[संगीत] मार्च के महीने [संगीत] का वो वायरल वीडियो आपको जरूर याद होगा जब तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय अपनी नई राजनैतिक पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे थे। उसी दौरान स्टेज पर एक नौजवान फूट-फूट कर रोने लगा था। उस भावुक नौजवान ने झुककर विजय के पैर छुए और फिर विजय ने उसे कसकर गले लगा लिया था। विजय ने खुद अपने हाथों से उसके आंसू भी पोंछे। वो भावुक नौजवान कोई और नहीं बल्कि विजय के बेहद पुराने पर्सनल ड्राइवर का बेटा आर सबरीनाथ था।
जिसे विजय ने खुद अपने हाथों से विधानसभा चुनाव का टिकट सौंपा था। उस पल को देखकर हर किसी की आंखें भर आई थी। अब जब चुनाव के नतीजे आ चुके हैं तो पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ड्राइवर का वो बेटा चुनाव में अपनी सीट निकाल पाया या फिर हार गया। [संगीत] नमस्कार, मैं हूं सिद्धार्थ प्रकाश। तमिलनाडु में पिछले 60 सालों से चली आ रही
द्रविड़ राजनीति की पूरी तस्वीर अब बदल चुकी है। हलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेटरी कड़गम यानी टीवी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। विजय अब सिर्फ बॉक्स ऑफिस के हीरो नहीं रहे बल्कि ईवीएम मशीन पर भी उन्होंने एक ब्लॉकबस्टर [संगीत] स्क्रिप्ट लिख दी है। 234 सीटों वाली विधानसभा में विजय की पार्टी 107 सीटों पर जीत की ओर बढ़ चुकी है। हालांकि बहुमत के 118 के आंकड़े से वह थोड़ा दूर हैं और अब यह देखना [संगीत]
दिलचस्प होगा कि कांग्रेस, एआईए, डीएमके या अन्य क्षेत्रीय पार्टियां उन्हें समर्थन देती हैं या नहीं। लेकिन इस बंपर जीत के बीच सबसे ज्यादा चर्चा ड्राइवर के बेटे सबरीनाथ की हो रही है। विजय के पर्सनल ड्राइवर का नाम राजेंद्रन है। राजेंद्रन एक्टर विजय की डेब्यू फिल्म नालैया थिरपु के समय से ही उनके साथ साए की तरह खड़े रहे हैं। इसी वफादारी का इनाम विजय ने उनके 30 साल के बेटे आर सबरीनाथ को वीरू गम पक्कम सीट से टिकट देकर किया था। यह सीट चेन्नई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत ही आती है और आपको जानकर हैरानी होगी कि सबरीनाथ ने अपनी डेब्यू चुनावी पारी में ही बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी है। उन्होंने 27,000 से भी ज्यादा वोटों के अंतर से डीएमके के प्रभाकर राजा और एआईए डीएमके के विरगई रवि को करारी शिकस्त दी है। इस चुनाव में सिर्फ सबरीनाथ ने ही नहीं बल्कि खुद विजय ने भी दो सीटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
पेरंबूर सीट से उन्होंने डीएमके के आरडी शेखर को और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से डीएमके के ही एस इरुदय राज को हरा दिया है। इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर यह रहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री एमके [संगीत] सालिन अपनी ही मजबूत सीट कोलाथुर से टीवी के उम्मीदवार वी एस बाबू से हार गए। हालांकि उनके बेटे उदयनिधि शालिन चेपोक [संगीत] तिरुव्ल्ली केनी सीट से जीतकर अपनी लाज बचाने में कामयाब रहे। तो कुल मिलाकर विजय मुख्यमंत्री बनने की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि बहुमत के लिए उन्हें सहयोग की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन यह कहानी सिर्फ जीत की नहीं बदलाव की है और यह जीत सिर्फ सीटों की नहीं यह एक सोच की जीत है। जहां एक सुपरस्टार अपने ड्राइवर के बेटे को मौका देता है और वो लड़का उस भरोसे को जीत में बदल देता है। अब सवाल आपसे क्या देश की राजनीति में ऐसे और चेहरे आने चाहिए जो सिस्टम को तोड़कर नई कहानियां लिखें? अपनी राय कमेंट्स में जरूर बताइएगा। फिर मिलेंगे एक और वीडियो में। आप देखते रहिए, एनडीटी इंडिया।