उन्होंने खुशी में सरोज जी को चूड़ी दिए थे बैंगल्स गोल्ड की अच्छा उसमें वो फोर्थ मंथ प्रेग्नेंट थे माधुरी जी तो उनको टन नहीं जम रहा था ना चक्कर आ रही थी हां मास्टर जी ऐसे करके ऐसी चाहिए थी आपको बोले हां मेरे को ऐसी मॉडल चाहिए बोले सुभाष जी ये वही लड़कियां है इतने एक्ट्रेसेस के साथ काम किया।
कौन एक्ट्रेस थी जो डांस पर सबसे ज्यादा मेहनत करती थी? आपको लगता था कि ये हम जितना जूनियर आर्टिस्ट हार्ड वर्क करती हैं ये एक्ट्रेस भी उसी तरह से हार्ड वर्क करती है। स्टारडम छोड़कर अपनी हीरोइन गिरी छोड़कर ये उतना ही मेहनत करती है। माधुरी जी और एक तब्बू जी को देख। अच्छा जी। कोई अगर तब्बू जी का इंसिडेंट शेयर करें तो तब्बू जी का एक हम लोग गा रहे थे मुझे रंग दे रंग दे सॉन्ग की बहुत ही खूबसूरत गाना है वो जी उस टाइम पे वो मतलब बहुत मेहनत कर रहे थे हम जितना भी रिहर्सल कराते थे वो बैठते ही नहीं थे .
नहीं मासी मैं करूंगी नहीं मा जबकि उनका थोड़ा बॉडी ऐसे है ना थोड़ा स्टिक है थोड़ा हां तो वो नहीं कर पाते अच्छा डांस मतलब जो लचक चाहिए हां हां तो उसके लिए वो बहुत प्रैक्टिस की। अच्छा और मेहनत की और करके वो मतलब दिखाए अच्छे से। अभी कितने दिन हम लोग चार या पांच दिन वो सॉन्ग हुआ होगा उसके बाद में मतलब इतने खुश हो गए वो गाना भी देखकर जब वो गाना पूरा हो गया सेट। तो उन्होंने खुशी में अ सरोज जी को चूड़ी दिए थे बैंगल्स। अच्छा गोल्ड की।
अच्छा और जो जेंट्स असिस्टेंट था उनको चैन दिए मतलब गोल्ड का अच्छा और लेडीज असिस्टेंट जो थी उसको ब्रेसलेट दिए ओ मतलब मैं कोई आर्टिस्ट को पहली बार इतना देखी कि मतलब इतनी खुशी उनको कि मतलब मैं ये चीज कर ली हम और जितने हम लोग ग्रुप थे हम लोगों को भी उन्होंने मतलब ₹1000 25 या 30 गर्ल्स थी हम 2530 बॉयज थे ऐसे हम उनको सबको मतलब ₹10000 दिए वो गाने की खुशी में मतलब कि मैंने इतना अच्छा कर ली तो ये उनकी अच्छाई बोलो या हम और भी एक बार एक एक जगह था कि हमारा छोटा सा कुछ वो था और भूषण जी थे मास्टर हम और कुछ कत्थक का मोमेंट था तो वहां पे हम लोग ऐसे कर रहे थे तो उस उस टाइम एक टर्न मार के ना एक कुछ मोमेंट था टर्न मार के ऐसे रुकना तो टन जैसी मारी एक लड़की ने तो मोच आ गई उसको गिर पड़ी उसी टाइम अच्छा वो गिरी गिरी तो तब्बू जी रुक गए और रुक के मतलब ऐसा नहीं कि लगा कि हम लोग को उस टाइम वो हीरोइन है ऐसे लगा अरे भाई कोई अपनी डांसर लड़की है अच्छा अच्छा बैठ गए ऐसे पलाठी मार के बैठ गए जैसे हम बैठते हैं और ऐसे ही नीचे हां
अपने बॉय को बोले लाओ लाओ वो दवा कुछ वो लेके आओ पट्टी दवा और उसका उसका पैर अपनी गोद में ले ली।अच्छा तो वो ऐसे कर अरे मैम मैम नहीं नहीं नहीं मैं लगा लूंगी। अरे कोई बात नहीं तो मेरे को लगता तो क्या तुम लोग नहीं देखते? हां तो उनका वो क्यूटनेस जो था मतलब एक होता है ना किसी किसी का दिमाग में वो रह जाती है बातें। कि हम उसके बाद बहुत कम काम किए लेकिन कुछ-कुछ बातें ऐसी होती है कि एंड तक याद रहता है कि अरे हां ये इन्होंने इतना ऐसा किया। सही। और आज भी अगर वो देखते हैं ना तो बहुत पहचान जाते हैं हम कि अरे हां आप उसमें थे ना मेरे साथ आप थे ना जैसे के हम लोग ने बालाजी का भी गाना मतलब बहुत सारे किए हमने अच्छा बालाजी के सॉन्ग अच्छा बहुत सारी सीरियल जितना भी है सास भी कभी बहू थी उसमें आपने किया कहानी घरघर की सब में वही डांस ही किया है अच्छा और खाली उनका डुप्लीकेट मैं करती थी अच्छा उस टाइम सास भी कभी बहुत थी.
