रोहित चंदेल टीवी की दुनिया का एक जाना पहचाना चेहरा लेकिन इस वक्त उनकी चर्चा किसी नए शो या किरदार की वजह से नहीं हो रही है। मुंबई पुलिस ने 16 साल की एक नाबालिक लड़की से जुड़े कथित और पीछा करने के मामले में इन्हें गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया और शिकायत में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं स्टेप बाय स्टेप बताते हैं। 10 जुलाई के दिन रोहित चंदेल को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। रोहित पर आरोप है कि वह एक माइनर लड़की जिसकी उम्र 16 साल है उसे स्टॉप करते थे। उसका पीछा करते थे। साथ ही मारपीट भी किया।
आपको पता ही होगा कि रोहित एक फेमस टेलीविजन एक्टर हैं। उनकी उम्र 29 साल है जो टीवी सीरियल पांड्या स्टोर ऐतिहासिक शो काशीबाई बाजीराव बल्लाल और वेरी रिसेंट सैराब में एक्टिंग कर चुके हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 10 जुलाई को उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया। पंत नगर पुलिस स्टेशन में उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। उसके अलावा रोहित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी कि बीएएनएस की धारा 78 जिसके तहत पीछा करना स्टॉकिंग और धारा 115 दो जिसके तहत मारपीट कर चोट पहुंचाना भी लगाया गया है।
इस मामले में पूर्वी उपनगर में रहने वाले एक रेजिडेंट ने शिकायत दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक रोहित नाबालिक लड़की को अपने मोबाइल नंबर और कई अन्य नंबरों से बार-बार फोन करते थे और उसे लगातार परेशान करते थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास रोका, उसका पीछा किया, उससे बहस की, गाली गलौज की और मारपीट भी की। पुलिस का कहना है कि नाबालिक लड़की और आरोपी पहले से एक दूसरे को जानते थे। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
आपने इस खबर में पॉक्सो एक्ट का नाम बार-बार सुना। क्या है यह पॉक्सो एक्ट? पॉक्सो जिसका फुल फॉर्म है प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट। यह एक ऐसा कानून है जिसे 19 जून 2012 को बच्चों को यौन अपराधों यानी कि से बचाने के लिए बनाया गया था। इस कानून का उद्देश्य क्या है? 18 साल से कम उम्र के बच्चों को और सामग्री यानी कि से बचाना। ऐसे मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए विशेष पॉक्सो अदालतों यानीकि स्पेशल कोर्ट्स की व्यवस्था करना। यह सुनिश्चित करना कि पूरे न्यायिक प्रक्रिया के दौरान बच्चे की पहचान, निजता और सम्मान सुरक्षित रहे। यह भी जान लेते हैं कि किन अपराधों को रोकने के लिए है।
बच्चे के साथ किसी भी तरह का हमला
बच्चे को बहला फुसलाकर या दबाव डालकर किसी सेक्सुअल एक्टिविटी में शामिल करना। बच्चे का वैश्यावत्ति या अन्य लिए इस्तेमाल करना। फिलहाल रोहित के ऊपर आरोप लगे हैं। कन्विक्ट नहीं हुए हैं। यह पूरा मामला अभी जुडिशियल प्रोसेस के घेरे में है। इस बारे में आगे जो भी अपडेट्स आएंगे, हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। शुक्रिया।