अब बहुत बार हम अपने दोस्तों से पैसे मांगते रहते हैं या फिर वो हमसे पैसे उधार के तौर पर मांगते हैं और बहुत बार हम दे भी देते हैं। ये बात अलग है कि बहुत बार वो पैसे वापस नहीं आते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि जो पैसे आप दे रहे हैं ना, उस पर सरकार जुर्माना लगा सकती है।
20,000 या उससे ज़्यादा पैसे अगर आप किसी को उधार देते हैं या फिर किसी से उधार लेते हैं तो सरकार आपको लाखों रुपए का जुर्माना लगा सकती है। लेकिन ये कैसे? अब तक तो हम सबने पैसे उधार लिए होंगे या किसी को दिए होंगे, लेकिन ये नियम कौन सा है, अगर आपको जानना है तो मैं आपको एक बात बताता हूं
एक बार फिर आपका स्वागत है और मैं हूं आपका अब मैं जो बात कर रहा हूं ना, वो कोई फेक नहीं कर रहा, ये कानून कह रहा है। इनकम टैक्स एक्ट 269SS और 269T ऐसा कह रहा है। 269SS ऐसा कहता है कि आप किसी भी व्यक्ति से 20,000 या उससे ज़्यादा की रकम लोन या डिपॉज़िट के तौर पर नकद में यानी कैश में स्वीकार नहीं कर सकते और सेक्शन 269T कहता है कि अगर आपने किसी से ऐसी लोन ली हो तो उसे 20,000 या उससे ज़्यादा रकम नकद में वापस नहीं कर सकते।
अब बहुत सारे लोगों को आदत होती है छटकबारी करने की। वो लोग इसमें भी छटकबारी ढूंढने की कोशिश करते हैं कि क्या करना है, पता है? पहले 15,000 ले लो फिर दूसरे 15,000 ले लो। इसलिए बहुत सारे लोगों को ऐसा लगता है कि ये सब चीज़ें संभव हैं तो ऐसा नहीं होता। आप एक साथ 20,000 या उससे ज़्यादा की नकद उधार में लेते हैं या किसी को देते हैं ना तो ज़रूर आपको जुर्माना लगेगा, लेकिन किसी व्यक्ति से आप पहले 15,000 ले लो फिर 10,000 लो या फिर 15,000 बाद में लो तो उस पर भी ख़ास तौर पर जुर्माना लग सकता है।
अब बहुत सारे लोगों को ये भी लगता है कि असल में ये जो नियम होते हैं ना, ये दूसरों से यानी कि कोई दूसरा व्यक्ति है उससे आप कोई पैसे उधार लो ना तो उस पर लागू होते हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप अगर अपने माता-पिता से भी नकद में 20,000 या उससे ज़्यादा की रकम लेते हैं ना तो उन पर भी यही नियम लागू होता है। दोनों को जुर्माना हो सकता है। इतना ही नहीं, दोस्त हो, आपका बचपन का यार हो, इन सब में यही सेम रूल लागू होता है और इसकी सज़ा भी बहुत कड़ी है। जितनी रकम आपने नकद में ली हो उतना ही 100% जुर्माना सेक्शन 270A के तहत लोन लेने वाले व्यक्ति पर ठोका जाता है।
यानी कि 2 लाख लिए तो 2 लाख जुर्माना भरने के लिए तैयार रहना पड़ेगा और 1 लाख लिए हैं तो 1 लाख रुपए आपको जुर्माने के तौर पर भरने पड़ सकते हैं। अब इससे भी ज़्यादा बहुत सारे लोगों को आज भी ऐसा लगता है कि ये जो नियम था ना वो तो 2 लाख रुपए के ऊपर था कि 2 लाख रुपए आपको किसी को व्यवहार के तौर पर नकद व्यवहार के तौर पर नहीं देने हैं। तो 20,000 का जो नियम है वो भी अलग है और 2 लाख का जो नियम है वो भी अलग है। 20,000 का जो नियम है वो बेसिकली किसी के साथ नकद व्यवहार कर रहे हैं, उधार दे रहे हैं, उधार ले रहे हैं तो उनके लिए है, लेकिन जो 2 लाख रुपए वाला जो नियम है वो ख़ास तौर पर आप किसी से कोई चीज़ ले रहे हैं।
जैसे कि ज्वेलरी खरीद रहे हैं, गाड़ी खरीद रहे हैं, ज़मीन मकान का सौदा कर रहे हैं या फिर कोई सर्विस की फीस चुका रहे हैं, ऐसे सामान्य व्यवहारों के लिए सरकार कहती है कि आप एक दिन में किसी भी व्यक्ति से कुल 2 लाख से ज़्यादा नकद स्वीकार नहीं कर सकते। अब एक ख़ास सवाल – क्या सरकार हमारे पीछे सीबीआई लगा कर बैठी है? उन्हें कैसे पता चलेगा कि मैंने 20,000, 30,000, लाख, 2 लाख, 5 लाख या फिर करोड़ रुपए भी कैश में दिए हैं, ये कैसे पता चलेगा? तो ये डिजिटल का युग है। सरकार को ऐसा लगता हो ना कि सरकार को कुछ भी पता नहीं है तो ये बात गलत है। सरकार इन लेन-देन को मुख्य रूप से 4 तरीकों से पकड़ती है। सबसे पहला – बड़ी रकम जमा या निकासी।
अगर आपका दोस्त आपको लोन देने के लिए बैंक से बड़ी रकम निकालता है या आप लोन लेकर बैंक में जमा कराते हैं तो बैंक सीधा रिपोर्ट इनकम टैक्स को भेज सकती है। दूसरा – प्रॉपर्टी या मिल्कियत का सौदा। जब कोई सब रजिस्ट्रार ऑफिस में ज़मीन या मकान की रजिस्ट्री होती है वहां पैन कार्ड लिंक होता है। अगर वहां कोई गड़बड़ दिखे ना तो केस स्क्रूटिनी में चला जाता है। तीसरा – बिज़नेस ऑडिट। अगर आप या आपका दोस्त कोई छोटा-बड़ा बिज़नेस चलाते हैं और आपके खाते ऑडिट होते हैं तो CA को पकड़ना ही पड़ता है कि ये लोन कहां से आया।
अगर खातों में दिखे कि लोन नकद में है तो तुरंत नोटिस इश्यू हो सकती है। और इससे भी ज़्यादा – लोन देने वाले की जांच। जब कोई अधिकारी किसी व्यक्ति को पकड़ता है जिसे लोन उधार ली हुई है तो उस व्यक्ति की पूछताछ होती है तब ये भी पता चल जाता है कि लोन किसे दी थी [संगीत]। एक मिनट तो दोस्तों, पैसे उधार लेने ही नहीं हैं तो ले सकते हैं, ज़रूर ले सकते हैं, लेकिन उसका एक तरीका होता है। नकद में लेने की बजाय आप क्या कर सकते हैं – UPI कर सकते हैं, NEFT कर सकते हैं, IMPS कर सकते हैं, बैंक टू बैंक लेन-देन कर सकते हैं। बहुत कुछ है जिसके द्वारा आप क़ानूनी तौर पर ये सारी चीज़ें कर सकते हैं और अपने दोस्त से उधार पैसे भी ले सकते हैं और उधार पैसे दे भी सकते हैं।