मुझे मेरे ही घर में परेशान किया जा रहा है। मुझे इतना परेशान किया गया है पिछले चार पांच सालों में कि मेरी तबीयत खराब हो गई है। मेरे दरवाजे के बाहर आके लोग आई हैव बीन ट्रबल्ड इन माय ओन हाउस। प्लीज समवन हेल्प मी। अब ये साला मरतेमरते भी ना मुझे परेशान कर गया। यह 200 साल तक पश्चाताप करेगा प्रेत लोक में। फिर जाएगा नर्क। एक पुराना वीडियो सालों पुराना विवाद और नाना पाटेकर तनु श्री दत्ता की वह कहानी।
और अब नाना पाटेकर के मौत के तुरंत बाद पूर्व मिस इंडिया तनु श्री दत्ता का वो बयान साला मरते-मरते भी मुझे परेशान कर गया। इस बयान ने पूरे बॉलीवुड और हिंदुस्तान को हिला कर रख दिया था। आखिर 2008 में फिल्म के सेट पर ऐसा क्या हुआ था जिसकी गूंज सालों बाद भी आज सुनाई दे रही है। क्या है इस विवाद की असली सच्चाई? राखी सावंत इस विवाद
में कैसे आई और अब सबसे अहम बात इस पूरे मामले में कौन सी बातें सार्वजनिक रिकॉर्ड से साबित होती है और कौन सी अब भी विवादित है। आज की इस रिपोर्ट में हम भावनाओं और अफवाहों से अलग हटकर इस पूरे विवाद की घटनाओं, बयानों और उपलब्ध तथ्यों को समझने की कोशिश करेंगे।
इस वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है? क्या तनु श्री दत्ता का यह अपना पर्सनल बयान था या उसे किसी के द्वारा इस बयान के लिए मजबूर किया गया? तो दिल थाम कर बैठिए क्योंकि आज के इस पूरे वीडियो में हम यही समझने की कोशिश करेंगे कि आखिरकार उस दिन हुआ क्या था। दोस्तों तनु श्री दत्ता और नाना पाटेकर के गाने की शूटिंग के दौरान का यह वीडियो जब से सोशल मीडिया पर आया है ना इसने तहलका मचा कर रख दिया है। लेकिन यह बहुत ही साधारण सा लगने वाला वीडियो आज भारतीय सिनेमा जगत के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के हर एक कोने में एक ऐसा तूफान बनकर गूंज रहा है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। लेकिन इस वीडियो में ऐसा क्या है जो तनु श्री और नाना पाटेकर के बीच हुई पूरी कंट्रोवर्सी को क्लियर कर देता है।
आखिर क्यों तनुश्री दत्ता के इल्जाम नाना पाटेकर को अंतिम नींद भी सोने नहीं दे रहे हैं? क्यों तनुश्री नाना पाटेकर के जाने के बाद भी उन पर इल्जामों पर इल्जाम लगाते जा रही है और क्या तनुश्री ने जो भी बातें नाना पाटेकर के खिलाफ कही है यह सब सच है या फिर गलत है? दोस्तों सवाल कई सारे हैं लेकिन जवाब सिर्फ एक और वो है सच्चाई जो आज के इस खास वीडियो में हम आपको दिखाने वाले हैं। क्योंकि जब आप पूरा सच जानेंगे तो आप भी नाना पाटेकर की इन हरकतों पर हैरान रह जाएंगे क्योंकि उन्होंने शूटिंग के दौरान जो कुछ भी किया था वह कोई साधारण बात नहीं थी और हम ऐसा क्यों कह रहे हैं यह पूरा सच आपको वीडियो में पता चल जाएगा। इललीज डेट यानी राक्षस मर गया।