मैं तुलसी का आप डुप्लीकेट करते थे बॉडी डबल का रोल तो बैक के सीन्स जितने भी है साइड के सीन्स उसमें आप होती थी स्मृति रहने की जगह होली के गाने किए और भी जो भी पार्टी वार्टी का दिखाता था उसमें तो वो सब वो और एक तो मैंने उसमें सोलो भी किया था एक शादी है हम और उधर पे हीरो हीरोइन आए हुए हैं और बीच में एक कोई लड़की डांस कर रही तो मैं कर रही हूं तो फिर बाद में हीरो को लगता है कि अरे मतलब ये हीरोइन है।
फिर मतलब मेरा फर्स्ट म्यूजिक और वो सब ले लिए गाना और एंड में मैं हूं। तो वो मैंने एक किया था और डू इट भी किया था साथ में एक लड़की के साथ लव कुश में। कोई ग्रैंड सॉन्ग आपने किया है जैसे बड़े डायरेक्टर्स के गाने होते थे। सपोज मैं करूं संजय लीला भंसाली की फिल्में बहुत ग्रैंड होती थी। अगर ऐसा कोई गाना आपने किया है भंसाली की फिल्मों का। पंसाली जी का तो डोला डोला किया है। अच्छा देवदास का हम डोला डोला के टाइम पे तो माधुरी दीक्षित एंड ऐश्वर्या राय का दोनों का जी जी जी कितने दिन में शूट हुआ था वो गाना वो शूट को पूरा 17 दिन लगे 17 दिन और रिहर्सल्स कितने दिनों तक की थी रिहर्सल भी कम से कम एक महीना हुआ अच्छा तो माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या आती थी रिहर्सल्स पर नहीं नहीं आप लोग की अलग होती है रिहर्सल हमारी अलग होती लीड एक्ट्रेस की अलग होती है तो फिर आप लोग साथ में कब करते हैं डायरेक्ट शूट वाले दिन हां शूट के दिन अच्छा तो मैच हो जाता है वो चीज़। हां। हां क्या बात है। तो उस टाइम पे तो जब हम लोग कर रहे थे ना तो एक शॉट था टर्न मारने का। आप देखे होंगे वो गाना। हां। तो मैम राउंड मार के ऐसा कुछ वो बैठ रहे हैं। हां स्टार पे। जी। हां।
तो वो शॉट कम से कम सुबह 9 या 10:00 बजे से जो लगा था रात के 10:00 बजे तक चालू था वही शॉट। वो एक शॉट रात को हुआ। कितने टेक्स हुए? क्योंकि उसमें वो फोर्थ मंथ प्रेग्नेंट थे। माधुरी जी। तो उनको टन नहीं जम रहा था ना चक्कर आ रही थी। हां। तो उस वजह से मतलब उसको इतना टाइम लग गया। अच्छा भी उन्होंने इतना मतलब मेहनत किया। वो चाहते तो वो ब्रेक भी ले सकते थे लेकिन पूरा दिन वो मतलब एक ही शॉट बुखार भी था उनको उस टाइम। अच्छा। क्या बात है। क्या बात है। मगर बहुत स्ट्रगल बहुत किए उन्होंने भी। और क्या ऐसा मतलब कई बार एक्टर्स होते हैं कि जब उनसे वो सीन या वो स्टेप नहीं हो रहा होता है तो वो कोरियोग्राफर से चेंज करने को बोल देते तो माधुरी जी ने नहीं किया था वो तो जो मास्टर जी बताए वो पत्थर की लकीर हो गई हां उनसे तो मैंने आज तक मतलब उनके मुंह से सुनी नहीं होगी कि मास्टर जी ये चेंज कर दो ना नए-नए और आर्टिस्ट आते थे ना तो वो एक बार बोल देते थे कि टफ लग रहा मास्टर जी प्लीज ये अगर चेंज कर सकते तो और मास्टर जी तो बहुत ही कम ऐसा करते थे हम उनका तो ये था कि जो मैंने कराई वही करना है तुमको हम चाहे तुम कुछ भी करो हम करना पड़ेगा.
