यह तस्वीर पहली नजर में आपको कुछ खास नहीं लगी होगी। आप भी सोच रहे होंगे कि एक बांध ही तो है, लेकिन इस तस्वीर की ताकत के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। यह एक ऐसी तस्वीर है जिसे देखने के लिए आंखें तरस गई थी। इस बड़े बांध के दरवाजे बंद हैं और पूरी दुनिया ने ताकत लगा ली है। लेकिन फिर भी वह यह दरवाजे नहीं खुलवा पा रहे क्योंकि सब के सब भारत की ताकत के आगे झुक गए हैं। दरअसल यह तस्वीर जम्मू कश्मीर से आई है।
भयंकर गर्मी शुरू होते ही जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर बने बगलीहार बांध की एक वीडियो जारी की गई है। एक समय था जब इस बांध से लाखों लीटर पानी पाकिस्तान बेवजह चला जाता था। लेकिन पिछले एक साल से इस बांध के दरवाजे बंद हैं। ये बांध एक बूंद पानी भी अब पाकिस्तान नहीं जाने दे रहा। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारत ने सबसे पहले सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। सिंधु जल संधि को निलंबित किए हुए 1 साल पूरा हो गया है।
भारत ने पूरी तरह से पानी को लेकर पाकिस्तान के साथ डाटा शेयरिंग बंद कर दी है। इसके अलावा भारत ने जम्मू कश्मीर में अपने कई बांधों पर काम तेज कर दिया है। इस बांध को खुलवाने के लिए पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी पहुंच गया। बांध खुलवाने के लिए पाकिस्तान ने वर्ल्ड बैंक के सामने हाथ जोड़ लिए। चीन से मदद मांगी। अमेरिका की दलाली तक कर ली। इसके बाद भारत को धमकी दी कि अगर बांध नहीं खोले तो हम इसे एक्ट ऑफ वॉर मानेंगे। लेकिन भारत टस से मस नहीं हो रहा। आप लिखकर रख लीजिए कि इंडस वाटर ट्रीटी को सस्पेंड करना ऑपरेशन सिंदूर से भी बड़ा कदम है।
ऑपरेशन सिंदूर ने तो पाकिस्तान के एयर बेससेस और पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को उड़ाया था। लेकिन सिंधु जल संधि का निलंबन पाकिस्तान के एक-एक व्यक्ति को तोड़ रहा है। इस एक घटना ने पूरे पाकिस्तान में बवाल मचा रखा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान का कराची गंभीर पानी संकट से जूझ रहा है। कराची के कई इलाकों में पिछले हफ्तों से पानी नहीं आ रहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान पहुंचने वाली सिंधु नदी का पानी तेजी से सूख रहा है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के 12 लाख लोग इस इलाके से पलायन कर चुके हैं। सिंधु नदी के आसपास के क्षेत्रों पर अस्तित्व का खतरा मंडराने लगा है।
आपको बता दें कि सिंधु बेसिन इलाके में खेती की जमीन बंजर होती जा रही है और यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि सिंधु नदी में ज्यादातर पानी भारत की तरफ से ही आता था। आपको बता दें कि सूखती सिंधु नदी के चलते पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पिछले एक साल से ही गंभीर प्रदर्शन चल रहे हैं। सिंधु प्रांत सिंधु नदी पर निर्भर है और सिंधु नदी भारत से आने वाले पानी पर। लेकिन भारत ने जैसे ही पानी रोका तो पूरे सिंध प्रांत में पाकिस्तान के खिलाफ ही बगावत छिड़ गई। सिंध प्रांत के लोगों ने कहा कि पाकिस्तान की हरकतों की वजह से ही भारत ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड किया है। सिंध प्रांत के लोग पाकिस्तान की सरकार से इतना गुस्सा है कि अब वह बलूचिस्तान की तरह ही पाकिस्तान से आजादी मांग रहे हैं। यह लोग सिंध प्रांत को सिंधु देश बनाने की बातें कर रहे हैं।