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सिया ने अपने मंगेतर केतन से 1 करोड़ मांगे थे? बहुत बड़ा राज आया सामने

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मौ!त से पहले सिया ने केतन से क्यों मांगे 1 करोड़? वजह जानकार रूह कांप जाएगी।हैं। खबर सिया गोयल मामले की अगर करें तो शादी अगर उसको नहीं करनी थी तो जाहिर है वह मना कर सकती थी। क्यों कर दी गई? हर कोई यही सवाल पूछ रहा है। सिया को के 10 दिन बाद क्राइम सीन पर भी ले जाया गया।सवाल फिर वही कि सिया की बॉडी लैंग्वेज वहां क्या कहती हुई नजर आई? आइए समझते हैं। वाइट फोल्ड टीशर्ट लो जींस पट फेस कवर यह सिया गोयल है। मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की आरोपी सिया गोयल। हत्या के 10 दिन बाद सिया को लोहागढ़ किले लेकर आया गया है। यह वही जगह है जहां आरोप है कि सिया ने मंगेतर केतन अग्रवाल की धक्का देकर हत्या कर दी। के आरोपी सिया गोयल की साइकोलॉजी क्या है? क्राइम सीन पर सिया के हावभाव के मायने क्या है? जरा लोहागढ़ किले में सिया की इस तस्वीर पर गौर कीजिए। चेहरा ढका है।लेकिन पुलिसकर्मियों से चारों तरफ से घिरी सिया की ये तस्वीर क्या कहती है?

क्या किसी तरह का पछतावा किसी तरह का खौफ नजर आता है? आखिर महज 20 साल की लड़की ऐसा कैसे कर सकती है? भले ही सिया का चेहरा ढका है। पुलिस के साथ मौके पर जाती सिया के कदम कहीं से भी टेंशन खौफजदा लड़की की तस्वीर पेश नहीं करते। इस तस्वीर को देखकर यही लगता है कि बढ़ते कदम उसके आत्मविश्वास को बयां कर रहे हैं। उसके हावभाव में डर की जगह काफी स्थिरता और सहजता थी। मानो उसे पहले से मालूम हो कि ऐसा होने वाला है।सिया से जुड़े कुछ सवाल है जो बेहद अहम है। शादी नहीं करनी थी तो रिश्ता खत्म क्यों नहीं किया? मंगेतर से छुटकारा पाने के लिए जैसा कदम क्यों उठाया? कोमल मुस्कान वाली लड़की सिया कौन कह सकता है कि ये लड़की अपनी ही मंगेतर को मारना चाहेगी? कौन कहेगा कि इस चेहरे के पीछे साजिश का नकाब पहने एक शातिर हत्यारिन छिपी है। जिसने आवेश में आकर अपराध को अंजाम नहीं दिया बल्कि अपने मंगेतर की हत्या की प्लानिंग की। हत्या के आरोप के बाद सिया के खूबसूरत चेहरे से नाकाब उतर चुका है। लोहागढ़ में उसके चेहरे को कपड़े से ढककर सामने लाया गया। सिया पर कानून का शिकंजा कस चुका है।लेकिन केस के कई राज से पर्दा उठना जरूरी है। इस हत्या ने एक बार फिर अपराधियों के मनोविज्ञान और अपराध विज्ञान के जानकारों के लिए चुनौती पेश कर दी है। क्यों? इस केस से जुड़े

अलग-अलग पहलुओं को समझना आसान नहीं है। टीम न्यूज़ नेशन तस्वीरें आप देख रहे थे। आपने देखा कि किस तरीके से सिया को चेतन के साथ वहीं पर ले जाया गया जहां कत्ल की इस पूरी साजिश को उन्होंने अंजाम दिया। लोहागढ़ का वह किला जहां से धक्का देकर केतन को मौत की नींद सुला दिया गया। और यह प्लानिंग कब से चल रही थी? कब से इस पूरे मामले को लेकर इस मौत के षड्यंत्र को रचा जा रहा था। इसे लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन एक नया खुलासा हो रहा है और इस नए खुलासे ने हाई प्रोफाइल इस केस को और भी ज्यादा सनसनीखेज बना दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को सिर्फ प्यार में ही नहीं बल्कि भरोसे और पैसों के मामले में भी बड़ा धोखा दिया है। जैसा कि हमने आपको बताया कि ₹1 करोड़ केतन से उसने लिए और हवाला दिया शॉपिंग का कि वह शॉपिंग करना चाहती है इसलिए उसे यह रकम चाहिए थी। लेकिन बाद में पता चला कि यह पैसा उसने चेतन को दिया। सिया और चेतन का एक और खौफनाक सच। उदयपुर में मंगेतर के पैसे से प्रेमी की ऐश। सिया केतन की सगाई से पहले 1 करोड़ का राज। जी हां, केतन भरोसा करता रहा और सिया धोखा देती रही। केतन पैसे लुटाता रहा और सिया लूटती रही। कभी शॉपिंग के बहाने कभी निजी जरूरतों का रोना रोकर केतन को सिया पर यकीन इतना था लेकिन सिया उसके यकीन को तार-तार करती रही। सूत्रों के मुताबिक फरवरी महीने में सिया और केतन की सगाई होनी थी। लेकिन उधर सिया ने अपने परिवार और मंगेतर की आंखों में धूल झोंक कर राजस्थान की झीलों के शहर उदयपुर पहुंचने का प्लान बना लिया। सिया दरअसल एक ग्रुप का हिस्सा बनकर उदयपुर पहुंची थी और उसी ट्रिप पर वो अकेली नहीं बल्कि उसके साथ उसका आशिक चेतन चौधरी भी मौजूद था। दोनों ने वहां कई दिन गुजारे। साथ में वक्त बिताया। अब पुलिस केतन हत्याकांड को उदयपुर एंगल से भी जांच रही है। सिया चेतन के ट्रिप रिकॉर्ड और दूसरे सबूतों को इकट्ठा कर साजिश की कड़ियों को जोड़कर देख रही है और इसीलिए कुछ सवाल भी हैं। सवाल यह कि क्या उदयपुर में ही रची गई थी केतन की हत्या की साजिश? क्या उदयपुर ट्रिप सोची समझी साजिश का हिस्सा थी? क्या दोनों परिवारों को उस ट्रिप के बारे में पता था?

क्या सिया ने केतन को ट्रिप के बारे में बताया था? पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब ढूंढ रही है।लेकिन अब तक जांच में यह साफ हो चुका है कि सिया किसी भी कीमत पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। धोखे की हद तो तब पार हो गई जब सिया ने अपनी मोहब्बत को परवान चढ़ाने के लिए अपने मंगेतर को ही एटीएम बना लिया। सिया चेतन की आर्थिक मदद कर रही थी और यह पैसे वह अपनी जेब से नहीं बल्कि अपने मंगेतर केतन से एंट रही थी।जांच में पता चला है कि केतन अग्रवाल से शॉपिंग के बहाने उसने ₹1 करोड़ लिए थे और यह ₹1 करोड़ उसने चेतन चौधरी को दिए थे। उस पैसे से चेतन ने अपना करियर और कारोबार सेट करना था। चेतन ने सिया से कहा था कि पैसा मिलने के बाद उसे आर्थिक रूप से खड़ा होने में कम से कम 3 साल का समय लग जाएगा। यानी जिस इंसान से सिया की शादी होने वाली थी, उसी के पैसों से कथित तौर पर किसी और के साथ जिंदगी बसाने के वह सपने देख रही थी। सिया और चेतन का प्लान सिर्फ साथ रहने का नहीं था। पता चला है कि दोनों ने यह तय किया था कि हत्या के तुरंत बाद वह शादी नहीं करेंगे। 3 साल तक इंतजार करेंगे ताकि चेतन आर्थिक तौर पर मजबूत हो जाए और शक की कोई सुई उस तक मुड़ भी ना सके। कभी भी उसके लड़के के बारे में इतना ऐसा सुना नहीं था कि ऐसे वो गिर जाएगा पहाड़ से ऐसे हो जाएगा। यह जो हुआ है .समाज को इससे बहुत बड़ी क्षति हुई है। जो भी हुआ है इसके लिए केतन को और उसके डैडी को न्याय मिलना चाहिए।

बस यही सरकार से अपेक्षा है हमारी। इसीलिए कथित तौर पर यह फैसला किया गया कि मामला शांत होने दिया जाएगा। फिर कुछ साल बाद शादी करेंगे। फरवरी में जब केतन के साथ सगाई हो रही थी तो सिया काफी खुश थी। उसके चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आती थी। ऐसा लगता था कि वह इस शादी से बहुत खुश है। सोशल मीडिया पर पोस्ट हो, वीडियोस हो, सब देखकर ऐसा लगता था कि वह केतन से काफी खुश थी। उसके माता-पिता का भी यही दावा था कि केतन से शादी को लेकर वह खुश थी।लेकिन असल में यह सब दिखावा था क्योंकि वह तो चेतन से प्यार करती थी, और सही वक्त का इंतजार कर रही थी। केतन, मैं उसको बचपन से मतलब 10 साल से ऊपर जानता हूं। वो एक सीधा साधा लड़का था। 2008 से। 2008 से सिया के माता-पिता दूसरी तरफ ड्रिंक्स वाले 15 साल मेरे को उनसे हो गए मिल मिले हुए हम लायंस क्लब में एक क्लब में है और मतलब इतना सीधा साधा बंदा था इतना सीधा साधा लड़का था सबकी केयर करने का वो सब ने पहले बोला कि वो फोटो के लिए करेगा ये सब फोटो के लिए प्रॉब्लम फोटो लेने के लिए गया था लेकिन वो हमारे लायंस क्लब में वो दूसरों के फोटो लेता था उसको कुछ मतलब इतना इतना इतना क्रेज नहीं था। फोटो का इतना उसको क्रेज भी नहीं था। हमारे सब सीनियर लोग सीनियर लोगों के वो खुद फोटो लेने का और जो बंदा उधर फॉरेन में जाके मतलब एजुकेशन लेके आया है वो इधर फोटो के लिए क्या मतलब उसको क्या ये हो जाएगा?

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