विकसित यूपी बैठक गोरखपुर जल्द आ रहा है सिर्फ और सिर्फ यूपी तक पर। हरीश [संगीत] राणा जो अपनी जिंदगी के आखिरी दिन दिल्ली एम्स में गुजार रहे हैं। जिनकी मुक्ति [संगीत] के लिए परिवार वाले, पड़ोसी, जान पहचान वाले या अपरिचित हर कोई कर रहा है दुआ कि हरीश को और ना सहनी पड़े पीड़ा। तो वहीं दूसरी ओर उस भाई पर टूट पड़ा है पहाड़ सा दुख। जिसने कलयुग में भी लक्ष्मण के जीवन को ऐसे जिया कि सबकी आंखें नम हो जाए कि कैसे एक छोटा भाई हरीश राणा के लिए दिनरा एक करता रहा।
हरीश राणा के पड़ोसियों के मुताबिक परिवार पर मुश्किलों का दौर आया तो हरीश के छोटे भाई आशीष राणा ने जो किया शायद ही कोई कर पाए। हरीश के परिवार में उनके मम्मी पापा के साथ उनकी बहन और भाई हैं। बहन की शादी हो चुकी है। जबकि भाई एक कंपनी में नौकरी करते हैं। पड़ोसियों के मुताबिक साल 2013 में जिस समय हरीश के साथ यह बड़ा हादसा हुआ जिसने एक हंसते खेलते एकदम फिट हरीश को एक बेड के दायरे में समेट [संगीत] दिया। उस वक्त आशीष अपनी 12वीं की पढ़ाई कर रहे थे।
इस सबसे टफ टाइम में हरीश के भाई पिता अशोक राणा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे और खुद को बड़े भाई हरीश [संगीत] की सेवा में झोंक दिया कि किसी रोज तो भैया उठ खड़े होंगे। हरीश के छोटे भाई सुबह जल्दी उठकर पहले हरीश की देखभाल से जुड़े रोजमर्रा के तमाम काम करते इसके बाद अपनी पढ़ाई करते। [संगीत] शाम को लौट कर फिर से हरीश की देखरेख में जुट जाते। वक्त गुजरता गया। ऐसे गंभीर हालात के बीच में आशीष ने अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया और इसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी हासिल की।
बच्चे के लिए इन्होंने काफी कुछ किया। जितनी भी इनकम थी इनकी सारी वहां लगा दी। आप जानते हो जरा बुखार आ जाए तो कितना पैसा लगता है और एक बच्चा 12 साल से कंटीन्यूअस ऑन बैड हो हैं। तो बहुत ही दुख की बात है। और बेचारों ने सब कुछ उसमें लगा दिया। पूरा घर का जितना भी धन था लग गया। उसके बाद में ट्रीटमेंट रोजाना आप समझते हो कि काफी पैसा लगता है कोमा को घर पे रखा जाए।
सब्जी कैसे उसको बोल दिया ठीक है भाई कॉमा में है घर पे सेवा कर लो अब सेवा करते कितने साल सेवा करेंगे ये भी अभी 62 63 साल के हो गए बेचारे नौकरी है नहीं इनकी अब पेंशनवेंशन क्या मिल रही है जानते हो क्या पेंशन मिलेगी प्राइवेट नौकरी में तो सर परिवार में कौन-कौन है परिवार में दो बेटे थे इनके एक बेटी है बेटी मैरिड है ये बच्चा बड़ा था ये अभी कोमा में है और छोटा बेटा की सर्विस अभी लगी है
थोड़ा सर्वाइव कर रहे हैं बेचारे उसी हिसाब क्या करें सर बेटे हरीश की बात करें लगातार बेड पर रहे एक लंबा समय हो गया 12 13 साल के आसपास का समय हो गया तो सर परिवार किस तरीके से इस दौरान उसका रखरखाव कर रहा है रखरखाव मैंने बहुत सेवा करी जो लड़का था पढ़ता भी था वो छोटा वाला और उसके साथ में वो सेवा भी करता था सुबह 4:00 बजे उठके उसके डायपर चेंज करना है फीडिंग ट्यूब देना है फीड कराना है उसको और उसके स्पंजिंग करना है.