जब भी आप अपोलो हॉस्पिटल्स का नाम सुनते हैं, दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? बड़े अस्पताल, डॉक्टर्स और एक विशाल हेल्थ केयर एंपायर। लेकिन शायद ही आपको पता हो कि इस पूरे एंपायर का कनेक्शन फिल्मी दुनिया से है और वो भी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से। अपोलो हॉस्पिटल उसी फैमिली का हिस्सा है जिसने सिनेमा को एक सुपरस्टार दिया रामचरण। इसी हेल्थ केयर एंपायर को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालती हैं उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी। कैसे उपासना कामिनेनी 77,000 करोड़ के इस एंपायर की वारिस बनी। आज के इस वीडियो में यही जानेंगे। हेलो, मैं रिया हूं और आप खबरगांव देख रहे हैं। रामचरण आज साउथ इंडिया के सबसे बड़े और महंगे एक्टर्स में से एक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक फिल्म के लिए लगभग 70 से 100 करोड़ तक की फीस लेते हैं। साल 2012 में रामचरण ने उपासना कामिनेनी से शादी की।
रामचरण और उपासना की पहली मुलाकात कॉलेज के दिनों में कुछ कॉमन दोस्तों के जरिए हुई थी। जिसके बाद वह दोस्त बने और फिर दोनों की शादी हो गई। शादी के बाद रामचरण का रिश्ता एक हेल्थ एंपायर से भी जुड़ गया। अपोलो हॉस्पिटल उपासना के दादा प्रताप सी रेड्डी ने ही अपोलो हॉस्पिटल्स की शुरुआत की थी। प्रताप रेड्डी ने देखा कि भारत में लोगों को अच्छी मेडिकल सुविधाओं के लिए विदेश जाना पड़ता था जो हर किसी के लिए मुमकिन नहीं था। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने 1983 में चेन्नई में अपोलो हॉस्पिटल शुरू किया ताकि भारत में ही वर्ल्ड क्लास इलाज मिल सके। धीरे-धीरे यह हॉस्पिटल से बढ़कर एक हेल्थ केयर नेटवर्क बन गया। अब इस नेटवर्क को उपासना ही संभालती हैं। वो इस फैमिली की अगली पीढ़ी से हैं। यानी वह डॉक्टर रेड्डी की पोती हैं। आज वो इसी 77,000 करोड़ के अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की वारिस हैं। उपासना इस पूरे ग्रुप का सीएसआर काम संभालती हैं।
जिसका मतलब है कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का मतलब होता है कि कंपनियां सिर्फ पैसे कमाने पर ही ध्यान नहीं दे बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को निभाएं। यानी कंपनी अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा समाज की भलाई के कामों में लगाएं जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों की मदद। उपासना इसी सेक्टर का काम संभालती हैं। इसके अलावा उपासना ने यूआर लाइफ नाम का डिजिटल हेल्थ प्लेटफार्म भी शुरू किया है। यह प्लेटफार्म वेलनेस प्रोग्राम्स और हेल्थ से जुड़ी सर्टिफाइड जानकारी देता है। Zाइडस ग्रुप जैसी बड़ी कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी हैं। Zाइडस ग्रुप एक भारतीय कंपनी है जो मुख्य तौर पर दवाइयों और हेल्थ केयर से जुड़ा काम करती हैं। अपनी इस जनरेशनल वेल्थ को लेकर उपासना एक इंटरव्यू में अपनी बात रखती हैं। उपासना का कहना है कि लोग सोचते हैं कि वह बहुत अमीर परिवार से आती हैं। लेकिन उनके पास हर चीज के लिए पैसा आसानी से उपलब्ध नहीं था। उन्हें खुद समझना पड़ा कि अपने बिजनेस को कैसे बेहतर चलाना है। अपनी कमाई को