म्यूजिक इंडस्ट्री में पसरा मातम। लेजेंड्री सिंगर का अचानक निधन। पीएम मोदी ने दी भावनी श्रद्धांजलि। अमित शाह ने भी किया सिंगर को याद। सदमे में गायक के चाहने वाले गमगीन हुई म्यूजिक की दुनिया। संगीत की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिस आवाज और संगीत ने दशकों तक लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई, वो सुर अब हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं। गुजराती सिनेमा और संगीत जगत के दिग्गज संगीतकार और सिंगर गौरंग व्यास का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने की खबर सामने आते ही म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। फैंस से लेकर फिल्म और संगीत जगत की कई हस्तियां उन्हें याद कर इमोशनल हो गई।
वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज संगीतकार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। गौरंग व्यास के निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को झमझोर कर रख दिया है। अपने लंबे करियर में उन्होंने गुजराती सिनेमा और संगीत को कई यादगार गाने दिए जिन्हें आज भी लोग उतने ही प्यार से सुनते हैं। गौरंग व्यास मशहूर संगीतकार अविनाश व्यास के बेटे थे। उन्होंने अपने पिता की शानदार संगीत विरासत को आगे बढ़ाया
और अपनी खुद की अलग पहचान बनाई। उनके संगीत में गुजराती मिट्टी की खुशबू और लोक संस्कृति की झलक साफ नजर आती थी। यही वजह थी कि उनका काम सिर्फ एक दौर तक सीमित नहीं रहा। बल्कि गुजराती संगीत के चाहने वालों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। पीएम मोदी ने गौरंग व्यास के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन पर दुख जताया और परिवार के साथ-साथ उनके चाहने वालों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है। उनके निधन को उन्होंने गुजरात के लिए एक बड़ी क्षति बताया और
कहा कि गुजराती संगीत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सिंगर को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने कहा कि महान संगीतकार का निधन गुजराती संगीत की दुनिया के लिए अपूर्णय क्षति है। गौरंग व्यास ने अपने करियर में कई ऐसे गाने दिए जो गुजराती संगीत प्रेमियों के बीच बेहद पॉपुलर हुए। उनके खूबसूरत गीतों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उनकी धुनों में गुजराती संस्कृति की सादगी, भावनाएं और लोक रंग देखने को मिलता था। कहा जाता है सिंगर का जुड़ाव सिर्फ गुजराती संगीत तक ही सीमित नहीं रहा।
उन्होंने हिंदी सिनेमा की दिग्गज सिंगर आशा भोसले और अलका याग्निक जैसी मशहूर कलाकारों के साथ भी काम किया। यानी कि उनके संगीत का सफर अलग-अलग कलाकारों और कई दौरों से होकर गुजरा। आज गौरंग व्यास हमारे बीच नहीं है। लेकिन एक सच्चे कलाकार की तरह उनका संगीत हमेशा जिंदा रहेगा। उनकी बनाई धुने, उनके गीत और गुजराती संगीत में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी उनकी याद दिलाता रहेगा। एक कलाकार चला गया लेकिन उसके सुर कभी खत्म नहीं होते। गौरंग व्यास भी अपने संगीत के जरिए हमेशा अपने चाहने वालों के बीच मौजूद रहेंगे। ब्यूरो रिपोर्ट E2 [संगीत] हे