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सगाई केतन से, शादी चेतन से! क्या सिया पहले से शादी शुदा थी?

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क्या सिया पहले से ही शादीशुदा थी? आई मीन व हां और अगर यह शादीशुदा थी तो वो बेचारा केतन अग्रवाल जो उसके लिए वेडिंग की तैयारियां कर रहा था, फूल लाकर दे रहा था, करोड़ों रुपए देने की बात आई। वो क्या सिर्फ पहले से चुना हुआ उसका एक शिकार था? मतलब सिया की मां ने कहा कि मेरी बेटी मासूम है दारू शराब नहीं पीती घूमती नहीं चलो गाली गलौज गाली गलौज दारू शराब सब चल सकता है बट क्या ये शादीशुदा थी मुझे पता है कि आपका भी दिमाग खराब हो रहा होगा आप भी सोच रहे होंगे कि भाई केतन अग्रवाल से शादी होनी थी इंगेजमेंट हुई थी सगाई हुई थी नवंबर में शादी थी करोड़ों रुपए वाली जो थ्योरी आई थी कि 16 करोड़ का होटल बुक किया गया है धूमधाम समस्या लेकिन जितने झटके मैं हूं उतना ही झटका आपको भी लगेगा जब आपको यह पता चलेगा कि खबर आई है कि केतन अग्रवाल से सगाई के 4 महीने बाद सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से शादी कर ली थी वही चेतन जिसने हुड़ी पहनकर पीछा किया था जिसको लेकर बाद में सिया ने कहा कि धक्का इसने दिया वो कह रही है

उसने धक्का दिया और यहीं से मेरा दिमाग खराब हो रहा है कि यार कितने ट्विस्ट हैं। मतलब एक ट्विस्ट आता है उसमें दूसरा ट्विस्ट, दूसरे ट्विस्ट में तीसरा ट्विस्ट। बॉलीवुड की फिल्मों या भारत के सीरियल्स में भी इतने उतार-चढ़ाव नहीं होते जितने सिया केस में निकल रहे हैं। और अगर आप मानवता इंसानियत के पॉइंट ऑफ व्यू से सोचे तो ये मन में सवाल आता है क्या एक लड़की एक समय दो-दो लड़कों की दुल्हन बनने की तैयारी कर सकती है? मतलब अगर सिया पहले से चेतन की पत्नी थी तो नवंबर में शादी क्यों करने जा रही थी? केतन उसकी जिंदगी का होने वाला पति था या सिर्फ एक ऐसा इंसान जिसे जानबूझकर अंधेरे में रखा गया। जैसा कि उसने लिखा भी था अपने स्नैपट में कि वो शादी जो होने वाली नहीं है। और क्या यह सारी कहानी सिया के घर वालों को नहीं पता थी? वो इतने मासूम थे या फिर सब जानबूझकर वो चुप बैठे थे और इसीलिए अपनी 19 साल की बेटी की जबरदस्ती शादी करवा रहे थे। मतलब ये थ्योरी अब आएगी इनके मां-बाप को लेकर भी कि पहले से लोग सोच रहे थे यार 19 साल की बच्ची की शादी कौन करवाता है? और अब लोग कह रहे हैं कि क्या यही वजह थी? लेकिन सिया को लेकर जो लोग थोड़ा बहुत भी सिंपथाइज कर रहे थे कि मासूम बच्ची है। उसकी चॉइससेस की रिस्पेक्ट नहीं की गई। इसलिए आवेश में आकर उसने ऐसा किया। एक के बाद एक थ्योरी आ रही है जो आपके मासूमियत वाले दावे को धराशाई कर देती है। पुलिस यह दावा करती है कि सिया ने Google पर बार-बार यह सर्च किया कि राजा रघुवंशी का केस क्या था? सीआर ने चैट जीपीटी और बाकी प्लेटफार्म से यह समझने की कोशिश की कि हत्या के बाद पुलिस क्या पूछती है? महिला कस्टडी में क्या होता है? हाई कोर्ट से जमानत कैसे मिलती है? ये सारे सवाल सिया ने सर्च किए हैं और ये उसकी सर्च हिस्ट्री में निकले हैं। जब फॉरेंसिक के पास का फोन गया है वो सिया जो चेतन चौधरी की बीवी बन गई थी और केतन से शादी करने वाली थी। वो सर्च कर रही थी कि हत्या के बाद क्या पूछे जाएगा और यहीं पर मेरे मन में सवाल है कि अगर कोई इंसान हत्या से पहले Google पर यह सब खोजने लगे तो आपके दिमाग में क्या सवाल आएगा इंटेंशनल पता था हो सकता है पकड़े जाए इसलिए होमवर्क और राजा रघुवंशी सोनम के केस को पढ़कर उसने अपनी प्लानिंग पक्की की मतलब मतलब मैं डाइजेस्ट नहीं कर पा रहा हूं कि एक 12वीं फेल 19 साल की लड़की इतनी शातिर हो सकती है।

इतनी शातिर और उससे ज्यादा मैं डाइजेस्ट नहीं कर पा रहा हूं। क्या कोई मां-बाप अपनी बेटी की जिंदगी से इतने अनजान हो सकते हैं? और अगर उन्हें कुछ नहीं पता था तो कैसे नहीं पता था मतलब बेटी तुम्हारी सब कर रही है। फोन पर गाली दे रही है, दारू पी रही है, एक लड़के के साथ घूम रही है, चिपक रही है, लिपट रही है, अब शादी की बात भी आ गई है। उसको ₹1 करोड़ दे दे रही है। तुमको नहीं पता था। और अगर पता था तो आंटी जी अंकल जी आपने केतन की जिंदगी के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ क्यों होने दिया? क्योंकि अगर जांच में यह बातें सही साबित हुई जो पुलिस के जरिए बाहर आई हैं तो फिर सिर्फ हत्या तक कहानी सीमित नहीं रहेगी। इसमें धोखा, दोहरी जिंदगी, गुपचुप शादी, फ्रॉड और परिवार के जरिए दगाबाजी के भी सवाल उड़ेंगे। हर 24 घंटे में इस केस में एक नया खुलासा हो रहा है। खुलासा जो हैरान करता है, परेशान करता है और यही सवाल आता है कि क्या है पूरी सच्चाइयां? असली कहानी क्या अभी भी पर्दे के पीछे छिपी है? वेल आज हम एक्सपोज करेंगे फिर से सारी कहानी। बट यकीन मानिए ये कहानी शॉक देने वाली है। शॉक देने वाली है। मतलब आप खुद सोचिए फरवरी में सगाई होती है केतन से। घर में लड्डू बटते हैं। उदयपुर में वेन्यू बुक किया है। प्रीवेडिंग शूट की बातें चलती हैं। चल रही थी। रिकॉर्ड हो रहे थे। और इसी बीच में खबर है कि एक लोकल रजिस्टार ऑफिस में सिया किसी की दुल्हन बन गई। ना बैंड, ना बाजा, ना बारात बस एक रजिस्टर, दो साइन और एक रास। पुणे पुलिस यही खंगाल रही है। सचमुच कोई मैरिज सर्टिफिकेट है और अगर हां तो फिर नवंबर वाली शादी क्यों? मतलब यह बहुत हैरानी की बात है। पुलिस के जरिए जो खबरें आई, जो खबरें एनडीt पर और तमाम अखबारों में छापी गई, उसके मुताबिक सिया के कॉलेज के दो दोस्तों ने गवाह बनकर दस्तखत किए थे। यानी दो लोग दुनिया में थे जो सब सच जानते थे। जिनके सामने माला पहनाई गई और महीनों तक चुपचाप। यानी जब सिया केतन के साथ शॉपिंग कर रही थी तब वो किसी और की बीवी थी। हे भगवान और अगर ऐसा था तो किसी की जुबान क्यों नहीं खुली? कैसा डर था? तस्वीरें भी थी। मतलब जांच में सामने आया है कि इन दोनों का एक प्राइवेट इंस्टा अकाउंट था जहां पर इनकी वरमाला वाली तस्वीरें थी जो डिलीट कर दी गई है। एक अकाउंट इन्होंने बनाया था जहां पर केवल यह दोनों एक्टिव थे। और पुलिस की टेक्निकल टीम जो है अब उसे वापस निकालने में जुटी है। अब यहां सवाल तस्वीर उसवीर का नहीं है। टाइमिंग का है कि डिलीट कब हुई सगाई के बाद या केतन की मौत के बाद? या जब लगा कि पर्दा उठने वाला है क्योंकि फोन सब याद रखता है। तस्वीर मिटती है। टाइम स्ट नहीं मिटता है। बहुत बहुत हैरानी की बात है। कानून कहता है कि स्पेशल मैरिज एक्ट में शादी से पहले 30 दिन का पब्लिक नोटिस लगता है सबके सामने। ताकि किसी को ऐतराज हो तो बोल सके। तो फिर यह 30 दिन कहां गए? जांच एजेंसियां तीन चीजें खंगालार रही है। रजिस्ट्रार ऑफिस का रिकॉर्ड, दोनों गवाहों के बयान, वह दो दोस्त कौन है? और चेतन के बैंक का ट्रांजैक्शन। क्योंकि केतन से कहा जा रहा है कि ₹1 करोड़ लिए गए थे। क्या उन्हीं पैसों से किसी बिचौलिए की जेब गरम करके नोटिस गायब करवाया गया? और अगर करवाया गया तो क्या केतन का पैसा लेके केतन से ब्या किया जाता? मतलब बड़ा अजीब है सोचने में। और फिर यह 20 साल की बच्ची कर सकती है या वो बच्ची है या वो जो राजा की मां ने कहा था ये छोटी सोनम है अगर यह वाला फैक्टर सही है तो ये छोटी सोनम नहीं है ये सोनम की मां है हालांकि उदयपुर के कागजों ने कहा जाता है फंसा दिया हर राज की उम्र होती है अब आप तारीख देखिए नवंबर में शादी उदयपुर में वेन्यू बुक मेहमानों की लिस्ट बन रही है फिर एक दिन केतन के घर से एक फोन आता है मांग मामूली सी दुल्हन के कागज चाहिए आधार कार्ड पैन कार्ड वही कागज जो हर शादी मांगे जाते। केतन की फैमिली के लिए फॉर्मेलिटी थी। लेकिन कहा जाता है कि उन्हीं कागजों की जन्म कुंडली में एक और शादी दर्ज थी। अगर कागज जमा होते तो रिकॉर्ड खुल जाता। रिकॉर्ड खुलता तो शादी सामने आती। शादी सामने आती सब खत्म हो जाता।

रिश्ता, इज्जत, कहानी सब कुछ। यानी वो जो कॉल आई कि सिया का आधार कार्ड दे दीजिए। उसी ने सारा मामला गड़बड़ाया। पुलिस जांच में सामने आया कि साजिश ने रफ्तार इसी कॉल के बाद पकड़ी। कागज मांगे गए और कुछ ही हफ्तों में 18 जून आ गया। अब क्या यह संयोग था या इसी के बाद प्लान किया गया कि अब टपका दो, मार दो? ये पुलिस की थ्योरी हालांकि पत्थर की लकीर नहीं है लेकिन फिर भी अदालत में जब मोटिव को लेकर बहस होगी तो सरकारी वकील कहानी बस तीन लाइन की होगी। किस लड़की ने शादी की थी, छिपाया था और छिपाने के बाद मार दिया। राज रखने का वक्त नहीं था। कम से कम हालात की गवाही तो यही है और एक गवाही मोबाइल फोन दे रहा है। और रही सही कसर जो है वह Google बता रहा है क्योंकि इंसान झूठ बोल सकता है, चेहरा झूठ बोल सकता है, आंसू झूठ बोल सकते हैं। लेकिन अपने मोबाइल फोन पर आप जो कांड करते हैं, जो सर्च करते हैं वो झूठ नहीं बोलता। और सिया के मोबाइल फोन में जो सर्च हिस्ट्री आई है वो डराने वाली है। हां, सिया ने अपने मोबाइल में सर्च किया किसी की हत्या करने के बाद पुलिस क्या पूछती है? महिला कस्टडी में क्या होता है? हाईकोर्ट से जमानत कैसे मिलती