नमस्कार मेरे दोस्तों मैं आपका अपना आर के खन्ना आज एक बार फिर आपके सामने उपस्थित हूं लेकर हमारा अपना प्रोग्राम यादों का सिलसिला यादों का सिलसिला [संगीत] चलता रहा है चलता रहेगा [संगीत] यादों का सिलसिला यादों का सिलसिला [संगीत] यादों का सिलसिला [संगीत] यादों का सिलसिला [संगीत] यादों का सिलसिला सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और डायलॉग डिलीवरी के बेताज बादशाह राजकुमार इन दोनों ने कभी भी किसी भी फिल्म में एक साथ काम नहीं किया। क्यों? क्या किसी ने भी इन दोनों को साथ लेकर कभी फिल्म बनाने की कोशिश नहीं की? नहीं, ऐसा नहीं है।
कई बार ऐसी कोशिशें हुई यह बात और है कि वो कोशिश सफल नहीं हो सकी। एक बार यह कोशिश की थी आदरणीय मनमोहन देसाई साहब ने। मनमोहन देसाई जी जब देश प्रेमी बना रहे थे उसमें मनमोहन देसाई जी ने अमिताभ बच्चन के साथ-साथ राजकुमार जी को भी एक रोल ऑफर किया था। लेकिन अब राजकुमार तो राजकुमार हैं। उन्होंने साइन कर करने से पहले ही एक शर्त रख दी कि हम जो फीस लेंगे वो अमिताभ बच्चन से ₹1 ज्यादा होगी। यह बात मनमोहन देसाई जी को अच्छी नहीं लगी। अमिताभ बच्चन उस वक्त सुपरस्टार थे। फिल्म इंडस्ट्री के नंबर वन अभिनेता जिनकी कहते हैं उस समय कि जिस उस समय अमिताभ बच्चन की कोई फिल्म फ्लॉप हो जाती थी तो वो भी दूसरे जो कलाकार थे उनकी हिट फिल्मों से ज्यादा पैसा कमाती थी। यह छवि थी उस समय डिस्ट्रीब्यूशन टेबल पर अमिताभ बच्चन की फिल्मों की और मनमोहन देसाई ने तो एक बार जब परवरिश फिल्म से अमिताभ बच्चन के साथ फिल्में बनाने का सिलसिला शुरू किया तो अंत तक कोई भी ऐसी फिल्म नहीं बनाई जिसमें अमिताभ बच्चन ना हो।
राजकुमार का यह कहना कि मैं अमिताभ बच्चन से ज्यादा फीस लूंगा। यह बात मनमोहन देसाई को मंजूर नहीं थी। इसीलिए देश प्रेमी में जो रोल मनमोहन देसाई राजकुमार को देना चाह रहे थे बाद में उन्होंने वो रोल दे दिया शम्मी कपूर को। जी हां शम्मी कपूर साहब ने उस फिल्म में जो रोल किया वो रोल पहले राजकुमार कर रहे थे। शम्मी कपूर जी के साथ फिल्म बनी फिल्म चली और अच्छी चली। ये भी मनमोहन देसाई और अमिताभ बच्चन की जोड़ी की एक हिट फिल्मों में से है। भले ही ये फिल्म उतनी बड़ी हिट नहीं थी लेकिन ये फ्लॉप भी नहीं थी। फिल्म अपने आप में चर्चित थी और चली थी। मेरे दोस्तों, इस तरह से अमिताभ बच्चन और राजकुमार एक साथ पर्दे पे आते-आते रह गए। एक बार यही कोशिश की थी आदरणीय सुभाष घई साहब ने। हालांकि सुभाष घई और अमिताभ बच्चन भी आज तक एक बार भी एक साथ बतौर अभिनेता और बतौर निर्देशक साथ काम नहीं कर सके। एक बार यह होते-होते रह गया। फिल्म का नाम था देवा।
