1969 की एक घटना गॉसिप की गलियों में बहुत मशहूर है। कहा जाता है कि ‘अनजाना सफर’ फिल्म, जो बाद में ‘दो ‘ नाम से रिलीज हुई। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेता बिश्वजीत चटर्जी ने जबरदस्ती रेखा को लिया था। इस सीन के बारे में रेखा को पहले बताया भी नहीं गया था और न ही उनकी राय ली गई थी। सिर्फ निर्देशक, निर्माता और बिश्वजीत के बीच सांठगांठ थी।
निर्देशक ने बिश्वजीत से कहा था कि कैमरा ऑन होते ही तुम करना शुरू कर देना और हम उसे शूट कर लेंगे। जिसके बाद ठीक वैसा ही हुआ। सीन शुरू होता है। बिश्वजीत रेखा को करना शुरू कर देते हैं और ‘कट’ बोलने के बाद भी वह नहीं रुके। वह 5 मिनट तक रेखा को करते रहे। रेखा बहुत डर गई थीं।
हालांकि उस दिन उन्होंने इस बारे में किसी से शिकायत नहीं की, क्योंकि तब उनकी उम्र 15 साल थी। फिल्म इंडस्ट्री में वह तब नई थीं। काम करना चाहती थीं और उन्हें लगा कि अगर शिकायत करेंगी तो उनका फिल्मी करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा। लेकिन वहां मौजूद जो लोग थे और जो फिल्म इंडस्ट्री के बारे में जानते हैं, वे समझते हैं कि इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों को और सीन के लिए कैसे किया जाता है। उन्होंने इस विषय पर बात की थी।
इस मामले को रिपोर्ट भी किया था।अब अभिनेता बिश्वजीत चटर्जी ने खुद एक इंटरव्यू में इस इंसिडेंट पर प्रतिक्रिया दी है। हालांकि इतने सालों से बिश्वजीत चटर्जी इसका दोष निर्देशक पर ही डालते आए हैं और कहते आए हैं कि निर्देशक ने मुझे जैसा कहा था, मैंने वैसा ही किया। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है।
यह पूरी योजना निर्देशक की थी। हालांकि सूत्रों के अनुसार पता चलता है कि फिल्म के निर्माता, निर्देशक और बिश्वजीत – इन तीनों ने मिलकर ही यह काम किया था। तीनों को ही एक हिट फिल्म की जरूरत थी और फिल्म को हिट करने के लिए एक सीन की जरूरत थी।
इसीलिए रेखा को बिना कुछ बताए यह योजना बनाई गई और फिर रेखा पर यह योजना लागू की गई, जिसके बारे में रेखा को कोई अंदाजा ही नहीं था।यहां तक कि खुद बिश्वजीत की बेटी पल्लवी चटर्जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, मेरे पिताजी को अगर निर्देशक ने ऐसा करने के लिए कहा भी था, तब भी उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
या तो उन्हें यह सीन करने से मना कर देना चाहिए था, या उन्हें रेखा से अनुमति लेनी चाहिए थी। अचानक इस तरह अगर कोई कुछ करता है तो किसी को भी बुरा लगेगा ही, और रेखा तो हमारी पारिवारिक मित्र थीं। जब रेखा को पता चला कि उनके अपने ही परिचितों ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया है, तो मैं समझ सकती हूं कि उन्हें कितना बुरा लगा होगा। इनफैक्ट रेखा ने कई सालों बाद जब वह स्टार बन गईं, तब इस घटना पर प्रतिक्रिया में कहा था कि उस घटना ने उन्हें कर दिया था और उन्होंने खुद को ठगा हुआ महसूस किया था कि उन्हें बिना बताए उनके साथ ऐसा किया गया, जो से कम कुछ नहीं था।अब अभिनेता बिश्वजीत चट्टोपाध्याय, जो काफी बुजुर्ग हो चुके हैं, उनसे जब एक इंटरव्यू में इस घटना के बारे में पूछा गया, तो उम्मीद की जा रही थी कि वह असली सच बताएंगे और साफ करेंगे कि उस दिन असल में क्या हुआ था, क्यों यह दृश्य इतना जरूरी था और क्यों रेखा को बिना बताए ही इस दृश्य को शूट किया गया था?
लेकिन बिश्वजीत चट्टोपाध्याय ने इस बार भी इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने पहले इंटरव्यू लेने वाले के सवाल को सुना और फिर जवाब में कहा, दृश्य क्या है भाई साहब, आजकल के दृश्यों को देखकर तो मैं हैरान हो जाता हूं। आज के दौर में दृश्य कोई बड़ा इश्यू ही नहीं है। आजकल तो बहुत कुछ दिखाया जा रहा है, और इसके बाद बिश्वजीत दूसरी बातें करने लगे।
हालांकि उन्हें फिर से रेखा के विषय पर वापस लाया गया और पूछा गया कि उसके बाद क्या आपकी रेखा से मुलाकात हुई थी? क्या आपने रेखा के साथ काम किया है? तब उन्होंने काफी गर्व के साथ कहा कि उसके बाद रेखा मुझसे मिली है और उसने मेरी दूसरी फिल्म में भी काम किया है। कुछ इस तरह से बिश्वजीत आज भी उस घटना को स्वीकार नहीं करते हैं और मौजूदा हालात के हिसाब से उस घटना को बहुत छोटा करके दिखाते हैं। हालांकि जिस समय यह घटना घटी थी, 1969 में, उस समय यह बहुत बड़ी बात थी। हां,