मद्रास हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर को कॉकरो जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास को एक नोटिस जारी किया है। इसलिए क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट में सौरव दास के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। इसमें मांग की गई कि सौरभ दास और उनके परिवार के बैकग्राउंड की जांच की जाए। साथ ही अगर जांच में आरोप सही पाए गए तो उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द कर दिया जाए।
यहां तक कि उनकी सोशल मीडिया आईडी भी ब्लॉक करने की मांग की गई है। बारंडन बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक यह याचिका चेन्नई के रहने वाले आर गणेश कुमार नाम के एक शख्स ने दायर की थी। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुण मुर्गन के बेंच ने की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सौरभ दास ने कई बार अदालतों और जजों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही हैं। याचिकाकर्ता का दावा है कि सौरभ ने भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट के दूसरे जजों के बारे में भी अपमानजनक बयान दिए हैं। वह अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जुडिशरी पर तरह-तरह की टिप्पणियां करते रहते हैं।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि सौरभ के साथ-साथ उनके परिवार के बारे में भी जानकारी जुटाई जाए। इसमें उनकी मां और उनके जैविक पिता के बारे में भी जांच करने की मांग शामिल है। याचिका के मुताबिक उनके जैविक पिता पुुडुचेरी में रहते हैं। इसके अलावा याचिका में कहा गया है कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सौरव का पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द कर दिया जाए। साथ ही उनका एक्स अकाउंट और Instagram आईडी भी बंद कर दी जाए ताकि वह आगे से इस तरह के बयान ना दे सकें। याचिकाकर्ता के वकील बी जगन्नाथ ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर को ही संबंधित सरकारी विभागों में शिकायत की थी। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसी वजह से उन्हें हाई कोर्ट आना पड़ा। वकील ने कहा कि सौरभ जिस तरह न्यायपालिका के बारे में बयान देते हैं, उसकी जांच होनी चाहिए। फिलहाल कोर्ट ने सौरव दास और केंद्र सरकार के कई विभागों को नोटिस जारी किया है।
उन्हें छ हफ्ते में जवाब देना होगा। हालांकि कोर्ट ने अभी सौरभ पर लगे आरोपों को सही नहीं माना है। इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं आया है। वहीं सौरव दास के खिलाफ जांच की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा यहां जो हो रहा है वह शर्मनाक है। किसी को सिर्फ इसलिए परेशान करना क्योंकि आपको उसका काम पसंद नहीं है। हम आखिर कब तक यह सब बर्दाश्त करते रहेंगे। बता दें कि सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी के अहम सदस्यों में से एक हैं। वह लगातार पार्टी की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सौरव दास और आशुतोष नांका को भी हिरासत में लिया गया था। दोनों को करीब 8 दिन तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। बाद में कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया था। इससे पहले दिल्ली में उनके पते को लेकर भी मामला सामने आया था। दिल्ली के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट ने सौरव दास से उनके मौजूदा पते के सबूत मांगे थे।
पिछले हफ्ते हुई सुनवाई में मजिस्ट्रेट ऋतुरा ने कहा था कि सौरव दास की तरफ से जमा किए गए कागजों में रेंट एग्रीमेंट या लीज़ से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं है। यानी इन कागजों से यह साबित नहीं हो रहा कि सौरव दास दिल्ली में किस पते पर रह रहे हैं। इस पर सौरभ के वकीलों ने जरूरी कागज जुटाने के लिए और समय मांगा था। मजिस्ट्रेट ने उन्हें समय देते हुए अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय की है। उस दिन जमा किए गए कागजों को देखा जाएगा। यह पूरा मामला 12 अक्टूबर को जंतरमंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा था। जंतरमंतर को प्रदर्शन की तय जगहों की लिस्ट से हटाया जा चुका था। इसके बावजूद वहां प्रदर्शन किया गया था। इसी मामले में सौरभ और आशुतोष के खिलाफ पीस बॉन्ड के नियम तोड़ने का भी आरोप लगाया गया। अब सौरभ दास को कोर्ट ने एक और नोटिस जारी कर दिया है।
मामले में आगे जो भी अपडेट्स होंगी हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। देखते रहिए द ललन टॉक। शुक्रिया। तो पटना वालों इस संडे का क्या प्लान? ज्यादा मत सोचो। इस रविवार आपके शहर में होने जा रहा है लल्लन टॉप बिहार अड्डा। अपनी गैंग को बुलाओ और अपने संडे को सुपरहिट बनाओ। पहुंच जाओ बापू सभागार पटना। तारीख 1 नवंबर 2026। सीटें सीमित होने के चलते पहले आओ, पहले पाओ वाली व्यवस्था है। तो बिना टाइम गवाए अभी रजिस्टर करो। एंट्री एकदम फ्री है। सी यू सून।