यह शब्द है तनु श्री दत्ता का नाना पाटेकर के लिए। जहां एक तरफ नाना पाटेकर के निधन से पूरा बॉलीवुड परेशान है। लोग उन्हें याद करके आंसू लगातार बहा रहे हैं। उनके महान कामों को याद किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एक समय पर मशहूर बोल्ड एक्ट्रेस रह चुकी तनु श्री दत्ता ने नाना पाटेकर के निधन पर न सिर्फ खुशियां जताई बल्कि यह कहा कि नाना पाटेकर का निधन किसी चमत्कार से कम नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं तनु श्री दत्ता ने अपने सोशल मीडिया पर लाइव आकर यह कहा कि नाना पाटेकर से बेकार इंसान कोई था ही नहीं और उनका मरना कोई इंसिडेंट नहीं था बल्कि एक चमत्कार था। दोस्तों, जब से तनुश्री दत्ता का यह बयान आया है, आम आदमी से लेकर बॉलीवुड स्टार तक हर कोई हैरान है और परेशान है। राखी सावंत और सुनील पाल जैसे बड़े-बड़े सितारे तनुश्री दत्ता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका दिमाग खराब है। एक अच्छे खासे संत आदमी के ऊपर तनुश्री जानबूझकर गलत इल्जाम लगा रही है।
राखी सावंत तो खुलेआम कह रही है कि तनु श्री दत्ता एक झूठी और बेकार औरत है जो नाना पाटेकर जैसे महान कलाकार के ऊपर कीचड़ लगातार उछाल रही है। और अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था कि तनु श्री दत्ता आज तक नाना पाटेकर को माफ नहीं कर पाई और उनके इस दुनिया से चले जाने के बाद भी उन पर इल्जामों का पहाड़ खड़ा कर रही है। क्या वाकई नाना पाटेकर ने तनु श्री दत्ता के साथ इतना बुरा किया था कि उनकी अंतिम विदाई के बावजूद तनु श्री को चयन नहीं मिल रहा है। अगर हम इस पूरे विवाद की तह तक जाना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले उन दोनों कलाकारों के फिल्मी सफर और उनके व्यक्तिगत जीवन को बहुत ही बारीकी से समझना होगा क्योंकि किसी भी इंसान का वर्तमान उसके अतीत और उसके संघर्षों से जुड़ा होता है। जब हम तनु श्री दत्ता के करियर की शुरुआत पर नजर डालते हैं तो हमें यह पता चलता है कि उन्होंने साल 2005 में इमरान हाशमी के साथ फिल्म आशिक बनाया आपने से बॉलीवुड में कदम रखा था और उस फिल्म के गानों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था और तनुश्री रातोंरात एक बोल्ड और ग्लैमरस स्टार के रूप में पहचानी जाने लगी थी। वो दौर तनुश्री का गोल्डन पीरियड था। उस टाइम पर हर एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर उनको साइन करना चाहता था।
लोग उन्हें पसंद करते थे। लेकिन यह बात तो जग जाहिर है कि रातोंरात आई सफलता अचानक से चली भी जाती है और जिस तरह की सफलता तनुश्री को मिली थी वह तो एक ना एक दिन जानी ही थी क्योंकि बॉलीवुड में बोल्ड एक्ट्रेस का बोलबाला उस समय बहुत कम था। तभी तो उस शुरुआती चमक दमक और सफलता के बाद धीरे-धीरे उनके करियर का ग्राफ नीचे आने लगा और उन्हें मुख्य भूमिकाओं या बड़े बैनर की फिल्मों के प्रस्ताव मिलने बंद हो गए। जिसके बाद उन्हें फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार और आइटम सॉन्ग मिलने लगे थे और यहीं से उनके मन में एक गहरी कुंठा और निराशा घर करती जा रही थी क्योंकि जो अभिनेत्री खुद को चोटी की नायिका के रूप में देखना चाहती थी उसे जब आइटम गर्ल्स के रूप में काम करना पड़ा
तो उनका मानसिक संतुलन और सहनशक्ति डगमगाने लगी थी और इसी फ्रस्ट्रेशन के कारण वे हर छोटी-मोटी बात पर सेट पर असहज महसूस करने लगी थी। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाती थी और नखरे दिखाना शुरू कर देती थी। हालांकि फिर भी उन्हें कुछ हद तक बर्दाश्त किया जा रहा था और इसके ठीक विपरीत अगर हम नाना पाटेकर के फिल्मी सफर और उनके व्यक्तिगत जीवन पर नजर डालें तो वह इसके बिल्कुल उल्टा एक अलग ही कहानी बयां करता है क्योंकि नाना पाटेकर ने अपने करियर की शुरुआत में ढेरों संघर्ष किए थे और उन्होंने थिएटर से लेकर फिल्मों तक का लंबा सफर अपनी बेहतरीन अदाकारी और अनुशासन के दम पर तय किया था और उन्होंने कभी भी शोहरत के पीछे भागने के बजाय हमेशा अपने अभिनय की गहराई पर ध्यान केंद्रित और त्रिशूल, अंकुश, प्रहार, परिंदा, क्रांतिवीर और तिरंगा जैसे बड़े-बड़े अनगिनत और शानदार फिल्मों में काम करके भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया था।
जहां एक तरफ तनु श्री दत्ता का करियर बहुत ही कम समय में ढलान की ओर चला गया था। वहीं दूसरी तरफ नाना पाटेकर ने दर्शकों तक बॉलीवुड में अपने अभिनय का लोहा मनवाया और एक लीजेंड के रूप में अपनी एक ऐसी अमीट छाप छोड़ी जिसे आज भी हर कोई सलाम करता है और यही वजह है कि जब इन दोनों के व्यक्तित्व की तुलना की जाती है तो जमीन आसमान का अंतर साफ दिखाई देता है और यही वो पृष्ठभूमि थी जिसके बाद साल 2008 में वह बहुत चर्चित घटना घटी जब फिल्म हॉर्न लोके प्लीज के एक गाने की शूटिंग चल रही थी और उस दौरान अचानक से तनुश्री सेट पर चिल्लाना शुरू कर देती है और कहती है कि उन्हें गलत तरीके से छूने की भरपूर कोशिश की गई।
उनका यह इल्जाम सीधे तौर पर डांस कोरियोग्राफर गणेश आचारज और एक्टर नाना पाटेकर के ऊपर था। तनुश्री ने जब अचानक ही ऐसी हरकत की तो वहां मौजूद हर इंसान पूरी तरीके से हैरान रह गया। जो एक्टर्स अभी कुछ समय पहले अच्छी तरह से डांस कर रही थी वो भला इस तरह से चिल्ला क्यों रही है? सब लोग ऐसा सोचने लगे। शुरुआत में तो गणेश आचार्य और नाना पाटेकर दोनों ने तनुश्री से कहा जैसा तुम समझ रही हो वैसा कुछ भी नहीं है। तुम्हें गलतफहमी हुआ है। हम तो बस डांस के रिहर्सल कर रहे हैं। लेकिन तनुश्री भला मानने वाली कहां थी? उनके ऊपर तो गुस्सा सवार हो गया था और वो लगातार दोनों पर इल्जाम लगाते जा रही थी। और जब यह बात फिल्म के प्रोड्यूसर को पता चली तो उन्होंने पहले तो तनुश्री को बहुत समझाया बुझाया और शांत करने की कोशिश की। लेकिन तनुश्री मानने का नाम नहीं ले रही थी। जब सेट लगा हुआ है, एक्टर सामने है, डायरेक्टर और कोरियोग्राफर सभी मौजूद हैं।
सिर्फ तनुश्री ही काम करने को तैयार नहीं थी। जिसकी वजह से प्रोड्यूसर को भारी नुकसान हो रहा था। दोस्तों, जब किसी गाने की शूटिंग होती है, तो एक दिन के लाखों से करोड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं और प्रोड्यूसर के लिए शूटिंग रोक कर लाखों रुपए का नुकसान करना यह कोई मामूली बात नहीं था। इसलिए जब तनुश्री समझाने पर भी नहीं मानी तो उन्हें इस गाने से रिप्लेस करके उनकी जगह राखी सावंत को सेट पर लाया गया। हालांकि तनुश्री को उनके पैसे मिल रहे थे। प्रोड्यूसर ने तुरंत उन्हें उनके पैसे दिए लेकिन फिर भी वह अपनी बात से टस से मस नहीं हुई और रिप्लेस होने की बात सुनकर तो वह और पूरी तरह से बौखला गई क्योंकि उन्हें लगा था कि इस तरह की कंट्रोवर्सी क्रिएट करके सभी को अपने हिसाब से वह चला लेगी।