देवा में अभिनेता अमिताभ बच्चन को सुभाष घई साहब ने हीरो साइन किया था। वो सुभाष घई साहब की अपनी होम प्रोडक्शन थी। वो फिल्म ना जाने किन कारणों से बंद हो गई। उसी फिल्म में सुभाष घई साहब ने एक अहम रोल राजकुमार साहब को भी दिया था। जब फिल्म ही बंद हो गई तो एक बार फिर से राजकुमार और अमिताभ बच्चन साथ आते-आते रह गए। अगर कभी फिल्म बनती राजकुमार और अमिताभ बच्चन की तो फिल्म अपने आप में एक इतिहास रचती और लाजवाब फिल्म बनती क्योंकि दोनों ही अपनेपने स्थान पर बेहतरीन अभिनेता हैं। दोनों से जुड़ी फिल्म इंडस्ट्री में कई घटनाएं प्रचलित हैं। उनसे भी हम आपको वाकिफ कराते हैं। मेरे दोस्तों अमिताभ बच्चन साहब जब इंडस्ट्री में आए तो सात हिंदुस्तानी के बाद लगातार 101 फ्लॉप फिल्में उनके जीवन में आई। उनकी फ्लॉप फिल्मों का जो काफिला था, जो एक सफर था, वह थम ही नहीं रहा था। जिस फिल्म में भी काम करते थे, वह लगातार फ्लॉप होती जा रही थी।
उसी दौर में एक बार अमिताभ बच्चन जी बी आर चोपड़ा साहब से मिलने के लिए गए हुए थे। बी आर चोपड़ा साहब और अमिताभ बच्चन बैठे थे। बी आर चोपड़ा की कई फिल्में राजकुमार साहब भी कर चुके हैं। हमराज, वक्त वगैरह उनका भी बी आर चोपड़ा के घर पर आना जाना लगा ही रहता था। उस दिन जब अमिताभ बच्चन और बी आर चोपड़ा साहब बैठे थे तो अचानक राजकुमार साहब वहां आ गए और राजकुमार साहब को देखकर राजकुमार साहब क्योंकि अमिताभ बच्चन से भी सीनियर अभिनेता हैं। अमिताभ बच्चन ने राजकुमार को देखा और वह कुर्सी से खड़े हो गए यह बोलते हुए रिस्पेक्ट देते हुए कि सर बैठिए। अमिताभ बच्चन का इतना कहना ही था कि राजकुमार साहब ने जवाब दिया कि बैठने की जरूरत हमें नहीं तुम्हें है जानी। तुम तो शक्ल से ही बीमार लगते हो। यह सुनकर अमिताभ बच्चन ने कोई जवाब नहीं दिया और वो शांत रह गए। दोनों की एक घटना एक बार फिर घटी। उस समय जब अमिताभ बच्चन बहुत बड़े स्टार बन चुके थे। अमिताभ बच्चन और राजकुमार साहब की फिर से एक मुलाकात हुई एक पार्टी में।
उस समय अमिताभ बच्चन बहुत बड़े स्टार बन चुके थे। उस पार्टी में अमिताभ बच्चन ने एक बहुत कीमती सूट पहना हुआ था और जब उनका सामना राजकुमार से हुआ तो राजकुमार साहब ने उन्हें सर से पांव तक देखा। चेहरे पर मुस्कान आई और राजकुमार साहब ने पूछा कि आपका यह सूट लाजवाब है। कपड़ा कहां से लिया? कौन से टेलर से सिलवाया? जरा उसका फोन नंबर और एड्रेस हमें दो। अमिताभ बच्चन को लगा कि शायद राज साहब मेरे सूट की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर आपको यह सूट बेहद पसंद आया है। अब राजकुमार साहब ने कहा कि पसंद तो आया है जानी लेकिन हमें अपने घर के कुछ पर्दे सिलवाने हैं। उसके लिए तुम्हारा यह कपड़ा एकदम फिट है। राजकुमार साहब का यह जवाब सुनकर अमिताभ बच्चन एक बार फिर मन मसूस कर रह गए। लेकिन अब राजकुमार तो राजकुमार हैं। उन्हें तो जो कहना होता था वो कहते ही थे। फिर उनके सामने भले ही अमिताभ बच्चन हो या कोई और। मेरे दोस्तों इस तरह की कई घटनाक्रम सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को भी राजकुमार जी के सामने जाने पर फेस करने पड़े। तो आज इस एपिसोड को यही विराम देते हैं। याद के सिलसिले को आगे अगले एपिसोड में फिर जारी रखेंगे और कुछ और नई घटनाओं से आपको फिर से वाकिफ कराएंगे। नमस्कार