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आशा भोसले के निधन पर डॉक्टर का होश उड़ाने वाले खुलासे, हिला देश!

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फिलहाल इस बात की उम्मीद कर रहा है कि परिवार एक अपडेट दे और एक जानकारी दे कि का घर है वो थोड़ा सा कम स्पेस वाला जगह है तो वहां पर एक बकायदा तैयारी करनी पड़ेगी स्टेज बनाना पड़ेगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में लोग वहां पर पहुंचेंगे क्योंकि सोमवार का दिन है कामकाजी दिन है तो ऐसे में मुंबई कर जब भी इस तरह की कोई घटना होती है तो बड़ी संख्या में वहां पर पहुंचते हैं दिन स्तर पर करनी पड़ेगी आशा जी राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हैं। अह दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हैं। बांगभूषण पुरस्कार से सम्मानित है। तो ना सिर्फ मुंबई महाराष्ट्र बल्कि देश के कोने-कोने से लोग उनको यहां पर अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे तो उस बड़े स्तर की तैयारियां करना भी जरूरी है। हां बिल्कुल सही कह रही हैं। बड़े स्तर की तैयारियां की जाएंगी और इसी वजह से शायद यह समय भी लिया गया है। आज सुबह आशा ताई ने मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। हमारी सहयोगी नम्रता मौजूद हैं। इसी ब्रिज कैंडी अस्पताल में कल बताया जा रहा है आशा भोसले को यहां पर भर्ती कराया गया था। उन्हें स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत हुई थी और एज रिलेटेड प्रॉब्लम ज्यादा बताई जा रही है। जिसके बाद आशा भोसले को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि परिवार की तरफ से लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लोगों को यह जानकारी दी जा रही थी कि आशा भोसले की स्वास्थ्य के लिए आप लोग कामना कीजिए, प्रार्थना कीजिए लेकिन स्थिति थोड़ी गंभीर बनी हुई थी। इसका भी अंदाजा लग रहा था। परिवार जिस तरीके की संदेश जो है वो सोशल मीडिया के जरिए साझा कर रहा था और उम्र भी देखिए आप 8 सितंबर 1933 महाराष्ट्र के सांगली में जन्म हुआ आशा भोसले का और इस बीच खुद परिवार की तरफ से जो जानकारी साझा की गई है

आशा भोसले के निधन को लेकर और किस तरीके से अरेंजमेंट किया जाएगा उनका पार्थिव शरीर दर्शन कहां पहुंचकर लोग कर सकते हैं ये आपको दिखा देते हैं एक बार फिर से परिवार ने क्या जानकारी साझा की है मेरी माताजी श्रीमती आशा भोसले इनका आज निधन हो चुका है। कल सुबह 11:00 बजे वो जहां रहती थी कासा ग्रैंड लोअर परेल वहां पर जिनको अंतिम दर्शन लेने हैं वो आप वहां आइए और 4:00 बजे कल दोपहर को शिवाजी पार्क में इनके अंतिम संस्कार होंगे। बड़ी दुख की खबर है कि श्री आशा भोसले जी का आज निधन हो चुका है और उनको मेडिकल प्रॉब्लम थी। उनको मल्टी ऑर्गन फेलियर था। उस कारण उनका निधन हुआ है। तो मतलब अब तस्वीर साफ हो रही है। कल तक पार्थिव शरीर जो है वह यही ब्रिज कांडी अस्पताल में ही रखा जाएगा और फिर कल सुबह 11:00 बजे लोअर परेल जो आशा भोसले का आवास था जहां वो रहती थी वहीं पर पार्थिव शरीर दर्शन के लिए रखा जाएगा और शाम 4:00 बजे जो शिवाजी पार्क में क्रमेश ग्राउंड है वहां पर आशा भोसले का अंतिम संस्कार किया जाना है। यह जानकारी परिवार की तरफ से साझा कर दी गई है। मैं आपको एक बार फिर से लेकर चलूंगी। सहयोगी नम्रता इस वक्त हमारे साथ मौजूद हैं। ब्रिज कैंडी अस्पताल के बाहर ही नम्रता हैं और यहां पर सुरक्षा के अब किस तरीके के इंतजाम किए जा रहे हैं नम्रता? क्योंकि जैसे-जैसे लोगों तक ये जानकारी पहुंचेगी लोग यहां ब्रिज कैंडी अस्पताल के बाहर जुटने की कोशिश करेंगे। बैरिकेड्स वगैरह लगते हुए आप देख रही हैं और कुछ प्रशंसक भी पहुंच रहे हैं क्या यहां पर? जी बिल्कुल देखिए आशा भोसले जी राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हैं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तो सारे सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी जाएगी। तो ऐसे में जिस अस्पताल में उनका पार्थिव है ब्रिज कैंडी अस्पताल वहां पर सुरक्षा को लेकर कोई चूक ना हो। इसलिए आप देखिए बैरिकेडिंग जो है वो बहुत बड़े स्तर पर यहां पर कर दी गई है। मुंबई पुलिस की तमाम टीमें और जो स्पेशल सिक्योरिटी टीम है ब्रिज कैंडी अस्पताल की वो यहां पर तैनात कर दिया गया है। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना जांच के यहां पर नहीं छोड़ा जा रहा है। अस्पताल के व्यक्तियों को यहां आईडी दिखाकर ही आगे जाना होगा। मीडिया के लिए एक अलग सेक्शन बना दिया गया है।

मुंबई पुलिस की कई सारी वैन और सिक्योरिटी गाड़ियां यहां पर पहुंच गई है। जो यहां का ट्रैफिक रूट है उसको थोड़ा सा स्लोअर कर दिया गया है क्योंकि लगातार गाड़ियां अंदर आ रही हैं जा रही हैं और कई काफिले कई बड़े नेता मंत्री रिश्तेदार इंडस्ट्री से कुछ जुड़े जो नामी संगीतकार कुछ हैं वो यहां पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। तो उनके लिए अलग सा एक स्पेस रखा जा रहा है। हालांकि परिवार लगातार यही अपील कर रहा है कि अस्पताल ना आए। सीधे कल जब उनका पार्थिव लोअर परेड स्थित उनके घर पर रखा जाएगा। वहां पर अंतिम दर्शन की पूरी तैयारियां की गई है। आप वहां पर आइए और वहां आप आशा जी को अंतिम विदाई दे सकते हैं। तो देखिए परिवार के लोग लगातार यहां पर पहुंच रहे हैं। कुछ सदस्यों कुछ सदस्यों की गाड़ियां हमें भी अंदर जाते हुए दिखी है। तो ये अभी जो इंतजाम है वो अस्पताल पर किया जा रहा है। ठीक ऐसी ही तस्वीर आशा जी के घर के बाहर भी नजर आ रही है। वहां भी पुलिस की एक टीम पहुंची है। जो सिक्योरिटी को लेकर पुख्ता इंतजाम कर रही क्योंकि कुछ फैंस हैं, कुछ चाहने वाले हैं वो उनके घर के पास भी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ठीक उसके बगल में लता जी का घर प्रभु कुंज है। वहां पर भी कुछ लोगों की जाने की जानकारी सामने आई है। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने अपनी सिक्योरिटी जो है वो यहां अलर्ट पर रख दी है। पुलिस की गाड़ियां अस्पताल के अंदर भी नम्रता नम्रता परिवार में कौन-कौन है? अपने बेटे के साथ ही आशा भोसले जो है वो एक ही घर में रहती थी और जो उनकी पोती है उसके साथ भी काफी जुड़ाव आशा भोसले का। उनके साथ भी सोशल मीडिया पर आशा भोसले की तस्वीरें वगैरह काफी वो साझा किया करती थी। तो परिवार में और कौन-कौन? देखिए आशा जी के दो बेटे हैं। एक उनकी बेटी का जो है वो निधन हो गया था। उनके दो बेटे हैं और बेटों के साथ वो लोअर परेल के घर में रहती थी। आनंद जो हैं भोसले उनकी बाइट आपने सुनी। वो बता रहे थे कि उनकी मां का निधन हो गया है। बाकी उनके जो दो बेटे हैं उनसे एक पोता और एक पोती है। चिंटू भोसले जनई भोसले हैं। तो वो पूरा परिवार जो है वो लोअर परेल के घर में रहता है और वहां पर पूरी फैमिली मौजूद है। परिवार के कुछ सदस्य जो और रिश्तेदार हैं वो बाहर हैं। वो उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। तो एक संयुक्त परिवार के तौर पर अपने हंसते खेलते परिवार के साथ आशा भोसले जो है वो लोअर परेल में रहा करती थी और वहां उनके पार्थिव को ले जाया जाएगा। वहां पर उनको अंतिम विदाई दी जाएगी।

उससे ही कुछ ही दूरी पर मौजूद है प्रभु कुंज जहां पर पहले मंगेशकर परिवार रहा करता था। लता जी ने अपनी अंतिम विदाई वहीं पर ली थी। तो वो ज्यादा डिस्टेंस पर नहीं है। तो ऐसे में ल आशा जी अपने पूरे परिवार के साथ लोअर पर में रहा करती थी। उनके दो बेटे बहू और नातीपोते वहीं पर थे तो उनके पार्थिव को इसलिए वहां ले जाएगा और पूरा परिवार एक अंतिम दर्शन की तैयारी कर रहा है क्योंकि वो जानते हैं कि आशा भोसले सिर्फ उनके परिवार से नहीं ताल्लुक रखती वो पूरे देश से ताल्लुक रखती है आशा भोसले पूरे देश की है जिस तरह का उनका काम है जिस तरह का उनका संगीत है तो हजारों का हुजूम जो है वो उनके घर के पास आएगा तो वो एक अंतिम दर्शन की तैयारियां जो है वो परिवार की तरफ से लोअर परेल में की जा रही हैं। महाराष्ट्र सरकार की कई टीम जो है वो वहां पर तैयारियों की शुरुआत करें। उसके बाद शाम 4:00 बजे कल शिवाजी पार्क में अंतिम जो है विदाई दे दी जाएगी आशा भोसले जी को जिसके चलते तमाम जो तैयारियां हैं वो शुरू कर दी गई है। उनको हर तरह से याद करने की कोशिश की जा रही है। जिन्होंने इस खबर को सुना हर कोई गमगीन हो गया। हमने तस्वीरें देखी कि मंत्री आशीष शेलार जो भाजपा की नेता हैं वो उनसे काफी करीबी माने जाते हैं। आशा भोसले भले ही 92 वर्ष की हो लेकिन उनको ताई कहा जाता है। ताई का अर्थ होता है दीदी। यानी कि हर उम्र का व्यक्ति उनको दीदी कहकर बुलाता था और यही प्यार यही एक अपनापन उनका देखने मिलता था जिसके चलते हर कोई अब गमगीन हो चुका है। इंडस्ट्री की तरफ से तमाम रिएक्शंस आने शुरू हो गए हैं। जिसके जिसकी कैपेबिलिटी में है कोई सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। कोई परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। कोई उनकी टीम से बात करने की कर रहा है। हालांकि परिवार की तरफ से दी गई है कि किस तरह अंतिम विदाई होगी। उसके बाद जो तमाम लोग हैं वह सीधे कल उनके घर पर पहुंचेंगे और शिवाजी पार्क पर पहुंचेंगे। लेकिन हर कोई चाहता है कि अपने प्रिय गायिका को खोया है तो एक बार तुरंत उनकी एक आखिरी झलक देख लें। इस कोशिश में हैं। लेकिन फिलहाल जो स्थिति है उसके बाद परिवार के दुख को साझा करने के लिए अभी थोड़ा सा वक्त देने की बात की गई है। आशा जी को कल ब्रिज कैंडिडे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और आज उनके निधन के बाद हर कोई सक्त में है। हर कोई दुख में है और अब कोशिश की जा रही है कि उनको बहुत ही सम्मान पूर्वक उनको बहुत ही बेहतरीन तरीके से एक अंतिम विदाई दी जाए। उनके काम को याद किया जाए। जी तो ऐसे में मुझे मुझे लगता है थोड़ा सा इंतजार कर लेना चाहिए और उसके बाद बहुत मुमकिन है कि प्रशासन की तरफ से भी जानकारी साझा की जाए। किस तरीके से राजकीय सम्मान के साथ आशा ताई को विदा किया जाएगा इसको लेकर कुछ जानकारियां साझा की जाए।

आपने जिस बात का जिक्र किया आशा ताई। आशा ताई के नाम से जाना जाता था। आशा ताई के तौर पर प्रिय आशा भोसले। परिवार में एक तरफ लता दीदी और दूसरी तरफ आशा ताई। मैं जिस बात का पहले भी जिक्र कर रही थी आसान नहीं होता है जब आपके परिवार में लता मंगेशकर जैसी एक प्रतिभा हो उनके रहते हुए आप अपने लिए एक अलग जगह अलग मुकाम हासिल कर पाएं लेकिन आशा ताई ने वो करके दिखाया लता दी की मौजूदगी में आशा ताई ने अपने लिए जगह बनाई नम्रता जी बिल्कुल देखिए बिल्कुल भी आसान नहीं है और मैंने जैसे कि कहा चाहे लता मंगेशकर हो या आशा से नहीं है। उन्होंने पूरी देश के लिए गाना गाया है। पूरी दुनिया को अपनी प्रतिभा दिखाई है। तो वो हर एक भारतीय हर उस संगीत प्रेमी से बिलोंग करती हैं। तो ऐसे में ये हर किसी का अपना-अपना दुख है। कोई उनके एक किसी गाने को पसंद करता था। कोई उनके उस कविता कहने के लहजे को पसंद करता था। तो सबका अपना तरीका है। तो इसलिए बहुत ही मुश्किल दौर है ये। परिवार में मौजूद उनको जानकारी मिली कि आशा जी को तबीयत खराब होने के बाद ब्रिज कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो कई लोग सुबह की दौरान लौट आए और कुछ लोग लौट रहे हैं। तो ऐसे में इंतजार किया जा रहा है कि पूरा परिवार एक साथ आए। आंखें सभी की नम है। उनके बेटे आनंद भोसले को हमने देखा कि उनके पास शब्द नहीं है और ये किसी भी बेटे के लिए बहुत मुश्किल वक्त है। लेकिन कोशिश की जा रही है कि वो उनकी अंतिम विदाई, उनकी अंतिम तस्वीर हर किसी के साथ साझा की जाए क्योंकि हर किसी ने उनको उनके काम को खुलकर प्यार दिया है। खुलकर उनकी प्रतिभा को सहारा सराया है। तो ऐसे में ये एक बहुत ही दुखद घड़ी है भोसले परिवार के लिए मंगेशकर परिवार के लिए उनसे जुड़े तमाम लोगों के लिए और इस दुखद घड़ी में हर कोई फिलहाल इस बात की उम्मीद कर रहा है कि परिवार एक अपडेट दे और एक जानकारी दे का घर है वो थोड़ा सा कम स्पेस वाला जगह है तो वहां पर एक बकायदा तैयारी करनी पड़ेगी स्टेज बनाना पड़ेगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में लोग वहां पर पहुंचेंगे क्योंकि सोमवार का दिन है, कामकाजी दिन है। तो ऐसे में मुंबईकर जब भी इस तरह की कोई घटना होती है तो बड़ी संख्या में वहां पर पहुंचते हैं। दिन स्तर पर करनी पड़ेगी। आशा जी राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हैं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित है। बांगभूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं। तो ना सिर्फ मुंबई महाराष्ट्र बल्कि देश के कोने-कोने से लोग उनको यहां पर अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। तो उस बड़े स्तर की तैयारियां करना भी जरूरी है। आप बिल्कुल सही कह रही हैं। बड़े स्तर की तैयारियां की जाएंगी और इसी वजह से शायद यह समय भी लिया गया है।

आज सुबह आशा ताई ने मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। हमारी सहयोगी नम्रता मौजूद हैं। इसी ब्रिज कैंडी अस्पताल में कल बताया जा रहा है आशा भोसले को यहां पर भर्ती कराया गया था। उन्हें स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत हुई थी और एज रिलेटेड प्रॉब्लम ज्यादा बताई जा रही है। जिसके बाद आशा भोसले को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि परिवार की तरफ से लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लोगों को यह जानकारी दी जा रही थी कि आशा भोसले के स्वास्थ्य के लिए आप लोग कामना कीजिए, प्रार्थना कीजिए। लेकिन स्थिति थोड़ी गंभीर बनी हुई थी। इसका भी अंदाजा लग रहा था। परिवार जिस तरीके की संदेश जो है वो सोशल मीडिया के जरिए साझा कर रहा था और उम्र भी देखिए आप 8 सितंबर 1933 महाराष्ट्र के सांगली में जन्म हुआ आशा भोसले का और इस बीच खुद परिवार की तरफ से जो जानकारी साझा की गई है आशा भोसले के निधन को लेकर और किस तरीके से अरेंजमेंट किया जाएगा उनका पार्थिव शरीर दर्शन कहां पहुंचकर लोग कर सकते हैं ये आपको दिखा देते हैं एक बार फिर से परिवार ने क्या जानकारी साझा की है मेरी माताजी श्रीमती आशा भोसले इनका जिनका आज निधन हो चुका है। कल सुबह 11:00 बजे वो जहां रहती थी कासा ग्रैंड लोअर परेल वहां पर जिनको अंतिम दर्शन लेने हैं वो आप वहां आइए और 4:00 बजे कल दोपहर को शिवाजी पार्क में इनके अंतिम संस्कार होंगे। बड़ी दुख की खबर है कि श्री आशा भोसले जी का आज निधन हो चुका है और उनको मेडिकल प्रॉब्लम थी। उनको मल्टी ऑर्गन फेलियर था। उस कारण उनका निधन हुआ है। तो मतलब अब तस्वीर साफ हो रही है। कल तक पार्थिव शरीर जो है वो यहीं ब्रिज कांडी अस्पताल में ही रखा जाएगा और फिर कल सुबह 11:00 बजे लोअर परेल जो आशा भोसले का आवास था जहां वो रहती थी वहीं पर पार्थिव शरीर दर्शन के लिए रखा जाएगा और शाम 4:00 बजे जो शिवाजी पार्क में क्रमेशियन ग्राउंड है वहां पर आशा भोसले का अंतिम संस्कार किया जाना है। यह जानकारी परिवार की तरफ से साझा कर दी गई है। मैं आपको एक बार फिर से लेकर चलूंगी। सहयोगी नम्रता इस वक्त हमारे साथ मौजूद हैं।

ब्रिज कैंडी अस्पताल के बाहर ही नम्रता हैं और यहां पर सुरक्षा के अब किस तरीके के इंतजाम किए जा रहे हैं नम्रता? क्योंकि जैसे-जैसे लोगों तक ये जानकारी पहुंचेगी लोग यहां ब्रिज कैंडी अस्पताल के बाहर जुटने की कोशिश करेंगे। बैरिकेड्स वगैरह लगते हुए आप देख रही हैं और कुछ प्रशंसक भी पहुंच रहे हैं क्या यहां पर? जी बिल्कुल देखिए आशा भोसले जी राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हैं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तो सारे सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी जाएगी। तो ऐसे में जिस अस्पताल में उनका पार्थिव है ब्रिज कैंडी अस्पताल वहां पर सुरक्षा को लेकर कोई चूक ना हो। इसलिए आप देखिए बैरिकेडिंग जो है वो बहुत बड़े स्तर पर यहां पर कर दी गई है। मुंबई पुलिस की तमाम टीमें और जो स्पेशल सिक्योरिटी टीम है ब्रिज कैंडी अस्पताल की वो यहां पर तैनात कर दिया गया है। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना जांच के यहां पर नहीं छोड़ा जा रहा है। अस्पताल के व्यक्तियों को यहां आईडी दिखाकर ही आगे जाना होगा। मीडिया के लिए एक अलग सेक्शन बना दिया गया है। मुंबई पुलिस की कई सारी वैन और सिक्योरिटी गाड़ियां यहां पर पहुंच गई है। जो यहां का ट्रैफिक रूट है उसको थोड़ा सा स्लोअर कर दिया गया है क्योंकि लगातार गाड़ियां अंदर आ रही हैं जा रही हैं और कई काफिले कई बड़े नेता मंत्री रिश्तेदार इंडस्ट्री से कुछ जुड़े जो नामी संगीतकार कुछ हैं वो यहां पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। तो उनके लिए अलग सा एक स्पेस रखा जा रहा है। हालांकि परिवार लगातार यही अपील कर रहा है कि अस्पताल ना आए। सीधे कल जब उनका पार्थिव लोअर परेल स्थित उनके घर पर रखा जाएगा। वहां पर अंतिम दर्शन की पूरी तैयारियां की गई है। आप वहां पर आइए और वहां आप आशा जी को अंतिम विदाई दे सकते हैं। तो देखिए परिवार के लोग लगातार यहां पर पहुंच रहे हैं। कुछ सदस्य कुछ सदस्यों की गाड़ियां हमें भी अंदर जाते हुए दिखी है। तो ये अभी जो इंतजाम है वो अस्पताल पर किया जा रहा है। ठीक ऐसी ही तस्वीर आशा जी के घर के बाहर भी नजर आ रही है। वहां भी पुलिस की एक टीम पहुंची है। जो सिक्योरिटी को लेकर पुख्ता इंतजाम करी क्योंकि कुछ फैंस हैं कुछ चाहने वाले हैं वो उनके घर के पास भी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ठीक उसके बगल में लता जी का घर प्रभु कुंज है। वहां पर भी कुछ लोगों की जाने की जानकारी सामने आई है। जिसके बाद मुंबई पुलिस ने अपनी सिक्योरिटी जो है वो यहां अलर्ट पर रख दी है। पुलिस की गाड़ियां अस्पताल के अंदर भी नम्रता। नम्रता परिवार में कौन-कौन है? अपने बेटे के साथ ही आशा भोसले जो है वो एक ही घर में रहती थी और जो उनकी पोती है उसके साथ भी काफी जुड़ाव आशा भोसले का उनके साथ भी सोशल मीडिया पर आशा भोसले की तस्वीरें वगैरह काफी वो साझा किया करती थी तो परिवार में और कौन-कौन देखिए आशा जी के दो बेटे हैं। एक उनकी बेटी का जो है वो निधन हो गया था। उनके दो बेटे हैं और बेटों के साथ वो लोअर परेल के घर में रहती थी। आनंद जो है भोसले उनकी बाइट आपने सुनी वो बता रहे थे कि उनकी मां का निधन हो गया है। अ बाकी उनके जो दो बेटे हैं उनसे एक पोता और एक पोती है।

चिंटू भोसले जनई भोसले हैं। तो वो पूरा परिवार जो है वो लोअर परेल के घर में रहता है और वहां पर पूरी फैमिली मौजूद है। परिवार के कुछ सदस्य जो और रिश्तेदार हैं वो बाहर हैं। वो उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। तो एक संयुक्त परिवार के तौर पर अपने हंसते खेलते परिवार के साथ आशा भोसले जो है वह लोअर परेल में रहा करती थी और वहां उनके पार्थिव को ले जाया जाएगा। वहां पर उनको अंतिम विदाई दी जाएगी। उससे ही कुछ ही दूरी पर मौजूद है प्रभु कुंज जहां पर पहले मंगेशकर परिवार रहा करता था। लता जी ने अपनी अंतिम विदाई वहीं पर ली थी। तो वो ज्यादा डिस्टेंस पर नहीं है। तो ऐसे में लता आशा जी अपने पूरे परिवार के साथ लोअर पर में रहा करती थी। उनके दो बेटे बहू और नातीपोते वहीं पर थे। तो उनके पार्थिव को इसलिए वहां ले जाएगा और पूरा परिवार एक अंतिम दर्शन की तैयारी कर रहा है क्योंकि वो जानते हैं कि आशा भोसले सिर्फ उनके परिवार से नहीं ताल्लुक रखती। वो पूरे देश से ताल्लुक रखती है। आशा भोसले पूरे देश की हैं। जिस तरह का उनका काम है जिस तरह का उनका संगीत है तो हजारों का हुजूम जो है वो उनके घर के पास आएगा। तो वो एक अंतिम दर्शन की तैयारियां जो है वह परिवार की तरफ से लोअर परेल में की जा रही हैं। महाराष्ट्र सरकार की कई टीम जो है वह वहां पर तैयारियों की शुरुआत कर रही है। उसके बाद शाम 4:00 बजे कल शिवाजी पार्क में अंतिम जो है विदाई दे दी जाएगी आशा भोसले जी को जिसके चलते तमाम जो तैयारियां हैं वो शुरू कर दी गई है। उनको हर तरह से याद करने की कोशिश की जा रही है। जिन्होंने इस खबर को सुना हर कोई गमगीन हो गया। हमने तस्वीरें देखी कि मंत्री आशीष शेलार जो भाजपा की नेता हैं वो उनसे काफी करीबी माने जाते हैं। आशा भोसले भले ही 92 वर्ष की हो लेकिन उनको ताई कहा जाता है। ताई का अर्थ होता है दीदी। यानी कि हर उम्र का व्यक्ति उनको दीदी कह कर बुलाता था और यही प्यार यही एक अपनापन उनका देखने मिलता था जिसके चलते हर कोई अब गमगीन हो चुका है। इंडस्ट्री की तरफ से तमाम रिएक्शंस आने शुरू हो गए हैं। जिसके जिसकी कैपेबिलिटी में है कोई सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। कोई परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। कोई उनकी टीम से बात करने की कर रहा है। हालांकि परिवार की तरफ दी गई है कि किस तरह अंतिम विदाई होगी। उसके बाद जो तमाम लोग हैं वो सीधे कल उनके घर पर पहुंचेंगे और शिवाजी पार्क पर पहुंचेंगे। लेकिन हर कोई चाहता है कि अपने प्रिय गायिका को खोया है तो एक बार तुरंत उनकी एक आखिरी झलक देख लें। इस कोशिश में हैं। लेकिन फिलहाल जो स्थिति है उसके बाद परिवार के दुख को साझा करने के लिए अभी थोड़ा सा वक्त देने की बात की गई है। आशा जी को कल ब्रिज कैंडिडे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और आज उनके निधन के बाद हर कोई सक्त में है। हर कोई दुख में है और अब कोशिश की जा रही है कि उनको बहुत ही सम्मान पूर्वक उनको बहुत ही बेहतरीन तरीके से एक अंतिम विदाई दी जाए।

उनके काम को याद किया जाए। जी तो ऐसे में मुझे मुझे लगता है थोड़ा सा इंतजार कर लेना चाहिए और उसके बाद बहुत मुमकिन है कि प्रशासन की तरफ से भी जानकारी साझा की जाए। किस तरीके से राजकीय सम्मान के साथ आशा ताई को विदा किया जाएगा इसको लेकर कुछ जानकारियां साझा की जाए। आपने जिस बात का जिक्र किया आशा ताई। आशा ताई के नाम से जाना जाता था। आशा ताई के तौर पर प्रिय आशा भोसले। परिवार में एक तरफ लता दीदी और दूसरी तरफ आशा ताई। मैं जिस बात का पहले भी जिक्र कर रही थी आसान नहीं