Cli

किस बीमारी से गई प्रतीक यादव की जान ? रिपोर्ट में खुलासा ?

Uncategorized

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता से बेटे प्रतीक यादव का निधन हो गया है। बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति और अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के अचानक निधन से सभी हैरान हैं। महज 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने बुधवार 13 मई की सुबह लखनऊ में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। सोर्सेस की मानें तो घर पर ही प्रतीक यादव के शरीर में हलचल नहीं देखी जा सकी।

जिसके बाद उन्हें आनन-फानन [संगीत] में अस्पताल ले जाया गया। सिविल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर जीपी गुप्ता ने जानकारी दी कि सुबह करीब 5:00 बजे उनकी बिगड़ी सेहत की जानकारी [संगीत] मिलने के बाद जब डॉक्टर वहां पहुंचे तो उनकी हालत बेहद सीरियस थी। उन्हें हॉस्पिटल लाया गया और मेडिकल टीम की पूरी कोशिशों के बावजूद सुबह 5:55 पर उन्होंने दम तोड़ दिया। सोर्सेस की मानें तो प्रतीक यादव को फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी [संगीत] थी।

उनके फेफड़ों में क्लॉट था और उनका इलाज लंबे वक्त से मैदानता अस्पताल में चल रहा था। [संगीत] 30 अप्रैल को प्रतीक की हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालत में थोड़ा सुधार होने पर वह 3 दिन बाद ही अस्पताल से बिना छुट्टी के घर चले गए थे। जब प्रतीक भर्ती थे तब अखिलेश यादव ने प्रतीक यादव से मुलाकात की थी। इलाज के बावजूद उनमें कुछ खास सुधार नहीं थे। प्रतीक को मंगलवार से ही थोड़ी परेशानी हो रही थी

और तड़के सुबह उनकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह प्रतीक के साले और अपर्णा के भाई अमन बिष्ट उन्हें सिविल अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जब प्रतीक यादव की मौत हुई तब अपर्णा यादव दिल्ली में थी और लखनऊ के लिए निकल चुकी थी। इसके अलावा परिवार के बाकी लोग भी मौके पर मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के लिए प्रतीक यादव के शव को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण पता चल सकेगा। हालांकि प्रतीक यादव मामले में पुलिस एहतियातन जरूरी कदम उठा रही है।

शुरुआती प्रोसेस में घर के जिस कमरे में प्रतीक यादव थे उसको बंद करके रखा गया है। अगर कोई शक की गुंजाइश होती है तो वहां फॉरेंसिक से जांच कराई जा सके। इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप पुलिस ने रख लिया है ताकि अगर जांच आगे [संगीत] बढ़ाने की नौबत आए तो उनमें कोई छेड़छाड़ ना हो पाए। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के [संगीत] बाद यह सारी कार्यवाही आगे बढ़ाएगी। अगर पोस्टमार्टम में कुछ भी शक होता है तो फिर गहराई से जांच होगी। अगर मौत की वजह बीमारी है और कोई मौत की वजह पर सवाल नहीं उठता फिर जांच की कार्यवाही नहीं होगी। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *