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अमेरिका तक पहुंच गया यु!द्ध, ट्रंप ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग!..

Hindi Post

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली सेना के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक अब रहस्यमई ड्रोन के साए में है। जी हां, अमेरिका के हाई सिक्योरिटी आर्मी बेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन मंडराते हुए देखे गए और यह कोई आम जगह नहीं है। यह वही सैन्य अड्डा है जहां अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट एहसेथ जैसे बड़े अधिकारी रहते हैं। इस घटना के बाद वाशिंगटन में हड़कंप मचा हुआ है। वाइट हाउस में इमरजेंसी मीटिंग बुला ली गई है।

बता दें कि यह ड्रोन देखे गए हैं अमेरिका के बेहद अहम सैन अडे फोर्ट लेसली जे मैकnेयर के ऊपर। यह वही बेस है जो पेंटागन और वाइट हाउस के बेहद करीब है और जहां नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी समेत कई संवेदनशील संस्थान मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ही रात में कई संदिग्ध ड्रोन इस इलाके में देखे गए। इनकी संख्या कितनी थी? कहां से आए हैं?

किसने भेजे? इन सभी सवालों का जवाब फिलहाल अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई तलाश रही है। लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर चिंता है कि यह ड्रोन किसी बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा भी हो सकते हैं। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत एक्शन लिया है।

बेस के आसपास सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है और सिक्योरिटी स्टेटस को चार्ली पर पहुंचा दिया गया है। जिन लोगों को चार्ली का मतलब नहीं पता उन्हें बता दें कि चार्ली का मतलब होता है संभावित आतंकी खतरा। सिर्फ वाशिंगटन ही नहीं इस खतरे को देखते हुए अमेरिका ने दुनिया भर में अपने दूतावासों के लिए ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया है।

यानी खतरा सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर माना जा रहा है। और अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा अपडेट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए तुरंत इमरजेंसी मीटिंग बुला ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मीटिंग में ड्रोन खतरे के साथ-साथ मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई है। दरअसल ये ड्रोन उसी वक्त देखे गए हैं

जब मिडिल ईस्ट में युद्ध अपने चरम पर है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान लगातार बदले की धमकियां दे रहा है और खुफिया एजेंसियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान या उसके सहयोगी देश ड्रोन के जरिए हमला कर सकते हैं। ईरान की ओर से संभावित ड्रोन अटैक की आशंका को लेकर एफबीआई पहले ही अलर्ट जारी कर चुका था। फरवरी में दी गई इस चेतावनी में कहा गया था कि अमेरिका के अंदर भी ड्रोन अटैक की कोशिश हो सकती है। हालांकि टारगेट और टाइमिंग की जानकारी नहीं दी गई थी।

अब सवाल यह है क्या यह वही खतरा है जिसकी चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। क्या अमेरिका के अंदर कोई बड़ा हमला होने वाला है या फिर यह सिर्फ निगरानी के लिए भेजे गए ड्रोन है? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ समय के लिए मार्को रूबियो और पीट हेक्सेथ को शिफ्ट करने पर भी विचार हुआ। लेकिन फिलहाल उन्हें उसी स्थान पर रखा गया। पेंटागन ने इस पर चुप्पी साध रखी है। और समझिए यह बेस अमेरिका के लिए इतना अहम क्यों है?

फोर्ट लेसली जे मैकnेयर अमेरिका का तीसरा सबसे पुराना सैन्य अड्डा नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी यहीं स्थित है। कई टॉप सैन्य अधिकारी और रणनीतिकार यहीं रहते हैं। वाइट हाउस और यूएस कैपिटल के बेहद करीब है। यानी अगर यहां कोई हमला होता है तो उसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध रान की धमकियां और अब अमेरिका के अंदर रहस्यमई ड्रोन यह सब मिलाकर एक बड़े ग्लोबल टकराव की आहट दे रहे हैं।

तो क्या अमेरिका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहे? क्या यह ड्रोन आने वाले बड़े हमले का ट्रेलर है? और क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ रही है? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल धुंध में है। लेकिन इतना साफ है वाशिंगटन में मंडराते यह रहस्यमई ड्रोन अब पूरी दुनिया की चिंता बन चुके हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में जाकर जरूर बताइएगा।

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