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गाजियाबाद सूर्या ह!त्याकां- ड: CCTV ने बताई मौ!त की कहानी।

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अब बात करते हैं उत्तर प्रदेश की जहां गाजियाबाद में एक शख्स की ने हिंदू मुस्लिम का रंग ले लिया। परिवार का आरोप है कि बकरी ईद के बहाने बेटे को भुलाकर उसकी कर दी गई। इस तस्वीर में चल रहे झगड़े के बाद नारंगी शर्ट पहने लड़के सूर चौहान की कर दी गई।

गाजियाबाद में 17 साल के सूर की मुस्लिम दोस्तों ने से हमला करके जान ले ली। हम लोग घूम के आए थे। दो चार लड़के खड़े थे। असद, आतिफ, फरहान। तीन चार लड़के और खड़े थे उनके साथ। उनका नाम नहीं मालूम। वो नशेवशे में थे। उन्होंने हमारे साथ करी। से बात पे उतर आई। हाथापाई होने के बाद सब कुछ बातचीत खत्म होने के बाद हम लोग साइड चले गए। उसके बाद वो असद नाम का लड़का चकू लेके वापस आता है। कहता है कि बातचीत कर लेते हैं। लड़ाई झगड़े से कोई फायदा नहीं है।

वो उसे बातचीत के बहाने वापस गली में लेके गया। गली में जाने के बाद उसने चकू निकाला और सूर्य के पेट में मार दिया। उसके बाद हम लोग वहां से वो तो भाग गया शायद। हमने सूर्य को उठाया हॉस्पिटल लेके आए जल्दी जहां पे इमरजेंसी में एडमिट कराया हमने।

परिवार का आरोप है कि सूर को बकरी ईद में बकरा काटते दिखाने के लिए बुलाया गया। लेकिन इंकार करने पर उसकी जान ले ली। इन लोगों ने फोन करके धोखे से मेरे बेटे को बुलाया और जाके ही आ जाओ ईद मिलते हैं। ठीक है। फिर मेरे बेटे से कहा तुमने बकरा करते हुए देखा है? मेरा बोला मैंने नहीं देखा है।

ऐसे कह के एकदम चकू उसके पेट में डाल के ऐसे घुमा दिया है। अब मामले में इलाके में तनाव फैला हुआ है। जहां परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है। करीब 24 घंटे बाद पार्थिव शरीफ जो है वो अब यहां पर आ गया है। अगर मैं आपको तस्वीरों में दिखाऊं तो पूरी तरीके से इस इलाके में एक बार फिर से तनावपूर्ण माहौल जो है वो बन गया है। बताया यह जा रहा है कि के बाद जो है बॉडी अब परिवार को हैंड ओवर कर दी गई है। वहीं परिवार का यह कहना है कि जब तक सात के सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, जब तक उनके खिलाफ पुलिस नहीं करती तब तक इस पार्थिव शरीर का जो है अंतिम संस्कार नहीं होगा।

तो ये पुलिस का दावा है कि बाइक को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। अब तक की जांच में यह सोची समझी साजिश नहीं लग रही है। गाजियाबाद से अब गाजियाबाद खोड़ा मामले से जुड़ी हुई बड़ी खबर आपको देते हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। हालांकि अब तक पुलिस को में इस्तेमाल बरामद नहीं हुआ है।

व इलाके में जबरदस्त तनाव है। जिसे देखते हुए सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। इसी मामले में यूपी में सियासत भी गर्म हो गई है। गाजियाबाद में सूर की हत्या हिंदू मुस्लिम का रंग चढ़ा तो तस्वीरें हंगामे में बदल गई। इलाके में तनाव फैल गया तो वहीं भारी सुरक्षा बल की तैनाती करनी पड़ी। इस पूरे इलाके में जो है माहौल एक बार फिर से तनावपूर्ण बनता हुआ दिख रहा है।

वहीं दिल्ली पुलिस गाजियाबाद पुलिस ने जो सिक्योरिटी लगाई है वो सिक्योरिटी बाहर की तरफ है। लेकिन फिर भी सैकड़ों की संख्या में लोग यहां मौजूद हैं और लगातार नारेबाजी चल रही है। अब यह देखना होगा कि गाजियाबाद पुलिस किस तरीके से जल्द से जल्द जाकर के इन सात के सात लोगों को हिरासत में लेती है और कहीं ना कहीं इन लोगों में जो गुस्सा है, जो आक्रोश है इसको शांत कराने के लिए काम करती है।

हिंदूवादी संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया है। एक हिंदू परिवार के लड़के को बाहर बुलाया जाता है और उसे पांच से छह लोग पकड़ते हैं और उसे बकरा बताकर काटने का काम करते हैं। उसके पेट में छह से सात वार करते हैं। उसकी तक बाहर आ जाती हैं। किस तरह की स्थिति खोड़ा की हो गई है। हम लोग बार-बार कह रहे हैं कि हिंदू सुरक्षित नहीं है। पलायन करने की स्थिति में है। क्योंकि तरुण खटक की जो आग थी अभी तक नहीं बुझी। मगर खोड़ा में दोबारा से तरुण खटक जैसी घटना हो चुकी है। उधर मामले में सियासत भी तेज हो गई है। सरकार सख्त एक्शन का भरोसा दे रही है।

कोई भी हो वो बख्शा नहीं जाएगा। उसको खोज निकाला जाएगा और करने वाले को पर चढ़ाने के लिए जो कारवाई होती है कानूनी वो कानूनी कारवाई की जाएगी। सरकार कानून व्यवस्था को लेकर के बहुत गंभीर है और जिन लोगों ने ऐसा अपराध किया उनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कारवाई की जाएगी। 15 साल के लड़के को बैला विपक्ष सरकार पर धर्म की सियासत का आरोप लगा रहा है।

तो वहीं सरकार के नेता समाजवादी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। अखिलेश यादव जी को उस पर बोलना चाहिए कि उनके वोटर हैं। उन लोग ऐसी हत्या क्यों कर रहे हैं? कहीं मुसलमान मार रहा है तो कहीं यादव मार रहा है। उनका एमओआई जो फैक्टर है इस समय पूरे प्रदेश में आतंक मचाया हुआ है। देखिए समाजवादी पार्टी समझती है कि हिंदू मुसलमान शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और जिन लोगों ने भी अपराध किया है चाहे वो किसी धर्म किसी जात के हो उनप कार्रवाई होनी चाहिए। सख्त कारवाई होनी चाहिए।

कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। गाजियाबाद की जो घटना हुई है उस घटना की जांच चल रही है और निश्चित तौर पे जो भी इस घटना के पीछे है उसके ऊपर सख्त से सख्त कड़ी कानूनी कारवाई होगी।

बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है जिसके बाद तय होगा कि आखिर सूर की मौत की असली वजह क्या थी।

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