लेकिन जब उन्हें भी फिल्म से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो तनु श्री से यह अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने बीच में ही शूटिंग रुकवाने के लिए सेट पर चिल्लाना और इधर-उधर सामान फेंकना शुरू कर दिया। और तनुश्री की इसी तरह की हरकत से वहां मौजूद हर इंसान हैरान था कि कोई इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकता है और जब यह सब कुछ हो रहा था तो वहां पर कुछ लोग ऐसे आ जाते हैं जो मराठीियों के हक के लिए खड़े रहते थे और वो लोग तनु श्री को समझाना चाहते थे ताकि शूटिंग शांति से आगे बढ़ सके क्योंकि जैसा कि हमने आपको बताया कि किसी भी फिल्म या गाने को शूट करने में प्रोड्यूसर के बहुत सारे पैसे और बेशकीमती समय लगता है और जब तनु श्री खुद ही शूटिंग रुकवा कर बैठ गई तो वहां पर स्थिति को संभाल डालने के लिए लोगों को आकर उन्हें समझाना पड़ा था।
अब दोस्तों साल 2008 में यह पूरा मुद्दा हुआ और शांत भी हो गया। हालांकि उस वक्त यह सारी चीजें इतनी ज्यादा सुर्खियों में नहीं आई। तनुश्री ने अपने पैसे लिए और फिल्म से पूरी तरह से अलग हो गई। इसके बाद तनु श्री ने धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में काम करना बंद कर दिया और वह देश से बाहर जाकर अपनी जिंदगी जीने लगी। सब कुछ बहुत शांत हो गया था। लेकिन फिर जब तनुश्री दत्ता वापस भारत आई तो उन्होंने बॉलीवुड में फिर से काम करने की कोशिश की। लेकिन उनके इतिहास को देखकर पहली बात तो कोई उनके साथ काम करने को तैयार नहीं था और जो लोग उनके साथ काम करने को तैयार भी हुए ना तो वह भी उन्हें अब पहले जैसे बोल्ड और हीरोइन वाले रोल देने को तैयार नहीं थी। क्योंकि दोस्तों फिल्म इंडस्ट्री का सीधा सा नियम है जो दिखता है वही बिकता है। और तनु श्री दत्ता जब वापस भारत आई तो उनका वजन काफी बढ़ चुका था और वह पहले भी कोई बहुत ही दिग्गज एक्टर नहीं थी। उनके नाम पर कोई प्रोड्यूसर पैसा इतने आसानी से लगा दे। उन्हें जो थोड़े बहुत काम मिल रहे थे, वह भाभी और मां जैसे कररेक्टर के मिल रहे थे और यह सब तनुश्री करने को तैयार नहीं थी। वह अपने आप को फिल्म में अभिनेत्री के रूप में प्रस्तुत करना चाहती थी। उनकी नजर में वह अभी भी पुरानी बोल्ड हीरोइन थी जिन्हें लोग पसंद करते हैं।
तनुश्री की जिंदगी में यह सब कुछ चल रहा था। तभी अचानक से उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसके बारे में किसी ने सपने में भी सोचा नहीं था। कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और नाना पाटेकर के खिलाफ मीटू का बहुत बड़ा इल्जाम लगा दिया और तब यह विवाद पूरी इंडस्ट्री में इतने तेजी से फैला कोई इस पर यकीन नहीं कर पा रहा था। लेकिन तनुश्री लगातार एक के बाद एक इल्जाम की झड़ी लगाई जा रही थी और उनका यह कहना था कि नाना पाटेकर ने अपने गुंडे बुलवाए थे ताकि उन्हें सेठ से जबरन बाहर निकाला जा सके और उनके साथ बहुत कुछ गलत किया गया था। जबकि सच्चाई उसके बिल्कुल विपरीत थी क्योंकि उन्हें सीधे तौर पर यह कहा गया था कि अगर आपको एक्टर और कोरियोग्राफर के साथ काम करना सही नहीं लग रहा है तो आप इस आइटम सॉन्ग से बाहर जा सकती हैं। जबकि उनके एक-एक दिन को जोड़ के पूरे पैसे उस समय दिए गए थे। लेकिन फिर भी वह शूटिंग रुकवाने पर लगातार अड़ी हुई थी।
