बॉलीवुड में राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर तीनों भाइयों का अलग-अलग अंदाज था। लेकिन अगर बात सिर्फ हैंडसम हीरो की हो, तो शशि कपूर को उस दौर का सबसे आकर्षक स्टार माना जाता था। 18 साल की उम्र में जब उन्होंने अंग्रेज थिएटर कलाकार जेनिफर कैंडल को पहली बार देखा,
तभी तय कर लिया था कि शादी तो इन्हीं से करेंगे। परिवार ने उम्र का हवाला देकर मना किया, लेकिन शशि कपूर ने 2 [संगीत] साल इंतजार किया, और 1958 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। इसके बाद शशि कपूर ने जब-जब फूल खिले दीवार कभी-कभी त्रिशूल, सुहाग, नमक हलाल, सत्यम, शिवम सुंदरम जैसी सुपरहिट फिल्मों से करोड़ों दिलों पर राज किया। लेकिन घर लौटते ही उनके लिए सबसे बड़ी दुनिया थी
उनकी पत्नी जेनिफर और उनके तीन बच्चे, कुणाल, करण और संजना कपूर। 1983 में जेनिफर को कोलन कैंसर का पता चला और 1984 में उनका निधन हो गया। यह सदमा शशि कपूर कभी नहीं भूल पाए। मीडिया ने कई बार पूछा कि उन्होंने दूसरी शादी क्यों नहीं की?
तो उनका जवाब था, “मुझे उनसे बेहतर कोई कभी मिल ही नहीं सकता।” कहा जाता है कि जेनिफर के जाने के बाद शशि कपूर अंदर से पूरी तरह टूट गए। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी उनकी यादों के साथ बिताई और दोबारा शादी नहीं की। उनकी प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे सच्ची और सबसे खूबसूरत प्रेम कहानियों में गिनी जाती