क्या होता है जब एक इंसान की किस्मत उसे इतनी ऊंचाई पर ले जाए कि पूरा देश उसके नाम के नारे लगाने लगे। लेकिन फिर [संगीत] वही किस्मत उसे इतनी गहराई में धकेल दे जहां से वापसी लगभग नामुमकिन हो जाए। एक चेहरा, एक मुस्कान, एक [संगीत] नाम जिसे कभी लोग अपना सपना मानते थे। लेकिन हर चमक के पीछे एक साया होता है और हर साए के पीछे छिपा होता है एक ऐसा सच जिसे दुनिया कभी जानना ही नहीं चाहती। तालियों [संगीत] की गूंज, फ्लैशाइट्स की चमक और लाखों दिलों की धड़कन बनने वाला वो इंसान [संगीत] अचानक ही कैसे बन गया सवालों का ढेर? क्यों उसके अपने ही फैसले, उसके सबसे बड़ी दुश्मन बन गए। क्यों वो [संगीत] रिश्ते जो उसे संभाल सकते थे वही उसे तोड़ते चले गए और आखिर वो कौन सी एक गलती थी जिसने सब कुछ खत्म कर दिया। यह कहानी सिर्फ एक स्टार की नहीं है। यह कहानी है उस गिरावट की जो धीरे-धीरे नहीं बल्कि एक झटके में सब कुछ छीन लेती है।
आज जो सच सामने आएगा वो शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा और अगर सुना भी है तो सच कहते हैं कि सफलता को कभी सिर नहीं चढ़ाना चाहिए। क्योंकि किस्मत जब पलटी मारती है तो संभलने का मौका नहीं देती। फिल्म आशिकी के एक्टर राहुल राय को कौन नहीं जानता जिसने अपनी डेब्यू फिल्म से ही आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान के साथ-साथ पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। और लोगों ने उन्हें देखकर कहा था कि ना कोई दूसरा राहुल राय हुआ है और ना ही कभी होगा। पहली ही [संगीत] फिल्म से राहुल राय ने वो सफलता देखी कि पूरे 1 साल तक सिर्फ [संगीत] उनकी फिल्म के गानों को रिपीट मोड पर बजाया गया। और उन्हें आशिकी बॉय के नाम से जाना जाने लगा। एक साथ 60 फिल्मों के ऑफर मिल गए। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि रातोंरात उनका स्टारडम आसमान से जमीन पर आ गिरा और आखिर क्या हुआ कि जिस इंसान ने उन्हें हीरो बनाया उसी ने उन्हें वापस जीरो भी बना दिया। [संगीत] आखिर क्यों उनकी खुदली मां के साथ उनके संबंधों की अफवाहें उड़ी और लोगों ने उन्हें इंसान के नाम पर कलंक तक कह दिया था। जानेंगे और भी बहुत कुछ। तो चलिए शुरू करते हैं आज की यह वीडियो। स्वागत है आपका मेरे चैनल वारिधि मंथन पर। अगर आप नए हैं तो इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लीजिएगा क्योंकि इस चैनल पर हम आपको ढेर सारी सेलिब्रिटीज के अननोन फैक्ट्स के बारे में बताते रहते हैं। राहुल राय का जन्म 9 फरवरी 1968 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम दीपक रॉय और मां का नाम इंदिरा रॉय था। उनकी मां मैगजीन में आर्टिकल लिखा करती थी। राहुल रॉय की बचपन से फिल्मों में तो कुछ खास दिलचस्पी नहीं थी