हालांकि यह सब कुछ बहुत साल पहले हुआ था। तो फिर अचानक से तनुश्री ने इस बात को वापस साल 2018 में क्यों उठाया? और अब जब नाना पाटेकर जी इस दुनिया में नहीं है तो तनु श्री वापस उन पर कई सारे पुराने इल्जाम लगातार लगा रही है और यह कह रही है कि नाना पाटेकर का इस दुनिया से जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। वो एक ऐसे राक्षस थे जिन्होंने उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी थी और गुंडे भेजकर उन्हें बार-बार धमकाया गया था। उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था और इतना ही नहीं तनु श्री ने नाना पाटेकर के संबंध अंडरवर और पॉलिटिक्स से बताते हुए यह कहा कि नाना पाटेकर खुद को एक शरीफ इंसान बताते हैं और फिर अपने गुंडों के जरिए अपने गंदे काम को अंजाम देते हैं। तनुश्री का यह साफ तौर पर कहना था कि नना पाटेकर के गुंडे कई बार उनके घर पर आकर धमकियां देकर जाते थे तो कभी उनकी कार खराब कर देते थे और कई बार तो वह ऐसे सिचुएशन में फंस गई उन्हें जिंदा बच पाना भी मुश्किल लग रहा था और इन सारी चीजों ने तनुश्री के जीवन को नर्क बना दिया
। दोस्तों नाना पाटेकर के निधन के बाद तनु श्री आज यह सारी बातें कर रही है और लगातार यह बता रही है कि नाना पाटेकर कितने बेकार इंसान थे। जिसे सुनकर पूरे बॉलीवुड का खून लगातार खौल रहा है। नाना पाटेकर के फैंस और बॉलीवुड के तमाम कलाकार तनुश्री दत्ता पर सवाल उठा रहे हैं और सीधा उन्हें झूठा कह रहे हैं। क्योंकि जब तनुश्री साल 2018 में नाना के ऊपर आरोप लगाई थी तो वह पूरी तरह से जीवित थे और उन्होंने सामने आकर साफ तौर पर कहा था कि ना तो उन्होंने तनुश्री के साथ शूटिंग के दौरान कोई बदतमीजी की थी और ना ही किसी तरह से कोई गुंडे बुलवाए थे। पर फिर भी तनुश्री अपनी बातों से पीछे हटने का नाम नहीं ले रही है और इसी बात पर राखी सावंत से लेकर सुनील पाल तक हर कोई तनु श्री को पूरी तरह से गलत ठहरा रहा है।
अब आपके दिमाग में यह सवाल जरूर चल रहा होगा कि यह सारी चीजें तो अपनी जगह ठीक है। लेकिन आखिर उस दिन सेट पर असल में हुआ क्या था? और क्या वाकई में नाना पाटेकर ने कोई गुंडे भेजे थे? तो दोस्तों यह बात पूरी तरह से गलत और बेबुनि याद है। असल में जब तनुश्री शूटिंग रुकवाने आई तो वहां पर कुछ लोग जरूर आए थे। लेकिन वो गुंडे नाना पाटेकर के नहीं बल्कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे के भेजे हुए लोग थे। जो फिल्म की शूटिंग रोके जाने से बेहद नाराज थे क्योंकि असल में नाना पाटेकर पूरी तरह से मराठी मानुष के दिल के करीब और गणेश आचार्य भी मराठी पृष्ठभूमि से ही आते हैं और उस समय महाराष्ट्र में मराठी कलाकारों और लोगों का एक अलग ही दौर देखने को मिलता था।
जहां वे अपने लोगों के लिए मुश्किल घड़ी में बिना सोचे समझे खड़े हो जाते थे और इसी वजह से वे लोग शूटिंग रुकने का विरोध करने के लिए और तनुश्री को समझाने के लिए वहां पहुंचे थे और उन्होंने भी तनुश्री के साथ कोई भी जोर जबरदस्ती नहीं की थी बल्कि उन्हें शांति से बाहर जाने का रास्ता दिखाया था ताकि काम बिना रुके आगे बढ़ता रहे। पर तनुश्री ने इस पूरे बात को एक अलग ही रंग देना शुरू कर दिया और इसका पूरा इल्जाम सीधे तौर पर नाना पाटेकर के सिर पर मर दिया और अब अब जबकि वो इस दुनिया में नहीं है फिर भी