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एक ऑटोग्राफ न देने पर बीच हवा में लटका दिए गए हेमा और देव आनंद!

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तो रेटो शावेश के यादों के रूहानी किस्से में बात होगी आज 1970 में रिलीज हुई फिल्म जॉनी मेरा नाम के एक हिट गाने की। फिल्म जॉनी मेरा नाम को डायरेक्ट किया था देव आनंद के भाई विजय आनंद ने और इसको प्रोड्यूस किया था गुलशन राय ने। फिल्म का मधुरकरण प्रिय संगीत दिया था म्यूजिक डायरेक्टर कल्याण जी आनंद जी ने। जिस गाने की मैं बात करूंगा, इसको लिखा था राजेंद्र कृष्ण ने और यह गीत फिल्माया जाना था देव आनंद और हेमा मालिनी पर। इस मधुर गीत को अपनी खूबसूरत आवाजों से सजाया था किशोर कुमार साहब और आशा भोसले जी ने। ओ मेरे राजा खफा ना होना देर से आई दूर से आई है। ओ मेरे राजा [गाना गाने की आवाज़] [संगीत] खफा ना होना।

तो इस गाने को लिखने से पहले का यह किस्सा है। एक तय वक्त के मुताबिक मंडे तय हो गया कि मंडे को इस गाने की सिंग होगी कल्याण जी आनंद जी के रूम में और राजेंद्र कृष्ण इस गीत को लिखकर लाएंगे या वहीं पर लिखेंगे। मंडे आया सब लोग वहां जमा हो गए। लेकिन राजेंद्र कृष्ण वहां नहीं पहुंचे। काफी देर वेट करने के बाद भी जब वो नहीं आए तब कल्याण जी आनंद जी थोड़ा सा खफा हुए कि भाई ये आखिर पहुंचे क्यों नहीं? फिर उन दिनों में तो टेलीफोन हुआ करते थे लैंडाइन तब राजेंद्र कृष्ण को फोन किया गया। राजेंद्र कृष्ण बोले कि मैंने गीत तो नहीं लिखा है क्योंकि मैं कल डरबी में जैकपॉट जीता हूं। राजेंद्र कृष्ण की ये आदत थी कि वो अक्सर संडे को महालक्ष्मी मुंबई के महालक्ष्मी में घोड़ों की रेसेस में जाया करते थे और वहां पर वो जैकपॉट जीत गए। अब उन्होंने कहा कि मुझे तो पता भी नहीं था कि मैं जैकपॉट जीत जाऊंगा। अब मेरे घर में लंच पार्टी है। बहुत सारे गेस्ट मेहमान आ रहे हैं। तो मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] तो आज आ नहीं पाऊंगा। आप कल का प्रोग्राम रख लो। कल ये गाना मैं लिख दूंगा। इतना सुनकर कल्याण जी आनंद जी और ज्यादा गुस्सा हो गए। उन्होंने कहा कि ये कैसे पॉसिबल है? हमारी आपकी बात हुई थी। आज गाना लिखना है। हमें गाना देना है प्रोड्यूसर डायरेक्टर को।

यह बहुत ही आपका अनप्रोफेशनल बिहेवियर है। ऐसा कैसे चलेगा? और बहुत ज्यादा कहासनी हो गई। काफी खरी-खोटी बातें हो गई। उसके बाद राजेंद्र किशन ने कहा कि अच्छा ठीक है अगर मेहमान थोड़ा टाइम से चले गए तो मैं आ जाऊंगा। 2:30 भी बज सकते हैं। कल्याण जी आनंद जी ने कहा कि कोई बात नहीं आप चाहे शाम तक आओ लेकिन आज आओ और यह गीत लिख कर दो ताकि हम इस गाने को तैयार कर सके। खैर सब लोग स्टूडियो में वेट करने लगे और फिर काफी देर के बाद राजेंद्र कृष्ण स्टूडियो में आए। तब राजेंद्र कृष्ण ने कहा कि मैंने गीत तो लिखा ही नहीं है। अब सब बोले कि अब क्या होगा? गीत नहीं लिखा है तो गाना कैसे बनेगा? तब राजेंद्र कृष्ण ने अपनी पॉकेट से एक पेपर निकाला। उस पर कुछ ब्रोकन लाइंस लिखी हुई थी। टूटी हुई लाइंस थी जिसमें लिखा था खफा ना होना। देर से आया, दूर से आया, मजबूरी थी। मगर मैंने वादा निभाया मगर मैं आया। इतना सुनकर कल्याण जी बोले कि अरे यह तो हमारे गाने की सिचुएशन के हिसाब से गाने का मुखड़ा बन गया। इतने में ही आनंद जी पीछे से बोल पड़े इंतजार का बदला लूंगा। इतना सुनकर तो फिर सब लोग हंस पड़े और सब लोगों ने कहा कि अरे गाने का तो अंतरा भी बन गया। इस तरह से ये गाना डेवेलप हुआ। उसके बाद राजेंद्र कृष्ण जी ने यह गीत लिखा और गीत की धुन बनी और उसके बाद किशोर कुमार जी और आशा भोसले जी ने अपनी चुलबुली आवाजों में इस गाने को बड़े ही शानदार तरीके से रिकॉर्ड कर दिया। गाना बहुत अच्छा बन गया। इस तरह से गाना कंप्लीट हुआ। ओ मेरी [संगीत] रानी वादा तो निभाया। ये तो हुई गाने के लिखने के और बनने की बात।

