Cli

संजय दत्त के बयान को लेकर तिलमिलाए BJP नेता, कह दी चौंकाने वाली बात, मचा घमा;सा!न!

Uncategorized

12 साल पहले की तुलना में आतंकवादी हमलों का प्रमाण तो बिल्कुल घट गया है। नक्सलवाद लगभग समाप्त हो गया है। उत्तर प्रदेश में माफिया का राज भी खत्म हो चुका है। पूर्वोत्तर में कुल मिलाकर शांति है, यानी कि देश के करोड़ों लोगों को शांति मिल गई है। हालांकि देश में एक व्यक्ति ऐसा है जिसे शांति का अनुभव ही नहीं हो रहा है और वो है फिल्मस्टार संजय दत्त। वो हाल ही में शेखर सुमन के शो में गया। यहाँ शेखर सुमन ने उसे देश की परिस्थिति के बारे में एक सवाल किया। संजय ने उसके जवाब में जो कहा, उससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया।

सबसे पहले तो आप जानिए कि आखिर संजय दत्त ने क्या कहा।संजय ने कहा कि देश की जनता प्रेमी है, देश में शांति होनी चाहिए। मुझे हमारे देश में अब उस शांति की अनुभूति नहीं होती। मैं मानता हूँ कि भारतीय तो उदार स्वभाव के हैं। हम मेहमानों का दिल से स्वागत करते हैं। हमें हमेशा ऐसे ही रहना चाहिए। मैं शिवजी से यही प्रार्थना करता हूँ कि शांति का वो समय जल्दी आए।स्वाभाविक रूप से संजय दत्त को देश में शांति का माहौल न लगे तो विवाद तो होगा ही। हालांकि वो इतने पर ही नहीं रुका, जैसे कि वो तय करके ही आया था कि मुझे विवाद बहुत ज्यादा बढ़ाना है। शेखर सुमन ने उसे देश के पीएम की तरह स्पीच देने के लिए कहा, जिसमें उसने कहा कि मैं बार-बार विदेश नहीं जाऊंगा बल्कि आप लोगों के बीच ही रहूंगा। बहुत सारे लोग मानते हैं कि उसने पीएम मोदी के लिए ही यह बात कही है। उसने यह भी कहा था कि जहाँ-जहाँ मेरी फोटो है, उसे मैं हटवा दूंगा, उसकी जगह गांधीजी की फोटो लगवाऊंगा।

इस सब के साथ ही उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी टारगेट किया।अब संजय की बात का थोड़ा पोस्टमार्टम कर लेते हैं। आपको याद होगा कि हथियारों के केस में संजय दत्त को आरोपी बनाया गया था। आपको याद होगा कि 1993 की 12 मार्च को मुंबई में बम ब्लास्ट हुए थे। उसके कुछ दिन पहले एक वैन संजय दत्त के घर आई, जिसमें हैंड ग्रेनेड और AK-47 जैसे हथियार थे। दाऊद इब्राहिम की गैंग का अबू सलेम वो हथियार लेकर संजय के घर गया था। उसमें से संजय ने कुछ हैंड ग्रेनेड और बंदूक ली थी। उसके बाद उसने हैंड ग्रेनेड और हथियार वापस दे दिए थे, उसने सिर्फ AK-47 रखी थी। इस केस में संजय को सजा भी हुई थी।

दाऊद की गैंग ने ही मुंबई में विस्फोट करवाए थे, जिसमें 267 लोगों की जान गई थी। अगर संजय ने पहले ही दाऊद की इस गैंग के बारे में जानकारी दी होती तो ये विस्फोट नहीं होते। मूल कहने का सार इतना ही है कि संजय दत्त ने गैंगस्टर के इतने रोल किए हैं कि उसे हथियारों के बिना शांति का अनुभव ही नहीं होता। हालांकि उसकी इस बात से भारत में अनेक लोग नाराज हैं। वे कह रहे हैं कि अगर संजय दत्त को भारत में शांति नहीं लगती है तो वे पाकिस्तान चले जाएं। बीजेपी के नेता परिणय फुके ने यही बात कही थी। सबसे पहले आप बीजेपी के नेता को सुनिए।

“मुझे ऐसा लगता है कि संजय दत्त सठिया गए हैं और उम्र के साथ-साथ इस प्रकार का बेतुका वक्तव्य होते रहता है और मुझे ऐसा लगता है जिस प्रकार से वो अनेक दारू के ब्रांड अभी उन्होंने लॉन्च किए हैं उसका भी असर उन पर हो रहा है और संजय दत्त जी को जब भारत में शांति नहीं मिलती होगी तो निश्चित रूप से पाकिस्तान में उनको शांति मिलेगी या तो फिर उनको येरवडा जेल में शांति मिलेगी, मुझे ऐसा लगता है दोनों में से एक जगह पर वो चले जाएं।”बीजेपी के नेता ने कहा कि संजय दत्त को पाकिस्तान या फिर येरवडा जेल में जाना चाहिए। विरोध देखकर संजू बाबा को भी ख्याल आ गया कि उनसे गलती हो गई है, इसलिए उन्होंने अंत में आकर खुलासा किया। उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में लिखा था कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावना को दुखाने, उनका अपमान करने या उनका अनादर करने का मेरा कभी कोई इरादा रहा ही नहीं है। मेरी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका उद्देश्य हल्की और मजेदार बातचीत करना था।

उसके पीछे की भावना मुन्नाभाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हंसी और व्यंग्य की शैली जैसी थी। खासकर गांधीगिरी की उस विचारधारा से प्रेरणा ली गई थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकता और सद्भावना का संदेश देना था। परंतु दुर्भाग्य से मेरी बात को मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया।संजय दत्त ने स्पष्ट कहा कि पूरी बात स्क्रिप्टेड थी, यानी कि शेखर सुमन और संजय दत्त के संवाद पहले से लिख कर रखे गए थे, जिससे पता चलता है कि शायद वो संवाद शेखर सुमन ने लिखे होंगे। यहाँ दो संभावनाएं हैं, एक तो शेखर सुमन अपनी विचारधारा थोपना चाहता होगा, यानी सरकार के विरुद्ध बात फैलाना चाहता था और दूसरी संभावना ऐसी हो सकती है कि विवाद पैदा करने का ही उद्देश्य हो सकता है। शेखर सुमन अच्छी तरह जानता है कि ऐसे बयानों से विवाद होता है, इसलिए लोग उसके शो की चर्चा करते हैं। संजय और शेखर का उद्देश्य जो भी हो, परंतु सार्वजनिक हस्तियों को बोलने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *