इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन याू का यह वीडियो एआई से बना हुआ है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि ग्रुक ने इसे एआई जनरेटेड या डीप फेक जैसा बताया है? दरअसल इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेदर न्यायाहू ने अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए 15 मार्च को यह वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में वह कैमरे के सामने अपने हाथ की उंगलियां दिखाते नजर आते हैं।
ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि इससे पहले 13 मार्च को आए उनके एक वीडियो को एआई जनरेटेड बताया गया था। उस वीडियो में कुछ लोगों ने दावा किया था कि नेतन याू के हाथ में छह उंगलियां दिख रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की थ्योरी चलने लगी। दावा किया गया कि ईरान के हमले में उनकी मौत हो गई है। इन्हीं दावों को खत्म करने के लिए यह नया वीडियो शेयर किया गया। बताया जा रहा है वीडियो यरूशलम के कैफे 10 सताफ में रिकॉर्ड किया गया। इसमें नीतिन याू कॉफी पीते नजर आते हैं।
वीडियो में वो हब्रू बोलते हैं डेड फॉर कॉफी। जिसका मतलब होता है कि उन्हें कॉफी बहुत पसंद है। इसके बाद वो कैमरे की तरफ अपने दोनों हाथ दिखाते हैं और अपनी पांचप उंगलियां गिन कर दिखाते हैं। यह सीधा जवाब था उन दावों को जिनमें कहा जा रहा था कि उनका पहले वाला वीडियो एआई से बनाया गया है। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। वीडियो सामने आने के बाद भी उनके स्वास्थ्य को लेकर विवाद थमा नहीं।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कई यूज़र्स ने इजराइली प्रधानमंत्री के पोस्ट के कमेंट सेक्शन में वीडियो के कुछ हिस्सों और मिनटों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह एआई से बना हुआ लग रहा है। जैसे-जैसे एक्स पर इस बारे में चर्चा बढ़ी एआई चैटबॉट ग्रोक ने भी यूज़र्स की बातों को आधार बनाकर वीडियो पर एक नोट जोड़ दिया। इसमें कहा गया कि यह वीडियो डीप फेक या एआई से जनरेट किया हुआ लगता है।
हालांकि इसके बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री जिंदा है और सुरक्षा से जुड़े कामकाज संभाल रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि जब नितिन याू कप को झुकाते हैं तो उसमें मौजूद कॉफी ग्रेविटी के हिसाब से नहीं हिलती। कुछ ने स्क्रीनशॉट शेयर करके दावा किया कि वीडियो में उनका चेहरा कभी गोल तो कभी ओवल दिखाई देता है। कुछ यूज़र्स ने यह भी कहा कि कैफे के बिल मशीन पर दिख रही तारीख 13 मार्च 2024 दिख रही है
जो वीडियो के दावे से मेल नहीं खाती। इसी दौरान कैफे दत्ताफ ने भी सोशल मीडिया पर अपनी तरफ से तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। कैफे ने कैप्शन में बताया कि नेतन याू 15 मार्च को वहां आए थे। समाचार एजेंसी रॉयर्स ने भी वीडियो की लोकेशन की जांच की। एजेंसी ने पुरानी फाइल फोटो से कैफे के इंटीरियर का मिलान किया और बताया कि वीडियो में दिख रही जगह उसी कैफे से मेल खाती है।
बता दें कि वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच नेतन याू पिछले कुछ समय से मीडिया के सामने कम ही दिखाई दिए हैं। उन्होंने हाल ही में युद्ध शुरू होने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी वीडियो लिंक के जरिए की थी। इससे पहले जब ईरान ने दावा किया था कि उनके दफ्तर पर हमला हुआ है तब नीतिन याू ने अमेरिका के चैनल न्यूज़ को वीडियो इंटरव्यू दिया था।
जंग शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया था कि नेतन याू जर्मनी भाग गए हैं। हालांकि उनके दफ्तर ने इन सभी दावों को फर्जी बताया है। अब यह नया वीडियो सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस खत्म नहीं हुई है। कुछ लोग इसे असली बता रहे हैं तो कुछ अब भी इसे एआई से बना हुआ मान रहे हैं। आपकी इस पर क्या राय है?