एक दौर था जब Bollywood Stars को अंडरवर्ल्ड से फिरौती के कॉल आते थे. गैंगस्टर्स उनसे मोटी रकम मांगते. उन्हें धमकाते थे. Suniel Shetty को ऐसे फोन कॉल्स आए. मगर उनसे डरने या रुपए देने की बजाय वो उन्हें ही हड़का देते. एक दिन जान से मारने की धमकी भरा फोन आया, तो सुनील ने उस गैंगस्टर पर जमकर गालियां बरसा दीं. मुंबई पुलिस भी हैरान रह गई उनकी बेबाकी पर.सुनील शेट्टी ने बताया उनके पिता को मारने की धमकी देता था अंडरवर्ल्ड का डॉन. सुनील ने खुद अंडरवर्ल्ड के गुंडों को धमकी दे डाली.
पर ये दोनों चीजें थोड़ी सी कई लोगों को कंट्राडिक्टरी लगती है ना कि एक तरफ आप इतने शांत हैं यार मेरी गलती है और एक तरफ लोग कहते हैं उनका गुस्सा बड़ा आपने जेपी दत्ता को की फिल्म के लिए भी बॉर्डर के लिए आप इसीलिए मना कर रहे थे कि भाई वो गुस्सा ले मैं भी गुस्सा लूं अपनी बनेगी नहीं क्योंकि कहीं ना कहीं एक ऐसे बैकग्राउंड से आते हैं कि ह्यूमिलिएशन आप कभी नहीं सहन करोगे यू यू कांट इंसल्ट मी फॉर समथिंग दैट यू बिलीव इज इज इज रोंग रोंग वि मी स्टैंड अप तो मैं करूंगा ही करूंगा।
पिताजी ने हमेशा यही कहा था कि सही हो तो स्टैंड अप फॉर दैट। कस्टमर्स फॉर माय बिजनेस वो वो वो सिचुएशन बहुत ही अलग है। आफ्टर अ ड्रिंक और टू वो खुद के कंट्रोल में नहीं है। और फ्रॉम अ बिजनेस पॉइंट ऑफ व्यू कस्टमर गेस्ट अतिथि देवो भव तो टेक केयर ऑफ इट। लेकिन यहां पर्सनली कोई अगर मुझे थ्रेटन करे और अंडरवर का नाम लेकर करे इट्स नॉट गोइंग टू मैटर टू मी। मुझे आज आज भी मुझे वो मुझ में वो फियर है नहीं और अगर तुम गलत हो और मैं सही हूं आई विल स्टैंड अप। वो चाहे कोई भी हो आपने कहा अंडरवर क्या क्या धमकी आती थी कि यही थ्रेटनिंग चाहते थे क्योंकि शेट्टीज तभी अग्रेसिव भी थे क्योंकि बहुत कुछ चल रहा था मुंबई में। सप्रेस लॉट थे। तो कहीं ना कहीं दे स्टूड अप एंड उनकी अपनी गैंग थी और एंड अंडरवर के खिलाफ खड़े रहते थे। अब जब मेरा नाम भी शटी है तो हमेशा उनको यह लगता था कि इसको धमकाओ इसको डराओ। तो बाकी लोगों से हम हफ्ता और यह वसूल कर सकते हो। एंड इट वाज़ नोन फॉर इट इन द 90ज। तो हेमंत पुजारी और एक दो थे जो मुझे बार-बार फोन करते थे।
धमकी घर पे ऑफिस में घर पे ऑफिस में मेरे मैनेजर के वहां सब जगह और शायद उनको यह लगता था कि इसको डराएंगे तो बाकी शेटी लोग डर के मारे दे देंगे हफ्ता देने लगेंगे हफ्ता देने लगे तो एक दिन उसने मुझे फोन कर दिया हेमंत पुजारी ने हां कि ऐसा-सा है और तेरे पिताजी को मैं ये सुबह 5:30 बजे मैं वो वॉक के लिए जाते हैं मैं गोली मार दूंगा तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने मैंने मैंने भी उसे गाली दे दी। उसे बोलने ही नहीं दिया मैंने। तो ऐसे भी होता है। और गालियों वाला पार्ट हटा दें। तो आपने क्या कहा उस गैंगस्टर से? कि आई न्यू मोर देन अबाउट हिम देन ही न्यू अबाउट मी। कि उसकी बहनें बहन कहां रहती है? उसके चार भाई कहां पर है? उसके ब्रदर इन लॉ कहां पर है? तो आई मैंने उससे यही कहा कि बेटा तेरे से ज्यादा इंफॉर्मेशन तेरे बारे में मेरे पास है। मेरे पास ज्यादा ज़्यादा पैसे भी है और उसके साथ-साथ ज़्यादा कनेक्शन भी है। तो, यह यह कभी सोचना मत। और आप एक 70 80 साल के आदमी को गोली मार के क्या करोगे आप? आप क्या आप कहना क्या चाहते हो?
तो दैट वाज़ द ठसन। और मैंने गालियां दे दी। तो वो रिकॉर्ड हो गया था। क्योंकि आई मेरे पास सिक्योरिटी थी। तो ये सब बात मुंबई पुलिस की क्या रिएक्शन थी उस रिकॉर्डिंग को सुन के? यही कि उन्होंने कहा कि सुनील एक बात समझ लो वो होश में नहीं रहते कभी-कभी उनको तो सिर्फ ऑर्डर देना है। ऑर्डर देंगे तो जो होना है हो जाएगा। तो ऐसे मत किया करो बी शांत रहो। आई सेड सर साल डेढ़ साल से तो शांत ही हूं ना। अच्छा ये सिलसिला साल डेढ़ साल से चल रहा है। हां सिर्फ हेमंत पुजारी धमकी दे रहा था या दाऊद के लोग? नहीं नहीं नहीं हेमंत पुजारी और उसकी गैंग ये यू नो छुट्टे-मुट्टे जो कोशिश कर रहे थे कि हम बड़े बनेंगे उनकी बाकी बाकी तो हम एज एन एक्टर्स हमेशा जो भी रहा है हमेशा फैंस ही रहे हैं वो कभी चाहेंगे ही नहीं कि यू नो नुकसान पहुंचे हमें लेकिन ये जो थ्रेटन करते थे पैसों के लिए वो दौर तो बहुत चला ना बॉलीवुड में बहुत ज्यादा चला क्या बदला बलवान की रिलीज के?
बलवान की रिलीज के बाद पहचान हो गई। लोग पहचानने लगे। आप अपने कम्युनिटी के ब्लू ब्लू वॉइड बॉय बने। अच्छा शेट्टी इज प्राइड। इट्स द प्राइड। क्योंकि कभी किसी ने सोचा ही नहीं था कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे लोग हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कोई आएगा जो अपने आप को एस्टैब्लिश करे। वो भी छोटे से खेड़े का, छोटे से जिले का। तो इट वाज़ अ ब्लेस फीलिंग एंड अ ब्यूटीफुल फीलिंग। लेकिन मां और पिता पिताजी पे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि वो तभी भी वैसे ही थे। आज भी मम्मी को देखोगे तो वैसे ही है। शूटिंग पे शायद एक आध बार आए हैं। उनकी दुनिया यही है कि अपने आप को संभाल के रखना और अपने अपने इसको प्रेस्टीज को बनाए रखना। पिताजी ने और मम्मी ने दोनों ने हमेशा मुझसे यही कहा। कभी उनकी एक्सपेक्टेशंस ही कुछ नहीं थी। कभी नहीं। [संगीत]