ये एक हम लोग ने गाना मतलब होने वाला था तो सुभाष जी से बात हो रही थी हम माशी जी की कि हां अभी हम गाना करेंगे श्री त्रिमूर्ति की ओके दुनिया रे दुनिया वेरी गुड वेरी गुड वो सॉन्ग तो सुभाष जी ने बोले के देखो सरोज वो मतलब उनका बता रही है ऐसे से वो बात करते थे कि देख सरोज मैं है ना अभी तेरी गर्ल्स को बहुत हो गई और वो इंडियन में ही अच्छे हैं वैसे इसमें मेरे को कैसे लुक चाहिए हम मॉडल टाइप ओके मुझे मॉडल टाइप चाहिए और ऐसे हाइट वाली लड़कियां हो और जरा फिगर हो अच्छा हो ये हो तो मास्टर जी बोले अरे लेकिन एक बार देखो तो सही बोले नहीं नहीं नहीं मैं सुनूंगा ही नहीं मेरे को ये लड़कियां नहीं चाहिए मैंने बहुत कर लिया उनके साथ और उनके साथ ज्यादा करके हम लोग ने कैसे इंडियन किया हुआ था। अच्छा वेस्टर्न लुक में वो देखे नहीं थे। तो मास्टर जी बोले ठीक है ठीक है आप जैसा बोल रहे हैं वो सही है। हमारी चुपचाप रिहर्सल हुई सत्यम हॉल में हम और वहां पे ड्रेस का जो भी है मेजरमेंट सब हो गया। हम और सेट पे आने का टाइम हो गया। अभी सेट पर आए जिस टाइम तो जैसे ही एंट्री किए सुभाष जी सामने बैठे थे सरोज जी सामने बैठे थे तो बोले हां चलो गर्ल्स को बुलाओ ओके गर्ल्स आए अंदर देखा सरोज ऐसी मॉडल ऐसी मॉडल मैंने बोला ऐसी मॉडल चाहिए मेरे को तो मास्टर जी ऐसे करके ऐसी चाहिए थी आपको बोले हां मेरे को ऐसी मॉडल चाहिए बोले सुभाष जी ये वही लड़कियां अच्छा क्या बात कर रहे हैं सच में तो बोले मैं यही तो आपको बोल रही थी कि एक बार देख तो लो एक बार देख तो लो आप सुनते ही नहीं हो तो वो हम लोग भी आज तक वो याद है कि हम लोग इतना हंसे उसमें हां कि मतलब बोलते हैं ना एक इंसान के दिमाग में अगर बैठ जाता है कि अरे ये इंडियन ही है .
इंडियन ही करते हैं तो वो उनको वो नहीं सोचते कि चलो इनको मॉडर्न भी तो पहना के टाइप कास्ट करने की कोशिश करते हैं कि इनसे नहीं हो पाएगा वेस्टर्न बट सरोज जी ने आप लोगों को ऐसा ट्रेन करके रखा था। वो ऐसा मतलब वो किए ना कि बोले नहीं मैं तो ये गाना इन लोग से ही कराऊंगी। मतलब वो दिल में सोच लिए हम और हम ही लोग ने किए हम अब आप गाना देखे होंगे वो पूरा सीढ़ी पे है और हील इतनी लंबी-लंबी और पहला ऐसा गाना है जो पूरा सीढ़ी पे ही खड़े हो के हम लोग टर्न भी मार रहे हैं। सब कर रहे हैं। हम और हील में बोले तो मैं पहले ही डर जाती थी।
अच्छा क्योंकि हील मुझसे जमती नहीं है। हां। तो फिर भी किए माशी जी के लिए तो कोई मिसहप तो नहीं हुआ बैलेंस नहीं बिल्कुल ट्रेंड ममता कुलकर्णी ये थोड़ी अकड़ू टाइप थी ये और दिव्या जी की 25 साल पहले जब हम ऐड करते थे हम उस उस वक्त हम लोग को 3500 देते थे उस वक्त आज भी वही 300 है