वैसे विजय की लव स्टोरी की बात करें तो वो भी कमाल की है। कमाल की लव स्टोरी थी। विजय के ज़िद उसूलों की लाइफ है। इसकी नींव में उनकी पत्नी का भी हाथ रहा। जिनसे उनकी मुलाकात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह हुई थी। आपको जानकर हैरानी होगी उनकी वाइफ जो पुरानी थी वो एक फैन थी और फैन से धर्मपत्नी बनी। साल 1996 में संगीता नाम की एक लड़की जो लंदन के एक बड़े बिजनेसमैन की बेटी थी वो विजय से मिलने चेन्नई पहुंचती है। वो उनकी इतनी बड़ी फैन होती है कि बस एक झलक उन्हें सामने से देखना चाहती थी। विजय को उस लड़की की सादगी उसका भोलापन इतना अच्छा लगा कि बीवी बना लिया। 1999 में दोनों की शादी हुई। संगीता ने लंदन का सारा ऐशो आराम छोड़ा ताकि चेन्नई की धूप में विजय का साथ निभाए। संगीता उस सिर्फ पत्नी नहीं बनी बल्कि ताकत बनी।
हालांकि 2026 आते-आते इन दोनों की लाइफ में काफी ट्विस्ट आया। फरवरी 2026 में संगीता कोर्ट गई और डिवोर्स मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय वक्त नहीं देते और किसी एक एक्ट्रेस के साथ उनका अफेयर चल रहा है। उनकी वाइफ ने कहा कि विजय उन्हें मेंटली परेशान कर रहे हैं। अपने बच्चों के लिए पैसे की मांग की। बच्चों की कस्टडी को लेकर खींचतान शुरू हुई। यहां तक कि विजय के बेटे जसन संजय ने भी सोशल मीडिया पर अपने पिता को अनफॉलो कर दिया। जिससे दुनिया को पता लगा कि विजय की लाइफ में सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि शपथ ग्रहण की चर्चाओं के बीच फैमिली को साथ में देखा गया है। लेकिन सच यह भी है कि घर की आग बुझी नहीं है। कोर्ट केस की सुनवाई जो है वो टली है। विजय की पर्सनल लाइफ में काफी चीजें चल रही है और इसके पीछे वजह है तृष्णा। एक्ट्रेस तशा वो तृषा जिनको लेकर वाइफ ने आरोप लगाया कि हस्बैंड जो है वो एक एक्ट्रेस के साथ हर जगह दिखते हैं। मुस्कुराते हैं। दोनों के बारे में बातें चल रही है लेकिन वो खामोश रहते हैं।
अब सवाल है क्या त्रिशा और विजय डेट कर रहे हैं? देखिए जहां कामयाबी और बेपनाह शहरत होती है वहां अफवाहें और विवाद भी साए की तरह चलता है। विजय की लाइफ में त्रिशा का नाम एक ऐसा ही चैप्टर है। विजय और तृषा की जोड़ी रियल लाइफ में आती है और वो रियल लाइफ तक अब चर्चा में है। आज लोग चटकारे ले रहे हैं। लोग मजाक उड़ाते हैं कि विजय चीफ मिनिस्टर बनेंगे और होम मिनिस्टर जो है वो त्रिशा बनेगी। लेकिन विजय और त्रिशा की दोस्ती या कहें कि जान पहचान शुरुआत होती है साल 2004 में गिल्ली के सेट। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री इतनी नेचुरल थी कि लोगों को पहली बार रील और रियल की भी शक हो गया। इसके बाद तिरुपाची, कुरवी जैसी फिल्मों ने शक को हवा दी।
लेकिन 2008 के बाद इस सुपरहिट जोड़ी ने अचानक 14 साल के लिए एक दूसरे से काम करना बंद कर दिया। फिर साल 2023 में लियो के जरिए दोनों साथ आए और फिर तब से अफवाहें शुरू हो गई हैं। लगातार अफवाहें चल रही हैं। मतलब त्रिशा का कैंपेन में साथ आना, त्रिशा का वोट देने जाना। तिशाा का इनफैक्ट एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो चीफ मिनिस्टर बनना चाह रही थी और 4 तारीख को जब नतीजे आए तो लोग पुष्पा 2 का एग्जांपल दे रहे थे कि विजय ने त्रिशा को जीत गिफ्ट कर दी। हालांकि बीच में इन दोनों के बीच में भी कंट्रोवर्सी आई थी। इन दोनों ने भी एक दूसरे को Instagram पर अनफॉलो किया था। लेकिन फिर ऑल इज वेल दिखा। दिशा को हाल ही में तिरुपति मंदिर में विजय की जीत के लिए प्रार्थना करते देखा गया। रिपोर्ट यह भी कहती है कि वह विजय के घर पर भी स्पॉट हुई हैं। 2026 चुनाव से ठीक पहले नॉर्वे में दोनों के साथ देखे जाने की तस्वीरें भी आई।
फिर वाइफ का डिवोर्स फाइल करना वो भी जनता को यकीन दिला रहा था कि दाल में कुछ काला है। उनके अपोजिशन ने उनके कैरेक्टर को लेकर बहुत सारे सवाल उठाए। तृषा को घर तोड़ने वाली औरत तक कहा। लेकिन दोनों यहां शांत रहे और बाद में जीत हुई। अब इस जीत में उनकी खामोशी को भी लोग मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। हालांकि इस जीत के बीच में विजय की गाड़ी का वो नंबर भी बड़ा वायरल हुआ है। सीएम 2026 एक तरफ विजय की पर्सनल लाइफ में कंट्रोवर्सी चल रही थी। लेकिन ऐसा लगता है कि विजय शायद क्लियर थे चीफ मिनिस्टर बनने को लेकर। मानो सालों पहले से ही पूरा प्लान कर रखा था। विजय की पॉलिटिक्स में सबसे ज्यादा चर्चा उस पुरानी मिस्ट्री कार की है जिसके नंबर प्लेट ने सालों पहले भविष्य की तस्वीर बताई थी। कार का नंबर टीए सीएम 2026 और आज लोग दंग हैं यह तस्वीर देखकर क्या विजय ने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि वो 2026 में मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठेंगे? इसे सिर्फ एक इत्तेफाक कहना मुश्किल है क्योंकि विजय ने अपनी फिल्म गोट में भी इसी नंबर का जिक्र किया। क्या यह मेंटल गेम था? जिसने जनता और फैंस के मन में यकीन किया कि विजय का राजा बनना कुदरत का फैसला है। या विजय ने तैयारी कर रखी थी पूरी प्लानिंग के साथ। विजय ने राजनीति में कदम किसी हड़बड़ी में भी नहीं रखा। बहुत लंबी प्लानिंग का हिस्सा था। कई बार लोगों को लगता है कि शायद ये रातोंरात था नहीं।
2013 में जब उनकी फिल्म थलाइवा आई थी। उस वक्त थी जो मुख्यमंत्री थी जयलता जी। उनको एहसास हो गया था कि यह पॉलिटिक्स में आना चाहते हैं और तभी शायद जयलता ने इनके इनको टाइट करना शुरू कर दिया था क्योंकि विजय को समझ में आ गया था कि अगर व्यवस्था बदलनी है तो मैदान में उतरना पड़ेगा। हालांकि जयलता ने इनको टाइट किया। उसके बाद विजय खामोशी से काम करते रहे। एनजीओ चलाने लगे। फैन बेस बनाया। 10 साल तक वो चुप रहे। लेकिन जयललिता की मौत के बाद जब तमिलनाडु में एक वैक्यूम क्रिएट हुआ। उसके बाद विजय ने फिर से शुरुआत की। जब तक जयलता जिंदा थी, तमिलनाडु का कोई भी हीरो पॉलिटिकल राइज़ नहीं पाया क्योंकि जयलता इतनी कठोर हो चुकी थी
कि वो किसी को आगे नहीं बढ़ने दे रही थी। लेकिन उनके जाने के बाद विजय ने अपनी शुरुआत की, जीत की शुरुआत की और उसका एक नतीजा दिखता है कि विजय का पर्सनल ड्राइवर का बेटा भी टीवी के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक कुर्सी [संगीत] हासिल कर लेता है। वो जो तस्वीर वायरल हुई थी जहां पर ड्राइवर का बेटा विजय के पैर छूता है। वो अपने आप में एक भावुक लम्हा था। लोकतंत्र की ताकत को दिखाने वाला। हालांकि विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। पोरंबूर और तिरु चिरपल्ली इन दोनों सीट पर चुनाव लड़ा। दोनों सीट पर जीते। अब एक रमर यह भी उड़ रहा है कि एक सीट पर शायद वो इस्तीफा दे दे और हो सकता है तिरशा चुनाव लड़ ले। पता नहीं क्या होगा क्या नहीं। लेकिन विजय को तमिलनाडु में लोग भगवान जैसा मानने लगे। और इसके पीछे सिर्फ ग्लैमर नहीं है भरोसा है जो तमिलनाडु की जनता ने विजय में दिखाया।