लेकिन वो एक मॉडल जरूर बनना चाहते थे। अपने कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने पढ़ाई को बीच में छोड़ दिया और मॉडलिंग में अपना करियर बनाने के लिए वो निकल पड़ी। उनकी मां ने उन दिनों एक आर्टिकल लिखा था जो रातोंरात वायरल हो गया और हर किसी ने उस आर्टिकल की तारीफ की। जब महेश भट्ट ने वो आर्टिकल पढ़ा तो उन्होंने तुरंत इंदिरा से मिलने का मन बना लिया। और महेश भट्ट के साथ इंदिरा की 20 मिनट की मीटिंग में [संगीत] इंदिरा रॉय ने अपने बेटे राहुल रॉय की तस्वीरें महेश भट्ट को दिखा दी। महेश भट्ट ने वादा कर दिया कि वो उन्हें अपनी फिल्म में जरूर लेंगे। इसके बाद उन्होंने राहुल राय को अपने घर बुलाया और फिल्म की एक लाइन में कहानी सुनाई और सिर्फ [संगीत] 4 से 5 मिनट की मुलाकात के बाद ही राहुल राय ने फिल्म के लिए हां भी कर दी क्योंकि उनकी मां ने कहा था कि यह मौका हाथ से नहीं जाना चाहिए और इस तरह राहुल राय को उनकी पहली फिल्म आशिकी मिल गई। यह राहुल राय की पहली फिल्म थी। यह गाना गुनगुनाते हैं तो सिनेमा हॉल में सिक्कों की बौछार लग गई थी। सभी सिक्के बरसाने लगे। इस फिल्म के तमाम गानों ने पूरे देश को आशिक बना दिया था और इस फिल्म ने राहुल राय को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। यह फिल्म सिनेमा हॉल्स में लगभग 6 महीने तक लगी रही थी। इस फिल्म के लिए राहुल राय को महज ₹20,000 मिले थे। लेकिन इस फिल्म के बाद राहुल रॉय की किस्मत कुछ ऐसी पलटी [संगीत] कि बड़े-बड़े प्रोड्यूसर डायरेक्टर्स राहुल रॉय के घर के सामने लाइन लगाए खड़े रहा करते थे। हर कोई राहुल रॉय के साथ काम करना चाहता था। राहुल रॉय नए थे और उनके लिए यह स्टारडम किसी सपने से कम नहीं था। उन्हें एक साथ 60 फिल्मों के ऑफर मिले थे और राहुल राय ने उसमें से 49 फिल्मों को साइन भी कर लिया था। उन्होंने इतनी सारी फिल्में इसलिए साइन की ताकि उन्हें घर पर खाली ना बैठना पड़े। क्योंकि आशिकी की फिल्म हिट होने के बाद भी 6 महीने तक वह घर पर ही बैठे रहे थे और उन्हें कोई भी फिल्म नहीं मिली थी जिससे वह घबरा गए थे और उन्होंने एक [संगीत] साथ इतनी सारी फिल्में साइन कर ली। और एक साथ इतनी फिल्में साइन करके उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज तक नहीं टूट सका है। [संगीत] आशिकी की जबरदस्त सफलता के बाद वो 1992 में सपने साजन के फिल्म में करिश्मा कपूर के साथ नजर आए। इस फिल्म में भी उन्होंने काफी शहरत बटोरी और इस फिल्म के भी गाने काफी ज्यादा हिट रहे थे। साल 1993 में वो फिल्म फिर तेरी कहानी याद आई में महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट के साथ दिखाई दिए और इस फिल्म में उन्होंने एक फिल्म निर्देशक की भूमिका निभाई थी। [संगीत] कहते हैं कि यह महेश भट्ट की खुद की कहानी थी और इस फिल्म में महेश भट्ट और प्रवीण बॉबी की लव स्टोरी को दिखाया गया था। महेश भट्ट ने अपनी ही फिल्म से अपनी ही [संगीत] कहानी को अपने अनुसार दिखाया ताकि वह दुनिया को दिखा सकें कि वह कितने अच्छे इंसान हैं और प्रवीण बॉबी सच में पागल थे। इसके बाद राहुल रॉय ने फिल्म जानम में काम किया और इस फिल्म के गानों को भी लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया। राहुल रॉय की फिल्मों से ज्यादा उनकी फिल्मों के गानों को पसंद किया जाता था और यही कारण था कि राहुल रॉय सुपरस्टार बने थे। लेकिन लगातार फिल्म के बाद भी उन्हें वो कामयाबी नहीं मिल पा रही थी जो उनकी डेब्यू फिल्म से उन्होंने हासिल की थी और लगातार उनकी फिल्में फ्लॉप होती ही जा रही थी और ऐसे में वो परेशान हो गए। [संगीत] तब महेश भट्ट फिर से मसीहा बनकर उनके पास आए और उन्होंने फिर से उन्हें एक फिल्म दी जिसका नाम था जुनून।
