सोचिए जिस शख्स को लाखों बच्चे सर कह कर पढ़ते हैं जिसकी क्लास की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहते हैं अचानक उसी पर गंभीर आरोप लग जाए और नाम खान सर से बदलकर फैज़ल खान चर्चा में आ रहे और मामला कोर्ट तक पहुंच जाए।
पुलिस गिरफ्तारी की तैयारी में हो और फिर कोर्ट से बड़ा फैसला आ जाए। नमस्कार मैं खुशी चौधरी। तो कहानी आज सिर्फ एक कोचिंग टीचर की नहीं है बल्कि उस पूरे सिस्टम की है। उस वायरल दुनिया की है जहां एक वीडियो किसी की इमेज बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। पूरा मामला पटना का है।
2 जून 2026 की रात का बताया जाता है कि पटना के एक कोचिंग सेंटर के बाहर अचानक माहौल गर्म हो गया। हंगामा हुआ, भीड़ इकट्ठा हुई और इसी दौरान फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि कदमख थाने में एफआईआर दर्ज हुई और इस एफआईआर में नाम कई लोगों तक पहुंचा। जिनमें फैजल नाम यानी खान सर का नाम भी चर्चा में आ गया। पुलिस की तरफ से आरोप लगाया गया कि इस पूरे घटनाक्रम में कोचिंग संस्थान से जुड़े कुछ लोग और सुरक्षा गार्ड शामिल थे और इसी आधार पर जांच आगे बढ़ी।
जैसे ही मामला दर्ज हुआ, पुलिस ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी। दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया गया जिन्हें बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का दावा था कि पूछताछ में गार्डों ने की बात स्वीकार की है और इसी आधार पर केस को आगे बढ़ाया गया। वहीं दूसरी तरफ कुछ बाकी लोगों की भी गिरफ्तारी हुई जिससे मामला और गंभीर होता चला गया। इधर स्थिति यह बन गई कि दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। एक तरफ कहा गया कि और हुई। दूसरी तरफ इसे गलतफहमी और साजिश का हिस्सा बताया जाने लगा। और इसी बीच मामला पहुंचा कोर्ट में।
फैजल खान की तरफ से उनके वकील ने अग्रिम जमानत यानी एंटीिसिपेटरी बेल की अर्जी दाखिल की और इसी पर पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। मतलब साफ है पुलिस उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं कर सकती। कोर्ट ने केस डायरी की भी तलब की और कहा कि आगे की सुनवाई केस डायरी और सबूतों के आधार पर रुकी। उनके वकील का कहना है कि फिलहाल उन्हें कानूनी राहत मिल गई है लेकिन केस खत्म नहीं हुआ।
अगली सुनवाई में पुलिस की केस डायरी देखी जाएगी और उसके बाद आगे का फैसला होगा। अगला डेट कब का रखा गया? अभी डेट फिक्स नहीं हुआ है। बाद में पता लगेगा। तो नो कोशिश से तो राहत मिल गई। मिल गई। अरेस्टिंग इसको इसका मतलब होता है अरेस्टिंग स्टे। द पुलिस कैन नॉट अरेस्ट दी पर्सन। तो अब वो खुल के बाहर भी आ सकते हैं। एकदम एकदम आएंगे ही आएंगे। बेल पे क्या बातचीत की गई है सर?
क्या बेल ही पर बहस हुआ है इसलिए इंट्रिम मिला है उनको इंट्रिम प्रोटेक्शन बेल एंटीिसिपेटरी बेल में ही इंट्रिम प्रोटेक्शन मिला अरेस्टिंग स्टे हो गई है अब वो जहां चाहे फ्री है घूम सकते हैं आ सकते हैं जो दो लोग और हां उनके लिए डायरी कॉल की गई है एंटीिसिडेंट कॉल किया गया है बाय द ला माय स्टेट हम उसमें 10 तारीख को है दूसरे वाले में 10 तारीख को जो कस्टडी में है गार्ड्स लोग उनके वाले में 10 हां 10 तारीख को है तो अगले आदेश में क्या खान को भी पेश होना होगा या मन होगा तो आ सकते हैं नहीं तो कोई जरूरत है उनको आने की आवश्यकता नहीं है सुनना होगा तो आ सकते हैं ऐसे कोई नेसेसरी नहीं है कि ही विल अपीयर बिफोर अब अगर इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझे तो विवाद एक कोचिंग सेंटर के बाहर हुई घटना से शुरू हुआ था जहां हंगामा भीड़ और l
जैसी स्थिति बनी और फिर यही मामला एफआईआर और गिरफ्तारी तक पहुंच गया। पुलिस कह रही है कि इसमें गार्डों की भूमिका सामने आई। जबकि दूसरी तरफ बचाव पक्ष इसे फंसाने की कोशिश या गलत आरोप बता रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से फैल गया। अलग-अलग वीडियो वायरल होने लगे और लोगों की राय दो हिस्सों में बट गई।
कुछ लोग इसे गंभीर कानून व्यवस्था का मामला बता रहे हैं। तो कुछ लोग इसे कोचिंग विवाद और गलतफहमी का नतीजा मान रहे हैं और इस पूरे विवाद के बीच नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया। फैजल खान का जिन्हें लोग खान सर के नाम से जानते हैं। एकऐसे टीचर के रूप में जिन्होंने देसी अंदाज में पढ़ाकर लाखों छात्रों के बीच अपनी पहचान बनाई।
देवरिया से शुरू हुआ उनका सफर पटना तक पहुंचा। दीवारों पर पोस्टर लगाने से लेकर लाखों ऑनलाइन स्टूडेंट तक यह सफर आसान नहीं था। कहा जाता है कि शुरुआत में उन्होंने बहुत साधारण तरीके से कोशिश शुरू की थी। खुद पोस्टर लगाते थे।
छोटे कमरे में क्लास चलाते थे और धीरे-धीरे स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ती गई। फिर YouTube आया और YouTube ने उनकी पहचान को पूरे देश में पहुंचा दिया। लॉकडाउन के दौरान उनकी क्लासेस और ज्यादा वायरल हुई और नाम हर घर तक पहुंच गया।
लेकिन अब वही नाम एक कानूनी विवाद में सामने है। जहां जांच चल रही है, कोर्ट में सुनवाई हो रही है और पुलिस अपनी तरफ से सबूत जुटाने में लग गई। फिलहाल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। यानी उन्हें अभी राहत है। लेकिन केस अभी खत्म नहीं हुआ।