तनुश्री दत्ता लगातार नाना पाटेकर के ऊपर आरोप पर आरोप लगाते जा रही है। उनका लगातार यह भी कहना है कि जब से उन्होंने यह मामला उठाया है तब से उनकी जिंदगी पूरी तरह से नरक बन चुकी है और नाना पाटेकर के लोग उन्हें आज भी परेशान करते हैं और जान से मारने की धमकियां भी देते हैं। लेकिन दोस्तों आप खुद ही थोड़ा सोचिए कि जो इंसान यानी नाना पाटेकर अपना सब कुछ दूसरों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया वो भला किसी महिला के साथ ऐसा अनुचित व्यवहार कैसे कर सकते हैं? क्योंकि यह बहुत ही सोचने वाली बात है।
जहां आज के दौर में बड़े-बड़े फिल्मी सितारे किसी भी गंभीर मुद्दे या बाढ़ पीड़ित पर बात करने से भी पूरी तरह से कतराते हैं। वहीं उन आपदा पीड़ितों और किसानों की मदद के लिए नाना पाटेकर अपने खेतों का सारा अनाज अपनी कमाई हुई दौलत तक दान कर देते हैं और देश की रक्षा के लिए कारगिल की जंग में जवानों के बीच जाकर उनका हौसला अफजाई करने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना खुद मैदान में पहुंच जाते हैं तथा हर जरूरतमंद इंसान की मदद के लिए हमेशा आगे खड़े रहते हैं। उनके ऊपर इतना बड़ा निराधार आरोप लगाना और वह भी उनके मरने के बाद, उनके जाने के बाद, उनके दुनिया को छोड़ने के बाद यह एक बहुत बड़ा सवाल है। जब हम नाना पाटेकर के व्यक्तिगत जीवन और उनके सामाजिक कार्यों के पढ़ने को पूरी गहराई से पलटते हैं तो हमें एक ऐसे व्यक्तित्व के दर्शन होते हैं जो चकाचौंध भरी फिल्में दुनिया से कोसों दूर जमीन से जुड़ा हुआ है क्योंकि उन्होंने कभी भी अपने स्टारडम या अपने लोकप्रियता का अहंकार नहीं किया और हमेशा एक आम नागरिक की तरह अपना जीवन बिताया।
वे महाराष्ट्र के उन दूरदराज के इलाकों में खुद चलकर जाते हैं, जहां भयंकर सूखे और कर्ज के बोझ तले दबकर किसान अपनी जान देने पर मजबूर हो गए थे। वे अपनी खुद की कृषि योग भूमि से होने वाली पूरी की पूरी फसल का अनाज उन गरीब और बेसहारा परिवारों में चुपचाप बांट दिया था ताकि किसी का घर भूखा ना सोए। इसके अलावा जब भी देश पर कोई प्राकृतिक आपदा या महामारी का संकट आया तो नाना पाटेकर ने बिना किसी प्रचार या मीडिया के शोरगुल के अपनी तरफ से करोड़ों रुपए की सहायता राशि सीधे उन राहत कोषों में पहुंचाई और कई ऐसे पशुओं और अनाथ मवशियों के आश्रित स्थल को अपने कंधे पर संभाला। अब आप सोचेंगे कि दान तो हर कोई करता है। शाहरुख खान से लेकर सलमान खान हर कोई अपनी तरफ से दान का काम करते हैं। लेकिन दोस्तों नाना पाटेकर का तरीका थोड़ा अलग था। वह दान तो करते थे लेकिन कभी भी इस चीज का दिखावा नहीं करते थे और ना ही उन्हें महंगे शौक थे। एक साधारण सी गाड़ी पर चलना पुराने घर में अपनी मां के साथ रहना यही नाना पाटेकर का जीवन था जिसे उन्होंने सालों तक इसी सादगी के साथ जिया। ऐसे में उन्होंने जितने भी पैसे कमाए वे सब लोगों की भलाई में लगते चले गए।
और इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि नाना पाटेकर इतने बड़े फिल्मी सितारे होने के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने परिवार को जबरदस्ती फिल्म इंडस्ट्री में लाने की कोशिश नहीं की। उनके परिवार का हर सदस्य अपने दम पर साधारण नौकरियां करता है और किसी भी प्रकार की लग्जरी भरी जिंदगी से कोसों दूर रहता है। और ऐसे महान और दयालु हृदय वाले इंसान पर कोई इस तरह के मनगढ़ंत इल्जाम लगाए तो भला किसी के गले यह बात कैसे उतरेगी। यही मुख्य कारण है कि आज आम जनता और देश के करोड़ों दर्शक तनु श्री दत्ता की इन बातों पर बिल्कुल भी यकीन नहीं कर रहे हैं और लोगों का साफ तौर पर यह कहना है कि वह सिर्फ और सिर्फ सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए इस तरह के झूठे इल्जाम लगा रही है ताकि नाना पाटेकर के इस दुनिया से जाने के बाद उनके नाम का इस्तेमाल करके खुद को एक बार फिर से सुर्खियों में ला सके क्योंकि जब कोई कलाकार फिल्मी दुनिया से पूरी तरह बाहर हो जाता है और उसे नए प्रोजेक्ट मिलने बंद हो जाते हैं तो वह अक्सर ऐसी सनसनीखेज सुर्खियों का सहारा लेता है ताकि मीडिया में उनकी चर्चा लगातार बनी रहे।
हालांकि समाज में कुछ ऐसे भी लोग मौजूद हैं जिसका यह मानना है कि शायद तनुश्री के साथ उस दौर में कुछ गलत हुआ होगा जिसके खिलाफ वह उस वक्त अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पाई थी। लेकिन अब हिम्मत जुटाकर बोल रही है। लेकिन जब हम इस पूरे मामले की तह तक जाते हैं और देखते हैं कि कैसे एक छोटी सी बात को इतना बड़ा तूल दे दिया गया तो यह पूरी तरह से समझ में आता है कि पर्दे के पीछे की सच्चाई कुछ और होती है और लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए किसी के भी बरसों की कमाई हुई इज्जत और छवि को नुकसान पहुंचाने से बिल्कुल पीछे नहीं हटते हैं। क्योंकि एक तरफ जहां तनु श्री दत्ता अपने बयानों के जरिए साबित करने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ था। वहीं दूसरी तरफ नाना पाटेकर के चाहने वाले और उनके साथ काम करने वाले तमाम लोग उनके चरित्र की पवित्रता और उनकी महानता की मिसाल दे रहे हैं और यह बता रहे हैं कि जो इंसान अपनी पूरी जिंदगी समाज की सेवा में अपने आप को समर्पित कर दिया वह कभी किसी का बुरा सोच ही नहीं सकता और यही कारण है कि आज सोशल मीडिया पर यह बस थमने का नाम नहीं ले रही है और हर कोई अपनेपने तरीके से इस पूरी घटना की समीक्षा लगातार कर रहा है। हालांकि यह बात किसी से छुपा नहीं है कि नाना पाटेकर बहुत ही बूफ इंसान थे।
उनके दिल में जो कुछ भी आता उसे बिना फिल्टर किए बोल देते। इसलिए लोग उन्हें सख्त समझते थे। लेकिन वह बाहर से जितने कड़े और सख्त थे अंदर से उतने ही नरम थे। तभी तो बहुत से लोग बताते हैं कि जब वो नाना पाटेकर से कोई मदद मांगते थे तो नाना कभी भी किसी को मना नहीं करते। बहुत सारे ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने नाना से मदद मांगी और नाना पाटेकर ने उनको काम दिलवाया या फिर उन्हें आर्थिक रूप से सपोर्ट किया। अब ऐसे में अंत में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या वाकई नाना पाटेकर जैसे महान इंसान इस तरह की हरकत कर सकते हैं या फिर यह सिर्फ पब्लिसिटी पाने का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है और आपके इस पूरे मामले पर क्या विचार हैं? क्या आपको लगता है कि तनु श्री दत्ता के इन बयानों में कोई सच्चाई है या फिर यह सिर्फ पुरानी बातों को जबरन कुरेदने का एक प्रयास मात्र है? रहें।