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थिएटर के मालिक ने खोला वो राज, फिल्म हिट करवाने के लिए स्टार्स क्या करवाते है?

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फिल्म इंडस्ट्री में किसी मूवी का हववा बनाने के लिए मेकर्स अक्सर खुद ही उसकी बहुत सी टिकटें खरीद लेते हैं। सिनेमा की भाषा में इसे कॉर्पोरेट बुकिंग कहा जाता है। ऑन पेपर ऐसा लगता है कि फिल्म खूब धूम मचा रही है। मगर असल में सिनेमाघर खाली पड़े होते हैं। हाल ही में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और थिएटर ओनर अभिषेक चौहान ने अक्षय कुमार स्टारर स्काई फोर्स पर इस तरह के आरोप लगाए हैं। अभिषेक बिहार के पूर्णिया जिले में रूपानी सिनेमा चलाते हैं। साथ ही वह ट्रेड एक्सपर्ट भी हैं।

पिछले दिनों उन्होंने सिद्धार्थ कनन को एक इंटरव्यू दिया था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आजकल कॉर्पोरेट बुकिंग काफी नॉर्मल हो चुका है। इस कारण कई जेन्युइन फिल्मों के आंकड़ों पर भी सवाल उठने लगे हैं। जब उनसे किसी मूवी का नाम बताने को कहा गया तो उन्होंने बगैर देरी किए अक्षय की स्काई फोर्स का जिक्र किया। वो कहते हैं स्काई फोर्स पर काफी इल्जाम लगे थे। मुझे भी उसके बॉक्स ऑफिस नंबर बहुत बढ़े-चढ़े लग रहे थे। जो नंबर उसके बताए जा रहे थे और जो मैं अपने थिएटर में कलेक्शन देख रहा था वो कहीं से भी मैच नहीं कर रहा था।

जब ओपनिंग डे गुजरा तो लिखा गया कि फिल्म ने एक्स वzेड कमाए हैं। पर जब मैंने अपना कलेक्शन देखा तो सोच में पड़ गया कि यहां पब्लिक क्यों नहीं आ रही। सैक के मुताबिक स्काईfोर्स ने बॉक्स ऑफिस पर ₹150 करोड़ कमाए थे। मगर अभिषेक का कहना है कि यह आंकड़ा कॉर्पोरेट बुकिंग के कारण इतना बड़ा नजर आ रहा था। उनके मुताबिक थिएटर्स में तो इतने दर्शक आ ही नहीं रहे थे। बातचीत के दौरान अभिषेक ने शाहरुख खान स्टारर पठान का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि उस मूवी पर कॉर्पोरेट बुकिंग के आरोप लग रहे थे। लेकिन अपने थिएटर में मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ। पठान के लिए उन्होंने पहली बार सुबह 6:00 बजे का शो रखा था। लेकिन वो भी हाउसफुल था। छावा का जिक्र होने पर अभिषेक ने कहा कि विक्की कौशल की फिल्म का सब्जेक्ट महाराष्ट्र सेंट्रिक था। इसलिए वहां तो उन्हें दर्शक मिल ही रहे थे लेकिन बिहार या आसपास के राज्यों में उसे स्टार्टिंग में खास रिस्पांस नहीं मिला।

हालांकि बाद में वर्ल्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी के कारण लोग आने लगे। फिर भी मूवी का जो आंकड़ा मैड फिल्म्स ने दिखाया था वैसा कभी देखने को नहीं मिला। सैकल्क के मुताबिक छावा का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन ₹87 करोड़ था। लेकिन मेकर्स पर कॉर्पोरेट बुकिंग करने के आरोप लगे। ट्रेड एनालिस्ट कोमल नहाटा ने तो यह तक कह दिया था कि वो मैड की यह हरकत इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह कल मूवी हिट कराने के लिए लोगों की हत्याएं तक करवा देंगे। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल ने जुटाई है। आपकी इस पूरी खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। मैं हूं कनिष्का। देखते रहिए ललन टॉप सिनेमा। शुक्रिया।

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