अब गाने को शूट करना था। तो यह गाना शूट हो रहा था बिहार के नालंदा में। वहां पर रोपवे था जिस जिसमें ट्रॉली लगी होती है। जहां पर लोग ट्रॉली में दो लोग बैठकर एक जगह से दूसरी जगह पर जाते हैं। तो वहां पर जब देव आनंद और हेमा मालिनी पहुंचे। तो वहां के लोगों ने देखा अरे हेमा मालिनी और देव आनंद आए हैं और वहां पर बहुत सारे कॉलेज लड़के भी थे। तो वो तो ये सब देख कर एकदम पागल हो गए। जो वहां पर रोपवे चलाने वाला था वो भी एकदम पागल कि अरे देव आनंद हेमा मालिनी आए हैं चलो इनसे ऑटोग्राफ लेते हैं और सब लोगों ने उनको घेर लिया कि हमें ऑटोग्राफ चाहिए। लेकिन हेमा मालिनी ने कहा कि नहीं पहले गाना शूट होगा उसके बाद सबको ऑटोग्राफ दिया जाएगा। इस बात से कुछ लोग नाराज भी हुए। उसके बाद गाना शूट किया गया और जैसे ही देव आनंद और हेमा मालिनी उस ट्रॉली में बैठे ट्रॉली स्टार्ट हुई और जैसे ही वो ट्रॉली रास्ते के बीच में पहुंचती है अचानक से बिजली काट दी जाती है। यह उन लड़कों की शरारत थी। उनका गुस्सा था कि उनको पहले ऑटोग्राफ नहीं दिया गया। अब देव आनंद और हेमा मालिनी बीचोंबीच इतनी ऊपर हवा में लटके हुए हैं। देव आनंद ऐसे बैठे हैं। हेमा मालिनी उनकी गोद में बैठी हुई है और हवा चल रही है।

एकदम झोंका हवा का आता है। पूरी ट्रॉली हिल जाती है और हेमा मालिनी की तो हालत खराब लेकिन कोई भी उस ट्रॉली को आगे बढ़ाना नहीं चाहता था। तब देव आनंद ने हेमा मालिनी को बहुत समझाया। उनको बातों में लगाया काफी देर तक कि वो घबराए नहीं। फिर थोड़ा सा जब गुस्सा ठंडा हुआ लड़कों का लोगों का तब बिजली को ऑन किया गया और उसके बाद वो ट्रॉली चली नीचे आई। फिर हेमा मालिनी ने सबको ऑटोग्राफ दिया और उसके बाद यह गाना प्रॉपर तरीके से शूट हो पाया। जब हेमा को यह बात पता लगी कि यह जानबूझकर किया गया है तो उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी एक बात का इतना बड़ा असर हो सकता है। तो यही सारा किस्सा था इस गाने का। फिल्म जॉनी मेरा नाम बहुत बड़ी हिट रही उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म मानी गई थी। कमाई बहुत ज्यादा की थी। तो जॉनी मेरा नाम में तो और बहुत सारे गीत है जो कि आप यहां स्क्रीन पर देख सकते हैं। तो आपको इस फिल्म का कौन सा गीत सबसे ज्यादा पसंद है या अभी याद आ रहा है तो मुझे कमेंट करके जरूर बताइएगा। तो यह था आज की वीडियो में। आप सब लोग अपना बहुत-बहुत ख्याल रखें और देखते रह रेट्रो शाज। जय हिंद, जय भारत।

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