डॉन 3 विवाद था तो रणवीर सिंह और फरहान अख्तर का। मगर अब यह औरों के बीच भी बहस का मुद्दा [संगीत] बन चुका है। नामी हस्तियां इस पर आपस में लड़ रही हैं। रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लाइज यानी एफडब्ल्यूआईसीई की तरफ से [संगीत] लगाए गए बैन पर इंडस्ट्री की कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी। ज्यादातर लोगों ने फेडरेशन के इस रुख की आलोचना की और इनमें एक नाम कंगना रनौत का भी है। अपनी फिल्म भारत भाग्य विधाता के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान कंगना ने प्रेस से चर्चा में इस मामले पर अपना [संगीत] नजरिया रखा। एफडब्ल्यूआईसी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रणबीर इस लेवल पर पहुंच गए हैं कि उनके खिलाफ [संगीत] यह सब हो रहा है।
इसी बैटची में कंगना ने पूर्व में उन पर लगे बैन का भी जिक्र किया। कंगना [संगीत] के इस बयान पर एफडब्ल्यूआईसीई के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने भी करारा जवाब दिया। कंगना रनौत ने इस बाबत प्रेस [संगीत] से बात करते हुए कहा, “मैं बताती हूं कि होता क्या है।” मुझे तो सबने बैन कर रखा है। तो मैं यह कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है तो आपके दुश्मन भी [संगीत] बढ़ते हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन ना बने। तो आज रणबीर [संगीत] सिंह को यह सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन हैं। अच्छा है [संगीत] जिंदगी में जब आप आगे बढ़ते हैं तो कई अड़चनें आती है। सब कुछ हमेशा सही नहीं रहेगा। मेरे साथ तो यह इतना हुआ है। मगर आज देखिए मैं भी अच्छा ही कर रही हूं। मेरी भी [संगीत] अच्छी गाड़ी चल रही है।
कोई फर्क नहीं पड़ता। अंत में सब कुछ ठीक हो जाता है। रणबीर सिंह के लिए एफडब्ल्यूआईसी ने जो नॉन कोऑपरेशन डायरेक्टिव [संगीत] जारी किया था 3 जून को उसे वापस लेने की घोषणा हुई। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने बताया कि संस्था ने यह निर्णय क्यों लिया है। यहां कंगना [संगीत] की टिप्पणी का जिक्र भी हुआ और अशोक पंडित बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने कंगना के सूझबूझ पर सवाल उठाते हुए कहा, इंडस्ट्री में कई लोगों ने हमें गालियां देनी शुरू कर दी है। [संगीत] कल कंगना ने भी कुछ कहा। यह लोग पूरा मामला जानते भी नहीं, समझते भी नहीं, बस [संगीत] टिप्पणियां किए जा रहे हैं। अब कंगना ने कहा है कि मुझे भी इंडस्ट्री ने बैन कर दिया है। मैं कहता हूं आप बकवास करती हैं इसलिए [संगीत] मैंने आपको बैन किया। मैं परवाह नहीं करता। यहां इंडस्ट्री का बहुत बड़ा मसला सामने है।
आपको पता भी नहीं है कि मामला आखिर है क्या? आप बस जो मन में आ रहा है वो कहे जा रही हैं। हम रणबीर [संगीत] सिंह के खिलाफ नहीं है। हीरो है वो अपना। हम बस उस मसले की बात कर रहे हैं जो हुआ है। अब छिछोरापन अगर कोई करे तो हम क्या कर सकते [संगीत] हैं? हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने इस मुद्दे पर रामगोपाल वर्मा के लंबे चौड़े ट्वीट की चर्चा भी की और साथ ही बताया कि उन्हें तो लोगों को बहुत पैसे चुकाने हैं। [संगीत] अशोक पंडित ने कहा रामगोपाल वर्मा जी ने बहुत बड़ा ट्वीट किया और हमारी धज्जियां उड़ाने की कोशिश की। फेडरेशन के लिए उन्होंने गाली गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया। डेमोक्रेसी है। आप कुछ भी बोल सकते हैं। हमें कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन हम दुनिया को बता देना चाहते हैं कि रामगोपाल वर्मा पर फिल्म [संगीत] वर्कर्स और टेक्नशियंस का ₹1वा करोड़ बकाया है। 2017 से यह केस चल रहा है।
ऑफिसर नाम की [संगीत] तेलुगु फिल्म थी। नागार्जुन थे इसमें। फिर 2019 में उन्होंने फेडरेशन को एक पेज का लेटर लिखकर कहा था कि वह पाई-पाई चुका देंगे। इतने साल बीत गए। एक नया पैसा भी उन्होंने नहीं चुकाया। इस सब के बाद ऐसे रवय के लिए उन्हें तो फेडरेशन से माफी [संगीत] मांगनी चाहिए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआईएटीए की पदाधिकारी होने के नाते एक्टर उपासना सिंह भी वहां मौजूद थी। उनके [संगीत] साथ सभी ऑफिशियल्स ने मीडिया को बताया कि एफडब्ल्यूआईसीई कोई कोर्ट नहीं जो रणबीर या किसी अन्य शख्स [संगीत] को बैन कर सके। उन्होंने नियमों पर चलते हुए यह फैसला लिया था।
इसे नॉन प्रोफेशनल एटीट्यूड मानते हुए वो चाहते थे कि प्रोड्यूसर्स, [संगीत] डायरेक्टर्स और वर्कर्स मामला सुलझने तक रणवीर के साथ काम ना करें और इस तरह के मसलों को खत्म करने में फेडरेशन [संगीत] का सहयोग करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी कहा कि वह सिनेमा की तरफ रणवीर के योगदान को अच्छी तरह समझते हैं। साथ ही वह यह चाहते हैं कि रणबीर [संगीत] और बड़े स्टार बने। इसलिए वह इस विवाद को बातचीत के जरिए ही सुलझाएंगे। [संगीत] यह तमाम जानकारी मेरे साथी अंकिता ने जुटाई है। आपकी इस पूरी खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन [संगीत] में जरूर बताइएगा। मैं हूं कनिष्का। देखते रहिए ललन टॉप सिनेमा। शुक्रिया। [संगीत]