होता है जब आपके परिवार में लता मंगेशकर जैसी एक प्रतिभा हो। उनके रहते हुए आप अपने लिए एक अलग जगह अलग मुकाम हासिल कर पाएं। लेकिन आशा ताई ने वो करके दिखाया। लता दी की मौजूदगी में आशा ताई ने अपने लिए जगह बनाई नम्रता। जी बिल्कुल देखिए ये बिल्कुल भी आसान नहीं है और मैंने जैसे कि कहा चाहे लता मंगेशकर हो या आशा से नहीं है। उन्होंने पूरी देश के लिए गाना गाया। पूरी दुनिया को अपनी प्रतिभा दिखाई है। तो वो हर एक भारतीय हर संगीत प्रेमी से बिलोंग करती हैं। तो ऐसे में यह हर किसी का अपना-अपना दुख है। कोई उनके किसी गाने को पसंद करता था। कोई उनके उस कविता कहने के लहजे को पसंद करता था। तो सबका अपना तरीका है। तो इसलिए बहुत ही मुश्किल दौर है ये। परिवार में मौजूद उनको जानकारी मिली कि आशा जी को तबीयत खराब होने के बाद ब्रिज कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो कई लोग सुबह की दौरान लौट आए और कुछ लोग लौट रहे हैं तो ऐसे में इंतजार किया जा रहा है कि पूरा परिवार एक साथ आए। आंखें सभी की नम है। उनके बेटे आनंद भोसले को हमने देखा कि उनके पास शब्द नहीं है और ये किसी भी बेटे के लिए बहुत मुश्किल वक्त है। लेकिन कोशिश की जा रही है कि वो उनकी अंतिम विदाई, उनकी अंतिम तस्वीर हर किसी के साथ साझा की जाए क्योंकि हर किसी ने उनको उनके काम को खुलकर प्यार दिया है।

खुलकर उनकी प्रतिभा को सहारा सराया है। तो ऐसे में यह एक बहुत ही दुखद घड़ी है भोसले परिवार के लिए, मंगेशकर परिवार के लिए, उनसे जुड़े तमाम लोगों के लिए और इस दुखद घड़ी में हर कोई फिलहाल इस बात की उम्मीद कर रहा है कि परिवार एक अपडेट दे और एक जानकारी दे। का घर है वो थोड़ा सा कम स्पेस वाला जगह है। तो वहां पर एक बकायदा तैयारी करनी पड़ेगी। स्टेज बनाना पड़ेगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में लोग वहां पर पहुंचेंगे क्योंकि सोमवार का दिन है, कामकाजी दिन है तो ऐसे में मुंबई कर जब भी इस तरह की कोई घटना होती है तो बड़ी संख्या में वहां पर पहुंचते हैं। स्तर पर करनी पड़ेगी। आशा जी राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हैं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हैं। बांगभूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं। तो ना सिर्फ मुंबई महाराष्ट्र बल्कि देश के कोने-कोने से लोग उनको यहां पर अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। तो उस बड़े स्तर की तैयारियां करना भी जरूरी है। आप बिल्कुल सही कह रही हैं। बड़े स्तर की तैयारियां की जाएंगी और इसी वजह से शायद यह समय भी लिया गया है। आज सुबह आशा ताई ने मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। हमारी सहयोगी नम्रता मौजूद हैं। इसी ब्रिज कैंडी अस्पताल में कल बताया जा रहा है आशा भोसले को यहां पर भर्ती कराया गया था। उन्हें स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत हुई थी और एज रिलेटेड प्रॉब्लम ज्यादा बताई जा रही है। जिसके बाद आशा भोसले को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि परिवार की तर

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