कैसे बढ़ाना है ताकि वह अपने टारगेट्स को पूरा कर सके। दूसरों पर डिपेंड रहने के बजाय खुद को सही ज्ञान और रिसोर्सेज से बेहतर बनाना जरूरी है। और इसके अलावा उपासना यह भी कहती हैं कि उन्होंने अपने जीवन में पितृसत्ता यानी कि पेट्रिय्की का सामना किया था। लेकिन उनके घर में इसे समय रहते रोक दिया गया। उनके घर की लड़कियां मजबूत थी। उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई। इसलिए परिवार में अब लड़के और लड़कियों के साथ बराबरी का व्यवहार होता है। जिस पर उन्हें गर्व है। अपने काम के एक्सपीरियंस के बारे में उपासना का कहना है कि लोग आपकी कमजोरियों को पहचान लेते हैं।
उसी का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए वह हमेशा मीटिंग में पूरी तैयारी के साथ जाती हैं। अपनी स्किल्स को बेहतर बनाती रहती हैं। उपासना का यह भी कहना है कि उनके परिवार में पैसों को लेकर झगड़े ना हो इसके लिए एक फैमिली रूल बुक बनाई गई है। उनके दादा का मानना था कि पैसा कभी भी लड़ाई की वजह नहीं बनना चाहिए। इसी सोच के साथ यह फैमिली आगे बढ़ती है और बढ़ती भी आई है। मां ने बिजनेस को कैसे लीड करना है वो क्वालिटी उपासना ने अपने परिवार से ही सीखी। उपासना के काम को कई अवार्ड से भी सराहा गया है। उन्हें दादासाब फाल्के अवार्ड में फिलेंथ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड दिया गया है। इसके अलावा उनका नाम फोब्स टकून ऑफ टुमारो की लिस्ट में भी शामिल किया गया जिसमें उन लोगों को जगह मिलती है जो आने वाले समय में बड़े बिजनेस लीडर बन सकते हैं। हेल्थ केयर बिज़नेस के अलावा उपासना ने अपनी सास के साथ अथमास किचन भी शुरू किया है। उपासना द इंडियन एक्सप्रेस को बताती है कि इस किचन की शुरुआत किसी बड़े प्लान से नहीं बल्कि एक छोटी सी रोजमर्रा की जरूरत से शुरू हुई थी। दरअसल ये उनकी अपनी परेशानी थी।
उनके पति रामचरण के साथ वो चाहे दुनिया के सबसे अच्छे रेस्टोरेंट्स में खाना खाते थे लेकिन उनके रामचरण को देर से घर लौटकर भी घर जैसा खाना चाहिए होता था। पहले उनकी सास उनके ससुर के लिए शूटिंग के दौरान घर के बने प्रीमिक्सेस भेजती थी। वहीं से आईडिया आया और अब यह आदत बन गई है कि वह सब लोग ऐसे प्रीमिक्स अपने साथ रखते हैं ताकि कहीं भी घर जैसा खाना मिल सके। यह तो हुआ उपासना का बिजनेस प्रोफाइल। उपासना के पति रामचरण भी एक्टिंग के अलावा बाकी बिजनेस में एक्टिव रहे हैं। एक्टर होने के अलावा वह एक सफल प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने कोडेला प्रोडक्शन कंपनी के जरिए कैदी नंबर 150 और सरा नरसिम्हा रेड्डी जैसी हिट फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। साल 2023 में उन्होंने वी मेगा पिक्चर्स की भी शुरुआत की जिसकी पहली फिल्म द इंडिया हाउस रही। फिल्मों के अलावा उनकी दिलचस्पी और भी कई चीजों में है। उन्हें घोड़सवारी का काफी शौक है। इसी वजह से उन्होंने हैदराबाद पोलो राइडिंग क्लब शुरू किया। एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर उनके प्यार ने उन्हें डेविल सर्किट जैसी भारत की बड़ी ऑबस्टकल रेसिंग सीरीज का भी को ओनर बना दिया। इस वीडियो में बस इतना ही। इस वीडियो को रिकॉर्ड किया हमारे साथी तौफीक ने। आप देखते रहिए खबरगांव। शुक्रिया।