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वांगचुक का बड़ा ऐलान ! अनशन खत्म… लेकिन शर्त !

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[संगीत] केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचू का आमरण अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर गया। शुक्रवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म [संगीत] एक्सप एक पोस्ट शेयर कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोनम मांगचुक की हेल्थ अपडेट पर पार्टी ने लिखा कि उनकी हालत ठीक नहीं है। कॉकर जनता पार्टी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट किए हैं। एक पोस्ट में दावा किया गया कि सोनम मांगचुक सर की हालत ठीक नहीं है।

फिर भी सत्ता में बैठे लोग मस्त हैं। पार्टी ने अंग्रेजी में लिखा द स्ट्रीट्स आर द रियल पार्लियामेंट ऑफ द पीपल। साथ ही यह भी कहा कि पूरे देश से समर्थन मिलने के बावजूद सरकार सोई हुई है। इस्तीफा दो। वहीं 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक अब अनशन खत्म करने को राजी हैं। लेकिन इसके लिए उन्होंने जनता के सामने एक शर्त रख दी है। नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी मंच पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है [संगीत] कि वह 20 जुलाई को संसद मार्च के बाद इसे खत्म कर सकते हैं।

हालांकि उन्होंने इसके लिए जनता को मार्च सफल बनाने को कहा है। अनशन के 19वें दिन तक 9 किलो वजन गवा चुके सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा कि उन्हें बहुत से लोग अनशन खत्म करने के लिए कह रहे हैं। वांगचुक ने कहा कि उनका शरीर कमजोर हुआ है लेकिन अभी हालत ऐसी नहीं है कि तीन-चार दिन में ही मर जाएं। वांगचुक ने इसके बाद लोगों से 20 जुलाई के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर यह मार्च

सफल रहा तो वह अनशन खत्म [संगीत] कर पाएंगे। हालांकि उन्होंने यह नहीं साफ किया है कि मार्च सफल होने के [संगीत] पैमाने क्या है? कितनी भीड़ को वह सफल मानेंगे। वांगचुक ने वीडियो में कहा, मैं आप सबको बड़ी संख्या में जुड़कर एक छोटा कदम उठाने को कहूंगा [संगीत] ना कि सिर्फ मुझे अनशन खत्म करने के लिए कहें। मिस्ड कॉल करके बताएं कि आप आ रहे हैं मार्च [संगीत] में हिस्सा लेने के लिए। जो भी हो संख्या में आए उस दिन अपनी मां को लेकर आ क्योंकि मां के दिलों में जो बच्चों के लिए प्यार होता है वह किसी के दिल में नहीं होता है

मैं चाहूंगा कि माएं इस मार्च की अगुवाई करें। वो ले जाएं हमें संसद तक। आप सबसे 20 जुलाई को मिलेंगे। अगर यह कामयाब रहा तो मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि जब यह मुद्दा सही हाथों में जाएगा तो [संगीत] मैं चैन की नींद सो पाऊंगा और अनशन भी तोड़ पाऊंगा। वांगचुक ने कहा कि हजारों लोग उन्हें मैसेज भेज रहे हैं और अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने अदालत में [संगीत] दायर की गई याचिका का भी जिक्र किया। वांगचुक ने कहा कि मेडिकल जांच के मुताबिक उनके शरीर में कमजोरी है लेकिन हालत इतनी खतरनाक [संगीत] नहीं कि जान चली जाए। कोई ज्यादा खतरा नहीं है। दूसरी बात यह कि अगर मैं अनशन तोड़ दूं तो क्या बदलेगा? क्या संदेश जाएगा? सरकार को किसी जवाबदेही की जरूरत नहीं कि लोग खुद चले जाएंगे। आपको मेरी जान की फिक्र है उन 20 का क्या जिन्होंने खुदकुशी कर ली। मेरी जान और मेरी सेहत इतनी बड़ी चीज नहीं है। लेकिन इन संदेशों की कदर करते हुए मैंने एक [संगीत] मध्यम मार्ग निकाला है 20 जुलाई का। देश दुनिया की ताजा खबरें और वीडियोस के लिए अभी डाउनलोड करें पत्रिका ऐप।

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