जुनून बनाने का फैसला किया और राहुल राय को कास्ट कर लिया जिसने उनके करियर को एक बार फिर से डूबने से बचा लिया। जुनून 1981 में आई एक हॉलीवुड फिल्म एन अमेरिकन वेयरवुल्फ इन लंदन का रीमेक थी [संगीत] जिसमें राहुल रॉय इंसान से बाघ बन जाते हैं। जुनून फिल्म उस समय इस तरह की बनने वाली भारत की पहली फिल्म थी। रॉय का इंसान में बदल जाना इस सीन को [संगीत] देखकर लोग काफी ज्यादा रोमांचित हो उठते थे और हर किसी ने इस फिल्म को देखा और राहुल रॉय के फैन हो गए। [संगीत] राहुल रॉय ने उस समय की सभी बड़ी एक्ट्रेसेस के साथ काम किया जिनमें श्रीदेवी, करिश्मा कपूर, शिल्पा शेट्टी, रवीना टंडन और पूजा भट्ट जैसी हीरोइनों के नाम शामिल हैं। [संगीत] उन्होंने धड़ाधड़ फिल्में की। राहुल रॉय उस समय लड़कियों की पहली पसंद बन चुके थे और यही कारण था कि जो भी एक्ट्रेस उनके साथ काम करती थी, उनके प्यार में पड़ जाती थी। महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने उनके साथ कई फिल्मों में काम किया जिनमें फिर तेरी कहानी याद आई जुनून और जानम जैसी फिल्में शामिल रहीं। इन्हीं फिल्मों के दौरान दोनों करीब आ गए और दोनों के प्यार की सुर्खियां बॉलीवुड में गूंजने लगी। [संगीत] लेकिन बहुत जल्द पूजा भट्ट का राहुल राय से मन भर गया और उसने राहुल राय को छोड़ दिया। इसके बाद मनीषा कोयराला ने राहुल राय के साथ फिल्म अचानक और मजेदार जैसी फिल्मों में काम किया और वह भी राहुल राय को अपना दिल दे बैठी। मनीषा [संगीत] उस समय ऐसी हीरोइन थी जो हर फिल्म में अपने हीरो के प्यार में पड़ जाती थी और बहुत जल्द उससे ऊब भी जाती थी और यही कारण रहा कि बहुत जल्द राहुल रॉय से भी वह दूर हो गई। इसके बाद राहुल रॉय का नाम रवीना टंडन से जुड़ा। मॉडल से हीरोइन बनी सुमन रंगानाथन के साथ भी राहुल रॉय का लंबा रिलेशनशिप चला। लेकिन आखिर में यहां भी राहुल रॉय की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और इसके साथ भी उनका ब्रेकअप हो गया। और राहुल रॉय लव [संगीत] लाइफ और फिल्मी करियर दोनों में फेल होने लगे। रातोंरात सुपरस्टार बनने के बाद भी अचानक से वह अर्श से फर्श पर आ गए और उसकी एक के बाद एक फिल्में फ्लॉप होने लगी और धीरे-धीरे राहुल रॉय बर्बाद होने लगे।
[संगीत] उनके बर्बाद होने के पीछे भी कई कारण थे। नंबर एक, पहली फिल्म सुपरहिट होने के बाद उन्हें एक साथ 60 फिल्में ऑफर हुई थी। उन्होंने उनमें से 49 फिल्में साइन भी कर ली और वह एक साथ तीन-तीन फिल्मों की शूटिंग करने लगे जिसका असर यह हुआ कि उनकी तबीयत खराब रहने लगी और मजबूर होकर उन्होंने 23 फिल्में छोड़ दी जिससे डायरेक्टर उनसे नाराज हो गए और उन्होंने राहुल राय के साथ कभी काम ना करने की कसम खा ली [संगीत] और वहीं दूसरी ओर उनकी लगातार 25 फिल्में फ्लॉप हो गई और उन्हें काम मिलना ही बंद हो गया। जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला हड़बड़ी में एक गड़बड़ी की तरह सामने आया। यह उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई और जिसके चलते वह बर्बाद हो गए। नंबर दो कहते हैं कि यश चोपड़ा ने उनकी फिल्म जुनून देखने के बाद उन्हीं को ध्यान में रखकर फिल्म डर की कहानी लिखी थी और वह चाहते