक एक करके बताता हूं जरा यहां तस्वीर डालिए कि उस भविष्यवाणी में लिखा क्या था जरा इसको लोग देखेंगे तो आपको समझ में आएगा इस भविष्यवाणी में यह लिखा है कि गुजरात नो डंको बाके महाराज यानी गुजरात का डंका बजेगा एक वक्त ऐसा आएगा कि गुजरात का डंका बजेगा और आप याद कीजिए कि नरेंद्र मोदी जब मुख्यमंत्री थे तो गुजरात का डंका बच रहा था यूपीए की सरकार होते हुए भी हर बार गुजरात को अवार्ड मिलते थे इस तरह का गुजरात में काम हो रहा था गुजरात मॉडल की बात होती थी 237 साल पहले उन्होंने लिख दिया माफ जीी महाराज ने गुजरात न डंको बागे महाराज और वो हुआ फिर वो लिखते हैं मावजी वाणी बुले है ।

महाराज यानी मावजी की वाणी मावजी महाराज की वाणी कहती है कि जा त धर्म पास आगे आवेगा यानी जाति और धर्म पास आ जाएंगे आप देखिए आज की डेट में नरेंद्र मोदी क्या कहते हैं लोग कह रहे हैं जातिगत जनगणना करानी है वह कहते हैं भैया हमको जातिगत जनगणना के मामले में ना पढो हमारी एक ही जाति हमको पता है और व गरीब की जाति और जो घर मिल रहे हैं शौचालय मिल रहा है वो जाति और धर्म देख के नहीं मिल रहा तो उन्होंने भविष्यवाणी की जातु धर्म पास आवेगा धर्म नी बातें सालेगांव रो बण को रसाय महाराज बनेश्वर उनके धाम की बात है और आखिरी की लाइन पढ़ी है उस जमाने में उन्होंने कहा कि दिल्ली मां दीव लागे महाराज यानी दिल्ली में दिया जलेगा गुजरात का डंका बजेगा और फिर दिल्ली में दिया अब आप सोचिए गुजरात से गुजरात का डंका बजाने के बाद कोई नरेंद्र मोदी निकलते हैं और वह दिल्ली में आकर दिया हैं या फिर आप कह लीजिए कि दिल्ली में आकर सत्ता पर काबिज होते हैं और इसीलिए एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह भविष्यवाणी 237 साल पहले हुई भविष्यवाणी जिसमें गुजरात और दिल्ली का कनेक्शन है व सीधे-सीधे संकेत था बिना नाम लिए व उस वक्त नाम थोड़ी था।

लेकिन कि गुजरात से कोई आकर दिल्ली पर राज करेगा यानी नरेंद्र मोदी आज देखिए वही हो रहा है नरेंद्र मोदी की को लेकर की गई इस भविष्यवाणी के सामने आने के बाद व मई 2014 में गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री बन ग मावजी महाराज की भविष्यवाणी पर पीएम मोदी के अलावा राजस्थान की जनता भी बहुत भरोसा करती है मावजी महाराज ने भविष वाणी के अलावा अपनी अपने हाथों से कई कृतियां जैसे ज्ञान भंडार अकल रमण सरान और ज्ञान रल माला भी लिखी है।

मावजी महाराज ने पांच ग्रंथ लिखे थे जिनमें 72 लाख से ज्यादा भविष्यवाणियां है लेकिन अब पीएम मोदी इन ग्रंथों का डिजिटलाइजेशन करवा रहे हैं आने वाले दिनों में आप इन भविष्यवाणियों को अपने मोबाइल पर पढ़ सकेंगे केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत वागड़ी भाषा को ट्रांसलेट करके हिंदी भाषा में इंटरनेट पर अपलोड किया जाए हो सकता है आपके लिए भी कुछ मिल जाए कुछ लोग ढूंढेंगे कि 2024 के लिए भी कुछ लिखा है क्या माफ जीी महाराज की राजस्थान में बहुत मान्यता है और मुझे अफसोस सिर्फ यह होता है कि विदेश में कोई कुछ कह दे तो उसको लेकर डंका बन जाता अपने यहां लोग कुछ कह के गए हैं।

उनके बारे में कोई बताता भी नहीं मतलब कोई पाठशाला लगती है कोई सुशांत सिन्हा लगता है जो आएगा रिसर्च करके आपको चोल साम्राज्य के बारे में बताएगा नहीं तो आप ताजमहल देख के ही खुशी में रहेंगे कि भैया ताजमहल से अच्छा तो कुछ बना ही नहीं मुगलों से अच्छा तो कुछ राज ही नहीं किया किसीने जो हिंदू धर्म से जुड़े हुए अद्भुत मंदिर है उनके बारे में बताने के लिए कोई पाठशाला लगती मावजी महाराज के बारे में बताने के लिए कोई पाठशाला लगती है नहीं तो है चैनल बम फोड़ रहे युद्ध वाले भम भम लोग देख भी रहे हैं माप जी महाराज की राजस्थान में बहुत मान्यता है उनका जन्म बांसवाड़ा और डूंगरपुर के नजदीक एक छोटे से गांव साबला में माव जी महाराज अपनी कड़ी तपस्या और अध्ययन से ज्ञान की प्राप्ति कर चुके थे और इस स्थान को अब बेणेश्वर धाम कहा जाता है

वो बागेश्वर धाम मत समझ लीजिएगा बागेश्वर बाबा वाला यह बनेश्वर धाम है यहां के लोग माप जीी महाराज को निष्कलंक भगवान के रूप में पूछते हैं दरअसल मावजी महाराज ने जाति पाति का विरोध करते हुए निष्कलंक संप्रदाय की स्थापना की इसमें संप्रदाय में अछूत कही जाने वाली जातियों और आदिवासियों को शामिल किया गया मावजी महाराज ने उस समय इन दलित पिछड़ों से फैला हुआ अंधविश्वास मिटाया उन्होंने दक्षिणी राजस्थान में घूम घूम कर आदिवासियों को जागृत किया मावजी महाराज ने राजस्थान में लसोड़ा आंदोलन भी चलाया ।

जिसके तहत विधवाओं को फिर विवाह करने की बात कही गई आप सोचिए 200 250 साल पहले भारत गुलामी और सामाजिक कुर्तियों में फंसा हुआ देश था तब मावजी महाराज ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज के वंचित और शोषित वर्ग को जोड़ने की बात करही आज प्रधानमंत्री मोदी भी उसी सोच को अपनी राजनीति में इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए वह देश के सबसे लोकप्रिय नेता ऐसे ही नहीं बने लेकिन माफ जी महाराज ने तो भविष्य बहुत पहले देख लिया था शायद

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