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राकेश बेदी को श्रीमान श्रीमती के दिलरुबा का आइडिया कहां से आया?

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बात नहीं हुई श्रीमान श्रीमती पे बड़ी इंटरेस्टिंग स्टोरी है वह कि आपने कैसे क्रिएट किया वह कैरेक्टर कहां मिला आप कहां शादी में गए थे वो प्लीज जरा बताइएगा कई बार बोल चुका हूं तो मेरे पास जब भी कोई कैरेक्टर आता है करने के लिए तो मैं थोड़ा सा होमवर्क तो उसके ऊपर करता हूं ताकि वो एक वरना बात सरफेस लेवल पर रह जाती है अगर उसमें कुछ डेप्थ ना डाली जाए तो जब ये कैरेक्टर मेरे पास आया तो उसके नीचे फुटनोट लिखा होता लिखा था डायरेक्टर का ही इज़ अ हैंडपैक्ड हस्बैंड तो हैंडपैक्ड हस्बैंड अर्चना पुरजनी का हस्बैंड हैंडपैक तो बहुत ही मतलब एक

बेसिक सी बेसिक बात है पत्नी की बात मानने वाला आज्ञाकारी हां आज्ञाकारी तो उसमें क्या होता है कि चाय बना या डार्लिंग बनाता हूं उधर रख दो हां मैं वो करता हूं हां मैं उधर हां झाड़ू में मार दूंगा तो उस लेवल पर ही चलेगा वो उसमें कुछ जिंग नहीं आएगा यू नो जो जिंग एक आना चाहिए। मैं उस उसको ढूंढ रहा था मैं कई दिन से कि वो कैसे यार मैं इसको एक ऐसा बनाऊं ताकि ये लगे भी हैंडपैक भी लगे और थोड़ा क्रेजी भी लगे थोड़ा सा तो बहुत ढूंढा उन्होंने मुझे मिला नहीं तो क्या हुआ कि शूटिंग जैसे कल शुरू होने वाली है तो आज ही किसी हीरोइन की शादी थी

तो मैं वहां गया शादी में और जब मैं मुझे याद नहीं मेरे हाथ में कुछ बुके या कुछ जो होता है ना एक स्टेज पर चढ़ने से पहले आपके हाथ में एक वो होता है क्या बोलते हैं गिफ्ट होता है या बुके होता है तो मेरे हाथ में कुछ था मेरी वाइफ भी साथ में थी तो हम लाइन में खड़े हुए थे तो हमारे आगे 1520 लोग थे फिर आगे मंच था मंच पे वो हीरोइन खड़ी थी और उसका होने वाला पति तो मैंने देखा उसका जो पति है जो वो जो गेस्ट स्टेज प्यारे उनको गले मिल रहा है। हेलो सो नाइस यू हैव कम। आई एम सो हैप्पी फॉर यू। प्लीज अगर आप खाना खा के जाइएगा। अगर आप खाना नहीं खाएंगे

ना मैं कभी आपसे बात नहीं करूंगा। तो एक बार हुआ, दो बार हुआ। अब 15 लोग आ रहे हैं सबके साथ। और फिर क्या है कि हर चीज का एक टाइमिंग होती है। लाइफ में हर चीज सिर्फ एक्टिंग में टाइम टाइमिंग नहीं होती है। लाइफ में भी एक टाइमिंग होती है। हाथ मिलाइए मुझसे। यू नो और कैसे हैं आप? ठीक है। है ना? है ना? तो अब यह एक्स्ट्रा हो गया ना कि इसके मीनिंग और निकलने शुरू हो गए। तो जब वो मुझसे गले मिला तो वो जितना टाइम होना चाहिए गले मिलने का उतना ही होना चाहिए ना। तो अगर उसके 4 सेकंड एक्स्ट्रा हो जाएंगे तो उसका मीनिंग कुछ

और हो जाएगा ना के भैया कुछ और ढूंढ रहा है ये मेरे अंदर। तो मुझे लगा कि ये तो फिर मैंने वो देखा उसको बहुत गौर से ऑब्जर्व किया और फिर मेरी वाइफ खाना-वाना खाने चली गई। तो मैंने अपना अपनी चेयर सामने लगा दी मंच के। मतलब ताकि मैं उसको देखता रहूं। तो मेरी बीवी ने कहा कि क्या कर रहे हैं आप यार? उसको घूर रहे हैं आप बैठ के वहां पर। मैंने कहा नहीं मैं कहानी आंख से देख रहा हूं ताकि मैं इसको ऑब्जर्व करूं। एक घंटा मैं इसको ऑब्जर्व करना चाहता हूं। ये कल से मैं इसको यूज़ करने वाला हूं। मैं वो पूछने वाला था एक्ट्रेस का नाम जिनकी हीरोइन का नाम उनकी शादी अब तो खैर अब ऑफ कोर्स अब तो नहीं पूछ सकता मैं।

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