थे कि इस फिल्म में सनकी विलेन का किरदार राहुल राय ही निभाएं। लेकिन जब राहुल राय को फिल्म की कहानी सुनाई तो राहुल राय ने फिल्म करने से मना कर दिया और बाद में शाहरुख खान ने इस किरदार को निभाया और यह किरदार कल्ट बन गया। राहुल राय को बाद में इस बात का अफसोस हुआ कि अगर वह फिल्म डर कर लेते तो उनका करियर बच सकता था। नंबर तीन एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ एक एक्सीडेंट हो गया। राहुल राय ने शराब पीकर एक आदमी के साथ खूब मारपीट की और अपनी गाड़ी से उसे कुचल दिया। उसकी हड्डियां टूट गई और उस आदमी ने राहुल राय पर केस कर दिया और राहुल राय बुरी तरह से फंस गए। इस घटना के बाद राहुल राय की इमेज पर बहुत बुरा असर पड़ा और लोग उन्हें नापसंद करने लगे। नंबर चार वो एक बार अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए एक रेस्टोरेंट में गए थे। वहां उनकी मां भी अपने कुछ दोस्तों के साथ पहुंची थी।
उन्होंने राहुल राय से साथ में डांस करने के लिए कहा। दोनों ने साथ में कपल डांस किया और शराब के नशे में धुत होकर वे शुद्ध पार्टी का मजा लेने लगे। इसके अगले ही दिन अखबार में खबर छप गई कि राहुल रॉय किसी उम्रदराज महिला के साथ रिलेशनशिप [संगीत] में हैं और वे दोनों एक साथ डांस करते हुए नजर आए। यह अफवाह आग की तरह बॉलीवुड में फैल गई और लोगों ने बातें बनाना शुरू कर दिया कि राहुल राय अपनी मां के साथ ही संबंध में है। इस पर राहुल राय ने नाराजगी जाहिर की और उन्होंने [संगीत] कहा कि लोगों को कम से कम यह कंफर्म कर लेना चाहिए कि वह महिला कौन है। लेकिन उनके बयान से पहले ही यह आग की तरह बॉलीवुड में फैल गया था और इसका उनकी इमेज पर काफी बुरा असर पड़ा और लोगों ने उन्हें बुरे परवरिश का बुरा नतीजा कहकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। नंबर पांच, फिल्मों में करियर ठीक-ठाक ना चलता देख उन्होंने शादी करने का फैसला किया। इसके बाद सन 1998 में राहुल राय की मुलाकात राजलक्ष्मी खानविलकर से हुई। जिसके बाद 2000 में उन्होंने शादी कर ली और शादी के बाद वो ऑस्ट्रेलिया चले गए। इस वजह से बॉलीवुड में बने रहना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो गया और जो थोड़ा बहुत उन्हें काम मिल रहा था वो भी बंद [संगीत] हो गया और वह बॉलीवुड से एकदम दूर हो गए। इसके बाद राहुल राय ने फिल्म निर्माण में कदम रखा और उन्होंने अपनी खुद की कंपनी बनाई राहुल राय फिल्म प्रोडक्शंस। 25 नवंबर साल 2011 को उन्होंने ऐलान नाम से अपनी पहली फिल्म रिलीज की लेकिन उनकी [संगीत] यह कंपनी डूब गई और वह पूरी तरह से बर्बाद हो गए। शादी के 14 साल बाद उनकी पत्नी ने भी उन्हें छोड़ दिया और दोनों ने तलाक ले लिया। [संगीत] उनकी शादी भी टूट गई और उनकी पत्नी ने उन्हें छोड़कर उनसे तलाक मांगा और इस तरह उनकी शादी भी नहीं चल सकी।