है? राजा रघुवंशी केस में सोनम को जमानत क्यों मिली? अब आप बताइए हमको क्या आपने अपने जीवन में सब सच किया है? नहीं ना? क्योंकि आपको इसका कोई लेना देना नहीं है। यह कोई जिज्ञासा नहीं होती है। लेकिन सीआई केस में देखिए पहले पूछताछ फिर कस्टडी फिर जमानत। यानी घटना से पहले ही पूरी तैयारी थी। ऐसा लगता है कि सिया जानना नहीं चाह रही थी। उसके लिए पढ़ाई नहीं थी। वो पूरा सिलेबस तैयार कर रही थी। राजा रघुवंशी केस पढ़ रही थी। अरे भाई साहब देश में 10,000 केस पड़े हैं। लेकिन सिया जो है वो राजा रघुवंशी केस पढ़ रही थी। क्यों? क्योंकि वहां पर एक पत्नी थी जिस पर आरोप था। पहाड़ पे लाके फेंक दिया और इसलिए पहाड़ से गिराया। जिसने गिरफ्तारी से लेकर अदालत तक की हर चाल अखबार में छपी थी। तो क्या यह उस केस को किताब की तरह पढ़ रही थी? कहां पर उससे गलती हुई जो हम ना करें? मतलब ये मिडिल फिंगर वाली दीदी बहुत तेज निकली भाई। अगर यह सच है तो। हालांकि सर्च हिस्ट्री से कोई मुजरिम नहीं बनता। बचाव पक्ष कह सकता है कि जिज्ञासा थी। क्राइम की खबरें सब पढ़ते हैं। लेकिन आप बैक टू बैक देखो टाइमलाइन। दीदी पासपोर्ट फाड़ देती हैं। दीदी की सर्च हिस्ट्री में कैसे मारे, कैसे मारने से बचें यह होता है। दीदी अपना आधार कार्ड नहीं देती है। दीदी की कहीं और शादी की बात आई है। वो Instagram अकाउंट उड़ा दिया गया है। अगर यह सारे सबूत इकट्ठा लगाए जाएंगे तो हो सकता है कहानी पलट जाए। लेकिन मेरे मन में एक सवाल है कि क्या यह वाकई में संभव है कि इनके घर वालों को कुछ ना पता हो? जिस छत के नीचे सब कुछ चल रहा था वहां रहने वालों को कुछ नहीं पता। या फिर सिया के घर वाले अनजान थे या फिर आंख मूंद बैठे थे। मतलब सिया जिसको लेकर कहा जा रहा है कि उसने केतन से पहले चेतन से शादी कर ली। आधार कार्ड नहीं दिया इसलिए मरवा दिया। जिसने केतन से ₹1 करोड़ लेके अपने पति चेतन को दिया। अगर वो पति है तो जिसके फोन पर गाली देने, दारू पीने, चिपकने, घूमने सबके वीडियोस वायरल हैं। क्या उसके घरवाले बिल्कुल अनजान थे? क्या जानबूझकर उन्होंने 19 साल की लड़की का शादी करवाया क्योंकि लक्षण दिख गए थे। यह सवाल बड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि 20 साल की लड़की आप सोचिए घर में रहती है और खबर है कि उसने शादी कर ली। शादी भैया और किसी की पता नहीं दोस्त को ले जा कर ली।

उसी घर में उसकी दूसरी शादी की तैयारी चल रही है। लहंगे पसंद हो रहे हैं। कार्ड छप रहा है। और बेटियां ये पहले से किसी की पत्नी है। अब यहां क्या होगा? दो ही रास्ता है। पहला मां-बाप बिल्कुल अनजान थे। तो मानना पड़ेगा कि भाई साहब दीदी इतनी होशियार थी कि एक छत के नीचे रह के इतने बड़े राज बचा लिए और दूसरा घर वालों को पता था। इसके बावजूद केतन के परिवार से रिश्ता बढ़ता रहा। अगर जांच में दूसरी वाली बात निकल कर आई और तो अनर्थ हो जाना चाहिए। यह अगर का पहाड़ जितना बड़ा है कानूनी जानकार कहते हैं कि हत्या का मामला उतना आगे जाएगा। क्योंकि फिर बहुत सारी धाराएं आएंगी। अभी तक पुलिस ने परिवार पर कोई आधिकारिक आरोप नहीं लगाए हैं। लेकिन फिर भी सवाल पूछना हमारा हक है। हम पूछेंगे फैसला अदालत को सुनाना वो हमारा काम नहीं है। लेकिन आप सोचिए ये कहानी का बहुत भारी गहरा एंगल है। क्या परिवार जानता था इसलिए लड़की को 19 साल 20 साल की उम्र में शादी करवा रहा था। सिया लगातार एक्सपोज हो रही है। उनके स्नैपट मैसेजेस रिक कर लिए गए हैं। वो जो मैसेज था दोस्त को लिखा यार ये वो शादी है जो होने वाली नहीं। यह बहुत इंपॉर्टेंट था और अब आ रहा है कि दो दोस्त उनके बॉयफ्रेंड के साथ जो शादी की थी उसमें गए थे। अब आप टोटल मतलब निकालिए तो नवंबर की शादी जिसकी तैयारियां हो रही थी और घर परिवार पूरा शहर इंतजार कर रहा था वो सिया क्लियर थी कि वो नहीं कर रहा लेकिन फिर भी उसने सगाई से लेकर प्री वेडिंग सब कुछ किया वो इतनी अच्छी एक्ट्रेस सब परफॉर्म कर डाला और क्या यही उसके पास लास्ट ऑप्शन था हालांकि उसने होशियारी की Snapchaat वो ऐप है जो वहां पर मैसेजेस खुद ब खुद गायब आते हैं। यानी जिसने वहां लिखा उसे शायद इसी भरोसे से लिखा गया होगा कि अब किसी के हाथ नहीं लगेगा। लेकिन फॉरेंसिक की दुनिया में डिलीट का मतलब खत्म नहीं होता। और अगर ये चैट अदालत में टिक गई तो यह केस उन चंद चीजों में होगी जो सीधे आरोपी के अपने शब्द है। किसी और की थ्योरी नहीं। लेकिन ये बहुत शॉकिंग है। 18 जून लोहागढ़ किला 25 साला के इतने नीचे गिरता है। सब ने कहा हादसा फिर कहा साजिश। अब दोनों जेल में हैं। लेकिन यह जो बम फूटा है नया वाला यह ज्यादा शॉक कर रहा है। गुपचुप शादी, गवार, डिलीटेड तस्वीर, Snapchaat, बिचोलियों को पैसे, सर्च हिस्ट्री यह अभी जांच के दावे हैं। अदालत की फाइनल मोहर नहीं लगी है।

सिया के भी अपने तर्क होंगे। उनके वकीलों के होंगे। लेकिन फिर भी एक बात तय है कि इस केस ने हर घर में एक आईना दिखा दिया है। और यह बताया है कि भाई आंख मूंद के भरोसा मत करो। जो सुन रहे हैं भरोसा मत करो। कई बार एक घर में रहकर लोग नहीं जान पाते। अगर सिया के मां-बाप को नहीं पता तो सोचिए उनके मां-बाप को उसी घर में रहकर नहीं पता। भाई साहब कितनी हैरानी की बात ये है। जिस दिन इन सवालों के जवाब मिलेंगे उस दिन समझ में आएगा कि लोहागढ़ की उस पहाड़ी से चट्टान से सिर्फ एक आदमी घिरा था या भरोसे की पूरी इमारत? बाकी धन्य हूं। धन्य हो आप। आप लोग बताओ आपको क्या लगता है? परिवार को पता था या नहीं पता था? कमेंट सेक्शन में पता था या नहीं पता था लिख दो भाई बताओ आप और बाकी कोई अपडेट होगा तो हम आप तक पहुंचाते रहेंगे लेकिन मैं डाइजेस्ट नहीं कर पा रहा हूं ये 20 साल की लड़की इतना कुछ कर सकती है और कर सकती है तो देवी आपने अगले कई सालों के लिए समाज की आंखें खोल दी है एक नया कीर्तिमान हासिल कर दिया है समाज डरा रहेगा पिछले कई सालों में 750 मर्द मारे गए लेकिन आपने जो काम किया है मुझे लगता नहीं कि इसके आसपास कोई है

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