[संगीत] नमस्कार। इस बार आप सब से एक खास मुलाकात होने जा रही है। 4 पीएम के संजय शर्मा जी के साथ मेरी एक मुलाकात होगी। उनसे बहुत सारी दिल की बातें होंगी। लेकिन एक बड़ी खास चीज भी होने वाली है। कि आप जितने भी लोग वहां पर उपस्थित रहेंगे सबके सवाल लूंगा मैं। और आपकी जितनी भी जिज्ञासाएं हैं, जितनी भी उत्सुकता है मेरे काम को लेकर, मेरे अपने जीवन को लेकर सबका जवाब भी आपको दिया जाएगा।
तो अपना सवाल अपने साथ लेकर आइएगा। कोशिश यह कीजिएगा कि कुछ ऐसा सवाल हो कि मैं भी सोचने पर मजबूर हो जाऊं। मेरी उत्सुकता इस बात को ले है, उत्साह इस बात को ले है कि आपसे दिल की बात होगी, बहुत सारी गुफ्तगू होगी। तो चलिए मिलते हैं एक तारीख की शाम को मुंबई में ओशवाड़ा स्थित मुक्ति ऑडिटोरियम में। मैं आपकी राह देख रहा हूं। जितने ज्यादा संख्या में आप लोग आएंगे, मजा तभी आएगा। चलिए मिलते हैं। नमस्कार। आज जिस एक्ट्रेस की खूबसूरती के लाखों लोग दीवाने हैं। जिसके एक इशारे पर जेठालाल के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। उसी की जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी था जब कमाई का ज्यादातर हिस्सा पीजी के किराए में चला जाता था।
काम पाने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था और शूटिंग के पहले दिन ऐसी डांट पड़ी कि आंखों में आंसू आ गए। लेकिन आज वही एक्ट्रेस टीवी की दुनिया का जाना पहचाना चेहरा है। आखिर कौन है यह एक्ट्रेस और कैसी बदली उनकी जिंदगी? चलिए बताते हैं। दोस्तों, हम बात कर रहे हैं तारक मेहता उल्टा चश्मा की बबीता जी यानी मुनमुन दत्ता की। मुनमुन दत्ता और जेठालाल की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती है। शो में बबीता जी को देखते जेठालाल का एक्साइटेड होना लोगों को खूब हंसाता है। लेकिन पर्दे पर अपनी अदाओं से सबका दिल जीतने वाली मुनमुन की असल जिंदगी का सफर आसान नहीं था। रणबीर इलाहाबादिया के एक पुराने पॉडकास्ट में मुनमुन ने अपने शुरुआती दिनों के बारे में कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि साल 2004 में उन्होंने हम सब बाराती शो से काम किया था
और उनकी शुरुआती एक्टिंग का यह अनुभव था। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन उन्हें ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा कि वह रोने लगी। दरअसल उस वक्त उन्हें शूटिंग की बारीकियों को ज्यादा जानकारी नहीं थी और डांस परफॉर्म के दौरान उन्हें नहीं पता था कि कोरियोग्राफर [संगीत] के कट बोलने पर परफॉर्मेंस करना जारी रखना होता है और इसी बात पर कोरियोग्राफर के असिस्टेंट ने उन्हें डांट दिया और मुनमुन की आंखों में आंसू आ गए। लेकिन दोस्तों उनकी मुश्किलें सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं थी। मुनमुन मुंबई में किसी को नहीं जानती थी। उनके पास रहने के लिए किसी रिश्तेदार का घर नहीं था। ऐसे में खुद ही ऑडिशन देने और काम ढूंढना और अपना खर्चा भी उठाना पड़ता था। वो ऑडिशन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ी रहती और छोटे-मोटे काम करती। जब पैसे मिलने शुरू हुए तो कमाई का बड़ा हिस्सा पीजी के किराए में चला जाता था। सोचिए जिस शहर में आज मुनमुन दत्ता को इतनी शोहरत मिली उसी शहर में कभी उनके लिए टिके रहना भी एक बड़ी चुनौती बन चुका था।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार कोशिश करती रही और फिर उनकी जिंदगी में आया तारक मेहता का उल्टा चश्मा। इस शो में बबीता जी का किरदार निभाकर मुनमुन घर-घर में फेमस हो गई। जेठालाल के साथ उनकी मजेदार केमिस्ट्री उनका अलग अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया। धीरे-धीरे बबीता जी शो की पहचान बन गई। आज उनको किसी पहचान की जरूरत नहीं है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उन मुश्किल दिनों की मेहनत भी शामिल है जब उन्हें अपने सपनों के लिए ज्यादातर संघर्ष करना पड़ा था। मुनमुन ने अपनी जर्नी के बारे में बताते हुए कहा कि जब वो पीछे मुड़कर देखती है तो उन्हें गर्व होता है कि उन्होंने कितना लंबा सफर तय किया। एक छोटे शहर से मुंबई आना, बिना किसी पहचान के इंडस्ट्री में जगह बनाना और फिर घर-घर में मशहूर हो जाना यह सिर्फ उनके लिए आसान नहीं था। आज उन्हें दुनिया बबीता जी के नाम से जानती है और कभी उन्हें मुनमुन दत्ता को काम पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। तो मुनमुन दत्ता की यह कहानी बताती है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती। उसके पीछे कई ऐसे संघर्ष छिपे होते हैं जिनके बारे में दुनिया को पता नहीं चलता है। आपको क्या लगता है? है क्या मुनमुन दत्ता आज भी टीवी की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक हैं? अपनी राय जरूर दीजिएगा और ऐसी बॉलीवुड अपडेट और किस्से कहानी के लिए बने रहिए इति सिंह राठौर के साथ और जाते-जाते 4 पीm बॉलीवुड को सब्सक्राइब करना मत भूलिएगा। आपका धन्यवाद। [संगीत] [संगीत] जय