[संगीत] तलाक के बाद साल 2016 में राहुल राय साधना सिंह से मिले और उन्होंने साधना सिंह से शादी कर ली। साल 2020 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें अचानक से ब्रेन स्ट्रोक आया और उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उनके पास इलाज तक के पैसे नहीं थे। कहते हैं कि उनके अस्पताल का पूरा कर्ज सलमान खान ने भरा था। तब जाकर उन्हें नई जिंदगी मिली। रातों-रात सुपरस्टार बने राहुल राय का एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने भोजपुरी फिल्मों का रुख किया और फिल्मों में बने रहने के लिए और अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए उन्होंने सी ग्रेड और डी ग्रेड फिल्मों में भी काम किया। लेकिन उनकी किस्मत का सितारा एक बार डूबा तो फिर कभी दोबारा चमक ही नहीं पाया। इस तरह हम कह सकते हैं कि वह एक ऐसे हीरो रहे जिसे ना प्यार मिला और ना ही फिल्मों में सफलता।
फिल्मों में उनका करियर जरूर डूब गया। लेकिन पहली फिल्म से जो उन्होंने सफलता हासिल की और जो प्यार उन्होंने लोगों से हासिल किया वो पाना बड़ा ही मुश्किल होता है। लेकिन उसे बरकरार रख पाना उससे भी ज्यादा मुश्किल। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगातार फिल्मों में फ्लॉप होने के बाद भी जब वो साल 2006 में बिग बॉस में आए थे तो उन्हें लोगों ने इतना पसंद किया कि वह बिग बॉस के विनर हो गए थे। और बिग बॉस को जीतने के बाद उन्हें लगा कि शायद अब उन्हें फिल्मों में अच्छा काम मिलने लगेगा। लेकिन इसके बाद भी उन्हें अच्छी फिल्में नहीं मिली और उनका करियर दिन प्रतिदिन ढलान की ओर चलता चला गया और इस तरह से वो केवल एक फिल्म के लिए ही सुपरस्टार बने रहे और इसके बाद उनका करियर जो डूबा तो दोबारा कभी लाइमलाइट नहीं पा सके। सिर्फ एक फिल्म से ही वो बॉलीवुड में अमर हो गए और उन्हें वन टाइम सुपरस्टार का खिताब मिला।
आशिकी ही उनकी एकमात्र ऐसी फिल्म रही जिसने उन्हें लोगों के दिलों में हमेशा के लिए अमर कर दिया और उसके बाद उनकी किसी भी फिल्म को लोगों ने इतना पसंद नहीं किया जिससे उन्हें सफलता मिल सके। सिर्फ एक ही फिल्म जिसकी कहानी और जिसके गाने आज भी हमारी जुबान पर रहते हैं। कभी-कभी जिंदगी हमें सब कुछ दे देती है। नाम, शोहरत, प्यार लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होता कि [संगीत] हमें क्या मिला? बल्कि यह होता है कि हमने उसे संभाला कैसे? एक गलत फैसला, [संगीत] एक जल्दबाजी या फिर कुछ ऐसे पल जो उस समय छोटे लगते [संगीत] हैं।
लेकिन वही पल हमारी पूरी कहानी लिख देते हैं। यह कहानी हमें यह नहीं सिखाती कि गिरना गलत है बल्कि यह सिखाती है कि हर गिरावट के पीछे एक चेतावनी [संगीत] होती है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। क्योंकि सच तो यह है ऊपर उठना मुश्किल जरूर है लेकिन ऊपर टिके रहना उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है। और जब इंसान खुद ही अपने रास्ते में कांटे बिछाने लगे तो फिर किस्मत भी ज्यादा देर तक साथ नहीं देती। शायद इसीलिए कुछ कहानियां मुकम्मल नहीं होती वो बस एक सबक बनकर रह जाती हैं। एक ऐसा सबक जो हर उस इंसान के लिए है जो कभी ना कभी अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना चाहता है। अगर यह कहानी आपके दिल या दिमाग में कहीं भी हलचल पैदा कर पाई हो तो समझिए इसका मकसद पूरा हुआ। अगर आपको यह कहानी सच में कुछ फील करवा पाई हो तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। क्योंकि हर कहानी सिर्फ सुनने के लिए नहीं होती। [संगीत] कुछ कहानियां हमें बदलने के लिए होती