हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने कड़े शब्दों में सरकार की आलोचना की है। बात करते वक्त नसीरुद्दीन इमोशनल हो गए और कहा कि उनका स्टूडेंट्स को पूरा सपोर्ट है।नसीरुद्दीन शाह ने 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा पर पहली बार बात की। इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों की कड़े शब्दों में आलोचना की और इमोशनल होकर कहा कि वो बच्चों के साथ हैं।‘एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे तो…’नसीरुद्दीन ने कहा, ‘मैं दो बातें अर्ज करना चाहता हूं। पहली बात तो ये कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई (मार्गदर्शन) करे तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाबिल और बेरहम बने। पढ़ाई करने के बावजूद मैंने जो अभिनय के बारे में सीखा है
, वो उन बच्चों से सीखा है जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है।’‘मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं’उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं उन्हें दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं कि ये देखकर कि हमारे बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है। उन गुंडों के हाथों जो मुझे अमेरिका के एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और ये भी सोचो तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर।’उन्होंने आगे कहा, ‘इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारे।
बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है। बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ रहे हों, मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वो उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत (सरकार) को बस मैं इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि नसीरुद्दीन और उनके बेटे, विवान और इमाद, सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। हालांकि, असल में, ये क्लिप मुंबई के रीगल सिनेमा में एक मूवी स्क्रीनिंग की थी।प्रोटेस्ट सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं हैं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सपोर्टर भी मुंबई की सड़कों पर उतर आए हैं। किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए, मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने, लाउडस्पीकर बजाने और आतिशबाजी करने पर रोक लगा दी है।